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एएसआई 2024-25: विनिर्माण जीवीए में 9.28 प्रतिशत वृद्धि

सांख्यिकी मंत्रालय ने उद्योगों का वार्षिक सर्वेक्षण 2024-25 का खंड एक जारी किया, जिसमें विनिर्माण कॉरपोरेट क्षेत्र का जीवीए 9.28 प्रतिशत बढ़ा है।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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एएसआई 2024-25: विनिर्माण जीवीए में 9.28 प्रतिशत वृद्धि

चर्चा में क्यों

4 नवंबर 2026 को सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने उद्योगों का वार्षिक सर्वेक्षण 2024-25 के विस्तृत प्रकाशन जारी किए, जिनमें विनिर्माण कॉरपोरेट क्षेत्र का सकल मूल्य वर्धन पिछले वर्ष से 9.28 प्रतिशत अधिक रहा।

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने उद्योगों का वार्षिक सर्वेक्षण (एएसआई) 2024-25 के विस्तृत प्रकाशन जारी किए हैं, जिनमें खंड एक तथा कारखाना क्षेत्र के सारांश परिणाम शामिल हैं। इनके साथ इकाई स्तरीय आंकड़े और मेटाडेटा भी उपलब्ध कराए गए हैं। सर्वेक्षण वित्त वर्ष 2024-25, अर्थात अप्रैल 2024 से मार्च 2025 की अवधि को कवर करता है और क्षेत्र कार्य अक्टूबर 2025 से जून 2026 तक चला। इसी दौर का फैक्टशीट 30 सितंबर 2026 को जारी किया गया था।

पंजीकृत विनिर्माण का प्रदर्शन

पंजीकृत विनिर्माण क्षेत्र ने मुख्य आर्थिक मानकों पर वृद्धि दर्ज की। संयंत्र एवं मशीनरी के सकल मूल्य में पिछले वर्ष की तुलना में 7.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। कुल जीवीए में 89 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी रखने वाले विनिर्माण कॉरपोरेट क्षेत्र का जीवीए 9.28 प्रतिशत बढ़ा, चालू कारखानों की संख्या 3.45 प्रतिशत और कुल कार्यरत व्यक्तियों की संख्या 7.57 प्रतिशत बढ़ी। चालू कारखाने के हिसाब से शुद्ध मूल्य वर्धन में 6.59 प्रतिशत और प्रति कार्यरत व्यक्ति जीवीए में 2.25 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

रोजगार और उत्पादन

पांच उद्योग मिलकर देश के विनिर्माण रोजगार का 41 प्रतिशत से अधिक हिस्सा रखते हैं: खाद्य उत्पाद, कपड़ा, आधार धातु, मोटर वाहन और परिधान। उत्पादन के मोर्चे पर महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश शीर्ष पांच राज्य हैं, जिनके पास 2024-25 में देश के विनिर्माण जीवीए का 54 प्रतिशत से अधिक हिस्सा रहा।

छोटे और बड़े कारखाने

संयंत्र एवं मशीनरी के सकल मूल्य के आधार पर पांच करोड़ रुपये तक के निवेश वाले कारखाने वर्ष में चालू रही कुल इकाइयों के 78.69 प्रतिशत हैं, किंतु उनके पास स्थिर पूंजी का केवल 10.55 प्रतिशत है। वे 34.32 प्रतिशत कार्यरत व्यक्तियों को रोजगार देते हैं तथा उत्पादन में 19.24 प्रतिशत और शुद्ध मूल्य वर्धन में 17.61 प्रतिशत योगदान करते हैं। दूसरी ओर दस करोड़ रुपये और अधिक के संयंत्र एवं मशीनरी वाली इकाइयां चालू कारखानों की 15.84 प्रतिशत हैं, पर उनके पास स्थिर पूंजी का 87.42 प्रतिशत, रोजगार का 59.66 प्रतिशत, सकल उत्पादन का 76.82 प्रतिशत और शुद्ध मूल्य वर्धन का 78.07 प्रतिशत है।

सर्वेक्षण के बारे में

एएसआई में कारखाना अधिनियम, 1948 की धारा 2एम(i) और 2एम(ii) के अंतर्गत पंजीकृत कारखाने, 1966 के अधिनियम के तहत बीड़ी और सिगार प्रतिष्ठान, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण में पंजीकृत न होने वाले विद्युत उपक्रम तथा प्रतिष्ठानों के व्यावसायिक रजिस्टर में दर्ज 100 या अधिक कर्मचारियों वाली इकाइयां शामिल हैं। परिणाम राष्ट्रीय औद्योगिक वर्गीकरण, 2008 के उद्योग कोड के अनुसार प्रकाशित होते हैं और आंकड़े सांख्यिकी संग्रहण अधिनियम, 2008 के तहत वेब पोर्टल से एकत्र किए जाते हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

सर्वेक्षणउद्योगों का वार्षिक सर्वेक्षण (एएसआई) 2024-25
जारी करने वालासांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय
प्रकाशनखंड एक तथा कारखाना क्षेत्र के सारांश परिणाम, इकाई स्तरीय आंकड़ों सहित
संदर्भ अवधिअप्रैल 2024 से मार्च 2025; सर्वेक्षण अक्टूबर 2025 से जून 2026
विनिर्माण जीवीए वृद्धिकॉरपोरेट क्षेत्र में 9.28 प्रतिशत
प्रति कारखाना शुद्ध मूल्य वर्धन6.59 प्रतिशत की वृद्धि
प्रति कार्यरत व्यक्ति जीवीए2.25 प्रतिशत की वृद्धि
जीवीए में शीर्ष पांच राज्यमहाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश
उद्योग वर्गीकरणराष्ट्रीय औद्योगिक वर्गीकरण (एनआईसी), 2008

परीक्षा की दृष्टि से

सर्वेक्षण का नाम (उद्योगों का वार्षिक सर्वेक्षण 2024-25), मंत्रालय (सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन), संदर्भ वर्ष 2024-25 और क्षेत्र अवधि अक्टूबर 2025 से जून 2026, जीवीए में 9.28 प्रतिशत, प्रति कारखाना शुद्ध मूल्य वर्धन में 6.59 प्रतिशत और प्रति व्यक्ति जीवीए में 2.25 प्रतिशत वृद्धि, शीर्ष पांच रोजगार देने वाले उद्योग, जीवीए में शीर्ष पांच राज्य तथा कारखाना अधिनियम, 1948 और सांख्यिकी संग्रहण अधिनियम, 2008 याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.रिपोर्ट और सूचकांकमध्यम

उद्योगों का वार्षिक सर्वेक्षण 2024-25 के अनुसार विनिर्माण कॉरपोरेट क्षेत्र का सकल मूल्य वर्धन पिछले वर्ष की तुलना में कितना बढ़ा?

  1. A.6.59 प्रतिशत
  2. B.7.25 प्रतिशत
  3. C.9.28 प्रतिशत
  4. D.2.25 प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 9.28 प्रतिशत

यह विनिर्माण कॉरपोरेट क्षेत्र के सकल मूल्य वर्धन में हुई वृद्धि है, जिसकी कुल जीवीए में हिस्सेदारी 89 प्रतिशत से अधिक है।

Q2.रिपोर्ट और सूचकांकमध्यम

2024-25 में भारत के विनिर्माण सकल मूल्य वर्धन का 54 प्रतिशत से अधिक हिस्सा किन पांच राज्यों के पास था?

  1. A.महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश
  2. B.गुजरात, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और केरल
  3. C.पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, झारखंड और असम
  4. D.महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, गोवा और दिल्ली
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश

सर्वेक्षण इन्हीं पांच राज्यों को सकल मूल्य वर्धन में अग्रणी बताता है, जिनका मिलाकर देश के विनिर्माण जीवीए में 54 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है।

Q3.रिपोर्ट और सूचकांककठिन

उद्योगों के वार्षिक सर्वेक्षण में शामिल कारखाने मुख्य रूप से किस कानून के अंतर्गत पंजीकृत होते हैं?

  1. A.उद्योग (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1951
  2. B.कारखाना अधिनियम, 1948
  3. C.कंपनी अधिनियम, 2013
  4. D.सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास अधिनियम, 2006
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कारखाना अधिनियम, 1948

सर्वेक्षण में इस अधिनियम की धारा 2एम(i) और 2एम(ii) के अंतर्गत पंजीकृत कारखाने शामिल होते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एएसआई 2024-25 में विनिर्माण कॉरपोरेट क्षेत्र की वृद्धि कितनी रही?

इसका सकल मूल्य वर्धन पिछले वर्ष से 9.28 प्रतिशत बढ़ा। कुल जीवीए में 89 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी रखने वाले इसी क्षेत्र में चालू कारखाने 3.45 प्रतिशत और कार्यरत व्यक्ति 7.57 प्रतिशत बढ़े।

विनिर्माण सकल मूल्य वर्धन में कौन से राज्य आगे हैं?

महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश, जिनका मिलाकर 2024-25 में देश के विनिर्माण जीवीए में 54 प्रतिशत से अधिक हिस्सा रहा।

भारतीय विनिर्माण में सबसे अधिक रोजगार कौन से उद्योग देते हैं?

खाद्य उत्पाद, कपड़ा, आधार धातु, मोटर वाहन और परिधान, जो मिलकर 2024-25 में कुल विनिर्माण रोजगार का 41 प्रतिशत से अधिक हिस्सा देते हैं।

स्रोत

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