जल शक्ति मंत्री ने पुनः भरण मोबाइल ऐप्लिकेशन लॉन्च किया
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने भूजल पुनर्भरण की वैज्ञानिक योजना के लिए बीआईएसएजी-एन द्वारा विकसित पुनः भरण मोबाइल ऐप्लिकेशन 28 अक्टूबर 2026 को लॉन्च किया।

चर्चा में क्यों
28 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने बीआईएसएजी-एन द्वारा राष्ट्रीय जल मिशन के सहयोग से विकसित पुनः भरण मोबाइल ऐप्लिकेशन लॉन्च किया, जो भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी से भूजल पुनर्भरण की वैज्ञानिक योजना में मदद करता है।
देश में भूजल की योजना बनाने के काम को 28 अक्टूबर 2026 को एक नया डिजिटल औजार मिला, जब केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने पुनः भरण मोबाइल ऐप्लिकेशन लॉन्च किया। नाम से ही इसका मकसद साफ है, यानी जमीन के नीचे पानी को दोबारा भरना, और यह ऐप्लिकेशन इसी काम को अनुमान के बजाय वैज्ञानिक आधार पर करने में मदद करता है।
किसने बनाया
इस ऐप्लिकेशन को बीआईएसएजी-एन ने तैयार किया है। इसमें जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय जल मिशन का सहयोग रहा है। इस तरह एक भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी संस्था और देश का जल मिशन एक ही मंच पर आ गए हैं।
ऐप्लिकेशन करता क्या है
उपयोगकर्ता ऐप्लिकेशन खोलकर अपने चुने हुए स्थान के आसपास ऐसे क्षेत्र देख सकता है, जहां पानी को उपयोगी ढंग से जमीन में वापस भेजा जा सकता है। यह खोज चुने गए बिंदु से अधिकतम 3 किलोमीटर की त्रिज्या तक चलती है। क्षेत्र मिल जाने पर उपयोगकर्ता यह भी देख सकता है कि वहां किस तरह की पुनर्भरण संरचना उपयुक्त रहेगी, क्योंकि यह चुनाव उस इलाके की जमीन, मिट्टी और वर्षा पर निर्भर करता है।
साथ में वेब पोर्टल
इसके साथ जुड़ा वेब पोर्टल गांव स्तर के कृत्रिम पुनर्भरण संरचना (एआरएस) क्षेत्रीकरण मानचित्र, जीआईएस उपकरण और विषयगत परतें उपलब्ध कराता है। गांव के स्तर पर योजना बनाना इसलिए अहम है कि भूजल स्थानीय स्तर पर ही निकाला और भरा जाता है, और जिला सीमा पर रुक जाने वाला नक्शा पंचायत के किसी काम नहीं आता।
आंकड़ों का आधार
यह मंच सामान्य अनुमानों के बजाय भू-स्थानिक आंकड़ों पर चलता है। इनमें वर्षा, भूजल स्तर, भूजल उपज, ढलान और जल निकासी शामिल हैं। इन परतों को एक साथ पढ़ने पर पता चलता है कि कहां पानी आसानी से रिसेगा और कहां मेहनत बेकार जाएगी। इस तरह पुनः भरण भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी के जरिये भूजल पुनर्भरण की वैज्ञानिक योजना को आगे बढ़ाता है और क्षेत्रीय अधिकारियों, योजनाकारों तथा ग्राम निकायों को काम का साझा आधार देता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
| ऐप्लिकेशन | पुनः भरण मोबाइल ऐप्लिकेशन |
|---|---|
| लॉन्च किया | केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने |
| विकासकर्ता | बीआईएसएजी-एन |
| सहयोग | राष्ट्रीय जल मिशन, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग |
| मंत्रालय | जल शक्ति मंत्रालय |
| उद्देश्य | भूजल पुनर्भरण की वैज्ञानिक योजना |
| खोज की सीमा | अधिकतम 3 किलोमीटर की त्रिज्या में संभावित कृत्रिम पुनर्भरण क्षेत्र |
| उपयोग किए गए आंकड़े | वर्षा, भूजल स्तर, भूजल उपज, ढलान और जल निकासी |
परीक्षा की दृष्टि से
ऐप्लिकेशन का नाम (पुनः भरण), मंत्रालय (जल शक्ति), विकासकर्ता (बीआईएसएजी-एन), सहयोगी (जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग का राष्ट्रीय जल मिशन), 3 किलोमीटर की त्रिज्या और पांच भू-स्थानिक आंकड़ों को याद रखें।
अभ्यास प्रश्न
भूजल पुनर्भरण योजना में मदद के लिए लॉन्च किए गए पुनः भरण मोबाइल ऐप्लिकेशन को किस संस्था ने विकसित किया है?
- A.एनआरएससी
- B.बीआईएसएजी-एन
- C.एनआईसी
- D.भारतीय सर्वेक्षण विभाग
उत्तर देखें
यह ऐप्लिकेशन बीआईएसएजी-एन ने जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय जल मिशन के सहयोग से विकसित किया है, और इसे केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने भूजल पुनर्भरण की वैज्ञानिक योजना में मदद के लिए लॉन्च किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पुनः भरण ऐप्लिकेशन कितनी त्रिज्या तक संभावित कृत्रिम पुनर्भरण क्षेत्रों की पहचान में मदद करता है?
- A.अधिकतम 1 किलोमीटर
- B.अधिकतम 3 किलोमीटर
- C.अधिकतम 5 किलोमीटर
- D.अधिकतम 10 किलोमीटर
उत्तर देखें
यह ऐप्लिकेशन उपयोगकर्ता को चुने गए बिंदु से तीन किलोमीटर तक की त्रिज्या में संभावित कृत्रिम पुनर्भरण क्षेत्र पहचानने और फिर वहां की स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार उपयुक्त पुनर्भरण संरचनाएं देखने की सुविधा देता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पुनः भरण मंच संभावित पुनर्भरण क्षेत्रों की पहचान के लिए किन भू-स्थानिक आंकड़ों का उपयोग करता है?
- A.वर्षा, भूजल स्तर, भूजल उपज, ढलान और जल निकासी
- B.जनसंख्या, साक्षरता, फसल पद्धति और सड़क घनत्व
- C.हवा की गति, आर्द्रता, सौर विकिरण और वायु गुणवत्ता
- D.वन क्षेत्र, खनिज भंडार और भूकंपीय क्षेत्र
उत्तर देखें
ये वही भू-स्थानिक परतें हैं जिन पर यह मंच काम करता है, ताकि ऐसे क्षेत्र चिह्नित हो सकें जहां पानी को उपयोगी ढंग से जमीन में वापस भेजा जा सके और वहां सही हस्तक्षेप की योजना बनाई जा सके।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पुनः भरण मोबाइल ऐप्लिकेशन क्या है?
यह केंद्रीय जल शक्ति मंत्री द्वारा लॉन्च किया गया ऐप्लिकेशन है, जो भूजल पुनर्भरण की वैज्ञानिक योजना में मदद करता है। इसमें अधिकतम 3 किलोमीटर की त्रिज्या में संभावित कृत्रिम पुनर्भरण क्षेत्र और उपयुक्त संरचनाएं देखी जा सकती हैं।
इस ऐप्लिकेशन को किसने विकसित किया है?
इसे बीआईएसएजी-एन ने जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय जल मिशन के सहयोग से विकसित किया है।
पुनः भरण वेब पोर्टल पर क्या उपलब्ध है?
गांव स्तर के कृत्रिम पुनर्भरण संरचना (एआरएस) क्षेत्रीकरण मानचित्र, जीआईएस उपकरण और विषयगत परतें, जो टिकाऊ भूजल प्रबंधन की सुविचारित योजना में सहायक हैं।
स्रोत
- https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2329354 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
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