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GK24

भारत-घाना समझौता: आईसीएआर और सीएसआईआर-सीआरआई जुड़े

आईसीएआर और घाना के फसल अनुसंधान संस्थान, अक्रा ने कृषि अनुसंधान, शिक्षा तथा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर पांच वर्षीय समझौता किया, जिसमें डॉ. एस. जयशंकर उपस्थित रहे।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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चर्चा में क्यों

7 अक्टूबर 2026 को भारत और घाना ने आईसीएआर तथा अक्रा के फसल अनुसंधान संस्थान के बीच कृषि अनुसंधान, शिक्षा और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर समझौता ज्ञापन किया, जिसमें दोनों देशों के विदेश मंत्री उपस्थित रहे।

7 अक्टूबर 2026 को कृषि विज्ञान भारत और पश्चिम अफ्रीका के रिश्तों की नई कड़ी बन गया, जब भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), नई दिल्ली और फसल अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीआरआई), अक्रा ने कृषि अनुसंधान, शिक्षा और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। हस्ताक्षर समारोह में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और घाना के विदेश मंत्री महामहिम सैमुअल ओकुडजेटो अब्लाकवा उपस्थित रहे। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने इस समझौते को भारत की दक्षिण-दक्षिण तथा भारत-अफ्रीका साझेदारी का हिस्सा बताया।

समझौते का ढांचा

यह समझौता पांच वर्ष के लिए है और इसमें संयुक्त अनुसंधान, वैज्ञानिक तथा तकनीकी आदान-प्रदान, संस्थागत क्षमता निर्माण और कृषि प्रौद्योगिकियों के उपयोग एवं व्यावसायीकरण का ढांचा तय किया गया है। अरीमा फार्म्स लिमिटेड, घाना ने दोनों संस्थानों को जोड़ने में मदद की और उसे ढांचे के तहत विशिष्ट अनुसंधान तथा व्यावसायीकरण कार्यों के लिए सीएसआईआर-सीआरआई का व्यापारिक भागीदार माना गया है।

पहले टमाटर, फिर कंद फसलें

भागीदारआईसीएआर, नई दिल्ली और सीएसआईआर-सीआरआई, अक्रा
अवधिपांच वर्ष
पहला चरणसब्जी फसलें, विशेष रूप से टमाटर अनुसंधान
आगे का केंद्रकसावा, रतालू और अन्य कंद फसलें
व्यापारिक भागीदारअरीमा फार्म्स लिमिटेड, घाना

काम की शुरुआत सब्जी फसलों से होगी और उसमें भी टमाटर से। आईसीएआर भारत में सिद्ध हो चुकी प्रौद्योगिकियों को बड़े पैमाने पर पहुंचाने में मदद करेगा और उपयुक्त अधिक उपज वाली टमाटर किस्में तथा वंशक्रम लाएगा, जिससे घाना में टमाटर उत्पादन मजबूत हो। इसके बाद ध्यान कसावा, रतालू और अन्य कंद फसलों के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन पर जाएगा, ताकि खेत से बाजार तक मूल्य श्रृंखला मजबूत बने।

कटाई के बाद के नुकसान पर काम

एक अलग हिस्सा कटाई के बाद होने वाले नुकसान से निपटेगा। इसमें दोनों पक्ष शीत भंडारण, शीतित परिवहन, छंटाई, श्रेणीकरण और प्रसंस्करण में तकनीकी सहयोग देंगे तथा लोगों को प्रशिक्षित करेंगे। दस्तावेज वैज्ञानिकों और प्रौद्योगिकीविदों की आवाजाही की भी अनुमति देता है, साथ ही जननद्रव्य, प्रजनन सामग्री, वैज्ञानिक जानकारी, विधियों और तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान की। संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं बनाई और चलाई जाएंगी, और दोनों देशों के अनुसंधान संस्थान तथा केंद्र सीधे जोड़े जाएंगे, जिससे सहयोग किसी एक परियोजना पर निर्भर न रहे।

निगरानी किसके पास

आईसीएआर और सीएसआईआर-सीआरआई के प्रतिनिधियों वाला एक संयुक्त कार्य समूह इस साझेदारी की निगरानी करेगा, प्रगति की समीक्षा करेगा और कार्यान्वयन का मार्गदर्शन करेगा। यह समूह समय-समय पर बारी-बारी से नई दिल्ली और अक्रा में बैठक करेगा। कुल मिलाकर यह व्यवस्था अनुसंधान को प्रौद्योगिकी विकास, प्रशिक्षण और व्यावसायिक उपयोग से जोड़ती है, और इससे घाना में किसानों की आजीविका सुधरने तथा अफ्रीका में भारत की वैज्ञानिक उपस्थिति गहरी होने की आशा है।

महत्वपूर्ण तथ्य

समझौताकृषि अनुसंधान, शिक्षा और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर समझौता ज्ञापन
भारतीय पक्षभारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), नई दिल्ली
घाना पक्षफसल अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीआरआई), अक्रा
अवधिपांच वर्ष
उपस्थित मंत्रीडॉ. एस. जयशंकर (भारत) और महामहिम सैमुअल ओकुडजेटो अब्लाकवा (घाना)
पहला चरणसब्जी फसलें, टमाटर अनुसंधान एवं विकास पर विशेष जोर
अन्य फसलेंकसावा, रतालू और अन्य कंद फसलें
व्यापारिक भागीदारअरीमा फार्म्स लिमिटेड, घाना
निगरानीआईसीएआर और सीएसआईआर-सीआरआई का संयुक्त कार्य समूह, बैठकें नई दिल्ली तथा अक्रा में
संदर्भदक्षिण-दक्षिण तथा भारत-अफ्रीका सहयोग

परीक्षा की दृष्टि से

हस्ताक्षर करने वाले दोनों संस्थान (आईसीएआर तथा सीएसआईआर-सीआरआई, अक्रा), पांच वर्ष की अवधि, उपस्थित मंत्री (डॉ. एस. जयशंकर और सैमुअल ओकुडजेटो अब्लाकवा), पहले चरण में टमाटर, आगे कसावा तथा रतालू, व्यापारिक भागीदार अरीमा फार्म्स लिमिटेड और संयुक्त कार्य समूह की बैठकों के स्थान याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.अंतरराष्ट्रीयआसान

अक्टूबर 2026 में आईसीएआर के साथ कृषि अनुसंधान समझौता करने वाला घाना का संस्थान कौन-सा है?

  1. A.फसल अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीआरआई), अक्रा
  2. B.घाना विश्वविद्यालय, लेगोन
  3. C.घाना कोकोआ बोर्ड
  4. D.घाना मानक प्राधिकरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. फसल अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीआरआई), अक्रा

व्याख्या

सही उत्तर फसल अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीआरआई), अक्रा है। इसने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जिसमें संयुक्त कृषि अनुसंधान, वैज्ञानिक तथा तकनीकी आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और कृषि प्रौद्योगिकियों के उपयोग एवं व्यावसायीकरण शामिल हैं, और समारोह में दोनों देशों के विदेश मंत्री उपस्थित रहे। विकल्प B गलत है, क्योंकि घोषणा में हस्ताक्षरकर्ता के रूप में कोई विश्वविद्यालय नहीं बताया गया। विकल्प C भी गलत है, क्योंकि समझौते का विषय कोकोआ क्षेत्र नहीं है, बल्कि इसका पहला केंद्र सब्जी फसलें और विशेष रूप से टमाटर है, जिसके बाद कसावा, रतालू तथा अन्य कंद फसलें आती हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि इस व्यवस्था में किसी मानक निकाय की कोई भूमिका नहीं बताई गई। यह भी ध्यान रखें कि अरीमा फार्म्स लिमिटेड को विशिष्ट अनुसंधान तथा व्यावसायीकरण कार्यों के लिए व्यापारिक भागीदार माना गया है।

Q2.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

भारत-घाना कृषि अनुसंधान समझौता ज्ञापन कितने समय के लिए प्रभावी रहेगा?

