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GK24

सीबीएन ने मध्य प्रदेश में 10.84 टन से अधिक मादक पदार्थ नष्ट किए

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने मध्य प्रदेश में 10,842.150 किलोग्राम जब्त मादक पदार्थ नष्ट किए तथा 154.375 किलोग्राम जब्त अफीम नीमच में जमा कराई।

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सीबीएन ने मध्य प्रदेश में 10.84 टन से अधिक मादक पदार्थ नष्ट किए

चर्चा में क्यों

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने मध्य प्रदेश में 10,842.150 किलोग्राम जब्त मादक पदार्थ नष्ट किए, 154.375 किलोग्राम अफीम नीमच के सरकारी अफीम एवं क्षारोद कारखाने में जमा कराई तथा दो नई जब्तियों की जानकारी दी।

वित्त मंत्रालय के अधीन काम करने वाले केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) की मध्य प्रदेश इकाई ने विक्रम सीमेंट, खोर में जब्त मादक पदार्थों का बड़ा निपटान किया। कुल 10,842.150 किलोग्राम प्रतिबंधित सामग्री को स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 के तहत नष्ट किया गया।

क्या नष्ट किया गया

यह दहन अधिकृत निपटान प्रक्रिया से हुआ, जिस पर औषधि निपटान समिति की नज़र रही और मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का प्रतिनिधि भी उपस्थित रहा, ताकि यह सामग्री न तो अवैध कारोबार में लौटे और न ही पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए।

मादक पदार्थमात्रा
पोस्ता भूसा10,823.990 किलोग्राम
हेरोइन7.535 किलोग्राम
चरस7.400 किलोग्राम
मेफेड्रोन3.175 किलोग्राम
ब्राउन शुगर0.050 किलोग्राम

अफीम नीमच भेजी गई

इस विनष्टीकरण के साथ ही ब्यूरो ने 154.375 किलोग्राम जब्त अफीम मध्य प्रदेश के नीमच स्थित सरकारी अफीम एवं क्षारोद कारखाना (जीओएडब्ल्यू) में जमा कराई, जहाँ जब्त अफीम को वैध रूप से रखा और संसाधित किया जाता है।

उसी दिन दो जब्तियाँ

ब्यूरो ने दो कार्रवाइयों की जानकारी भी दी। सूचना के आधार पर सीबीएन मंदसौर के निवारक एवं आसूचना प्रकोष्ठ ने 30 सितंबर 2026 को कांजरदा से मनासा जाने वाले मार्ग पर एक मोटरसाइकिल रोककर दो पैकेटों में 4.240 किलोग्राम अफीम बरामद की। एक व्यक्ति गिरफ्तार हुआ और मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। दूसरे मामले में सीबीएन जयपुर के अधिकारियों ने विदेशी डाकघर, जयपुर में थाईलैंड से आए संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय पार्सल की जाँच की। केक के 29 पाउच में छिपाकर रखी गई 1.080 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद हुई, जिसे पकड़ में न आने के लिए सामान्य पैकेटों के बीच मिला दिया गया था। ब्यूरो ने कहा कि उसका तरीका आसूचना आधारित कार्रवाई, जब्ती, अन्वेषण और अभियोजन के साथ जब्त सामग्री के समय पर निपटान को जोड़ता है, जो नशा मुक्त भारत के लक्ष्य के अनुरूप है।

महत्वपूर्ण तथ्य

एजेंसीकेंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो, वित्त मंत्रालय के अधीन
नष्ट मात्रा10,842.150 किलोग्राम जब्त मादक पदार्थ
विनष्टीकरण स्थलविक्रम सीमेंट, खोर, मध्य प्रदेश
लागू कानूनस्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985
सबसे बड़ी मदपोस्ता भूसा, 10,823.990 किलोग्राम
जमा अफीम154.375 किलोग्राम, सरकारी अफीम एवं क्षारोद कारखाना, नीमच
अफीम जब्तीकांजरदा से मनासा मार्ग पर 4.240 किलोग्राम, एक व्यक्ति गिरफ्तार
पार्सल जब्तीविदेशी डाकघर, जयपुर में थाईलैंड से आए पार्सल के 29 केक पाउच में 1.080 किलोग्राम गांजा

परीक्षा की दृष्टि से

यह याद रखें कि केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो वित्त मंत्रालय के अधीन है, संबंधित कानून एनडीपीएस अधिनियम 1985 है, जब्त अफीम नीमच के सरकारी अफीम एवं क्षारोद कारखाने में जमा होती है, विनष्टीकरण स्थल मध्य प्रदेश के खोर स्थित विक्रम सीमेंट था, तथा थाईलैंड से आए पार्सल में केक के पाउच में गांजा छिपा था।

अभ्यास प्रश्न

Q1.राष्ट्रीयआसान

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने जब्त मादक पदार्थ किस कानून के अंतर्गत नष्ट किए?

  1. A.सीमा शुल्क अधिनियम, 1962
  2. B.एनडीपीएस अधिनियम, 1985
  3. C.धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002
  4. D.अफीम अधिनियम, 1878
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एनडीपीएस अधिनियम, 1985

व्याख्या

सही उत्तर एनडीपीएस अधिनियम, 1985 अर्थात स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम है। जब्त सामग्री का विनष्टीकरण इसी कानून में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार हुआ और अधिकृत निपटान औषधि निपटान समिति की निगरानी में तथा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि की उपस्थिति में किया गया, ताकि सामग्री सुरक्षित ढंग से जलाई जाए और अवैध कारोबार में वापस न पहुँच सके। विकल्प A गलत है क्योंकि सीमा शुल्क कानून आयात-निर्यात शुल्क और सामान्य तस्करी से संबंधित है, मादक पदार्थों के निपटान से नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि धन शोधन कानून अपराध से अर्जित धन से जुड़ा है, जब्त सामग्री से नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि पुराना अफीम कानून इन प्रयोजनों के लिए वर्तमान अधिनियम से प्रतिस्थापित हो चुका है। ब्यूरो ने दोनों नई जब्तियों में भी इसी कानून का उल्लेख किया।

Q2.राष्ट्रीयमध्यम

जब्त अफीम किस स्थान पर स्थित सरकारी अफीम एवं क्षारोद कारखाने में जमा कराई गई?

  1. A.मंदसौर
  2. B.खोर
  3. C.नीमच
  4. D.जयपुर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. नीमच

व्याख्या

सही उत्तर नीमच है। अधिकांश जब्त सामग्री के विनष्टीकरण के साथ ही ब्यूरो ने निर्धारित निपटान प्रक्रिया के भाग के रूप में 154.375 किलोग्राम जब्त अफीम मध्य प्रदेश के नीमच स्थित सरकारी अफीम एवं क्षारोद कारखाने में जमा कराई। विकल्प A गलत है क्योंकि मंदसौर उस निवारक एवं आसूचना प्रकोष्ठ का केंद्र है जिसके अधिकारियों ने मनासा की ओर जाने वाले मार्ग पर अलग अफीम जब्ती की थी। विकल्प B गलत है क्योंकि खोर वह स्थान है जहाँ स्थित सीमेंट संयंत्र में विनष्टीकरण हुआ, जो इसी प्रक्रिया का एक अलग चरण है। विकल्प D गलत है क्योंकि जयपुर में विदेशी डाकघर पर विदेश से आए पार्सल की जाँच हुई थी। परीक्षार्थी नीमच को अफीम के वैध रखरखाव और प्रसंस्करण के केंद्र के रूप में याद रखें।

Q3.राष्ट्रीयमध्यम

जयपुर के विदेशी डाकघर में जब्त हाइड्रोपोनिक गांजा किस देश से आए पार्सल में था?

  1. A.म्यांमार
  2. B.थाईलैंड
  3. C.नेपाल
  4. D.अफगानिस्तान
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. थाईलैंड

व्याख्या

सही उत्तर थाईलैंड है। संदिग्ध खेप की विशेष सूचना पर ब्यूरो के जयपुर कार्यालय के अधिकारियों ने विदेशी डाकघर में उस देश से आए अंतरराष्ट्रीय पार्सल की जाँच की और केक के 29 पाउच के भीतर छिपाकर रखी गई 1.080 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद की, जिसे अन्य केक पैकेटों और सामान के बीच इस तरह मिलाया गया था कि वह ध्यान में न आए। विकल्प A, C और D उन देशों के नाम हैं जिनकी चर्चा इस क्षेत्र के मादक पदार्थ मार्गों के संदर्भ में अक्सर होती है, परंतु इस मामले में पार्सल थाईलैंड से आया था। यह प्रकरण याद दिलाता है कि डाक और कूरियर खेपों पर प्रवर्तन एजेंसियाँ कड़ी नज़र रखती हैं और ब्यूरो विशेष सूचनाओं के आधार पर अंतरराष्ट्रीय खेपों की निगरानी करता है।

Q4.राष्ट्रीयमध्यम

मध्य प्रदेश में नष्ट की गई सामग्री में सबसे बड़ा हिस्सा किस मादक पदार्थ का था?

  1. A.हेरोइन
  2. B.चरस
  3. C.मेफेड्रोन
  4. D.पोस्ता भूसा
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. पोस्ता भूसा

व्याख्या

सही उत्तर पोस्ता भूसा है। निपटान कार्रवाई में नष्ट की गई कुल सामग्री में पोस्ता भूसा 10,823.990 किलोग्राम था, जो लगभग पूरी खेप के बराबर है। शेष मदें मात्रा में बहुत कम थीं: हेरोइन 7.535 किलोग्राम, चरस 7.400 किलोग्राम, मेफेड्रोन 3.175 किलोग्राम और ब्राउन शुगर 0.050 किलोग्राम, जो पोस्ता भूसे के साथ मिलकर कार्रवाई का कुल आँकड़ा बनाती हैं। इसलिए विकल्प A, B और C ऐसे पदार्थों के नाम हैं जो नष्ट की गई सामग्री में शामिल तो थे, परंतु बहुत कम मात्रा में। यह अंतर इसलिए महत्वपूर्ण है कि पोस्ता भूसा भारी वनस्पति सामग्री है, जबकि हेरोइन, चरस और मेफेड्रोन सांद्र पदार्थ हैं जिनकी तस्करी बहुत कम वजन में होती है, और परीक्षाओं में अनुपात की यही समझ परखी जाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जब्त मादक पदार्थ किस कानून के तहत नष्ट किए गए?

स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 के तहत। निपटान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार हुआ और औषधि निपटान समिति ने इसकी निगरानी की।

जब्त अफीम कहाँ जमा कराई गई?

मध्य प्रदेश के नीमच स्थित सरकारी अफीम एवं क्षारोद कारखाने में। निपटान प्रक्रिया के भाग के रूप में वहाँ 154.375 किलोग्राम जब्त अफीम जमा कराई गई।

जयपुर के मामले में गांजा कैसे छिपाया गया था?

थाईलैंड से आए अंतरराष्ट्रीय पार्सल में रखे केक के 29 पाउच के भीतर, जिन्हें अन्य केक पैकेटों और सामान के बीच मिला दिया गया था ताकि वह पकड़ में न आए।

स्रोत

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