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GK24

सहकारी संघवाद और विधि सुधार सम्मेलन का उपराष्ट्रपति ने उद्घाटन किया

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में भारत के विधि आयोग द्वारा आयोजित सहकारी संघवाद और विधि सुधार सम्मेलन का उद्घाटन किया।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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सहकारी संघवाद और विधि सुधार सम्मेलन का उपराष्ट्रपति ने उद्घाटन किया — GK24 title card

चर्चा में क्यों

22 अक्टूबर 2026 को उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में भारत के विधि आयोग के सहकारी संघवाद और विधि सुधार सम्मेलन का उद्घाटन किया और राज्यों से अप्रचलित कानून हटाने को कहा।

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने 22 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में ‘सहकारी संघवाद और विधि सुधार: राष्ट्रीय एवं राज्य परिप्रेक्ष्य’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इसका आयोजन भारत का विधि आयोग ने किया, जिसने केंद्र और राज्यों को एक मंच पर लाकर देश की विधि-पुस्तिका की नए सिरे से समीक्षा का अवसर दिया।

पुराने कानूनों की सफाई

उपराष्ट्रपति ने कहा कि विधि सुधार को समय के साथ चलना चाहिए। उन्होंने बीते बारह वर्षों के दो कदम गिनाए — औपनिवेशिक काल से चले आ रहे तीन आपराधिक कानूनों को बदला गया और 1,700 से अधिक अप्रचलित कानून हटाए गए। उन्होंने राज्यों के विधि आयोगों से कहा कि वे अपने राज्य के पुराने पड़ चुके कानूनों की पहचान करें और उनमें संशोधन या उन्हें निरस्त करने की सिफारिश करें, जिससे प्रशासन सरल हो और जीवन सुगम बने।

‘टीम इंडिया’ और संघीय संतुलन

उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता में एकता है और संविधान वह ढाँचा देता है जो संघ के अधिकार तथा राज्यों की जिम्मेदारियों और वैध स्वायत्तता, दोनों को साथ रखता है। ‘टीम इंडिया’ को उन्होंने नारा नहीं, काम करने का तरीका बताया — परामर्श, मिलकर योजना बनाना और साझा जिम्मेदारी। राजनीतिक मतभेद व्यापक जनहित के आगे नहीं आने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधि सुधार में सहकारी संघवाद का अर्थ हर विषय पर एक समान कानून नहीं है; जहाँ संवैधानिक दायित्व मिलते हैं वहाँ दोनों स्तर साथ काम करें, और राज्यों के पास अपनी स्थानीय आवश्यकताओं के लिए जगह बनी रहे। उन्होंने भारत के विधि आयोग, राज्य विधि आयोगों और राज्य विधि विभागों के बीच अंतर-राज्यीय परामर्श, अच्छे अभ्यासों के आदान-प्रदान तथा नियमित समीक्षा के माध्यम से मजबूत समन्वय की बात कही।

कानून और विकसित भारत @2047

विकसित भारत @2047 से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि विकास की नींव ठोस कानून, पारदर्शी संस्थाएँ, कुशल प्रशासन और सबके लिए सुलभ न्याय है। उन्होंने संसद में स्थापित सेंगोल को धर्मनिष्ठ सत्ता और नैतिक शासन का प्रतीक बताया तथा सुशासन और विधि के शासन पर तमिल संत-कवि तिरुवल्लुवर की सीख याद की — टिकता सत्ता नहीं, सुशासन है।

कौन उपस्थित रहे

इस अवसर पर विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल, भारत के विधि आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी, सदस्य सचिव डॉ. अंजू राठी राणा और सदस्य प्रो. डी. पी. वर्मा उपस्थित थे। उपराष्ट्रपति ने आशा जताई कि सम्मेलन से नागरिक-केंद्रित, संगत और संवेदनशील विधिक ढाँचे के लिए ठोस सिफारिशें सामने आएँगी।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजन‘सहकारी संघवाद और विधि सुधार: राष्ट्रीय एवं राज्य परिप्रेक्ष्य’ सम्मेलन
उद्घाटनउपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन
आयोजकभारत का विधि आयोग
स्थानविज्ञान भवन, नई दिल्ली
तिथि22 अक्टूबर 2026
निरस्त अप्रचलित कानूनबारह वर्षों में 1,700 से अधिक
विधि आयोग अध्यक्षन्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी
सदस्य सचिवडॉ. अंजू राठी राणा
उपस्थित मंत्रीअर्जुन राम मेघवाल, विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
लक्ष्यविकसित भारत @2047

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें — उद्घाटन किसने किया (उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन), आयोजक (भारत का विधि आयोग), स्थान (विज्ञान भवन, नई दिल्ली), सम्मेलन का विषय, बारह वर्षों में 1,700 से अधिक अप्रचलित कानूनों का निरसन, तीन औपनिवेशिक आपराधिक कानूनों का प्रतिस्थापन, विकसित भारत @2047 का संदर्भ और विधि आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी।

अभ्यास प्रश्न

Q1.शिखर सम्मेलनआसान

‘सहकारी संघवाद और विधि सुधार: राष्ट्रीय एवं राज्य परिप्रेक्ष्य’ सम्मेलन का उद्घाटन नई दिल्ली में किसने किया?

  1. A.भारत के राष्ट्रपति
  2. B.भारत के उपराष्ट्रपति
  3. C.भारत के मुख्य न्यायाधीश
  4. D.केंद्रीय गृह मंत्री
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारत के उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने 22 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में इस सम्मेलन का उद्घाटन किया।

Q2.शिखर सम्मेलनमध्यम

उपराष्ट्रपति के अनुसार बीते बारह वर्षों में कितने अप्रचलित कानून निरस्त किए गए हैं?

  1. A.700 से अधिक
  2. B.1,200 से अधिक
  3. C.1,700 से अधिक
  4. D.2,500 से अधिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1,700 से अधिक

भारत के विधि आयोग के सम्मेलन में बोलते हुए उपराष्ट्रपति ने बीते बारह वर्षों में 1,700 से अधिक अप्रचलित कानूनों के निरसन तथा औपनिवेशिक काल से चले आ रहे तीन आपराधिक कानूनों के प्रतिस्थापन को देश के विधिक ढाँचे के आधुनिकीकरण का बड़ा कदम बताया।

Q3.शिखर सम्मेलनमध्यम

नई दिल्ली के इस सहकारी संघवाद और विधि सुधार सम्मेलन का आयोजक कौन था और यह कहाँ हुआ?

  1. A.नीति आयोग, भारत मंडपम में
  2. B.भारत का विधि आयोग, विज्ञान भवन में
  3. C.भारत का उच्चतम न्यायालय, विज्ञान भवन में
  4. D.अंतर-राज्य परिषद, भारत मंडपम में
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारत का विधि आयोग, विज्ञान भवन में

आयोग ने सहकारी संघवाद और विधि सुधार पर राष्ट्रीय एवं राज्य परिप्रेक्ष्य वाला यह सम्मेलन आयोजित किया और यह नई दिल्ली के विज्ञान भवन में हुआ, जहाँ उपराष्ट्रपति ने इसका उद्घाटन किया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नई दिल्ली में सहकारी संघवाद और विधि सुधार सम्मेलन का उद्घाटन किसने किया?

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने। उन्होंने 22 अक्टूबर 2026 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में इसका उद्घाटन किया, जहाँ भारत के विधि आयोग ने यह सम्मेलन आयोजित किया था।

उपराष्ट्रपति के अनुसार बीते बारह वर्षों में कितने अप्रचलित कानून निरस्त हुए?

1,700 से अधिक अप्रचलित कानून, और साथ ही औपनिवेशिक काल के तीन आपराधिक कानूनों को बदला गया। उन्होंने राज्य विधि आयोगों से ऐसे ही पुराने कानूनों की पहचान कर निरसन की सिफारिश करने को कहा।

सम्मेलन का आयोजक कौन था और उसका प्रमुख कौन है?

आयोजन भारत के विधि आयोग ने किया। न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी इसके अध्यक्ष, डॉ. अंजू राठी राणा सदस्य सचिव और प्रो. डी. पी. वर्मा सदस्य हैं; तीनों उद्घाटन में उपस्थित रहे।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLUPSC