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GK24
सरकारी योजनाएंआसान

पुनः भरण ऐप्लिकेशन कितनी त्रिज्या तक संभावित कृत्रिम पुनर्भरण क्षेत्रों की पहचान में मदद करता है?

  1. A.अधिकतम 1 किलोमीटर
  2. B.अधिकतम 3 किलोमीटर
  3. C.अधिकतम 5 किलोमीटर
  4. D.अधिकतम 10 किलोमीटर

सही उत्तर

B. अधिकतम 3 किलोमीटर

व्याख्या

सही उत्तर अधिकतम 3 किलोमीटर है। यह ऐप्लिकेशन उपयोगकर्ता को चुने गए बिंदु से तीन किलोमीटर तक की त्रिज्या में संभावित कृत्रिम पुनर्भरण क्षेत्र पहचानने और फिर वहां की स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार उपयुक्त पुनर्भरण संरचनाएं देखने की सुविधा देता है। अधिकतम एक किलोमीटर गलत है, क्योंकि दी गई सीमा इससे बड़ी है और इतनी छोटी त्रिज्या में गांव के आसपास के कई उपयुक्त स्थान छूट जाएंगे। अधिकतम पांच किलोमीटर गलत है, क्योंकि यह बताई गई सीमा से अधिक है। अधिकतम दस किलोमीटर भी इसी कारण गलत है, और इतना बड़ा दायरा मंच की गांव स्तरीय सोच के भी विपरीत होगा, जिसका पोर्टल गांव स्तर के क्षेत्रीकरण मानचित्र, जीआईएस उपकरण और विषयगत परतें देता है। यह ऐप्लिकेशन बीआईएसएजी-एन ने राष्ट्रीय जल मिशन के सहयोग से बनाया है और इसमें वर्षा, भूजल स्तर, भूजल उपज, ढलान तथा जल निकासी के आंकड़े पढ़कर यह तय होता है कि किस स्थान पर पुनर्भरण संरचना बनाना उपयोगी रहेगा।

पूरा लेख पढ़ें: जल शक्ति मंत्री ने पुनः भरण मोबाइल ऐप्लिकेशन लॉन्च किया

Q1.सरकारी योजनाएंमध्यम

भूजल पुनर्भरण योजना में मदद के लिए लॉन्च किए गए पुनः भरण मोबाइल ऐप्लिकेशन को किस संस्था ने विकसित किया है?

  1. A.एनआरएससी
  2. B.बीआईएसएजी-एन
  3. C.एनआईसी
  4. D.भारतीय सर्वेक्षण विभाग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बीआईएसएजी-एन

यह ऐप्लिकेशन बीआईएसएजी-एन ने जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय जल मिशन के सहयोग से विकसित किया है, और इसे केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने भूजल पुनर्भरण की वैज्ञानिक योजना में मदद के लिए लॉन्च किया।

Q2.सरकारी योजनाएंमध्यम

पुनः भरण मंच संभावित पुनर्भरण क्षेत्रों की पहचान के लिए किन भू-स्थानिक आंकड़ों का उपयोग करता है?

  1. A.वर्षा, भूजल स्तर, भूजल उपज, ढलान और जल निकासी
  2. B.जनसंख्या, साक्षरता, फसल पद्धति और सड़क घनत्व
  3. C.हवा की गति, आर्द्रता, सौर विकिरण और वायु गुणवत्ता
  4. D.वन क्षेत्र, खनिज भंडार और भूकंपीय क्षेत्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. वर्षा, भूजल स्तर, भूजल उपज, ढलान और जल निकासी

ये वही भू-स्थानिक परतें हैं जिन पर यह मंच काम करता है, ताकि ऐसे क्षेत्र चिह्नित हो सकें जहां पानी को उपयोगी ढंग से जमीन में वापस भेजा जा सके और वहां सही हस्तक्षेप की योजना बनाई जा सके।

Q3.सरकारी योजनाएंआसान

12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के सांस्कृतिक बाजार में कितने पीएम विश्वकर्मा शिल्पकारों ने और कितने राज्यों से भाग लिया?

  1. A.छह राज्यों से छह शिल्पकार
  2. B.आठ राज्यों से आठ शिल्पकार
  3. C.आठ राज्यों से दस शिल्पकार
  4. D.दस राज्यों से बारह शिल्पकार
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आठ राज्यों से आठ शिल्पकार

राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, नगालैंड, कर्नाटक और महाराष्ट्र से एक-एक शिल्पकार आए, अर्थात शिल्पकारों की संख्या और राज्यों की संख्या समान रही।

Q4.सरकारी योजनाएंकठिन

ब्रिक्स सांस्कृतिक बाजार में प्रदर्शित किस शिल्प को भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग प्राप्त बताया गया?

  1. A.डोकरा धातु शिल्प
  2. B.जबलपुर स्टोन क्राफ्ट
  3. C.कोल्हापुरी चप्पल
  4. D.नगा क्रोशिया गुड़िया
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जबलपुर स्टोन क्राफ्ट

मध्य प्रदेश के अनुराग साहू इसी जीआई-टैग प्राप्त शिल्प में कार्य करते हैं और जबलपुर के न्यू भेड़ाघाट मार्बल से प्रतिमाएं, पूजा सामग्री, स्मृति-चिह्न तथा गृह सज्जा की वस्तुएं बनाते हैं; योजना के अंतर्गत वे दो ई-कॉमर्स मंचों से जुड़े, जिससे उत्पाद ऑनलाइन पहुंचे।

Q5.सरकारी योजनाएंमध्यम

सांस्कृतिक बाजार में एक शिल्पकार द्वारा दिखाए गए चन्नपटना और किन्हाल खिलौने किस राज्य की शिल्प परंपरा से हैं?

  1. A.कर्नाटक
  2. B.झारखंड
  3. C.नगालैंड
  4. D.मध्य प्रदेश
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कर्नाटक

कर्नाटक के शिल्पकार दीपू एस परंपरागत चन्नपटना और किन्हाल खिलौनों में दक्ष हैं, और दोनों उस राज्य की खिलौना-निर्माण विरासत को दर्शाते हैं; पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत उन्हें टूलकिट मिला, कौशल प्रशिक्षण पूरा हुआ और वे एक ई-कॉमर्स मंच से जुड़े।