मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24

पैमाना पर 37.56 लाख करोड़ की 1,853 परियोजनाएं निगरानी में

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की सितंबर 2026 फ्लैश रिपोर्ट में 37.56 लाख करोड़ रुपये की 1,853 केंद्रीय परियोजनाएं निगरानी में हैं।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
Read in English
पैमाना पर 37.56 लाख करोड़ की 1,853 परियोजनाएं निगरानी में

चर्चा में क्यों

26 अक्टूबर 2026 को सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने सितंबर 2026 की मासिक फ्लैश रिपोर्ट जारी की, जिसमें पैमाना मंच पर 37.56 लाख करोड़ रुपये की 1,853 केंद्रीय बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की निगरानी दर्ज है।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) ने केंद्रीय क्षेत्र की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर सितंबर 2026 की मासिक फ्लैश रिपोर्ट जारी की। मंत्रालय अपने पैमाना मंच के जरिए अब 1,853 चालू परियोजनाओं पर नजर रख रहा है, जिनकी नवीनतम लागत 37.56 लाख करोड़ रुपये है और जो 17 केंद्रीय मंत्रालयों तथा विभागों में फैली हैं। इसमें केवल 150 करोड़ रुपये और उससे अधिक लागत की परियोजनाएं शामिल हैं।

खर्च कहां तक पहुंचा

इन परियोजनाओं पर अब तक 17.73 लाख करोड़ रुपये खर्च हुए हैं, जो कुल लागत का लगभग 47.21 प्रतिशत है। बड़ी संख्या में काम पूरा होने के करीब है: 654 परियोजनाएं, यानी करीब 35 प्रतिशत, भौतिक प्रगति में 80 प्रतिशत से आगे निकल चुकी हैं, जबकि 338 परियोजनाओं ने वित्तीय लक्ष्य का 80 प्रतिशत पार कर लिया है। आकार के हिसाब से 780 मेगा परियोजनाएं हैं, जिनकी लागत 1,000 करोड़ रुपये या उससे अधिक है, और शेष 1,073 उससे कम लागत की बड़ी परियोजनाएं हैं।

किस मंत्रालय के पास कितना काम

मंत्रालयपरियोजनाएंलागत (लाख करोड़ रुपये)
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग9749.46
रेल2847.21
कोयला1212.22
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस1154.30
विद्युत1066.40

केवल सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के पास आधी से अधिक परियोजनाएं हैं। आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के पास 49 तथा जल संसाधन विभाग के पास 35 परियोजनाएं हैं, जबकि 2.62 लाख करोड़ रुपये की 169 परियोजनाएं उच्च शिक्षा, नागर विमानन, इस्पात, खान और खेल जैसे छोटे मंत्रालयों के पास हैं।

क्षेत्रवार तस्वीर

आर्थिक कार्य विभाग की समरूप सूची के अनुसार परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स सबसे बड़ा समूह है, जिसमें 1,320 परियोजनाएं हैं और लागत 20.07 लाख करोड़ रुपये है। इसके बाद ऊर्जा क्षेत्र है, जिसमें 225 परियोजनाएं और 11.04 लाख करोड़ रुपये की लागत है। दोनों मिलकर निगरानी वाली परियोजनाओं का 83.4 प्रतिशत बनाते हैं। जल एवं स्वच्छता श्रेणी में 50 परियोजनाएं हैं और खर्च-लागत अनुपात सबसे बेहतर 70.81 प्रतिशत है, जो परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स तथा संचार से आगे है; संचार श्रेणी में 31 दूरसंचार परियोजनाएं हैं।

पूरी हुईं और नई जुड़ीं

महीने में पूरी हुई परियोजनाओं में विद्युत मंत्रालय की 1,320 मेगावाट की बक्सर ताप विद्युत परियोजना और इस्पात मंत्रालय की एनएमडीसी स्लरी पाइपलाइन का पहला चरण शामिल हैं। सितंबर में 83 नई परियोजनाएं पैमाना मंच पर जोड़ी गईं, जिनमें 57 रेल मंत्रालय की और 16 सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की हैं। अक्टूबर 2026 की अगली फ्लैश रिपोर्ट 25 नवंबर 2026 को आएगी।

महत्वपूर्ण तथ्य

रिपोर्टकेंद्रीय क्षेत्र बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर मासिक फ्लैश रिपोर्ट, सितंबर 2026
जारी करने वालासांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई)
मंचपैमाना, नया नाम पैमाना-प्रोज, आंकड़ों का भंडार पैमाना-सीआरआईपी
निगरानी में परियोजनाएं17 मंत्रालयों व विभागों की 1,853 चालू परियोजनाएं
कुल लागत37.56 लाख करोड़ रुपये
कुल खर्च17.73 लाख करोड़ रुपये, लगभग 47.21 प्रतिशत
कवरेज सीमा150 करोड़ रुपये और उससे अधिक लागत की परियोजनाएं
मेगा व बड़ी परियोजनाएं780 मेगा (1,000 करोड़ रुपये या अधिक) और 1,073 बड़ी परियोजनाएं
सबसे बड़ा क्षेत्रपरिवहन एवं लॉजिस्टिक्स, 20.07 लाख करोड़ रुपये की 1,320 परियोजनाएं
अगली रिपोर्टअक्टूबर 2026 की फ्लैश रिपोर्ट, 25 नवंबर 2026

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें: मंत्रालय (एमओएसपीआई), मंच (पैमाना, आंकड़ों का भंडार पैमाना-सीआरआईपी), परियोजनाओं की संख्या (1,853), लागत (37.56 लाख करोड़ रुपये), खर्च (17.73 लाख करोड़ रुपये, 47.21 प्रतिशत), कवरेज की सीमा (150 करोड़ रुपये और अधिक), सबसे आगे मंत्रालय (सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, 974) और सबसे बड़ा क्षेत्र (परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स, 1,320)।

अभ्यास प्रश्न

Q1.रिपोर्ट और सूचकांकआसान

एमओएसपीआई की सितंबर 2026 फ्लैश रिपोर्ट के अनुसार कितनी चालू केंद्रीय बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की निगरानी हो रही है और उनकी लागत क्या है?

  1. A.1,853 परियोजनाएं, 37.56 लाख करोड़ रुपये
  2. B.1,320 परियोजनाएं, 20.07 लाख करोड़ रुपये
  3. C.780 परियोजनाएं, 17.73 लाख करोड़ रुपये
  4. D.1,073 परियोजनाएं, 11.04 लाख करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 1,853 परियोजनाएं, 37.56 लाख करोड़ रुपये

यही सितंबर 2026 की मासिक फ्लैश रिपोर्ट का मुख्य आंकड़ा है, जिसमें 150 करोड़ रुपये और उससे अधिक लागत की परियोजनाएं शामिल हैं और ये 17 केंद्रीय मंत्रालयों तथा विभागों में फैली हैं; इनकी निगरानी पैमाना मंच पर होती है।

Q2.रिपोर्ट और सूचकांकमध्यम

सितंबर 2026 की फ्लैश रिपोर्ट में सबसे अधिक परियोजनाएं किस मंत्रालय की हैं?

  1. A.रेल मंत्रालय
  2. B.विद्युत मंत्रालय
  3. C.सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय
  4. D.पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय

इसके पास निगरानी वाली 974 परियोजनाएं हैं, जो कुल संख्या के आधे से कुछ अधिक हैं, और इनकी संशोधित लागत 9.46 लाख करोड़ रुपये है, यानी कुल लागत का करीब एक चौथाई।

Q3.रिपोर्ट और सूचकांककठिन

फ्लैश रिपोर्ट में किस क्षेत्र श्रेणी का खर्च और लागत का अनुपात सबसे अधिक दर्ज हुआ?

  1. A.ऊर्जा
  2. B.परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स
  3. C.जल एवं स्वच्छता
  4. D.सामाजिक एवं वाणिज्यिक बुनियादी ढांचा
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. जल एवं स्वच्छता

इस श्रेणी में 50 परियोजनाएं हैं और इनमें से अधिकतर भौतिक तथा वित्तीय प्रगति के ऊंचे बैंड में हैं, जिससे यह अनुपात ऊंचा दिखता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सितंबर 2026 तक एमओएसपीआई कितनी केंद्रीय बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की निगरानी कर रहा है?

1,853 चालू परियोजनाओं की, जिनकी नवीनतम लागत 37.56 लाख करोड़ रुपये है और जो 17 केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों में फैली हैं। इनकी निगरानी पैमाना मंच पर होती है।

इन परियोजनाओं पर अब तक कितना खर्च हुआ है?

17.73 लाख करोड़ रुपये, जो कुल 37.56 लाख करोड़ रुपये की लागत का लगभग 47.21 प्रतिशत है।

किस मंत्रालय के पास सबसे अधिक निगरानी वाली परियोजनाएं हैं?

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के पास, 9.46 लाख करोड़ रुपये की 974 परियोजनाएं। इसके बाद रेल मंत्रालय की 284 परियोजनाएं हैं।

किस क्षेत्र श्रेणी का खर्च-लागत अनुपात सबसे ऊंचा है?

जल एवं स्वच्छता श्रेणी का, 70.81 प्रतिशत, जो समरूप सूची की श्रेणियों में परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स तथा संचार से आगे है।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 26 अक्टूबर 2026

  1. लूला डा सिल्वा दोबारा ब्राजील के राष्ट्रपति चुने गएअंतरराष्ट्रीय
  2. ESTIC 2026 का कर्टेन रेज़र आईसीजीईबी नई दिल्ली मेंविज्ञान और प्रौद्योगिकी
  3. जल संचय जन भागीदारी से 1.55 करोड़ से अधिक संरचनाएंसरकारी योजनाएं
  4. एवीजीसी क्रिएटर लैब के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधानविज्ञान और प्रौद्योगिकी
  5. भारत की अध्यक्षता में 12वां ब्रिक्स संसदीय मंचशिखर सम्मेलन
  6. मनस्तु स्पेस को ग्रीन प्रोपल्शन हेतु 116 करोड़ की मंजूरीविज्ञान और प्रौद्योगिकी
  7. रिलीफ निर्यात पहल 31 मार्च 2027 तक बढ़ाई गईअर्थव्यवस्था
  8. 13वीं एडीएमएम-प्लस बैठक में भारत का नेतृत्व राजनाथ सिंहरक्षा
आज का क्विज25 प्रश्नपूरा संस्करण पढ़ें →
इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLबैंकिंग