चक्रवात अरनब: दूरसंचार विभाग ने नेटवर्क बहाल किया
चक्रवात अरनब के आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तट से टकराने के बाद दूरसंचार विभाग ने आंध्र प्रदेश में कुल नेटवर्क उपलब्धता 99.18 प्रतिशत तक पहुंचा दी है।

चर्चा में क्यों
30 अक्टूबर 2026 को दूरसंचार विभाग ने बताया कि चक्रवात अरनब से प्रभावित आंध्र प्रदेश और ओडिशा में दूरसंचार सेवाएं बहाल की जा रही हैं, आंध्र प्रदेश में उपलब्धता 99.18 प्रतिशत पर है, इंट्रा-सर्कल रोमिंग चालू है और ग्यारह सेल ऑन व्हील्स तैनात हैं।
चक्रवात अरनब आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तट से टकराया था। इसके बाद दूरसंचार विभाग दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के साथ मिलकर प्रभावित जिलों में जरूरी संचार सेवाएं चालू रखने में जुटा है। बड़े इलाके में भारी बारिश, अचानक आई बाढ़, पेड़ गिरने और बिजली के ढांचे को हुए नुकसान से दोनों राज्यों तथा आसपास के क्षेत्रों में मोबाइल और फाइबर सेवाएं ठप पड़ गई थीं।
नेटवर्क की स्थिति
जहां बिजली आपूर्ति लौट आई और कटे ऑप्टिकल फाइबर जोड़ दिए गए, वहां मरम्मत सबसे तेज रही। आंध्र प्रदेश में कुल दूरसंचार नेटवर्क उपलब्धता 99.18 प्रतिशत तक पहुंच गई है। सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में यह आंकड़ा पश्चिम गोदावरी में 98.5 प्रतिशत और डॉ. बी. आर. अंबेडकर कोनसीमा में 91.96 प्रतिशत है। वाणिज्यिक बिजली आपूर्ति बाधित होना और जगह-जगह ऑप्टिकल फाइबर केबल कटना ही वे दो मुख्य कारण हैं जिनसे कुछ साइटें अब भी बंद हैं।
| क्षेत्र | नेटवर्क उपलब्धता |
| आंध्र प्रदेश, कुल | 99.18 प्रतिशत |
| पश्चिम गोदावरी जिला | 98.5 प्रतिशत |
| डॉ. बी. आर. अंबेडकर कोनसीमा जिला | 91.96 प्रतिशत |
आपातकालीन इंतजाम
प्रभावित जिलों में इंट्रा-सर्कल रोमिंग चालू रखी गई है। इससे ग्राहक उसी दूरसंचार सर्कल में किसी भी दूसरी कंपनी के नेटवर्क से जुड़ सकता है, चाहे उसका सिम किसी भी ऑपरेटर का हो। आपात संचार मजबूत करने के लिए ग्यारह सेल ऑन व्हील्स लगाए गए हैं, यानी वाहनों पर रखे ऐसे टावर जिन्हें वहां पहुंचाया जाता है जहां कवरेज खत्म हो गई हो।
ओडिशा में हालात
ओडिशा के गंजाम, गजपति और कंधमाल जिलों में बारिश कम होने और बाढ़ का पानी उतरने के साथ स्थिति सुधर रही है। ऑपरेटरों ने क्षतिग्रस्त साइटों पर काम शुरू कर दिया है, सेवा में रुकावटें घटी हैं और सभी से कहा गया है कि बची हुई साइटों को प्राथमिकता पर लें, ताकि सेवाएं जल्दी सामान्य हो जाएं।
ग्राहक इसका उपयोग कैसे करें
किसी इलाके में मोबाइल ढांचे को नुकसान होने पर दूरसंचार विभाग ऑपरेटरों को इंट्रा-सर्कल रोमिंग लागू करने के निर्देश देता है। फोन में स्वचालित नेटवर्क चयन चालू रहने दें; अगर फिर भी कनेक्ट न हो, तो मोबाइल नेटवर्क सेटिंग में जाकर नेटवर्क ऑपरेटरों की सूची खोलें और उपलब्ध दूसरा नेटवर्क हाथ से चुन लें। किसी प्राकृतिक आपदा के शुरुआती दिनों में यह व्यवस्था सबसे काम आती है, क्योंकि राहत और बहाली में लगे दल भी उन्हीं टावरों पर निर्भर रहते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
| चक्रवात | चक्रवात अरनब, जो आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तट से टकराया |
|---|---|
| नोडल निकाय | दूरसंचार विभाग, संचार मंत्रालय |
| आंध्र प्रदेश में उपलब्धता | कुल 99.18 प्रतिशत |
| सर्वाधिक प्रभावित जिले | पश्चिम गोदावरी (98.5 प्रतिशत) और डॉ. बी. आर. अंबेडकर कोनसीमा (91.96 प्रतिशत) |
| ओडिशा के प्रभावित जिले | गंजाम, गजपति और कंधमाल |
| आपात उपाय | इंट्रा-सर्कल रोमिंग चालू; ग्यारह सेल ऑन व्हील्स तैनात |
| रुकावट के मुख्य कारण | वाणिज्यिक बिजली आपूर्ति बाधित होना और ऑप्टिकल फाइबर केबल कटना |
परीक्षा की दृष्टि से
चक्रवात का नाम अरनब और जिन दो तटीय राज्यों से यह टकराया, संबंधित विभाग (संचार मंत्रालय के अधीन दूरसंचार विभाग), इंट्रा-सर्कल रोमिंग तथा सेल ऑन व्हील्स का अर्थ, तैनात सेल ऑन व्हील्स की संख्या, आंध्र प्रदेश में 99.18 प्रतिशत उपलब्धता, और दोनों राज्यों के जिले याद रखें: आंध्र प्रदेश में पश्चिम गोदावरी तथा डॉ. बी. आर. अंबेडकर कोनसीमा, ओडिशा में गंजाम, गजपति और कंधमाल।
अभ्यास प्रश्न
किस चक्रवात से हुए नुकसान के बाद दूरसंचार विभाग ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा के जिलों में इंट्रा-सर्कल रोमिंग चालू रखी?
- A.चक्रवात मोंथा
- B.चक्रवात अरनब
- C.चक्रवात रेमल
- D.चक्रवात दाना
उत्तर देखें
यह आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तट से टकराया था और इसके बाद हुई भारी बारिश, अचानक आई बाढ़, पेड़ गिरने तथा बिजली के ढांचे को हुए नुकसान से दोनों राज्यों और आसपास के क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाएं बाधित हो गई थीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इंट्रा-सर्कल रोमिंग व्यवस्था मोबाइल ग्राहक को क्या सुविधा देती है?
- A.पूरे भारत में सभी कॉल मुफ्त करने की सुविधा
- B.उसी दूरसंचार सर्कल में दूसरे ऑपरेटर के नेटवर्क से जुड़ने की सुविधा
- C.अलग लाइसेंस के बिना सैटेलाइट फोन चलाने की सुविधा
- D.सिम बदले बिना मोबाइल नंबर बदलने की सुविधा
उत्तर देखें
इंट्रा-सर्कल रोमिंग ऐसी दूरसंचार व्यवस्था है जिसमें ग्राहक उसी सर्कल में किसी अन्य सेवा प्रदाता के नेटवर्क से जुड़ जाता है, इसलिए जिस इलाके में उसके अपने ऑपरेटर की कवरेज नहीं है, वहां भी मोबाइल सेवाएं चलती रहती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →चक्रवात अरनब के बाद किस राज्य में कुल दूरसंचार नेटवर्क उपलब्धता 99.18 प्रतिशत पहुंची और ग्यारह सेल ऑन व्हील्स तैनात किए गए?
- A.ओडिशा
- B.तमिलनाडु
- C.आंध्र प्रदेश
- D.पश्चिम बंगाल
उत्तर देखें
इस राज्य में कुल दूरसंचार नेटवर्क उपलब्धता 99.18 प्रतिशत बताई गई, और चक्रवात से सर्वाधिक प्रभावित जिलों में यह आंकड़ा पश्चिम गोदावरी में 98.5 प्रतिशत तथा डॉ. बी. आर. अंबेडकर कोनसीमा में 91.96 प्रतिशत रहा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इंट्रा-सर्कल रोमिंग क्या है और इसका उपयोग कब होता है?
यह ऐसी व्यवस्था है जिसमें मोबाइल ग्राहक उसी दूरसंचार सर्कल में किसी दूसरे ऑपरेटर के नेटवर्क से जुड़ जाता है, जिससे उस इलाके में अपने ऑपरेटर की कवरेज न होने पर भी सेवाएं चलती रहती हैं। मोबाइल ढांचे को नुकसान होने पर दूरसंचार विभाग ऑपरेटरों को इसे लागू करने के निर्देश देता है, जैसा चक्रवात अरनब से प्रभावित जिलों में किया गया।
चक्रवात अरनब के बाद आंध्र प्रदेश में नेटवर्क कितना बहाल हुआ है?
राज्य में कुल नेटवर्क उपलब्धता 99.18 प्रतिशत तक पहुंच गई है। प्रभावित जिलों में यह पश्चिम गोदावरी में 98.5 प्रतिशत और डॉ. बी. आर. अंबेडकर कोनसीमा में 91.96 प्रतिशत है, जहां बिजली और फाइबर कटने की दिक्कत अब भी बनी हुई है।
सेल ऑन व्हील्स क्या होता है?
यह वाहन पर रखा चलता-फिरता मोबाइल टावर है, जिसे कवरेज खत्म हो चुके इलाके में पहुंचाकर स्थायी साइट बनाए बिना सेवा दी जाती है। चक्रवात अरनब के बाद आपात संचार के लिए ग्यारह सेल ऑन व्हील्स तैनात किए गए।
स्रोत
- https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2330702 (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
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