नवप्रीत सिंह ने किस फर्जी पहचान के सहारे तुर्की की नागरिकता हासिल की थी?
- A.नवाब विर्क
- B.नवदीप बरार
- C.नवाज विरदी
- D.नूर विर्क
सही उत्तर
A. नवाब विर्क
व्याख्या
सही उत्तर नवाब विर्क है। इसी झूठे नाम के सहारे नार्को तस्करी के सरगना ने तुर्की की नागरिकता हासिल की थी और इस आड़ में वह अफगानिस्तान से भारत में हेरोइन तथा मेथम्फेटामाइन भेजता रहा। भारतीय एजेंसियों ने इस भेष की परतें हटाईं, उसकी असली पहचान नवप्रीत सिंह के रूप में तय की और उसका प्रत्यर्पण सुनिश्चित कराया; भारत में उसे ड्रग तस्करी तथा अन्य आपराधिक मामलों में जेल भेजा गया। नवदीप बरार गलत है, क्योंकि सरकारी वक्तव्य में ऐसा कोई उपनाम नहीं है। नवाज विरदी भी गलत है, यह केवल सुनने में असली नाम जैसा लगता है और तुर्की के कागजों पर यह नाम नहीं था। नूर विर्क भी इसी कारण गलत है, इसमें केवल कुलनाम मिलता है। परीक्षा के लिए असली और फर्जी, दोनों नाम साथ याद रखें।
पूरा लेख पढ़ें: नार्को सरगना नवप्रीत सिंह तुर्की से भारत प्रत्यर्पित
अभ्यास प्रश्न
अक्टूबर 2026 में नार्को तस्करी के सरगना नवप्रीत सिंह को किस देश से भारत प्रत्यर्पित किया गया?
- A.संयुक्त अरब अमीरात
- B.तुर्की
- C.थाईलैंड
- D.पुर्तगाल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. तुर्की
व्याख्या
सही उत्तर तुर्की है। गृह मंत्रालय ने नवप्रीत सिंह को नशीले पदार्थों के कारोबार का कुख्यात सरगना बताया है। वह तुर्की में रह रहा था और उसने नवाब विर्क नाम की गढ़ी हुई पहचान के सहारे वहाँ की नागरिकता ले ली थी। भारतीय एजेंसियों ने उसकी इस आड़ को एक-एक परत हटाकर खोला, असली पहचान तय की और उसे सौंपने की कार्यवाही पूरी कराई; 3 अक्टूबर 2026 को वह भारत पहुँचा और ड्रग तस्करी तथा अन्य आपराधिक मामलों में जेल भेज दिया गया। संयुक्त अरब अमीरात गलत है, क्योंकि इस कार्रवाई में किसी खाड़ी देश का नाम नहीं आता। थाईलैंड भी गलत है और तस्करी का रास्ता अफगानिस्तान से भारत बताया गया है, दक्षिण-पूर्व एशिया से नहीं। पुर्तगाल गलत है क्योंकि इस प्रत्यर्पण में यूरोपीय संघ का कोई देश शामिल नहीं है।
2019 से अगस्त 2026 के बीच भारत कितने भगोड़ों को और कितने देशों से वापस लाया?
- A.26 देशों से 188 भगोड़े
- B.30 देशों से 228 भगोड़े
- C.36 देशों से 288 भगोड़े
- D.46 देशों से 388 भगोड़े
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 36 देशों से 288 भगोड़े
व्याख्या
सही उत्तर 36 देशों से 288 भगोड़े है। गृह मंत्रालय ने 2019 से अगस्त 2026 तक की अवधि के लिए यही आँकड़ा दिया है। इस दौरान भगोड़ों की वापसी को राष्ट्रीय प्राथमिकता मानकर वैश्विक अभियान, एजेंसियों के बीच मजबूत समन्वय और स्मार्ट कूटनीति के सहारे काम किया गया। बाकी तीनों विकल्प भगोड़ों की संख्या या देशों की संख्या, किसी एक को बदल देते हैं, इसलिए सरकारी आँकड़े से मेल नहीं खाते। विकल्प A दोनों आँकड़े कम बताता है, विकल्प B कुछ नजदीक है पर दोनों में गलत है, और विकल्प D दोनों को बढ़ा देता है। इसी अवधि की कानूनी तैयारी भी याद रखें — 2019 में NIA तथा UAPA संशोधन, 2020 से मिशन मोड में कार्रवाई, और सूचना साझा करने की गति बढ़ाने वाला भारतपोल मंच।
भारतीय पुलिस एजेंसियों को वैश्विक कानून प्रवर्तन से जोड़ने वाला भारतपोल कब शुरू किया गया?
- A.अगस्त 2023
- B.जुलाई 2024
- C.जनवरी 2025
- D.मार्च 2026
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सही उत्तर: C. जनवरी 2025
व्याख्या
सही उत्तर जनवरी 2025 है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने इसी समय भारतपोल की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य भारत और विदेशी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय, संपर्क और सूचना के आदान-प्रदान को बेहतर बनाना है। यह मंच सीबीआई, इंटरपोल संपर्क अधिकारियों के जरिये राज्य पुलिस मुख्यालय और जिला पुलिस मुख्यालय को एक जगह लाता है, और इससे केन्द्र व राज्य की एजेंसियों के 1,400 से अधिक कार्यालय जुड़े हुए हैं। इसका असर यह है कि सीबीआई जो जानकारी माँगती है वह अब 10 से 20 दिन में, और कुछ मामलों में 3 से 10 दिन में मिल जाती है, जिससे प्रत्यर्पण की कार्यवाही तेज होती है। अगस्त 2023, जुलाई 2024 और मार्च 2026 गलत हैं, क्योंकि इन महीनों में यह मंच न घोषित हुआ और न शुरू।
मध्य प्रदेश में नष्ट की गई सामग्री में सबसे बड़ा हिस्सा किस मादक पदार्थ का था?
- A.हेरोइन
- B.चरस
- C.मेफेड्रोन
- D.पोस्ता भूसा
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. पोस्ता भूसा
व्याख्या
सही उत्तर पोस्ता भूसा है। निपटान कार्रवाई में नष्ट की गई कुल सामग्री में पोस्ता भूसा 10,823.990 किलोग्राम था, जो लगभग पूरी खेप के बराबर है। शेष मदें मात्रा में बहुत कम थीं: हेरोइन 7.535 किलोग्राम, चरस 7.400 किलोग्राम, मेफेड्रोन 3.175 किलोग्राम और ब्राउन शुगर 0.050 किलोग्राम, जो पोस्ता भूसे के साथ मिलकर कार्रवाई का कुल आँकड़ा बनाती हैं। इसलिए विकल्प A, B और C ऐसे पदार्थों के नाम हैं जो नष्ट की गई सामग्री में शामिल तो थे, परंतु बहुत कम मात्रा में। यह अंतर इसलिए महत्वपूर्ण है कि पोस्ता भूसा भारी वनस्पति सामग्री है, जबकि हेरोइन, चरस और मेफेड्रोन सांद्र पदार्थ हैं जिनकी तस्करी बहुत कम वजन में होती है, और परीक्षाओं में अनुपात की यही समझ परखी जाती है।
जयपुर के विदेशी डाकघर में जब्त हाइड्रोपोनिक गांजा किस देश से आए पार्सल में था?
- A.म्यांमार
- B.थाईलैंड
- C.नेपाल
- D.अफगानिस्तान
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सही उत्तर: B. थाईलैंड
व्याख्या
सही उत्तर थाईलैंड है। संदिग्ध खेप की विशेष सूचना पर ब्यूरो के जयपुर कार्यालय के अधिकारियों ने विदेशी डाकघर में उस देश से आए अंतरराष्ट्रीय पार्सल की जाँच की और केक के 29 पाउच के भीतर छिपाकर रखी गई 1.080 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद की, जिसे अन्य केक पैकेटों और सामान के बीच इस तरह मिलाया गया था कि वह ध्यान में न आए। विकल्प A, C और D उन देशों के नाम हैं जिनकी चर्चा इस क्षेत्र के मादक पदार्थ मार्गों के संदर्भ में अक्सर होती है, परंतु इस मामले में पार्सल थाईलैंड से आया था। यह प्रकरण याद दिलाता है कि डाक और कूरियर खेपों पर प्रवर्तन एजेंसियाँ कड़ी नज़र रखती हैं और ब्यूरो विशेष सूचनाओं के आधार पर अंतरराष्ट्रीय खेपों की निगरानी करता है।