मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24

बिहार में गाद के उपयोग के लिए नदी संजीवनी समझौता हुआ

सड़क परिवहन मंत्रालय और बिहार सरकार ने नदी संजीवनी के तहत समझौता किया, जिसमें 16 चालू राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में 243 लाख घन मीटर गाद का उपयोग होगा।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
Read in English
बिहार में गाद के उपयोग के लिए नदी संजीवनी समझौता हुआ

चर्चा में क्यों

3 नवंबर 2026 को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय तथा बिहार सरकार ने नई दिल्ली में जल निकायों की वैज्ञानिक गाद निकासी और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में गाद के उपयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जिसका नाम नदी संजीवनी है।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय तथा बिहार सरकार ने राज्य की चुनी हुई नदियों और अन्य जल निकायों की वैज्ञानिक गाद निकासी तथा निकाली गई गाद के राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में उपयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तथा बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की उपस्थिति में हुआ। इस पहल का नाम नदी संजीवनी रखा गया है।

पहल का उद्देश्य

यह योजना नदियों की बहाली को सड़क निर्माण से जोड़ती है। गाद निकासी से नदियों और जल निकायों की जल धारण क्षमता बहाल होगी, बाढ़ प्रबंधन मजबूत होगा और खेती की जमीन बचेगी, जबकि निकली गाद राजमार्गों के लिए निर्माण सामग्री का स्थायी स्रोत बनेगी। श्री गडकरी ने कहा कि जमा गाद ने नदियों की क्षमता घटाई है, जिससे बाढ़, फसल भूमि को नुकसान और संपत्ति की हानि हुई है; बिहार में यह समस्या नेपाल से निकलने वाली नदियों के कारण और गहरी है, जो बहुत पानी और तलछट लाती हैं। उन्होंने कहा कि निकली सामग्री के उपयोग से नई मिट्टी और कृषि भूमि की जरूरत घटेगी, निर्माण लागत कम होगी तथा परियोजनाएं तेज होंगी, और यह मॉडल अन्य राज्यों में भी अपनाया जा सकता है।

आंकड़े

चालू कार्यों के लिए गाद16 परियोजनाओं में 243 लाख घन मीटर
भविष्य के कार्यों के लिए प्रस्तावित27 परियोजनाओं में 835 लाख घन मीटर
बिहार में निर्माणाधीन39 एनएचएआई परियोजनाएं, लगभग 1,561 किमी, लगभग 58,340 करोड़ रुपये
प्रस्तावित11 परियोजनाएं, लगभग 1,982 किमी, लगभग 1,85,200 करोड़ रुपये

गाद का उपयोग तकनीकी उपयुक्तता और आवश्यक मंजूरी के अधीन होगा।

कार्यान्वयन कैसे होगा

  • बिहार का पथ निर्माण विभाग नोडल विभाग होगा, जिसकी मदद के लिए राज्य स्तरीय समन्वय समिति प्रस्तावों की जांच करेगी, मंजूरी में सहायता देगी और निगरानी रखेगी।
  • काम बिहार जल स्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026 के अनुसार होगा, जो बाढ़ के बाद खेतों पर जमी रेत और गाद हटाने की सुविधा भी देती है।
  • निकासी केवल स्वीकृत स्थानों पर और निर्धारित तकनीकी सीमा में होगी, जिससे नदी पारिस्थितिकी, तट, तटबंध और पुल प्रभावित न हों।
  • गाद की उपयुक्तता मंत्रालय के मानकों और भारतीय सड़क कांग्रेस की संहिताओं के अनुसार जांची जाएगी, साथ ही संयुक्त मापन, डिजिटल रिकॉर्ड और मात्रा का समय-समय पर मिलान होगा।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि नदियों के वैज्ञानिक प्रबंधन की जरूरत है, क्योंकि गाद उनकी क्षमता घटाती है, और जल निकायों की बहाली से सिंचाई तथा पेयजल की उपलब्धता बढ़ेगी और भूजल पुनर्भरण में मदद मिलेगी। विज्ञप्ति के अनुसार बिहार में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क 2014 के 4,615 किमी से बढ़कर अब लगभग 6,500 किमी हो गया है और तब से बड़ी नदियों पर करीब 29 नए पुल बनाए जा रहे हैं। एनएचएआई अध्यक्ष संतोष कुमार यादव भी मौजूद रहे।

महत्वपूर्ण तथ्य

पहलनदी संजीवनी
समझौता करने वालेसड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय तथा बिहार सरकार
हस्ताक्षर के समय उपस्थितनितिन गडकरी, केंद्रीय मंत्री और सम्राट चौधरी, बिहार के मुख्यमंत्री
चालू परियोजनाओं के लिए गाद16 परियोजनाओं में 243 लाख घन मीटर
प्रस्तावित गाद27 भावी परियोजनाओं में 835 लाख घन मीटर
नोडल विभागपथ निर्माण विभाग, बिहार सरकार
संबंधित नीतिबिहार जल स्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026
निर्माणाधीन39 एनएचएआई परियोजनाएं, लगभग 1,561 किमी, लगभग 58,340 करोड़ रुपये
बिहार में राजमार्ग नेटवर्क2014 में 4,615 किमी से अब लगभग 6,500 किमी

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें पहल का नाम (नदी संजीवनी), दोनों पक्ष (सड़क परिवहन मंत्रालय और बिहार सरकार), उपस्थित नेता (नितिन गडकरी और सम्राट चौधरी), 16 चालू परियोजनाओं के लिए 243 लाख घन मीटर तथा 27 भावी परियोजनाओं के लिए 835 लाख घन मीटर गाद, नोडल पथ निर्माण विभाग, बिहार जल स्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026 और राज्य में राजमार्ग नेटवर्क का 2014 के 4,615 किमी से लगभग 6,500 किमी तक बढ़ना।

अभ्यास प्रश्न

Q1.राज्य समाचारआसान

वैज्ञानिक गाद निकासी और राजमार्गों में गाद के उपयोग से जुड़ी सड़क परिवहन मंत्रालय तथा बिहार की पहल का नाम क्या है?

