एचएएल कोरापुट 2000वां एयरो-इंजन सौंपेगा, ओडिशा में समारोह
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड का कोरापुट डिवीजन 6 अक्टूबर 2026 को अपना 2000वां एयरो-इंजन सौंपेगा, जहां 218 करोड़ रुपये की शक्ति इंजन लाइन भी सामने आएगी।

चर्चा में क्यों
रक्षा मंत्रालय ने 5 अक्टूबर 2026 को बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 6 अक्टूबर 2026 को ओडिशा में एचएएल कोरापुट डिवीजन के 2000वें एयरो-इंजन की डिलीवरी कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे, जहां 218 करोड़ रुपये से बनी शक्ति इंजन की दूसरी उत्पादन लाइन भी सामने आएगी।
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ओडिशा स्थित अपने कोरापुट डिवीजन में बना 2000वां एयरो-इंजन 6 अक्टूबर 2026 को सौंपेगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी 5 अक्टूबर 2026 को दी।
यह पड़ाव क्या दर्शाता है
कोरापुट डिवीजन लगभग छह दशकों से एयरो-इंजन बना रहा है, और दो हजारवां इंजन मंत्रालय की नजर में एयरोस्पेस तथा रक्षा विनिर्माण में उस रिकॉर्ड और सशस्त्र बलों की संचालन तत्परता का प्रतीक है। एयरो-इंजन रक्षा विनिर्माण की सबसे कठिन वस्तुओं में गिने जाते हैं, क्योंकि प्रणोदन प्रणाली को अत्यधिक गर्मी और दबाव में भरोसेमंद ढंग से शक्ति देनी होती है, और पूरी तरह इन्हें बनाने वाले देश गिने-चुने हैं।
शक्ति इंजन की दूसरी लाइन
इस आयोजन में शक्ति इंजन की दूसरी उत्पादन लाइन की घोषणा भी होगी, जो 218 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित की गई है। यह अतिरिक्त क्षमता स्वदेशी हेलीकॉप्टरों की बढ़ती मांग के लिए है, जिनमें ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर विशेष रूप से शामिल हैं। दूसरी लाइन इसलिए मायने रखती है कि एक लाइन से साल भर में निकलने वाले इंजनों की संख्या सीमित रहती है, और हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति उतनी ही तेज होती है जितनी तेजी से इंजन मिलते हैं।
नीतिगत संदर्भ
मंत्रालय ने इस अवसर को भारत को रक्षा उपकरणों के खरीदार से रक्षा प्रणालियों के डिजाइनर, डेवलपर और निर्माता में बदलने के अपने घोषित लक्ष्य से जोड़ा है। देश में एयरो-इंजन क्षमता खड़ी करना इस बदलाव का केंद्रीय हिस्सा माना जाता है, क्योंकि प्रणोदन रणनीतिक रूप से संवेदनशील और तकनीकी रूप से जटिल है, और इंजन के आयात पर निर्भरता किसी अन्यथा स्वदेशी विमान को भी रोक सकती है।
कौन उपस्थित रहेंगे
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी, रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार और एचएएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक रवि के समारोह में उपस्थित रहने वालों में हैं। ओडिशा के लिए यह डिवीजन राज्य के बड़े रक्षा क्षेत्र नियोक्ताओं में एक है, और शक्ति इंजन की नई लाइन उस आधार को और बढ़ाती है।
महत्वपूर्ण तथ्य
| पड़ाव | एचएएल कोरापुट द्वारा 2000वें एयरो-इंजन की डिलीवरी |
|---|---|
| संयंत्र | एचएएल कोरापुट डिवीजन, ओडिशा |
| तिथि | 6 अक्टूबर 2026 |
| उद्घाटन | रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह |
| नई सुविधा | शक्ति इंजन की दूसरी उत्पादन लाइन |
| निवेश | 218 करोड़ रुपये |
| संबंधित प्लेटफॉर्म | ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर |
| उपस्थित | ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी, रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार, एचएएल सीएमडी रवि के |
परीक्षा की दृष्टि से
पड़ाव (2000वां एयरो-इंजन), संयंत्र (एचएएल कोरापुट डिवीजन, ओडिशा), अवधि (लगभग छह दशक), नई सुविधा (शक्ति इंजन की दूसरी उत्पादन लाइन), लागत (218 करोड़ रुपये), संबंधित हेलीकॉप्टर (ध्रुव एएलएच और प्रचंड एलसीएच), रक्षा मंत्री तथा ओडिशा के मुख्यमंत्री का नाम याद रखें।
अभ्यास प्रश्न
एचएएल का कौन सा डिवीजन अपने 2000वें एयरो-इंजन की डिलीवरी का पड़ाव पूरा कर रहा है?
- A.बेंगलुरु डिवीजन
- B.कोरापुट डिवीजन
- C.नासिक डिवीजन
- D.हैदराबाद डिवीजन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कोरापुट डिवीजन
व्याख्या
सही उत्तर कोरापुट डिवीजन है, जो ओडिशा में है और लगभग छह दशकों से एयरो-इंजन बना रहा है। इस संयंत्र का दो हजारवां इंजन 6 अक्टूबर 2026 को सौंपा जा रहा है, जिसका उद्घाटन रक्षा मंत्री करेंगे और ओडिशा के मुख्यमंत्री भी उपस्थित रहेंगे। उसी अवसर पर शक्ति इंजन की दूसरी उत्पादन लाइन सामने आएगी, जो स्वदेशी हेलीकॉप्टरों की बढ़ती जरूरत के लिए 218 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित हुई है। विकल्प A, C और D हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के वास्तविक केंद्र हैं और हर एक की अपनी उत्पाद श्रृंखला है, इसलिए वे भ्रमित कर सकते हैं; लेकिन एयरो-इंजन का यह पड़ाव कोरापुट का है। संयंत्र, राज्य और इंजन को एक साथ जोड़कर याद रखें — कोरापुट, ओडिशा, शक्ति इंजन।
एचएएल कोरापुट में शक्ति इंजन की दूसरी उत्पादन लाइन में कितना निवेश किया गया है?
- A.118 करोड़ रुपये
- B.218 करोड़ रुपये
- C.418 करोड़ रुपये
- D.818 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 218 करोड़ रुपये
व्याख्या
सही उत्तर 218 करोड़ रुपये है। कोरापुट के कार्यक्रम में सामने आ रही शक्ति इंजन की दूसरी उत्पादन लाइन इसी निवेश से स्थापित हुई है, और यह बढ़ी क्षमता स्वदेशी हेलीकॉप्टर प्लेटफॉर्म के लिए है, जिनमें घोषणा के अनुसार ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर शामिल हैं। दूसरी लाइन इसलिए जरूरी है कि एक ही लाइन से साल भर में दी जा सकने वाली इंजन संख्या पर सीमा लग जाती है, और हेलीकॉप्टर उत्पादन अपने इंजनों से आगे नहीं चल सकता। बाकी तीन आंकड़े इस घोषणा के नहीं हैं। दिन के दो अंकों को अलग-अलग रखें — दो हजार संयंत्र की शुरुआत से अब तक दिए गए इंजनों की गिनती है, और दो सौ अठारह करोड़ रुपये नई लाइन में लगी राशि।
एचएएल कोरापुट की बढ़ी शक्ति इंजन क्षमता मुख्यतः किन प्लेटफॉर्म के लिए है?
- A.तेजस और राफेल लड़ाकू विमान
- B.ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर
- C.डोर्नियर और सारस परिवहन विमान
- D.रुस्तम और तापस मानवरहित विमान
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर
व्याख्या
सही उत्तर ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर है। घोषणा में इन दोनों स्वदेशी रोटरी-विंग प्लेटफॉर्म को ही बढ़ते शक्ति इंजन उत्पादन के उपयोगकर्ता के रूप में बताया गया है। कोरापुट की दूसरी लाइन, जो 218 करोड़ रुपये के निवेश से बनी है, इसी बढ़ती जरूरत के लिए है। विकल्प A लड़ाकू विमानों का है, जिनके इंजन अलग होते हैं। विकल्प C और D परिवहन तथा मानवरहित विमानों के नाम हैं, जिन्हें इस घोषणा में शक्ति इंजन से नहीं जोड़ा गया। मंत्रालय का व्यापक तर्क यह है कि देश में प्रणोदन प्रणाली बनाना ही भारत को रक्षा उपकरणों के खरीदार से डिजाइनर, डेवलपर और निर्माता बनाता है, क्योंकि इंजन के आयात पर निर्भरता किसी अन्यथा स्वदेशी विमान को भी रोक देती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एचएएल का कौन सा डिवीजन 2000वां एयरो-इंजन सौंप रहा है?
ओडिशा का कोरापुट डिवीजन, जो लगभग छह दशकों से एयरो-इंजन बना रहा है। 2000वां इंजन 6 अक्टूबर 2026 को सौंपा जा रहा है।
शक्ति इंजन की दूसरी लाइन में कितना निवेश हुआ है?
218 करोड़ रुपये। एचएएल कोरापुट की यह अतिरिक्त लाइन ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर की बढ़ती जरूरत पूरी करेगी।
शक्ति इंजन किन हेलीकॉप्टरों में उपयोग होता है?
घोषणा में स्वदेशी ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर को उन प्लेटफॉर्म के रूप में बताया गया है जिन्हें बढ़ी इंजन क्षमता का लाभ मिलेगा।
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