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GK24

स्वच्छ दिल्ली के साझा रोडमैप पर आवासन मंत्रालय की कार्यशाला

आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के राजधानी विकास विभाग ने स्वच्छ भारत मिशन-शहरी के साथ स्वच्छ दिल्ली का साझा रोडमैप बनाने के लिए कार्यशाला आयोजित की।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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स्वच्छ दिल्ली के साझा रोडमैप पर आवासन मंत्रालय की कार्यशाला

चर्चा में क्यों

आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के राजधानी विकास विभाग ने स्वच्छ भारत मिशन-शहरी के साथ मिलकर स्वच्छता निरीक्षकों, पर्यवेक्षकों और शहरी स्थानीय निकायों के अधिकारियों के साथ 'स्वच्छ दिल्ली के लिए साझा रोडमैप की योजना' विषय पर सहभागी कार्यशाला आयोजित की।

राजधानी में सफाई कर्मचारी और उनके काम की योजना बनाने वाले अधिकारी एक ही कक्ष में बैठे। आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के राजधानी विकास विभाग ने स्वच्छ भारत मिशन-शहरी के सहयोग से 'स्वच्छ दिल्ली के लिए साझा रोडमैप की योजना' विषय पर कार्यशाला आयोजित की, जिसमें स्वच्छता निरीक्षक, पर्यवेक्षक, शहरी स्थानीय निकायों के अधिकारी और अन्य हितधारक राजधानी को स्वच्छ एवं अधिक रहने योग्य बनाने के व्यावहारिक उपायों पर विचार करने के लिए एक साथ आए।

कौन शामिल हुआ

राजधानी विकास विभाग की सचिव सुश्री डी. थारा ने भाग लिया, साथ में एनडीएमसी, एमसीडी, डीडीए तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। आयोजकों के अनुसार यह पहला अवसर था जब व्यवस्था के शीर्ष से लेकर सबसे निचले स्तर तक के कार्मिक एक साझा मंच पर आकर शहर की स्वच्छता संबंधी समस्याओं पर चर्चा कर सके और आगे का सामूहिक रास्ता तय कर सके। कार्यशाला की शुरुआत ब्रह्माकुमारीज के बीके हुसैन के प्रेरक संबोधन से हुई।

किन बातों पर चर्चा हुई

दिन का मुख्य हिस्सा दस महत्वपूर्ण प्रश्नों पर आधारित संवाद सत्र था। इनमें शामिल थे:

  • भारी निवेश और प्रयास के बाद भी दिल्ली में दिखने वाली स्वच्छता पीछे क्यों है
  • अधिक कुशल और बार-बार होने वाले घर-घर कचरा संग्रहण के जरिए शहर कूड़ेदान मुक्त कैसे बने
  • बार-बार बनने वाले कचरा संवेदनशील स्थलों (जीवीपी) से कैसे निपटा जाए और कचरे को जल निकायों तक पहुंचने से कैसे रोका जाए
  • सार्वजनिक शौचालय दिन भर स्वच्छ, सुरक्षित और चालू कैसे रहें
  • नागरिकों की शिकायतों के निवारण की व्यवस्था कैसे सुधरे

अग्रिम पंक्ति की बात सुनना

इस प्रारूप के पीछे सोच यह थी कि स्वच्छता कर्मी सेवा वितरण की अग्रिम पंक्ति में खड़े होते हैं और रोजमर्रा की अड़चनें प्रत्यक्ष अनुभव से बता सकते हैं, जिससे योजनाकार कागज पर नहीं, जमीन पर चलने वाले समाधान बना सकें। प्रतिभागियों के बीच एक ऑनलाइन डिजिटल सर्वेक्षण कराया गया, जिससे शहर की स्वच्छता को प्रभावित करने वाली प्रमुख चुनौतियां चुनी गईं और जमीनी स्तर पर काम करने वालों के विचार एकत्र किए गए। इससे परिचालन की कमियों, नागरिक व्यवहार, सेवा वितरण और सुधार की संभावनाओं पर प्रतिक्रिया मिली। सर्वोत्तम पद्धतियां सफलता की कहानियों के रूप में साझा हुईं, साथ में उन स्थानों की तस्वीरें भी, जिन पर विशेष ध्यान चाहिए।

सचिव का संदेश

सभा को संबोधित करते हुए सुश्री डी. थारा ने स्वच्छता निरीक्षकों और पर्यवेक्षकों को शहर के स्वच्छता मानकों पर उनके काम के लिए बधाई दी। उन्होंने स्वच्छता कर्मियों को किसी भी नगरपालिका का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बताया और कहा कि चिकित्सक रोग पहचानने के बाद दवा देता है, पर स्वच्छता दल चिकित्सक से पहले काम करता है और शहर को स्वच्छ रखकर बीमारी रोकता है। आमंत्रित निरीक्षकों एवं पर्यवेक्षकों को शहरी स्वच्छता में योगदान के लिए सम्मानित किया गया और कार्यशाला स्वच्छ दिल्ली के लिए व्यावहारिक, नागरिक केंद्रित और परिणामोन्मुखी उपायों की साझा प्रतिबद्धता के साथ समाप्त हुई।

महत्वपूर्ण तथ्य

कार्यशालास्वच्छ दिल्ली के लिए साझा रोडमैप की योजना
आयोजकराजधानी विकास विभाग, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय
सहयोग सेस्वच्छ भारत मिशन-शहरी
संबोधित करने वाली सचिवसुश्री डी. थारा, सचिव, राजधानी विकास विभाग
प्रतिनिधित्व करने वाले निकायएनडीएमसी, एमसीडी, डीडीए और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय
प्रारूपदस महत्वपूर्ण प्रश्नों पर संवाद तथा ऑनलाइन डिजिटल सर्वेक्षण
प्रमुख शब्दकचरा संवेदनशील स्थल (जीवीपी); घर-घर संग्रहण से कूड़ेदान मुक्त शहर
आरंभिक संबोधनब्रह्माकुमारीज के बीके हुसैन

परीक्षा की दृष्टि से

आयोजक (राजधानी विकास विभाग, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय), सहयोगी मिशन (स्वच्छ भारत मिशन-शहरी), कार्यशाला का विषय, संबोधित करने वाली सचिव (सुश्री डी. थारा), प्रतिनिधित्व करने वाले निकाय (एनडीएमसी, एमसीडी, डीडीए), जीवीपी का पूरा रूप (कचरा संवेदनशील स्थल) और घर-घर संग्रहण से कूड़ेदान मुक्त शहर की अवधारणा याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.राष्ट्रीयमध्यम

'स्वच्छ दिल्ली के लिए साझा रोडमैप की योजना' कार्यशाला किस विभाग ने स्वच्छ भारत मिशन-शहरी के सहयोग से आयोजित की?

  1. A.राजधानी विकास विभाग, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय
  2. B.पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय
  3. C.शहरी विकास विभाग, दिल्ली सरकार
  4. D.प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. राजधानी विकास विभाग, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय

इसी विभाग ने स्वच्छ भारत मिशन-शहरी के साथ कार्यशाला आयोजित की और इसकी सचिव सुश्री डी. थारा ने नई दिल्ली नगरपालिका परिषद, दिल्ली नगर निगम, दिल्ली विकास प्राधिकरण तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सभा को संबोधित किया।

Q2.राष्ट्रीयमध्यम

शहरी स्वच्छता के संदर्भ में, कार्यशाला में चर्चित संक्षिप्त रूप 'जीवीपी' का अर्थ क्या है?

  1. A.कचरा संवेदनशील स्थल (गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट्स)
  2. B.ग्रीन वेरिफिकेशन प्रोटोकॉल
  3. C.ग्रॉस व्हीकल पार्किंग
  4. D.गार्बेज वॉल्यूम प्रोजेक्शन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कचरा संवेदनशील स्थल (गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट्स)

ये शहर के वे स्थान हैं जहां जितनी बार सफाई हो, कचरा फिर जमा हो जाता है। ऐसे बार-बार बनने वाले स्थलों से निपटना कार्यशाला के दस महत्वपूर्ण प्रश्नों में शामिल था, साथ में कूड़ा फैलने और कचरे को जल निकायों में जाने से रोकने के उपाय भी।

Q3.राष्ट्रीयकठिन

स्वच्छ दिल्ली कार्यशाला में निम्नलिखित में से किन निकायों के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिनिधित्व किया?

  1. A.केवल दिल्ली नगर निगम
  2. B.एनडीएमसी, एमसीडी और डीडीए
  3. C.केवल नई दिल्ली नगरपालिका परिषद
  4. D.दिल्ली जल बोर्ड और दिल्ली मेट्रो रेल निगम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. एनडीएमसी, एमसीडी और डीडीए

सही उत्तर एनडीएमसी, एमसीडी और डीडीए है, अर्थात नई दिल्ली नगरपालिका परिषद, दिल्ली नगर निगम और दिल्ली विकास प्राधिकरण, जिनके वरिष्ठ अधिकारियों ने आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अधिकारियों के साथ भाग लिया।

Q4.राष्ट्रीयमध्यम

स्वच्छ दिल्ली कार्यशाला में प्रतिभागियों के बीच कराए गए ऑनलाइन डिजिटल सर्वेक्षण का उद्देश्य क्या था?

  1. A.सफाई कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी चुनना
  2. B.दिल्ली की स्वच्छता को प्रभावित करने वाली प्रमुख चुनौतियों की पहचान करना
  3. C.नगरपालिका स्वच्छता पुरस्कार के लिए वार्डों की रैंकिंग करना
  4. D.नए कचरे से ऊर्जा संयंत्रों का स्थान तय करना
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. दिल्ली की स्वच्छता को प्रभावित करने वाली प्रमुख चुनौतियों की पहचान करना

सर्वेक्षण से परिचालन की कमियों, नागरिक व्यवहार, सेवा वितरण की कठिनाइयों और सुधार की संभावनाओं पर प्रतिक्रिया मिली, और यही सामग्री योजनाकारों को चाहिए होती है, जिससे समाधान जमीन पर काम करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वच्छ दिल्ली के साझा रोडमैप पर कार्यशाला किस विभाग ने आयोजित की?

आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के राजधानी विकास विभाग ने, स्वच्छ भारत मिशन-शहरी के सहयोग से।

कचरा संवेदनशील स्थल (जीवीपी) क्या हैं?

ये वे स्थान हैं जहां बार-बार कचरा जमा हो जाता है। ऐसे स्थलों को रोकना और कचरे को जल निकायों में जाने से रोकना कार्यशाला के दस प्रमुख प्रश्नों में शामिल था।

'कूड़ेदान मुक्त शहर' का अर्थ क्या है?

ऐसा शहर जहां सार्वजनिक कूड़ेदानों की आवश्यकता न रहे, क्योंकि घर-घर कचरा संग्रहण अधिक कुशल और बार-बार होता है और कचरा स्रोत पर ही उठा लिया जाता है।

राजधानी विकास विभाग की सचिव के रूप में कार्यशाला को किसने संबोधित किया?

सुश्री डी. थारा ने। उन्होंने स्वच्छता कर्मियों को नगरपालिका का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बताया और कहा कि उनका काम चिकित्सक की आवश्यकता पड़ने से पहले ही बीमारी रोकता है।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLSSC CHSL