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GK24
पर्यावरणकठिन

जैविक विविधता अभिसमय के पक्षकारों का सत्रहवां सम्मेलन कहां आयोजित हो रहा है?

  1. A.येरेवन, आर्मेनिया
  2. B.कुनमिंग, चीन
  3. C.मॉन्ट्रियल, कनाडा
  4. D.नागोया, जापान

सही उत्तर

A. येरेवन, आर्मेनिया

व्याख्या

सही उत्तर येरेवन, आर्मेनिया है, जहां जैविक विविधता अभिसमय के पक्षकारों का सत्रहवां सम्मेलन इसी महीने के उत्तरार्ध में शुरू हो रहा है। भारत ने इसी तैयारी के बीच अपनी पहुंच एवं लाभ साझाकरण व्यवस्था का ब्योरा सामने रखा। विकल्प बी का कुनमिंग, चीन और विकल्प सी का मॉन्ट्रियल, कनाडा इस सम्मेलन के स्थान के रूप में गलत हैं, हालांकि इन दोनों शहरों के नाम पर वह वैश्विक जैव विविधता ढांचा बना है जिसके लाभ बंटवारे तथा संसाधन जुटाने वाले लक्ष्यों का भारत समर्थन करता है। विकल्प डी का नागोया, जापान अभिसमय के तहत बने लाभ साझाकरण प्रोटोकॉल से जुड़ा है, इसलिए वह आकर्षक लगता है, पर वह भी इस सम्मेलन का स्थान नहीं है। परीक्षा में अभिसमय, प्रोटोकॉल और वैश्विक ढांचे से जुड़े शहरों के नाम आपस में उलझाकर पूछे जाते हैं, इसलिए हर नाम को उसकी घटना के साथ जोड़कर याद रखें।

पूरा लेख पढ़ें: एनबीए ने बीज क्षेत्र के 2.02 करोड़ रुपये राज्यों को बांटे

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Q1.पर्यावरणमध्यम

राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने बीज क्षेत्र के पहुंच एवं लाभ साझाकरण अंशदान से कितनी राशि वितरित की?

  1. A.1.43 करोड़ रुपये
  2. B.2.02 करोड़ रुपये
  3. C.20.2 करोड़ रुपये
  4. D.202 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 2.02 करोड़ रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 2.02 करोड़ रुपये है, जो प्राधिकरण ने सत्ताईस राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों के बीच बीज कंपनियों से मिले अंशदान के हिस्से के रूप में जारी किया। विकल्प ए में दी राशि केवल शीर्ष दस प्राप्तकर्ता राज्यों का हिस्सा है, यानी कुल राशि का एक भाग, पूरी राशि नहीं। विकल्प सी आंकड़े को दस गुना पढ़ने की गलती है और घोषणा में ऐसी कोई राशि नहीं है। विकल्प डी प्राधिकरण के अब तक के कुल वितरण को बताता है, जो इस ताजा राशि के जुड़ने के बाद उस स्तर पर पहुंचा, इसलिए वह पूरे रिकॉर्ड का आंकड़ा है, इस एक भुगतान का नहीं। तीनों आंकड़ों को अलग-अलग याद रखना चाहिए, क्योंकि प्रश्न इन्हें आपस में उलझाकर पूछे जाते हैं।

Q2.पर्यावरणमध्यम

भारत के पहुंच एवं लाभ साझाकरण ढांचे का आधार कौन सा कानून है?

  1. A.पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986
  2. B.वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972
  3. C.जैव विविधता अधिनियम, 2002
  4. D.वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. जैव विविधता अधिनियम, 2002

व्याख्या

सही उत्तर जैव विविधता अधिनियम है, जिसके तहत राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण, राज्य जैव विविधता बोर्ड तथा केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषदें काम करती हैं और पहुंच एवं लाभ साझाकरण लागू होता है। यह ढांचा राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति एवं कार्य योजना के साथ भी जुड़ा है। विकल्प ए का पर्यावरण संरक्षण कानून सामान्य पर्यावरणीय शक्तियों से जुड़ा है, आनुवंशिक संसाधनों के लाभ बंटवारे से नहीं। विकल्प बी का वन्यजीव कानून प्रजातियों तथा उनके आवासों की सुरक्षा अनुसूचियों और अभयारण्यों के जरिये करता है, जो अलग व्यवस्था है। विकल्प डी का वन कानून वन भूमि के गैर-वन उपयोग में बदलाव को नियंत्रित करता है और इससे इसका संबंध नहीं है। सही विकल्प वाला अधिनियम ही प्राधिकरण की स्थापना का आधार है।

Q3.पर्यावरणमध्यम

पंजाब में पराली रोकने के उपायों की समीक्षा करने वाली सीएक्यूएम की उच्च स्तरीय टीम का नेतृत्व किसने किया?