  1. A.जल संजीवनी
  2. B.नदी संजीवनी
  3. C.नदी जीवन
  4. D.सिल्ट शक्ति
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. नदी संजीवनी

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय तथा बिहार सरकार के बीच हुए समझौता ज्ञापन को यही नाम दिया गया है, और इसका उद्देश्य नदियों तथा जल निकायों की जल धारण क्षमता बहाल करना, बाढ़ प्रबंधन मजबूत करना, खेती की जमीन बचाना और साथ ही उपयुक्त निकाली गई गाद को राष्ट्रीय राजमार्ग…

Q2.राज्य समाचारमध्यम

समझौते के तहत बिहार की चालू राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में कितनी गाद का उपयोग होगा?

  1. A.16 परियोजनाओं में 243 लाख घन मीटर
  2. B.16 परियोजनाओं में 835 लाख घन मीटर
  3. C.27 परियोजनाओं में 243 लाख घन मीटर
  4. D.39 परियोजनाओं में 500 लाख घन मीटर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 16 परियोजनाओं में 243 लाख घन मीटर

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पहले से चल रही इतनी परियोजनाओं के लिए उपयुक्त गाद की यह मात्रा चिह्नित की है, जबकि आगे आने वाली 27 परियोजनाओं के लिए इससे कहीं बड़ी मात्रा 835 लाख घन मीटर प्रस्तावित है; दोनों ही स्थितियों में उपयोग तकनीकी उपयुक्तता और आवश्यक मंजूरी के…

Q3.राज्य समाचारमध्यम

गाद निकासी समझौते के कार्यान्वयन के लिए बिहार सरकार का नोडल विभाग कौन सा है?

  1. A.जल संसाधन विभाग
  2. B.पथ निर्माण विभाग
  3. C.ग्रामीण विकास विभाग
  4. D.पर्यावरण एवं वन विभाग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पथ निर्माण विभाग

यही विभाग इस काम के लिए नोडल विभाग का दायित्व संभालेगा और इसकी मदद राज्य स्तरीय समन्वय समिति करेगी, जो प्रस्तावों की जांच करेगी, मंजूरी दिलाने में सहायता देगी, कार्यान्वयन की निगरानी करेगी और परिचालन समस्याएं सुलझाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नदी संजीवनी पहल क्या है?

यह सड़क परिवहन मंत्रालय और बिहार सरकार के समझौते के तहत चलने वाली पहल है, जिसमें नदियों तथा जल निकायों की वैज्ञानिक गाद निकासी और निकली गाद का राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में उपयोग किया जाएगा, जिससे नदी बहाली, बाढ़ प्रबंधन और कृषि भूमि संरक्षण सड़क निर्माण से जुड़ेंगे।

बिहार की राजमार्ग परियोजनाओं में कितनी गाद का उपयोग होगा?

16 चालू परियोजनाओं में 243 लाख घन मीटर, तथा 27 भावी परियोजनाओं के लिए 835 लाख घन मीटर प्रस्तावित है, जो तकनीकी उपयुक्तता और मंजूरी के अधीन होगा।

काम किस नीति और किस विभाग के तहत होगा?

बिहार जल स्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026 के तहत। बिहार का पथ निर्माण विभाग नोडल विभाग है, जिसकी मदद राज्य स्तरीय समन्वय समिति करेगी।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 3 नवंबर 2026

  1. नौसेना ने सोमालिया तट पर अपहृत जहाज अजिनी को छुड़ायारक्षा
  2. दवा आयात के नए प्रवेश बिंदुओं का प्रस्ताव, नियम 43ए में संशोधनराष्ट्रीय
  3. पुणे मेट्रो की हिंजवडी-शिवाजीनगर लाइन राष्ट्र को समर्पितराष्ट्रीय
  4. ट्राई ने दूरसंचार इंटरकनेक्शन तीसरा संशोधन विनियम जारी किएराष्ट्रीय
  5. टाइगर ट्रायम्फ 2026 अभ्यास विशाखापत्तनम में शुरूरक्षा
  6. राजनाथ सिंह ने जैसलमेर में सैन्य आधुनिकीकरण बैठक कीरक्षा
  7. भारत ने चालू वर्ष के लिए 1 ट्रिलियन डॉलर निर्यात लक्ष्य रखाअर्थव्यवस्था
  8. आदित्य-एल1 के वीईएलसी ने सौर विस्फोट का असममित फैलाव दिखायाविज्ञान और प्रौद्योगिकी
आज का क्विज25 प्रश्नपूरा संस्करण पढ़ें →
इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS