एनबीए ने बीज क्षेत्र के 2.02 करोड़ रुपये राज्यों को बांटे
राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने बीज कंपनियों से मिले पहुंच एवं लाभ साझाकरण के 2.02 करोड़ रुपये 27 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों को जारी किए।

चर्चा में क्यों
10 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने बीज क्षेत्र की कंपनियों से मिले पहुंच एवं लाभ साझाकरण के 2.02 करोड़ रुपये 27 राज्यों तथा 3 केंद्र शासित प्रदेशों को जैव विविधता संरक्षण और समुदायों के हित में जारी करने की घोषणा की।
राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) ने 27 राज्यों तथा 3 केंद्र शासित प्रदेशों के बीच 2.02 करोड़ रुपये जारी किए हैं। यह राशि पहुंच एवं लाभ साझाकरण (एबीएस) के तहत बीज क्षेत्र की कंपनियों से जैविक संसाधनों के उपयोग के बदले मिले अंशदान का उनका हिस्सा है। इसका उद्देश्य जैव विविधता का संरक्षण, जैविक संसाधनों का टिकाऊ उपयोग तथा स्थानीय समुदायों की आजीविका मजबूत करना है।
यह राशि कहां से आई
अंशदान कृषि से जुड़े जैविक संसाधनों के उपयोग से मिला, जिनमें धान, बैंगन, फूलगोभी, खीरा, मिर्च, लौकी, करेला, टमाटर तथा भिंडी की कई किस्में और संकर शामिल हैं। भुगतान करने वाली सात कंपनियां थीं - ईस्ट वेस्ट सीड्स इंडिया, सिंजेंटा इंडिया, देवजेन सीड्स एंड क्रॉप टेक्नोलॉजी, लिमाग्रेन इंडिया, बायर साइंस एंड इनोवेशन, नुनहेम्स इंडिया और एन्जा जाडेन इंडिया।
हिस्सा कैसे तय हुआ
जहां संसाधन बाजार या व्यापारियों के जरिये खरीदे गए और लाभ के व्यक्तिगत दावेदार पहचाने नहीं जा सके, वहां प्राधिकरण ने विशेषज्ञ समिति की सिफारिश पर बनी तथा प्राधिकरण से मंजूर वितरण व्यवस्था अपनाई। इसके बाद लाभार्थी हिस्सा राज्य जैव विविधता बोर्डों तथा केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषदों के बीच प्रत्येक संसाधन की खेती के रकबे के आधार पर बांटा गया, जिसके लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के आंकड़े लिए गए। शीर्ष दस राज्यों का हिस्सा मिलाकर 1.43 करोड़ रुपये रहा।
| क्रम | राज्य |
| पहला | मध्य प्रदेश |
| दूसरा | पश्चिम बंगाल |
| तीसरा | ओडिशा |
| चौथा | बिहार |
| पांचवां | गुजरात |
राशि किन कामों में लगेगी
बोर्डों और परिषदों को मिली राशि से जैव विविधता प्रबंधन समितियों को मजबूत करना, जन जैव विविधता रजिस्टर को अद्यतन करना, परंपरागत फसल किस्मों तथा औषधीय पौधों का संरक्षण, आवासों की बहाली और जमीनी स्तर पर जैविक संसाधनों का टिकाऊ प्रबंधन जैसे काम होंगे। यह काम जनजातीय कल्याण और टिकाऊ आजीविका से जुड़ी सरकारी योजनाओं के साथ भी चल सकता है, जैसे पीएम-जनमन, प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन तथा प्रधानमंत्री वन धन योजना।
कानूनी और वैश्विक ढांचा
इस जारी राशि के साथ प्राधिकरण का कुल एबीएस वितरण 202 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। भारत का एबीएस ढांचा जैव विविधता अधिनियम, 2002 तथा 2024 से 2030 की राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति एवं कार्य योजना के तहत काम करता है। यह कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचे के लक्ष्य 13 का समर्थन करता है, जो आनुवंशिक संसाधनों से मिले लाभ के उचित बंटवारे से जुड़ा है, और संसाधन जुटाने वाले लक्ष्य 19 का भी। यह घोषणा उस समय हुई जब भारत जैविक विविधता अभिसमय के पक्षकारों के सत्रहवें सम्मेलन कॉप 17 में भाग लेने की तैयारी कर रहा है, जो 19 अक्टूबर 2026 से आर्मेनिया के येरेवन में शुरू होगा।
महत्वपूर्ण तथ्य
| संस्था | राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) |
|---|---|
| वितरित राशि | 2.02 करोड़ रुपये |
| प्राप्तकर्ता | 27 राज्य जैव विविधता बोर्ड और 3 केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषदें |
| शीर्ष दस राज्य | कुल राशि में से 1.43 करोड़ रुपये |
| सबसे बड़े हिस्से | मध्य प्रदेश, इसके बाद पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार तथा गुजरात |
| कुल एबीएस वितरण | 202 करोड़ रुपये |
| मूल कानून | जैव विविधता अधिनियम, 2002 |
| कार्य योजना | राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति एवं कार्य योजना, 2024 से 2030 |
| वैश्विक लक्ष्य | कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचे के लक्ष्य 13 और 19 |
| आगामी सम्मेलन | सीबीडी कॉप 17, 19 अक्टूबर 2026 से येरेवन, आर्मेनिया |
परीक्षा की दृष्टि से
याद रखें वितरित राशि (2.02 करोड़ रुपये), प्राप्तकर्ता (27 राज्य जैव विविधता बोर्ड तथा 3 केंद्र शासित प्रदेश परिषदें), शीर्ष दस राज्यों का हिस्सा 1.43 करोड़ रुपये, कुल वितरण 202 करोड़ रुपये, मूल कानून जैव विविधता अधिनियम 2002, कार्य योजना की अवधि 2024 से 2030, कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ढांचे के लक्ष्य 13 व 19, तथा कॉप 17 का आयोजन 19 अक्टूबर 2026 से येरेवन, आर्मेनिया में।
अभ्यास प्रश्न
राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने बीज क्षेत्र के पहुंच एवं लाभ साझाकरण अंशदान से कितनी राशि वितरित की?
- A.1.43 करोड़ रुपये
- B.2.02 करोड़ रुपये
- C.20.2 करोड़ रुपये
- D.202 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर 2.02 करोड़ रुपये है, जो प्राधिकरण ने सत्ताईस राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों के बीच बीज कंपनियों से मिले अंशदान के हिस्से के रूप में जारी किया। विकल्प ए में दी राशि केवल शीर्ष दस प्राप्तकर्ता राज्यों का हिस्सा है, यानी कुल राशि का एक भाग, पूरी राशि नहीं। विकल्प सी आंकड़े को दस गुना पढ़ने की गलती है और घोषणा में ऐसी कोई राशि नहीं है। विकल्प डी प्राधिकरण के अब तक के कुल वितरण को बताता है, जो इस ताजा राशि के जुड़ने के बाद उस स्तर पर पहुंचा, इसलिए वह पूरे रिकॉर्ड का आंकड़ा है, इस एक भुगतान का नहीं। तीनों आंकड़ों को अलग-अलग याद रखना चाहिए, क्योंकि प्रश्न इन्हें आपस में उलझाकर पूछे जाते हैं।
भारत के पहुंच एवं लाभ साझाकरण ढांचे का आधार कौन सा कानून है?
- A.पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986
- B.वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972
- C.जैव विविधता अधिनियम, 2002
- D.वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर जैव विविधता अधिनियम है, जिसके तहत राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण, राज्य जैव विविधता बोर्ड तथा केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषदें काम करती हैं और पहुंच एवं लाभ साझाकरण लागू होता है। यह ढांचा राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति एवं कार्य योजना के साथ भी जुड़ा है। विकल्प ए का पर्यावरण संरक्षण कानून सामान्य पर्यावरणीय शक्तियों से जुड़ा है, आनुवंशिक संसाधनों के लाभ बंटवारे से नहीं। विकल्प बी का वन्यजीव कानून प्रजातियों तथा उनके आवासों की सुरक्षा अनुसूचियों और अभयारण्यों के जरिये करता है, जो अलग व्यवस्था है। विकल्प डी का वन कानून वन भूमि के गैर-वन उपयोग में बदलाव को नियंत्रित करता है और इससे इसका संबंध नहीं है। सही विकल्प वाला अधिनियम ही प्राधिकरण की स्थापना का आधार है।
जैविक विविधता अभिसमय के पक्षकारों का सत्रहवां सम्मेलन कहां आयोजित हो रहा है?
- A.येरेवन, आर्मेनिया
- B.कुनमिंग, चीन
- C.मॉन्ट्रियल, कनाडा
- D.नागोया, जापान
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर येरेवन, आर्मेनिया है, जहां जैविक विविधता अभिसमय के पक्षकारों का सत्रहवां सम्मेलन इसी महीने के उत्तरार्ध में शुरू हो रहा है। भारत ने इसी तैयारी के बीच अपनी पहुंच एवं लाभ साझाकरण व्यवस्था का ब्योरा सामने रखा। विकल्प बी का कुनमिंग, चीन और विकल्प सी का मॉन्ट्रियल, कनाडा इस सम्मेलन के स्थान के रूप में गलत हैं, हालांकि इन दोनों शहरों के नाम पर वह वैश्विक जैव विविधता ढांचा बना है जिसके लाभ बंटवारे तथा संसाधन जुटाने वाले लक्ष्यों का भारत समर्थन करता है। विकल्प डी का नागोया, जापान अभिसमय के तहत बने लाभ साझाकरण प्रोटोकॉल से जुड़ा है, इसलिए वह आकर्षक लगता है, पर वह भी इस सम्मेलन का स्थान नहीं है। परीक्षा में अभिसमय, प्रोटोकॉल और वैश्विक ढांचे से जुड़े शहरों के नाम आपस में उलझाकर पूछे जाते हैं, इसलिए हर नाम को उसकी घटना के साथ जोड़कर याद रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने बीज क्षेत्र के एबीएस अंशदान से कितनी राशि बांटी?
2.02 करोड़ रुपये, जो 27 राज्य जैव विविधता बोर्डों तथा 3 केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषदों में बांटी गई। इसके साथ प्राधिकरण का कुल एबीएस वितरण 202 करोड़ रुपये हो गया।
भारत का पहुंच एवं लाभ साझाकरण ढांचा किस कानून के तहत काम करता है?
जैव विविधता अधिनियम, 2002 के तहत, साथ ही 2024 से 2030 की राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति एवं कार्य योजना के अनुरूप। यह कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ढांचे के लक्ष्य 13 और 19 का भी समर्थन करता है।
जैविक विविधता अभिसमय का कॉप 17 कहां होगा?
आर्मेनिया के येरेवन में, जो 19 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा। भारत की एबीएस व्यवस्था का ब्योरा इसी सम्मेलन में भागीदारी की तैयारी के बीच सामने रखा गया।
राज्यों का हिस्सा कैसे तय किया गया?
जहां लाभ के व्यक्तिगत दावेदार पहचाने नहीं जा सके, वहां प्राधिकरण ने विशेषज्ञ समिति की सिफारिश मानी और हिस्सा प्रत्येक जैविक संसाधन की खेती के रकबे के आधार पर बांटा, जिसके लिए कृषि मंत्रालय के आंकड़े आधार बने।
स्रोत
- https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2321791 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
करेंट अफेयर्स 10 अक्टूबर 2026
- वन अधिकार अधिनियम पर दूसरा क्षेत्रीय समीक्षा सम्मेलन कोलकाता मेंराष्ट्रीय
- तरंग शक्ति 2026 का दूसरा संस्करण जोधपुर में आयोजितरक्षा
- ऑस्ट्रेलिया के मिल्टन डिक आईपीयू के अध्यक्ष चुने गएअंतरराष्ट्रीय
- अहमदाबाद में ब्रिक्स पारंपरिक खेल प्रदर्शन खेल 2026खेल
- उपराष्ट्रपति ने एम्स देवघर के दूसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित कियाराष्ट्रीय
- वाराणसी में 94वां फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल आयोजितसरकारी योजनाएं
- लाइटहाउस पर्यटन 2024-25 में 18.63 लाख पर्यटकों तक पहुंचाराष्ट्रीय
- पीएम धन-धान्य कृषि योजना के 100 जिलों में एक साल पूरासरकारी योजनाएं
संबंधित करेंट अफेयर्स
संबंधित GK
- राज्यवार नृत्य, त्योहार और राज्य प्रतीक: परीक्षा नोट्स
10 अक्टूबर 2026 · भारत के राज्य और केंद्र शासित प्रदेश
- लीड बैंक योजना और सेवा क्षेत्र दृष्टिकोण: एसएलबीसी व डीसीसी
10 अक्टूबर 2026 · बैंकिंग और वित्तीय जागरूकता
- भारतीय कांस्य मूर्तिकला: चोल कांस्य से ढोकरा तक
10 अक्टूबर 2026 · कला और संस्कृति
क्विज खेलें
- करेंट अफेयर्स क्विज
राज्य परीक्षाएं करेंट अफेयर्स क्विज: 10 अक्टूबर 2026
25 प्रश्न25 मिनटक्विज शुरू करें