  1. A.सीएक्यूएम के अध्यक्ष
  2. B.डॉ. एस.डी. अत्री, सदस्य (तकनीकी), सीएक्यूएम
  3. C.अमृतसर के उपायुक्त
  4. D.पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. डॉ. एस.डी. अत्री, सदस्य (तकनीकी), सीएक्यूएम

व्याख्या

सही उत्तर डॉ. एस.डी. अत्री, सदस्य (तकनीकी), सीएक्यूएम हैं, जिनकी अध्यक्षता में टीम ने दोनों हॉटस्पॉट जिलों का दौरा किया और समीक्षा बैठक की। विकल्प ए गलत है क्योंकि इस दौरे का नेतृत्व आयोग के अध्यक्ष ने नहीं, बल्कि सदस्य (तकनीकी) ने किया। विकल्प सी गलत है क्योंकि अमृतसर और तरनतारन के उपायुक्त वे जिला अधिकारी थे जिन्होंने दौरे पर आई टीम को स्थिति की जानकारी दी, वे टीम के मुखिया नहीं थे। विकल्प डी गलत है क्योंकि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उन एजेंसियों में हैं जिनके कामों की समीक्षा आयोग करता है, इसलिए पंजाब बोर्ड के अध्यक्ष समीक्षा करने वाले पक्ष में नहीं होते। टीम का काम इन-सीटू तथा एक्स-सीटू तैयारी परखना था। परीक्षा में आयोग के पदाधिकारियों और जिला अधिकारियों की भूमिका अलग-अलग पहचानना जरूरी है, क्योंकि प्रश्न अक्सर इसी अंतर पर आधारित होते हैं।

Q4.पर्यावरणमध्यम

आयोग ने धान की कटाई के मौसम के लिए पंजाब के कितने जिलों में फ्लाइंग स्क्वाड तैनात किए हैं?

  1. A.12
  2. B.15
  3. C.18
  4. D.22
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 18

व्याख्या

सही उत्तर 18 है। निगरानी व्यवस्था के हिस्से के रूप में आयोग ने पंजाब के अठारह जिलों में अक्टूबर की पहली तारीख से नवंबर की अंतिम तारीख तक की अवधि के लिए फ्लाइंग स्क्वाड तैनात किए हैं। इन जिलों में संगरूर, तरनतारन, फिरोजपुर, मुक्तसर, बठिंडा, अमृतसर, मोगा, मानसा, फाजिल्का, पटियाला, लुधियाना, कपूरथला, फरीदकोट, बरनाला, मलेरकोटला, गुरदासपुर, जालंधर तथा फतेहगढ़ साहिब शामिल हैं। विकल्प ए, बी और डी में दी गई संख्याएं इस सूची से मेल नहीं खातीं, इसलिए वे गलत हैं। ध्यान रखें कि फ्लाइंग स्क्वाड निगरानी की केवल एक परत है; जिला, नोडल व क्लस्टर अधिकारी, कम लागत वाले सेंसर, कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन भी इसी व्यवस्था का हिस्सा हैं। इसलिए संख्या और जिलों की सूची, दोनों को जोड़कर याद रखना परीक्षा में अधिक उपयोगी रहता है।

Q5.पर्यावरणआसान

सीएक्यूएम की टीम ने पराली जलाने से रोकने के उपायों की समीक्षा के लिए पंजाब के किन दो जिलों का दौरा किया?

  1. A.लुधियाना और पटियाला
  2. B.अमृतसर और तरनतारन
  3. C.संगरूर और बठिंडा
  4. D.मोगा और मानसा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अमृतसर और तरनतारन

व्याख्या

सही उत्तर अमृतसर और तरनतारन है। उच्च स्तरीय टीम ने धान की कटाई के मौसम में इन दोनों जिलों का दौरा किया, क्योंकि दोनों को पराली जलाने के हॉटस्पॉट के रूप में पहचाना गया है, और उपायुक्तों के साथ समीक्षा बैठक अमृतसर में हुई। विकल्प ए, सी और डी में दिए सभी नाम पंजाब के जिलों के हैं और ये उन अठारह जिलों की सूची में भी आते हैं जहां आयोग ने इस मौसम के लिए फ्लाइंग स्क्वाड तैनात किए हैं, लेकिन इस दौरे और समीक्षा बैठक का विषय वे नहीं थे। इसलिए लुधियाना-पटियाला, संगरूर-बठिंडा तथा मोगा-मानसा संभावित दिखने पर भी गलत हैं। अंतर यही समझना है कि जमीन पर समीक्षा दो जिलों की हुई, जबकि निगरानी का दायरा अधिक जिलों तक फैला है।