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सीएक्यूएम ने अमृतसर, तरनतारन में पराली रोकने के उपाय परखे

डॉ. एस.डी. अत्री की अध्यक्षता वाली सीएक्यूएम टीम ने पंजाब के अमृतसर और तरनतारन जिला प्रशासन के साथ पराली जलाने से रोकने के उपायों की समीक्षा की।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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सीएक्यूएम ने अमृतसर, तरनतारन में पराली रोकने के उपाय परखे

चर्चा में क्यों

10 अक्टूबर 2026 को सीएक्यूएम के सदस्य (तकनीकी) डॉ. एस.डी. अत्री की अध्यक्षता वाली टीम ने हॉटस्पॉट गांवों के दौरे के बाद अमृतसर में दोनों जिला प्रशासनों के साथ पराली जलाने से रोकने के उपायों की समीक्षा बैठक की।

एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की एक उच्च स्तरीय टीम धान की कटाई के चालू मौसम में पंजाब के अमृतसर और तरनतारन जिलों में पहुंची। टीम का नेतृत्व आयोग के सदस्य (तकनीकी) डॉ. एस.डी. अत्री ने किया। ये दोनों जिले धान की पराली जलाने के हॉटस्पॉट माने जाते हैं। पराली जलाना राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और उससे सटे इलाकों में सर्दियों के वायु प्रदूषण का एक बड़ा कारण है।

समीक्षा बैठक

खेतों के दौरे के साथ टीम ने 10 अक्टूबर 2026 को अमृतसर में दोनों जिलों के उपायुक्तों तथा अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। चर्चा का केंद्र यह रहा कि खेत में ही पराली के उपयोग (इन-सीटू) और खेत से बाहर उसके उपयोग (एक्स-सीटू) के लिए विभागों तथा जिला प्रशासन की तैयारी कितनी है और आपसी तालमेल कैसा है। आयोग ने किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) मशीनें समय पर देने, जागरूकता बढ़ाने तथा सूचना, शिक्षा एवं संचार से जुड़े कामों पर बल दिया।

जिलों ने क्या बताया

चुने हुए हॉटस्पॉट गांवों और सुविधाओं का दौरा 9 तथा 10 अक्टूबर 2026 को किया गया। अमृतसर में अधिकारियों ने कटाई एवं खरीद की स्थिति और सीआरएम मशीनरी की तैनाती की जानकारी दी। अमृतसर तथा पड़ोसी जिलों की बेलर मशीनें पराली इकट्ठा कर रही हैं और बॉयलर चलाने वाले उद्योगों के साथ आपूर्ति श्रृंखला बनाई गई है, जिससे किसान और संग्राहक जुड़े हैं। जिले ने जिला प्रशासनिक परिसर में कंट्रोल रूम तथा हेल्प डेस्क बनाया है ताकि मशीन की जरूरत वाले किसान पहचाने जा सकें, और आग की सूचना देने के लिए हेल्पलाइन जारी की है। तरनतारन में अधिकारियों ने बताया कि सीआरएम मशीनरी की खरीद एवं उपलब्धता के लक्ष्य काफी हद तक पूरे हो चुके हैं तथा नोडल एवं क्लस्टर अधिकारियों के जरिये गश्त और निगरानी चल रही है।

पंजाब में फ्लाइंग स्क्वाड

निगरानी व्यवस्था के तहत आयोग ने पंजाब के 18 जिलों में 1 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक की अवधि के लिए फ्लाइंग स्क्वाड तैनात किए हैं। इनमें संगरूर, तरनतारन, फिरोजपुर, मुक्तसर, बठिंडा, अमृतसर, मोगा, मानसा, फाजिल्का, पटियाला, लुधियाना, कपूरथला, फरीदकोट, बरनाला, मलेरकोटला, गुरदासपुर, जालंधर और फतेहगढ़ साहिब शामिल हैं। आयोग ने कहा कि हॉटस्पॉट इलाकों में कम लागत वाले सेंसर तथा निगरानी के अन्य तरीकों में कोई ढील न हो, और किसानों, संग्राहकों एवं उद्योगों के बीच तालमेल बढ़ाया जाए जिससे एक्स-सीटू आपूर्ति श्रृंखला, बेलर, कंट्रोल रूम तथा क्षेत्रीय कर्मचारियों का पूरा उपयोग हो।

महत्वपूर्ण तथ्य

संस्थाएनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम)
टीम का नेतृत्वडॉ. एस.डी. अत्री, सदस्य (तकनीकी), सीएक्यूएम
दौरा किए गए जिलेअमृतसर और तरनतारन, पंजाब
समीक्षा बैठकअमृतसर, 10 अक्टूबर 2026, दोनों जिलों के उपायुक्तों के साथ
क्षेत्र दौरेहॉटस्पॉट गांवों में 9 और 10 अक्टूबर 2026 को
फ्लाइंग स्क्वाडपंजाब के 18 जिलों में, 1 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक
मशीनरीइन-सीटू और एक्स-सीटू उपयोग के लिए सीआरएम मशीनें तथा बेलर
मंत्रालयपर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें कि सीएक्यूएम का पूरा नाम एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग है, डॉ. एस.डी. अत्री इसके सदस्य (तकनीकी) हैं, अमृतसर व तरनतारन पंजाब के पराली हॉटस्पॉट जिले हैं, फ्लाइंग स्क्वाड 18 जिलों में 1 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक तैनात हैं, और इन-सीटू तथा एक्स-सीटू प्रबंधन का अंतर सीआरएम मशीनों एवं बेलर से जुड़ा है।

अभ्यास प्रश्न

Q1.पर्यावरणआसान

सीएक्यूएम की टीम ने पराली जलाने से रोकने के उपायों की समीक्षा के लिए पंजाब के किन दो जिलों का दौरा किया?

  1. A.लुधियाना और पटियाला
  2. B.अमृतसर और तरनतारन
  3. C.संगरूर और बठिंडा
  4. D.मोगा और मानसा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अमृतसर और तरनतारन

व्याख्या

सही उत्तर अमृतसर और तरनतारन है। उच्च स्तरीय टीम ने धान की कटाई के मौसम में इन दोनों जिलों का दौरा किया, क्योंकि दोनों को पराली जलाने के हॉटस्पॉट के रूप में पहचाना गया है, और उपायुक्तों के साथ समीक्षा बैठक अमृतसर में हुई। विकल्प ए, सी और डी में दिए सभी नाम पंजाब के जिलों के हैं और ये उन अठारह जिलों की सूची में भी आते हैं जहां आयोग ने इस मौसम के लिए फ्लाइंग स्क्वाड तैनात किए हैं, लेकिन इस दौरे और समीक्षा बैठक का विषय वे नहीं थे। इसलिए लुधियाना-पटियाला, संगरूर-बठिंडा तथा मोगा-मानसा संभावित दिखने पर भी गलत हैं। अंतर यही समझना है कि जमीन पर समीक्षा दो जिलों की हुई, जबकि निगरानी का दायरा अधिक जिलों तक फैला है।

Q2.पर्यावरणमध्यम

आयोग ने धान की कटाई के मौसम के लिए पंजाब के कितने जिलों में फ्लाइंग स्क्वाड तैनात किए हैं?

  1. A.12
  2. B.15
  3. C.18
  4. D.22
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 18

व्याख्या

सही उत्तर 18 है। निगरानी व्यवस्था के हिस्से के रूप में आयोग ने पंजाब के अठारह जिलों में अक्टूबर की पहली तारीख से नवंबर की अंतिम तारीख तक की अवधि के लिए फ्लाइंग स्क्वाड तैनात किए हैं। इन जिलों में संगरूर, तरनतारन, फिरोजपुर, मुक्तसर, बठिंडा, अमृतसर, मोगा, मानसा, फाजिल्का, पटियाला, लुधियाना, कपूरथला, फरीदकोट, बरनाला, मलेरकोटला, गुरदासपुर, जालंधर तथा फतेहगढ़ साहिब शामिल हैं। विकल्प ए, बी और डी में दी गई संख्याएं इस सूची से मेल नहीं खातीं, इसलिए वे गलत हैं। ध्यान रखें कि फ्लाइंग स्क्वाड निगरानी की केवल एक परत है; जिला, नोडल व क्लस्टर अधिकारी, कम लागत वाले सेंसर, कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन भी इसी व्यवस्था का हिस्सा हैं। इसलिए संख्या और जिलों की सूची, दोनों को जोड़कर याद रखना परीक्षा में अधिक उपयोगी रहता है।

Q3.पर्यावरणमध्यम

पंजाब में पराली रोकने के उपायों की समीक्षा करने वाली सीएक्यूएम की उच्च स्तरीय टीम का नेतृत्व किसने किया?

  1. A.सीएक्यूएम के अध्यक्ष
  2. B.डॉ. एस.डी. अत्री, सदस्य (तकनीकी), सीएक्यूएम
  3. C.अमृतसर के उपायुक्त
  4. D.पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. डॉ. एस.डी. अत्री, सदस्य (तकनीकी), सीएक्यूएम

व्याख्या

सही उत्तर डॉ. एस.डी. अत्री, सदस्य (तकनीकी), सीएक्यूएम हैं, जिनकी अध्यक्षता में टीम ने दोनों हॉटस्पॉट जिलों का दौरा किया और समीक्षा बैठक की। विकल्प ए गलत है क्योंकि इस दौरे का नेतृत्व आयोग के अध्यक्ष ने नहीं, बल्कि सदस्य (तकनीकी) ने किया। विकल्प सी गलत है क्योंकि अमृतसर और तरनतारन के उपायुक्त वे जिला अधिकारी थे जिन्होंने दौरे पर आई टीम को स्थिति की जानकारी दी, वे टीम के मुखिया नहीं थे। विकल्प डी गलत है क्योंकि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उन एजेंसियों में हैं जिनके कामों की समीक्षा आयोग करता है, इसलिए पंजाब बोर्ड के अध्यक्ष समीक्षा करने वाले पक्ष में नहीं होते। टीम का काम इन-सीटू तथा एक्स-सीटू तैयारी परखना था। परीक्षा में आयोग के पदाधिकारियों और जिला अधिकारियों की भूमिका अलग-अलग पहचानना जरूरी है, क्योंकि प्रश्न अक्सर इसी अंतर पर आधारित होते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएक्यूएम क्या है?

यह एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग है। इसके सदस्य (तकनीकी) डॉ. एस.डी. अत्री की अध्यक्षता वाली टीम ने पंजाब के अमृतसर तथा तरनतारन जिला प्रशासन के साथ पराली रोकने के उपायों की समीक्षा की।

आयोग ने पंजाब के कितने जिलों में फ्लाइंग स्क्वाड तैनात किए हैं?

पंजाब के 18 जिलों में, 1 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक की अवधि के लिए। इनमें संगरूर, तरनतारन, फिरोजपुर, मुक्तसर, बठिंडा, अमृतसर, पटियाला, लुधियाना, जालंधर और फतेहगढ़ साहिब शामिल हैं।

इन-सीटू और एक्स-सीटू प्रबंधन में क्या अंतर है?

इन-सीटू में पराली खेत में ही सीआरएम मशीनों की मदद से मिला दी जाती या उपयोग कर ली जाती है, जबकि एक्स-सीटू में बेलर तथा संग्राहकों के जरिये उसे खेत से बाहर ले जाकर बॉयलर चलाने वाले उद्योगों में उपयोग किया जाता है।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 10 अक्टूबर 2026

  1. वन अधिकार अधिनियम पर दूसरा क्षेत्रीय समीक्षा सम्मेलन कोलकाता मेंराष्ट्रीय
  2. तरंग शक्ति 2026 का दूसरा संस्करण जोधपुर में आयोजितरक्षा
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