अक्टूबर 2026 में आईसीएआर के साथ कृषि अनुसंधान समझौता करने वाला घाना का संस्थान कौन-सा है?
- A.फसल अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीआरआई), अक्रा
- B.घाना विश्वविद्यालय, लेगोन
- C.घाना कोकोआ बोर्ड
- D.घाना मानक प्राधिकरण
सही उत्तर
A. फसल अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीआरआई), अक्रा
व्याख्या
सही उत्तर फसल अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीआरआई), अक्रा है। इसने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जिसमें संयुक्त कृषि अनुसंधान, वैज्ञानिक तथा तकनीकी आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और कृषि प्रौद्योगिकियों के उपयोग एवं व्यावसायीकरण शामिल हैं, और समारोह में दोनों देशों के विदेश मंत्री उपस्थित रहे। विकल्प B गलत है, क्योंकि घोषणा में हस्ताक्षरकर्ता के रूप में कोई विश्वविद्यालय नहीं बताया गया। विकल्प C भी गलत है, क्योंकि समझौते का विषय कोकोआ क्षेत्र नहीं है, बल्कि इसका पहला केंद्र सब्जी फसलें और विशेष रूप से टमाटर है, जिसके बाद कसावा, रतालू तथा अन्य कंद फसलें आती हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि इस व्यवस्था में किसी मानक निकाय की कोई भूमिका नहीं बताई गई। यह भी ध्यान रखें कि अरीमा फार्म्स लिमिटेड को विशिष्ट अनुसंधान तथा व्यावसायीकरण कार्यों के लिए व्यापारिक भागीदार माना गया है।
पूरा लेख पढ़ें: भारत-घाना समझौता: आईसीएआर और सीएसआईआर-सीआरआई जुड़े
अभ्यास प्रश्न
भारत-घाना कृषि अनुसंधान समझौता ज्ञापन कितने समय के लिए प्रभावी रहेगा?
- A.तीन वर्ष
- B.पांच वर्ष
- C.सात वर्ष
- D.दस वर्ष
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सही उत्तर: B. पांच वर्ष
व्याख्या
सही उत्तर पांच वर्ष है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और घाना के फसल अनुसंधान संस्थान के बीच हुआ यह समझौता इसी अवधि के लिए संयुक्त कृषि अनुसंधान, विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और कृषि प्रौद्योगिकियों के उपयोग एवं व्यावसायीकरण का ढांचा देता है। विकल्प A, C और D अन्य अवधियां बताते हैं, जो घोषित अवधि से मेल नहीं खातीं, इसलिए वे गलत हैं। अवधि के साथ कुछ और बातें याद रखनी चाहिए। काम का पहला चरण सब्जी फसलों के अनुसंधान पर है, जिसमें टमाटर अनुसंधान एवं विकास को विशेष रूप से चुना गया है, और भारत सिद्ध प्रौद्योगिकियों को बड़े पैमाने पर पहुंचाने तथा अधिक उपज वाली टमाटर किस्में लाने में सहयोग देगा, जिससे घाना घरेलू उत्पादन मजबूत कर सके। इसके बाद सहयोग कसावा, रतालू तथा अन्य कंद फसलों के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन तक, तथा शीत भंडारण, शीतित परिवहन, छंटाई, श्रेणीकरण एवं प्रसंस्करण जैसे कटाई-पश्चात प्रबंधन तक फैलेगा।
आईसीएआर और सीएसआईआर-सीआरआई के सहयोग के कार्यान्वयन की निगरानी कौन करेगा?
- A.दोनों संस्थानों का संयुक्त कार्य समूह
- B.अफ्रीकी संघ आयोग
- C.खाद्य एवं कृषि संगठन का एक पैनल
- D.केवल विदेश मंत्रालय
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सही उत्तर: A. दोनों संस्थानों का संयुक्त कार्य समूह
व्याख्या
सही उत्तर दोनों संस्थानों का संयुक्त कार्य समूह है। इसमें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और फसल अनुसंधान संस्थान के प्रतिनिधि होंगे, यह सहयोग की प्रगति की समीक्षा करेगा तथा कार्यान्वयन का मार्गदर्शन करेगा, और इसकी बैठकें समय-समय पर नई दिल्ली तथा अक्रा में होंगी। विकल्प B गलत है, क्योंकि इस व्यवस्था में किसी महाद्वीपीय संगठन को यह भूमिका नहीं दी गई। विकल्प C भी गलत है, क्योंकि वर्णित निगरानी तंत्र में संयुक्त राष्ट्र की किसी एजेंसी के पैनल का उल्लेख नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि भारत और घाना के विदेश मंत्री हस्ताक्षर समारोह में उपस्थित रहे, परंतु मंत्रालय को कार्य कार्यक्रम का निगरानी निकाय नहीं बनाया गया। समझौते में वैज्ञानिकों तथा प्रौद्योगिकीविदों, जननद्रव्य एवं प्रजनन सामग्री, वैज्ञानिक जानकारी, विधियों और तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान तथा दोनों देशों के संस्थानों के बीच सीधे संस्थागत संबंध की भी व्यवस्था है।
153वीं आईपीयू सभा में आतंकवाद के विरुद्ध संसदीय प्रतिक्रिया मजबूत करने के लिए संदर्भ ढांचा किस कार्यक्रम में प्रस्तुत किया गया?
- A.श्री एन. के. प्रेमचंद्रन द्वारा भाग ली गई कार्यशाला में
- B.आईपीयू स्वास्थ्य समिति की बैठक में
- C.लोकतंत्र एवं मानवाधिकार स्थायी समिति के क्षेत्र दौरे में
- D.भारतीय उच्चायोग के सांस्कृतिक कार्यक्रम में
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सही उत्तर: A. श्री एन. के. प्रेमचंद्रन द्वारा भाग ली गई कार्यशाला में
व्याख्या
सही उत्तर श्री एन. के. प्रेमचंद्रन द्वारा भाग ली गई कार्यशाला है। लोकसभा के इस सदस्य ने आतंकवाद के विरुद्ध संसदीय प्रतिक्रिया मजबूत करने वाली उस कार्यशाला में भाग लिया जिसमें आईपीयू संदर्भ ढांचा प्रस्तुत किया गया, और वे साझा समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण खनिजों तथा उन पर संसदीय निगरानी मजबूत करने की अलग कार्यशाला में भी शामिल हुए। विकल्प B गलत है क्योंकि आईपीयू स्वास्थ्य समिति ने स्वास्थ्य से जुड़े सत्र और एक क्षेत्र दौरा किया, जिसमें डॉ. संजय जायसवाल शामिल थे। विकल्प C गलत है क्योंकि लोकतंत्र एवं मानवाधिकार स्थायी समिति समावेशी सामाजिक विकास और दिव्यांगजन अधिकारों के मसौदा संकल्प पर काम कर रही थी, जिसमें श्री अनुराग सिंह ठाकुर और डॉ. सस्मित पात्रा शामिल रहे। विकल्प D गलत है क्योंकि भारतीय उच्चायोग का सांस्कृतिक कार्यक्रम शाम का आयोजन था, नीति संबंधी कार्यशाला नहीं।
अंतर-संसदीय संघ (आईपीयू) की 153वीं सभा किस शहर में हो रही है?
- A.नैरोबी, केन्या
- B.अरुषा, तंजानिया
- C.जिनेवा, स्विट्जरलैंड
- D.कंपाला, युगांडा
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सही उत्तर: B. अरुषा, तंजानिया
व्याख्या
सही उत्तर अरुषा, तंजानिया है। राज्यसभा सचिवालय के विवरण के अनुसार भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने तंजानिया के अरुषा में 153वीं आईपीयू सभा में भागीदारी जारी रखी और सभा का दूसरा दिन 6 अक्टूबर 2026 था। उसी दिन शाम को भारतीय उच्चायोग ने प्रतिनिधिमंडल के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया, जिसके बाद सांसदों ने भारतीय प्रवासी समुदाय से बातचीत की। विकल्प A यानी नैरोबी, केन्या गलत है क्योंकि इस सभा के संबंध में केन्या के किसी स्थान का उल्लेख नहीं है। विकल्प C यानी जिनेवा, स्विट्जरलैंड आकर्षक भ्रम है क्योंकि आईपीयू का मुख्यालय वहीं है, परंतु यह सभा जिनेवा में नहीं हुई। विकल्प D यानी कंपाला, युगांडा भी इसी कारण गलत है, क्योंकि समितियों, कार्यशालाओं और पैनल चर्चाओं का एकमात्र स्थान अरुषा बताया गया है।
153वीं आईपीयू सभा में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कौन कर रहे हैं?
- A.श्री अनुराग सिंह ठाकुर, सांसद, लोकसभा
- B.डॉ. सस्मित पात्रा, सांसद, राज्यसभा
- C.श्री हरिवंश, उपसभापति, राज्यसभा
- D.डॉ. संजय जायसवाल, सांसद, लोकसभा
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सही उत्तर: C. श्री हरिवंश, उपसभापति, राज्यसभा
व्याख्या
सही उत्तर श्री हरिवंश, उपसभापति, राज्यसभा है। वे प्रतिनिधिमंडल के नेता हैं और उन्होंने सभा के पटल पर उत्तर देने के अधिकार का प्रयोग करते हुए कश्मीर पर पाकिस्तान की अनुचित टिप्पणियों का जवाब दिया, यह कहते हुए कि कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है तथा भारत के आंतरिक मामलों में पाकिस्तान का कोई अधिकार नहीं है। विकल्प A गलत है क्योंकि श्री अनुराग सिंह ठाकुर लोकतंत्र एवं मानवाधिकार स्थायी समिति तथा दिव्यांगजनों से जुड़े मसौदा संकल्प की चर्चा में सदस्य के रूप में शामिल हुए, नेता के रूप में नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि डॉ. सस्मित पात्रा सैन्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर पैनल चर्चा में शामिल हुए और उसी संकल्प के मसौदे में योगदान दिया। विकल्प D गलत है क्योंकि डॉ. संजय जायसवाल आईपीयू स्वास्थ्य समिति और उसके क्षेत्र दौरे में शामिल रहे।