आदित्य बिड़ला रिन्यूएबल्स लिमिटेड सोलेनर्जी पावर प्राइवेट लिमिटेड की 100% जारी शेयर पूंजी किससे खरीद रही है?
- A.राष्ट्रीय निवेश एवं अवसंरचना कोष
- B.एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड
- C.शेल ओवरसीज इन्वेस्टमेंट बी.वी.
- D.अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर शेल ओवरसीज इन्वेस्टमेंट बी.वी. है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने इस फर्म द्वारा सोलेनर्जी पावर प्राइवेट लिमिटेड की पूरी जारी शेयर पूंजी आदित्य बिड़ला रिन्यूएबल्स लिमिटेड को बेचने की मंजूरी दी है। सोलेनर्जी पावर मॉरीशस में पंजीकृत है, निवेश रखने के अलावा उसका कोई कारोबार नहीं है और भारत में उसकी उपस्थिति अपने नीचे की होल्डिंग इकाइयों तथा सौर और पवन से बिजली बनाने वाली कंपनियों के जरिये है। खरीदार कंपनी अपनी अनुषंगियों के साथ सौर और पवन ऊर्जा से बिजली बनाती है और कैप्टिव इंजीनियरिंग, खरीद तथा निर्माण का काम भी करती है। विकल्प A और B गलत हैं, क्योंकि राष्ट्रीय निवेश एवं अवसंरचना कोष तथा एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड उसी दिन मंजूर हुए दूसरे सौदे के विक्रेता हैं, जिसमें अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस इंटेलीस्मार्ट को खरीद रही है। विकल्प D इसी कारण गलत है, क्योंकि अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस उस अलग सौदे में खरीदार है और यहां कुछ नहीं बेच रही।
पूरा लेख पढ़ें: सीसीआई ने बिजली क्षेत्र के दो बड़े सौदों को मंजूरी दी
अभ्यास प्रश्न
इंटेलीस्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड की 100% इक्विटी शेयर पूंजी खरीदने के लिए किस कंपनी को सीसीआई की मंजूरी मिली है?
- A.आदित्य बिड़ला रिन्यूएबल्स लिमिटेड
- B.अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड
- C.एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड
- D.शेल ओवरसीज इन्वेस्टमेंट बी.वी.
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भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने इस कंपनी को इंटेलीस्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड की पूरी इक्विटी शेयर पूंजी खरीदने की अनुमति दी है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आदित्य बिड़ला रिन्यूएबल्स के सौदे का लक्ष्य सोलेनर्जी पावर प्राइवेट लिमिटेड किस देश में पंजीकृत है?
- A.मॉरीशस
- B.सिंगापुर
- C.नीदरलैंड
- D.फ्रांस
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सोलेनर्जी पावर प्राइवेट लिमिटेड को मॉरीशस में पंजीकृत होल्डिंग कंपनी बताया गया है, जिसका निवेश रखने के अलावा कोई कारोबार नहीं है, और भारत से उसका संबंध नीचे की कुछ होल्डिंग इकाइयों तथा सौर और पवन ऊर्जा से बिजली बनाने वाली कंपनियों के जरिये है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कपास आयात शुल्क छूट बढ़ाने के घोषित उद्देश्यों में निम्नलिखित में से कौन शामिल नहीं है?
- A.घरेलू वस्त्र क्षेत्र के लिए कपास की उपलब्धता बढ़ाना
- B.सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को सहारा देना
- C.कपास उत्पादकों को मिलने वाला न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाना
- D.वस्त्र एवं परिधान श्रृंखला में मूल्यवर्धन को बढ़ावा देना
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यह छूट आयात से जुड़ा उपाय है और किसानों को आश्वस्त किए जाने वाले मूल्य से इसका सीधा संबंध नहीं है, हालांकि सरकार ने कहा है कि ऐसे कदम उठाते समय वह किसानों के हितों के प्रति सजग रहती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कपास आयात पर मौजूदा सीमा शुल्क छूट को कितनी अवधि के लिए बढ़ाया गया है?
- A.एक महीना
- B.दो महीने
- C.छह महीने
- D.एक वर्ष
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लागू छूट अक्टूबर के अंत तक उपलब्ध थी और संशोधन उसे दिसंबर के अंत तक ले जाता है, अर्थात खिड़की में ठीक दो महीने जुड़ते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कपास आयात पर सीमा शुल्क छूट के विस्तार की अधिसूचना किस विभाग ने जारी की?
- A.वित्त मंत्रालय, राजस्व विभाग
- B.वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, वाणिज्य विभाग
- C.कृषि एवं किसान कल्याण विभाग
- D.वस्त्र मंत्रालय, वस्त्र आयुक्त कार्यालय
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सीमा शुल्क एक कर है, इसलिए उसमें बदलाव वित्त मंत्रालय के राजस्व पक्ष द्वारा अधिसूचित किया जाता है और इस मामले में अक्टूबर के अंत की तारीख वाली सीमा शुल्क अधिसूचना से यह किया गया।
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