सितंबर 2026 की फ्लैश रिपोर्ट में सबसे अधिक परियोजनाएं किस मंत्रालय की हैं?
- A.रेल मंत्रालय
- B.विद्युत मंत्रालय
- C.सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय
- D.पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय है। इसके पास निगरानी वाली 974 परियोजनाएं हैं, जो कुल संख्या के आधे से कुछ अधिक हैं, और इनकी संशोधित लागत 9.46 लाख करोड़ रुपये है, यानी कुल लागत का करीब एक चौथाई। विकल्प A गलत है क्योंकि रेल मंत्रालय 284 परियोजनाओं और 7.21 लाख करोड़ रुपये की लागत के साथ दूसरे स्थान पर है। विकल्प B गलत है क्योंकि विद्युत मंत्रालय के पास 106 परियोजनाएं हैं, हालांकि उनकी लागत 6.40 लाख करोड़ रुपये इस संख्या के अनुपात में बड़ी है, क्योंकि बिजली परियोजनाएं पूंजी-प्रधान होती हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के पास 4.30 लाख करोड़ रुपये की 115 परियोजनाएं हैं। संख्या के क्रम में सड़क पहले और रेल दूसरे स्थान पर रहना सबसे अधिक पूछा जाने वाला तथ्य है।
पूरा लेख पढ़ें: पैमाना पर 37.56 लाख करोड़ की 1,853 परियोजनाएं निगरानी में
अभ्यास प्रश्न
एमओएसपीआई की सितंबर 2026 फ्लैश रिपोर्ट के अनुसार कितनी चालू केंद्रीय बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की निगरानी हो रही है और उनकी लागत क्या है?
- A.1,853 परियोजनाएं, 37.56 लाख करोड़ रुपये
- B.1,320 परियोजनाएं, 20.07 लाख करोड़ रुपये
- C.780 परियोजनाएं, 17.73 लाख करोड़ रुपये
- D.1,073 परियोजनाएं, 11.04 लाख करोड़ रुपये
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यही सितंबर 2026 की मासिक फ्लैश रिपोर्ट का मुख्य आंकड़ा है, जिसमें 150 करोड़ रुपये और उससे अधिक लागत की परियोजनाएं शामिल हैं और ये 17 केंद्रीय मंत्रालयों तथा विभागों में फैली हैं; इनकी निगरानी पैमाना मंच पर होती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →फ्लैश रिपोर्ट में किस क्षेत्र श्रेणी का खर्च और लागत का अनुपात सबसे अधिक दर्ज हुआ?
- A.ऊर्जा
- B.परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स
- C.जल एवं स्वच्छता
- D.सामाजिक एवं वाणिज्यिक बुनियादी ढांचा
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इस श्रेणी में 50 परियोजनाएं हैं और इनमें से अधिकतर भौतिक तथा वित्तीय प्रगति के ऊंचे बैंड में हैं, जिससे यह अनुपात ऊंचा दिखता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संशोधित डिज़ाइन में द्वितीय चरण स्तरों की संख्या कितनी होगी और प्रत्येक प्रथम चरण इकाई में कितने परिवार लिए जाएंगे?
- A.ग्रामीण में चार और शहरी में पांच स्तर, प्रति इकाई 14 परिवार
- B.ग्रामीण में पांच और शहरी में चार स्तर, प्रति इकाई 12 परिवार
- C.ग्रामीण में तीन और शहरी में तीन स्तर, प्रति इकाई 16 परिवार
- D.ग्रामीण में चार और शहरी में चार स्तर, प्रति इकाई 15 परिवार
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डिजिटल प्लेटफॉर्म कार्य पर आधारित एक नया द्वितीय चरण स्तर इसलिए जोड़ा जा रहा है कि अनुभव से पता चला कि पुरानी व्यवस्था में ऐसे कामगार पर्याप्त संख्या में नहीं आ रहे थे, जबकि बाकी स्तर ढांचा और उसका स्वरूप पहले जैसा ही रखा गया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण कौन सी संस्था कराती है?
- A.भारतीय रिज़र्व बैंक
- B.सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय
- C.नीति आयोग
- D.श्रम और रोजगार मंत्रालय
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यह कार्यालय 2017 से आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण करा रहा है, और समय के साथ यह सर्वेक्षण इसलिए फैला है कि श्रम बाजार के आंकड़े जल्दी मिलें और उन्हें छोटे स्तर तक बांटा जा सके।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण का संशोधित नमूना डिज़ाइन और अनुसूची किस महीने से लागू होगी?
- A.जनवरी 2025
- B.जनवरी 2026
- C.जनवरी 2027
- D.अप्रैल 2027
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संशोधित नमूना डिज़ाइन, बदली हुई आकलन प्रक्रिया और नई अनुसूची, तीनों इसी महीने से लागू होंगी, जब दो वर्ष की अवधि 2027-2028 के लिए पैनल 6 नाम से नए नमूने एक नवीकृत ढांचे से निकाले जाएंगे।
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