  1. A.तीन वर्ष
  2. B.पांच वर्ष
  3. C.सात वर्ष
  4. D.दस वर्ष
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पांच वर्ष

व्याख्या

सही उत्तर पांच वर्ष है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और घाना के फसल अनुसंधान संस्थान के बीच हुआ यह समझौता इसी अवधि के लिए संयुक्त कृषि अनुसंधान, विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और कृषि प्रौद्योगिकियों के उपयोग एवं व्यावसायीकरण का ढांचा देता है। विकल्प A, C और D अन्य अवधियां बताते हैं, जो घोषित अवधि से मेल नहीं खातीं, इसलिए वे गलत हैं। अवधि के साथ कुछ और बातें याद रखनी चाहिए। काम का पहला चरण सब्जी फसलों के अनुसंधान पर है, जिसमें टमाटर अनुसंधान एवं विकास को विशेष रूप से चुना गया है, और भारत सिद्ध प्रौद्योगिकियों को बड़े पैमाने पर पहुंचाने तथा अधिक उपज वाली टमाटर किस्में लाने में सहयोग देगा, जिससे घाना घरेलू उत्पादन मजबूत कर सके। इसके बाद सहयोग कसावा, रतालू तथा अन्य कंद फसलों के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन तक, तथा शीत भंडारण, शीतित परिवहन, छंटाई, श्रेणीकरण एवं प्रसंस्करण जैसे कटाई-पश्चात प्रबंधन तक फैलेगा।

Q3.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

आईसीएआर और सीएसआईआर-सीआरआई के सहयोग के कार्यान्वयन की निगरानी कौन करेगा?

  1. A.दोनों संस्थानों का संयुक्त कार्य समूह
  2. B.अफ्रीकी संघ आयोग
  3. C.खाद्य एवं कृषि संगठन का एक पैनल
  4. D.केवल विदेश मंत्रालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. दोनों संस्थानों का संयुक्त कार्य समूह

व्याख्या

सही उत्तर दोनों संस्थानों का संयुक्त कार्य समूह है। इसमें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और फसल अनुसंधान संस्थान के प्रतिनिधि होंगे, यह सहयोग की प्रगति की समीक्षा करेगा तथा कार्यान्वयन का मार्गदर्शन करेगा, और इसकी बैठकें समय-समय पर नई दिल्ली तथा अक्रा में होंगी। विकल्प B गलत है, क्योंकि इस व्यवस्था में किसी महाद्वीपीय संगठन को यह भूमिका नहीं दी गई। विकल्प C भी गलत है, क्योंकि वर्णित निगरानी तंत्र में संयुक्त राष्ट्र की किसी एजेंसी के पैनल का उल्लेख नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि भारत और घाना के विदेश मंत्री हस्ताक्षर समारोह में उपस्थित रहे, परंतु मंत्रालय को कार्य कार्यक्रम का निगरानी निकाय नहीं बनाया गया। समझौते में वैज्ञानिकों तथा प्रौद्योगिकीविदों, जननद्रव्य एवं प्रजनन सामग्री, वैज्ञानिक जानकारी, विधियों और तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान तथा दोनों देशों के संस्थानों के बीच सीधे संस्थागत संबंध की भी व्यवस्था है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-घाना कृषि समझौते पर किन दो संस्थानों ने हस्ताक्षर किए?

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), नई दिल्ली और फसल अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीआरआई), अक्रा ने हस्ताक्षर किए। समारोह में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर तथा घाना के विदेश मंत्री महामहिम सैमुअल ओकुडजेटो अब्लाकवा उपस्थित रहे।

सहयोग के पहले चरण में कौन-सी फसल ली गई है?

पहले चरण में सब्जी फसलें हैं और उनमें टमाटर अनुसंधान एवं विकास पर जोर है। आईसीएआर सिद्ध प्रौद्योगिकियों को बड़े पैमाने पर पहुंचाने में सहयोग देगा और घाना में उत्पादन मजबूत करने के लिए अधिक उपज वाली टमाटर किस्में तथा वंशक्रम लाएगा।

इस साझेदारी की निगरानी कैसे होगी?

आईसीएआर और सीएसआईआर-सीआरआई के प्रतिनिधियों वाला संयुक्त कार्य समूह सहयोग की निगरानी करेगा, प्रगति की समीक्षा करेगा और कार्यान्वयन का मार्गदर्शन करेगा। यह समूह पांच वर्षीय समझौते के तहत बारी-बारी से नई दिल्ली और अक्रा में बैठक करेगा।

स्रोत

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