पीएम धन-धान्य कृषि योजना के 100 जिलों में एक साल पूरा
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना 11 अक्टूबर 2026 को एक साल पूरा कर रही है; इसके 100 आकांक्षी कृषि जिलों का औसत स्कोर अगस्त 2026 में 46.89 पर पहुंचा।

चर्चा में क्यों
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना 11 अक्टूबर 2026 को अपना पहला साल पूरा कर रही है और साल भर की समीक्षा में इसके 100 आकांक्षी कृषि जिलों का औसत स्कोर अप्रैल 2026 के 18.85 से बढ़कर अगस्त 2026 में 46.89 दर्ज हुआ।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (पीएमडीडीकेवाई) 11 अक्टूबर 2026 को अपना पहला साल पूरा कर रही है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे 16 जुलाई 2025 को छह साल के लिए मंजूरी दी थी और प्रधानमंत्री ने 11 अक्टूबर 2025 को इसकी शुरुआत की थी। योजना का मकसद उन 100 आकांक्षी कृषि जिलों में खेती को आगे बढ़ाना है, जहाँ उत्पादकता, सिंचाई, कृषि ऋण और भंडारण की स्थिति कमज़ोर रही है।
जिले कैसे चुने गए
जिलों का चयन तीन संकेतकों पर हुआ: कम उत्पादकता, कम फसल सघनता और कृषि ऋण का कम वितरण। हर राज्य और केंद्रशासित प्रदेश में शुद्ध बोए गए क्षेत्र तथा परिचालन जोत की हिस्सेदारी को भी देखा गया और हर राज्य से कम से कम एक जिला शामिल किया गया। ज़मीन पर काम 11 मंत्रालयों और विभागों की 36 केंद्रीय योजनाओं के साथ-साथ राज्य योजनाओं और निजी क्षेत्र की भागीदारी से होता है, ताकि हर जिला अपनी ज़रूरत के हिसाब से पैसा लगा सके।
तीन स्तर की व्यवस्था
- जिला स्तर: जिला धन धान्य कृषि योजना समिति, जिसकी अध्यक्षता जिला कलेक्टर या जिलाधिकारी करते हैं, जिला कार्य योजना बनाती और लागू करती है।
- राज्य स्तर: राज्य धन धान्य कृषि योजना समिति, जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव करते हैं, जिला योजनाओं की समीक्षा और निगरानी करती है।
- राष्ट्रीय स्तर: राष्ट्रीय कार्यकारी समिति की अध्यक्षता केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री करते हैं और राष्ट्रीय निगरानी समिति की अध्यक्षता कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव करते हैं।
पहले साल की प्रगति
प्रगति को 36 योजनाओं से लिए गए 121 संकेतकों से मापा जाता है, जिनमें 74 आउटपुट और 47 आउटकम संकेतक हैं, और जिलों की रैंकिंग हर महीने पीएम-डीडीकेवाई डैशबोर्ड पर होती है। डैशबोर्ड अक्टूबर 2025 के आखिरी हफ्ते में शुरू हुआ और मासिक रैंकिंग उसी नवंबर से चालू हो गई। सभी 100 जिलों ने जिला कार्य योजनाएँ बना लीं और उन्हें लागू करना शुरू कर दिया है। सभी जिलों ने अगस्त 2026 तक के आउटपुट आंकड़े और 2025-26 के आउटकम आंकड़े भी भेज दिए हैं।
छह उद्देश्यों पर 100 जिलों का औसत स्कोर अप्रैल 2026 के 18.85 से बढ़कर अगस्त 2026 में 46.89 हो गया, यानी 28.04 अंक का सुधार। उद्देश्य के हिसाब से देखें तो उत्पादकता 1.50 से 8.08, फसल विविधीकरण 4.08 से 10.18, कटाई के बाद भंडारण 2.14 से 5.19, सिंचाई 1.38 से 4.91, ऋण की पहुँच 2.40 से 6.53 और सुशासन 7.41 से 12.05 पर पहुँचा।
किसान उत्पादक संगठन
दिसंबर 2025 के पीएम-डीडीकेवाई एफपीओ संगम में 15 राज्यों और योजना के 33 जिलों से 72 से ज़्यादा किसान उत्पादक संगठन जुटे। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में देसाईगंज एफपीओ के 800 किसान सदस्य हैं, उसके पास 3 टन प्रति घंटा क्षमता की चावल मिल और 900 मीट्रिक टन का गोदाम है और 2025-26 में उसका कारोबार ₹1.24 करोड़ रहा। कर्नाटक के तुमकुरु में तिपटुर एफपीओ के 750 सदस्य हैं, वह एक फ्रांसीसी कंपनी को बॉल कोपरा बेचता है, उसका कारोबार ₹1.60 करोड़ रहा और 12 सितंबर 2026 तक उसने 138 टन से ज़्यादा कोपरा जुटाया। राजस्थान के जैसलमेर में 1,236 सदस्यों वाली उत्पादक कंपनी 2,000 एकड़ में जीरे की खेती करती है और 500 एकड़ में सौर स्प्रिंकलर का इस्तेमाल करती है। लोक उद्यम विभाग ने 2026-27 और 2027-28 के लिए केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों से योजना के जिलों को सीएसआर के लिए अपनाने को कहा है।
महत्वपूर्ण तथ्य
| योजना | प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (पीएमडीडीकेवाई) |
|---|---|
| मंत्रिमंडल की मंजूरी | 16 जुलाई 2025, 2025-26 से छह साल के लिए |
| शुरुआत | 11 अक्टूबर 2025; पहली वर्षगांठ 11 अक्टूबर 2026 |
| दायरा | 100 आकांक्षी कृषि जिले, हर राज्य से कम से कम एक |
| चयन के संकेतक | कम उत्पादकता, कम फसल सघनता, कृषि ऋण का कम वितरण |
| अभिसरण | 11 मंत्रालयों और विभागों की 36 केंद्रीय योजनाएँ |
| निगरानी | पीएम-डीडीकेवाई डैशबोर्ड पर 121 संकेतक (74 आउटपुट, 47 आउटकम) |
| जिलों का औसत स्कोर | अप्रैल 2026 में 18.85 से अगस्त 2026 में 46.89, 28.04 अंक की बढ़त |
| जिला समिति | जिला धन धान्य कृषि योजना समिति, अध्यक्ष जिला कलेक्टर या जिलाधिकारी |
| राष्ट्रीय कार्यकारी समिति | अध्यक्ष केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री |
परीक्षा की दृष्टि से
याद रखें: 16 जुलाई 2025 को मंत्रिमंडल की मंजूरी, 11 अक्टूबर 2025 को शुरुआत, 2025-26 से छह साल की अवधि, 100 आकांक्षी कृषि जिले और चयन के तीन संकेतक, 11 मंत्रालयों की 36 केंद्रीय योजनाओं का अभिसरण, 121 संकेतक जिनमें 74 आउटपुट और 47 आउटकम हैं, औसत स्कोर 18.85 से 46.89, और तीनों समितियों के अध्यक्ष कौन हैं।
अभ्यास प्रश्न
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना कितने जिलों में लागू की गई है?
- A.75
- B.100
- C.150
- D.250
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 100 है। यह योजना 100 आकांक्षी कृषि जिलों में चलाई जा रही है और इन जिलों की पहचान तीन संकेतकों से की गई थी: कम उत्पादकता, कम फसल सघनता और कृषि ऋण का कम वितरण। चयन में हर राज्य और केंद्रशासित प्रदेश के शुद्ध बोए गए क्षेत्र तथा परिचालन जोत की हिस्सेदारी को भी ध्यान में रखा गया, जिससे हर राज्य से कम से कम एक जिला इसमें आ गया। सभी 100 जिलों ने जिला कार्य योजनाएँ तैयार कर लीं, सभी ने अगस्त 2026 तक के आउटपुट आंकड़े भेजे और सभी ने 2025-26 के आउटकम आंकड़े भी दिए। विकल्प A यानी 75, विकल्प C यानी 150 और विकल्प D यानी 250 इस योजना के लिए बताई गई जिलों की संख्या से मेल नहीं खाते। यह भी याद रखें कि इन जिलों का औसत स्कोर अप्रैल 2026 के 18.85 से बढ़कर अगस्त 2026 में 46.89 हो गया।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति की अध्यक्षता कौन करता है?
- A.प्रधानमंत्री
- B.केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री
- C.कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव
- D.नीति आयोग के उपाध्यक्ष
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री है। यह योजना तीन स्तर की व्यवस्था पर चलती है। जिला स्तर पर जिला धन धान्य कृषि योजना समिति, जिसके अध्यक्ष जिला कलेक्टर या जिलाधिकारी होते हैं, जिला कार्य योजना बनाती और लागू करती है। राज्य स्तर पर राज्य धन धान्य कृषि योजना समिति, जिसके अध्यक्ष मुख्य सचिव होते हैं, जिला योजनाओं की समीक्षा और निगरानी करती है। राष्ट्रीय स्तर पर दो समितियाँ हैं: राष्ट्रीय कार्यकारी समिति, जिसके अध्यक्ष केंद्रीय कृषि मंत्री हैं, और राष्ट्रीय निगरानी समिति, जिसके अध्यक्ष कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव हैं। विकल्प C राष्ट्रीय निगरानी समिति के अध्यक्ष का नाम है, कार्यकारी समिति का नहीं, इसलिए यही सबसे नज़दीकी भ्रम है। विकल्प A गलत है, क्योंकि प्रधानमंत्री ने योजना शुरू की थी लेकिन इस समिति की अध्यक्षता नहीं करते। विकल्प D भी गलत है।
छह उद्देश्यों पर योजना के जिलों का औसत स्कोर अगस्त 2026 में कितना रहा?
- A.18.85
- B.28.04
- C.46.89
- D.62.15
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 46.89 है। योजना के छह उद्देश्यों पर 100 जिलों का औसत स्कोर अप्रैल 2026 में 18.85 था और अगस्त 2026 में यह 46.89 पर पहुँच गया, यानी इन महीनों में 28.04 अंक का सुधार हुआ। विकल्प A यानी 18.85 अप्रैल 2026 का आंकड़ा है, अगस्त का नहीं, इसलिए यह जाँचता है कि उम्मीदवार ने बदलाव की दिशा ठीक से पढ़ी है या नहीं। विकल्प B यानी 28.04 सुधार की मात्रा है, स्कोर नहीं, और आंकड़ों पर आधारित प्रश्नों में यही सबसे आम जाल होता है। विकल्प D का आंकड़ा समीक्षा में कहीं नहीं आता। इसी अवधि में उद्देश्यवार सुधार भी याद रखने लायक हैं: उत्पादकता 1.50 से 8.08, फसल विविधीकरण 4.08 से 10.18, भंडारण 2.14 से 5.19, सिंचाई 1.38 से 4.91, ऋण की पहुँच 2.40 से 6.53 और सुशासन 7.41 से 12.05।
योजना के आकांक्षी कृषि जिलों का चयन किन तीन संकेतकों से किया गया?
- A.कम उत्पादकता, कम फसल सघनता और कृषि ऋण का कम वितरण
- B.वर्षा, मिट्टी की गुणवत्ता और जोत का आकार
- C.जनसंख्या घनत्व, साक्षरता और सड़कों की लंबाई
- D.मंडी आवक, निर्यात हिस्सेदारी और भंडारण क्षमता
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर कम उत्पादकता, कम फसल सघनता और कृषि ऋण का कम वितरण है। इन्हीं तीन संकेतकों से जिलों की पहचान हुई और इसके बाद हर राज्य तथा केंद्रशासित प्रदेश में शुद्ध बोए गए क्षेत्र और परिचालन जोत की हिस्सेदारी को भी देखा गया, ताकि राज्यों के बीच संतुलन बना रहे और हर राज्य से कम से कम एक जिला शामिल हो। विकल्प B में वर्षा, मिट्टी की गुणवत्ता और जोत का आकार हैं, जो खेती से जुड़े जाने-पहचाने कारक हैं लेकिन यहाँ चयन का आधार नहीं थे। विकल्प C में सामान्य विकास के संकेतक हैं, जो इस योजना के लिए इस्तेमाल नहीं हुए। विकल्प D में बाज़ार और व्यापार से जुड़े संकेतक हैं, जिन्हें योजना सुधारना चाहती है, न कि चयन का आधार बनाना। याद रखें कि इसी कमज़ोरी को दूर करने के लिए 11 मंत्रालयों और विभागों की 36 केंद्रीय योजनाओं को जोड़ा गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना कितने जिलों में लागू है?
यह 100 आकांक्षी कृषि जिलों में लागू है, जिनका चयन कम उत्पादकता, कम फसल सघनता और कृषि ऋण के कम वितरण के आधार पर किया गया। हर राज्य और केंद्रशासित प्रदेश से कम से कम एक जिला इसमें शामिल है।
यह योजना कब शुरू हुई थी?
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 16 जुलाई 2025 को इसे 2025-26 से छह साल के लिए मंजूरी दी और प्रधानमंत्री ने 11 अक्टूबर 2025 को इसकी शुरुआत की। इसकी पहली वर्षगांठ 11 अक्टूबर 2026 को है।
योजना की निगरानी कैसे होती है?
36 योजनाओं से लिए गए 121 संकेतकों के ज़रिए, जिनमें 74 आउटपुट और 47 आउटकम संकेतक हैं। जिलों की रैंकिंग हर महीने पीएम-डीडीकेवाई डैशबोर्ड पर होती है, जो अक्टूबर 2025 के आखिरी हफ्ते में शुरू हुआ था।
स्रोत
- https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2321731 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
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