अक्तूबर 2026 में नई दिल्ली में हुई जीबी पंत हिमालयी पर्यावरण एवं विकास सोसायटी की 27वीं बैठक की अध्यक्षता किसने की?
- A.केंद्रीय जल शक्ति मंत्री
- B.केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री
- C.केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री
- D.केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव हैं, जिन्होंने नई दिल्ली में इस बैठक की अध्यक्षता की और वहीं संस्थान के चार प्रकाशन जारी किए। सोसायटी हिमालय के पर्यावरण और विकास पर काम करती है तथा उनके मंत्रालय के दायरे में आती है, इसलिए बाकी विकल्प गलत हैं। जल शक्ति मंत्री जल संसाधन, नदी विकास और स्वच्छता देखते हैं, यह सोसायटी उनके अधीन नहीं है। पृथ्वी विज्ञान मंत्री समुद्र और वायुमंडल से जुड़े वैज्ञानिक संस्थानों को देखते हैं, और हिमालयी हिमनदों पर शोध कई मंत्रालयों के वैज्ञानिक करते हैं, फिर भी यह बैठक उनकी नहीं थी। जनजातीय कार्य मंत्री जनजातीय समुदायों के कल्याण का काम देखते हैं, और इस बैठक में मंत्री ने मूल निवासी ग्रामीणों की आजीविका की बात कही, पर वह जैव विविधता संरक्षण के संदर्भ में थी। बैठक में मंत्रालय के सचिव श्री नरेंद्र भूषण और महानिदेशक (वन) श्री संतोष तिवारी जैसे वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पूरा लेख पढ़ें: भूपेंद्र यादव ने जीबी पंत सोसायटी की 27वीं बैठक की अध्यक्षता की
अभ्यास प्रश्न
जीबी पंत हिमालयी पर्यावरण एवं विकास सोसायटी की 27वीं बैठक में संस्थान के कितने प्रकाशन जारी किए गए?
- A.दो
- B.तीन
- C.चार
- D.छह
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बैठक में जारी खंड क्रमशः भागीरथी पर्यावरण संवेदी क्षेत्र की जैव विविधता और उसके संरक्षण की पद्धतियों, गंगोत्री हिमनद तंत्र, भारतीय हिमालयी क्षेत्र के लिए ई-पीबीआर शासन तथा भारतीय हिमालयी क्षेत्र की रामसर आर्द्रभूमियों पर हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बैठक में चर्चा की गई नीतिगत रूपरेखा भारतीय हिमालयी क्षेत्र में पारिस्थितिक सुरक्षा और टिकाऊ सामाजिक-आर्थिक विकास में संतुलन किस वर्ष तक चाहती है?
- A.2030
- B.2035
- C.2040
- D.2047
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मंत्री ने बैठक में कहा कि भारतीय हिमालयी क्षेत्र के लिए ऐसी नीतिगत रूपरेखा पर लगातार ध्यान दिया गया है जो उस वर्ष तक पारिस्थितिक सुरक्षा और टिकाऊ सामाजिक-आर्थिक विकास को साथ लेकर चले, और यही स्वतंत्रता का सौवां वर्ष है जिसे सरकार अपने दीर्घकालिक लक्ष्यों के लिए आधार बनाती…
पूरी व्याख्या पढ़ें →गंगा बेसिन में 2017 से 2025 के बीच बीओडी भार में कितनी कमी आई?
- A.21.24 प्रतिशत
- B.39 प्रतिशत
- C.72.46 प्रतिशत
- D.65 प्रतिशत
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समीक्षा के अनुसार गंगा बेसिन का बीओडी भार 2017 के 26 टीपीडी से घटकर 2025 में 7.16 टीपीडी रह गया, जो 72.46 प्रतिशत की कमी बैठती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अत्यधिक प्रदूषणकारी उद्योगों के वार्षिक निरीक्षण के लिए राष्ट्रीय नियामक प्राधिकरण कौन संस्था है?
- A.राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन
- B.केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
- C.केंद्रीय भूजल बोर्ड
- D.राष्ट्रीय हरित अधिकरण
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गंगा बेसिन के अत्यधिक प्रदूषणकारी उद्योगों की वार्षिक निरीक्षण व्यवस्था 2017 में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहयोग से शुरू हुई और समीक्षा में इसे ही राष्ट्रीय नियामक प्राधिकरण बताया गया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नमामि गंगे के अंतर्गत 2025 के निरीक्षण चक्र में कितने अत्यधिक प्रदूषणकारी उद्योगों की जांच की गई?
- A.1,296
- B.2,407
- C.3,703
- D.3,154
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वर्ष 2025 के निरीक्षण चक्र में कुल 3,703 अत्यधिक प्रदूषणकारी उद्योगों की जांच हुई, जो छह राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के 113 जिलों में फैले थे और जिनसे गंगा तथा यमुना की 46 सहायक एवं उप-सहायक नदियों में अपशिष्ट जाने की आशंका रहती है।
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