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GK24

सीसीआई ने बिजली क्षेत्र के दो बड़े सौदों को मंजूरी दी

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने इंटेलीस्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर की खरीद अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस को और सोलेनर्जी पावर की खरीद आदित्य बिड़ला रिन्यूएबल्स को मंजूर की।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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सीसीआई ने बिजली क्षेत्र के दो बड़े सौदों को मंजूरी दी — GK24 title card

चर्चा में क्यों

31 अक्टूबर 2026 को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने बिजली क्षेत्र के दो अधिग्रहण मंजूर किए, एनआईआईएफ और ईईएसएल से इंटेलीस्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर की खरीद अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस द्वारा तथा शेल ओवरसीज इन्वेस्टमेंट बी.वी. से सोलेनर्जी पावर की खरीद आदित्य बिड़ला रिन्यूएबल्स द्वारा।

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने 31 अक्टूबर 2026 को बिजली क्षेत्र के दो अधिग्रहणों को हरी झंडी दी। एक सौदा बिजली की मीटरिंग से जुड़ा है और दूसरा नवीकरणीय ऊर्जा से।

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस और इंटेलीस्मार्ट

आयोग ने अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड को इंटेलीस्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड की पूरी इक्विटी शेयर पूंजी खरीदने की अनुमति दी। इसमें बेचने वाले दो पक्ष हैं। राष्ट्रीय निवेश एवं अवसंरचना कोष (एनआईआईएफ) को सूचना में विक्रेता-1 और एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) को विक्रेता-2 बताया गया है। जो हिस्सेदारी हाथ बदल रही है, वह 100% है।

खरीदार कंपनी अदाणी समूह का हिस्सा है, भारत में पंजीकृत है और बीएसई लिमिटेड तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड, दोनों में सूचीबद्ध है। इसका काम बिजली के पारेषण और वितरण तथा उन्नत मीटरिंग अवसंरचना लगाने का है। जिस कंपनी को वह खरीद रही है, वह भी मीटरिंग के इसी कारोबार में है और देश में स्मार्ट गैस मीटर भी लगाती है।

आदित्य बिड़ला रिन्यूएबल्स और सोलेनर्जी पावर

एक अलग आदेश में आयोग ने आदित्य बिड़ला रिन्यूएबल्स लिमिटेड को सोलेनर्जी पावर प्राइवेट लिमिटेड की जारी शेयर पूंजी का 100% खरीदने की मंजूरी दी। इसमें विक्रेता शेल ओवरसीज इन्वेस्टमेंट बी.वी. है।

सोलेनर्जी पावर मॉरीशस में पंजीकृत है और केवल एक होल्डिंग कंपनी है, इसका कोई दूसरा कारोबार नहीं है। भारत में इसकी उपस्थिति दो रास्तों से है, एक इसके नीचे की कुछ होल्डिंग इकाइयों के जरिये और दूसरा उन कंपनियों के जरिये जो सौर और पवन से बिजली बनाती हैं। खरीदार कंपनी अपनी अनुषंगियों के साथ सौर और पवन ऊर्जा से बिजली बनाती है और कैप्टिव ईपीसी यानी इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण का काम भी करती है।

आयोग की भूमिका क्यों

कानून में तय सीमा से बड़े विलय और अधिग्रहण भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की जांच के बाद ही पूरे किए जा सकते हैं। आयोग देखता है कि सौदे से संबंधित बाजार में प्रतिस्पर्धा कमजोर तो नहीं होगी। ये दोनों संयोजन इस जांच से पार हो गए हैं, इसलिए पक्षकार इन्हें पूरा कर सकते हैं। परीक्षार्थी के लिए याद रखने की बात यही है कि सीसीआई देश का प्रतिस्पर्धा नियामक है और बड़े अधिग्रहणों में उसकी मंजूरी आखिरी पड़ाव होती है।

महत्वपूर्ण तथ्य

नियामकभारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई)
पहला सौदाइंटेलीस्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड की 100% हिस्सेदारी अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड को
पहले सौदे के विक्रेताराष्ट्रीय निवेश एवं अवसंरचना कोष (एनआईआईएफ) और एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल)
दूसरा सौदासोलेनर्जी पावर प्राइवेट लिमिटेड की 100% हिस्सेदारी आदित्य बिड़ला रिन्यूएबल्स लिमिटेड को
दूसरे सौदे का विक्रेताशेल ओवरसीज इन्वेस्टमेंट बी.वी.
सोलेनर्जी पावर का पंजीकरणमॉरीशस
मंजूरी की तिथि31 अक्टूबर 2026

परीक्षा की दृष्टि से

जोड़ियां याद रखें। इंटेलीस्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस को मिल रही है, जिसमें विक्रेता एनआईआईएफ और ईईएसएल हैं, तथा सोलेनर्जी पावर आदित्य बिड़ला रिन्यूएबल्स को, जिसमें विक्रेता शेल ओवरसीज इन्वेस्टमेंट बी.वी. है। दोनों में 100% हिस्सेदारी है और दोनों को सीसीआई ने मंजूरी दी है। इंटेलीस्मार्ट और उसका खरीदार, दोनों उन्नत मीटरिंग अवसंरचना में हैं और सोलेनर्जी पावर मॉरीशस में पंजीकृत है।

अभ्यास प्रश्न

Q1.अर्थव्यवस्थाआसान

इंटेलीस्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड की 100% इक्विटी शेयर पूंजी खरीदने के लिए किस कंपनी को सीसीआई की मंजूरी मिली है?

  1. A.आदित्य बिड़ला रिन्यूएबल्स लिमिटेड
  2. B.अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड
  3. C.एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड
  4. D.शेल ओवरसीज इन्वेस्टमेंट बी.वी.
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने इस कंपनी को इंटेलीस्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड की पूरी इक्विटी शेयर पूंजी खरीदने की अनुमति दी है।

Q2.अर्थव्यवस्थामध्यम

आदित्य बिड़ला रिन्यूएबल्स लिमिटेड सोलेनर्जी पावर प्राइवेट लिमिटेड की 100% जारी शेयर पूंजी किससे खरीद रही है?

  1. A.राष्ट्रीय निवेश एवं अवसंरचना कोष
  2. B.एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड
  3. C.शेल ओवरसीज इन्वेस्टमेंट बी.वी.
  4. D.अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. शेल ओवरसीज इन्वेस्टमेंट बी.वी.

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने इस फर्म द्वारा सोलेनर्जी पावर प्राइवेट लिमिटेड की पूरी जारी शेयर पूंजी आदित्य बिड़ला रिन्यूएबल्स लिमिटेड को बेचने की मंजूरी दी है।

Q3.अर्थव्यवस्थाकठिन

आदित्य बिड़ला रिन्यूएबल्स के सौदे का लक्ष्य सोलेनर्जी पावर प्राइवेट लिमिटेड किस देश में पंजीकृत है?

  1. A.मॉरीशस
  2. B.सिंगापुर
  3. C.नीदरलैंड
  4. D.फ्रांस
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. मॉरीशस

सोलेनर्जी पावर प्राइवेट लिमिटेड को मॉरीशस में पंजीकृत होल्डिंग कंपनी बताया गया है, जिसका निवेश रखने के अलावा कोई कारोबार नहीं है, और भारत से उसका संबंध नीचे की कुछ होल्डिंग इकाइयों तथा सौर और पवन ऊर्जा से बिजली बनाने वाली कंपनियों के जरिये है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंटेलीस्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर को कौन खरीद रही है?

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड, जिसे एनआईआईएफ और ईईएसएल से इसकी 100% इक्विटी शेयर पूंजी खरीदने की सीसीआई मंजूरी मिली है। इंटेलीस्मार्ट उन्नत मीटरिंग अवसंरचना और स्मार्ट गैस मीटर के कारोबार में है।

सोलेनर्जी पावर को कौन बेच रहा है?

विक्रेता शेल ओवरसीज इन्वेस्टमेंट बी.वी. है और खरीदार आदित्य बिड़ला रिन्यूएबल्स लिमिटेड, जो जारी शेयर पूंजी का 100% ले रही है। सोलेनर्जी पावर मॉरीशस में पंजीकृत होल्डिंग कंपनी है।

सीसीआई की मंजूरी क्यों आवश्यक थी?

कानून में तय सीमा से बड़े विलय और अधिग्रहण की जांच भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग करता है और देखता है कि बाजार में प्रतिस्पर्धा को नुकसान न हो। आयोग की मंजूरी के बाद ही ऐसा संयोजन पूरा किया जा सकता है।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLबैंकिंग