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आईएनएस त्रिशूल इटली के सिविटावेकिया बंदरगाह पहुंचा

भूमध्य सागर में तैनात भारतीय नौसेना का जहाज त्रिशूल इतालवी नौसेना के जहाज कार्लो मार्गोटिनी के साथ मार्ग अभ्यास के बाद इटली के सिविटावेकिया पहुंचा।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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आईएनएस त्रिशूल इटली के सिविटावेकिया बंदरगाह पहुंचा

चर्चा में क्यों

भारतीय नौसेना का जहाज त्रिशूल भूमध्य सागर में अपनी चल रही परिचालन तैनाती के दौरान 25 अक्टूबर 2026 को इटली के सिविटावेकिया पहुंचा, और इससे पहले उसने इतालवी नौसेना के जहाज कार्लो मार्गोटिनी के साथ मार्ग अभ्यास किया।

भारतीय नौसेना का जहाज त्रिशूल 25 अक्टूबर 2026 को इटली के पश्चिमी तट पर बसे बंदरगाह सिविटावेकिया पहुंचा। यह ठहराव भूमध्य सागर में जहाज की चल रही परिचालन तैनाती के दौरान हुआ है। भूमध्य सागर वही जलमार्ग है जिससे यूरोप और एशिया के बीच का बड़ा व्यापार गुजरता है, इसलिए इस क्षेत्र में भारतीय नौसेना की उपस्थिति का महत्व रहता है।

इतालवी नौसेना के साथ अभ्यास

बंदरगाह में प्रवेश से पहले जहाज ने इतालवी नौसेना के जहाज कार्लो मार्गोटिनी के साथ मार्ग अभ्यास (पासएक्स) किया। मार्ग अभ्यास वह अभ्यास है जो दो नौसेनाओं के जहाज एक ही जल क्षेत्र में आ जाने पर करते हैं। इसके लिए लंबी पूर्व तैयारी नहीं चाहिए, इसी कारण यह परखने के लिए इसका उपयोग बहुत होता है कि दो बेड़े कम समय की सूचना पर भी साथ काम कर सकते हैं या नहीं।

दोनों नौसेनाओं ने क्या अभ्यास किया

इस अभ्यास में हथियार दागने के बजाय व्यावहारिक कौशल परखे गए।

  • समन्वित युद्धाभ्यास, जिसमें दोनों जहाज एक रचना बनाए रखते हैं और साथ-साथ दिशा बदलते हैं।
  • संचार प्रक्रियाएं, जिससे अलग-अलग प्रणालियों पर चलने वाले चालक दल के बीच संकेत ठीक पहुंचें।
  • रसद आपूर्ति के लिए निकट आना, अर्थात समुद्र में ईंधन या सामान लेने के लिए जरूरी जहाज संचालन।
  • एक जहाज से दूसरे के डेक पर उतरना, जिसमें एक जहाज का हेलीकॉप्टर दूसरे पर उतरता है।
  • दोनों जहाजों के बीच कर्मियों का स्थानांतरण।
  • जहाज पर चढ़ने के अभियान, जैसे समुद्री पुलिसिंग और समुद्री डकैती रोकने के काम में होते हैं।

इस अभ्यास से दोनों पक्षों ने सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान किया और आपसी परिचालन तालमेल बेहतर हुआ।

बंदरगाह ठहराव के दौरान

जहाज के बंदरगाह पर रहते हुए पेशेवर बातचीत, सांस्कृतिक भ्रमण और आदान-प्रदान की योजना बनाई गई है। त्रिशूल को आगंतुकों के लिए भी खोला जाएगा, जिससे इतालवी नागरिक भारतीय नौसेना की समुद्री परंपराओं और उसकी क्षमताओं को निकट से देख सकेंगे।

यह ठहराव क्यों मायने रखता है

इस तरह के बंदरगाह ठहराव नौसैनिक कूटनीति का सामान्य साधन हैं, और यह ठहराव भारत तथा इटली के बीच की स्थायी समुद्री साझेदारी को रेखांकित करता है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह यात्रा पेशेवर संबंधों और परिचालन सहयोग को बढ़ाने के प्रति दोनों नौसेनाओं की प्रतिबद्धता दर्शाती है। परीक्षा की दृष्टि से जहाज का नाम, बंदरगाह, देश, तैनाती वाला सागर और साथ अभ्यास करने वाले इतालवी जहाज का नाम याद रखना जरूरी है।

महत्वपूर्ण तथ्य

जहाजभारतीय नौसेना जहाज (आईएनएस) त्रिशूल
बंदरगाहसिविटावेकिया, इटली
पहुंचने की तिथि25 अक्टूबर 2026
तैनातीभूमध्य सागर में परिचालन तैनाती
अभ्यासमार्ग अभ्यास (पासएक्स)
साथी जहाजइतालवी नौसेना जहाज कार्लो मार्गोटिनी
अभ्यास के अंगसमन्वित युद्धाभ्यास, संचार प्रक्रियाएं, रसद आपूर्ति, डेक पर उतरना, कर्मियों का स्थानांतरण, जहाज पर चढ़ने के अभियान
ठहराव के दौरानपेशेवर बातचीत, सांस्कृतिक भ्रमण और आदान-प्रदान; जहाज आगंतुकों के लिए खुला
महत्वभारत और इटली के बीच स्थायी समुद्री साझेदारी को रेखांकित करता है

परीक्षा की दृष्टि से

जहाज (आईएनएस त्रिशूल), बंदरगाह और देश (सिविटावेकिया, इटली), तैनाती का सागर (भूमध्य), अभ्यास का प्रकार (पासएक्स यानी मार्ग अभ्यास), साथी जहाज (इतालवी नौसेना का कार्लो मार्गोटिनी) और अभ्यास के अंग, विशेषकर डेक पर उतरना तथा जहाज पर चढ़ने के अभियान याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.रक्षाआसान

आईएनएस त्रिशूल किस देश के सिविटावेकिया बंदरगाह पहुंचा?

  1. A.स्पेन
  2. B.इटली
  3. C.यूनान
  4. D.फ्रांस
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. इटली

सिविटावेकिया इटली का बंदरगाह है और भारतीय नौसेना का जहाज त्रिशूल भूमध्य सागर में अपनी चल रही परिचालन तैनाती के क्रम में वहां पहुंचा।

Q2.रक्षामध्यम

आईएनएस त्रिशूल ने इतालवी नौसेना के किस जहाज के साथ मार्ग अभ्यास किया?

  1. A.कार्लो मार्गोटिनी
  2. B.ग्यूसेप गैरीबाल्डी
  3. C.आंद्रेया डोरिया
  4. D.फ्रांचेस्को मोरोसिनी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कार्लो मार्गोटिनी

भारतीय नौसेना के जहाज त्रिशूल ने सिविटावेकिया बंदरगाह में प्रवेश करने से ठीक पहले इसी इतालवी नौसैनिक जहाज के साथ मार्ग अभ्यास किया।

Q3.रक्षाआसान

बंदरगाह ठहराव के समय आईएनएस त्रिशूल किस सागर में परिचालन तैनाती पर था?

  1. A.लाल सागर
  2. B.काला सागर
  3. C.भूमध्य सागर
  4. D.बाल्टिक सागर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. भूमध्य सागर

इटली के सिविटावेकिया बंदरगाह पर जहाज का ठहराव इसी सागर में उसकी चल रही परिचालन तैनाती के दौरान हुआ, और इतालवी नौसेना के जहाज कार्लो मार्गोटिनी के साथ मार्ग अभ्यास भी बंदरगाह में प्रवेश से कुछ पहले इन्हीं जल क्षेत्रों में किया गया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय नौसेना का कौन सा जहाज इटली के सिविटावेकिया पहुंचा?

आईएनएस त्रिशूल, 25 अक्टूबर 2026 को। यह ठहराव जहाज की भूमध्य सागर में चल रही परिचालन तैनाती के दौरान हुआ।

आईएनएस त्रिशूल ने किस इतालवी युद्धपोत के साथ अभ्यास किया?

इतालवी नौसेना के जहाज कार्लो मार्गोटिनी के साथ। दोनों ने सिविटावेकिया बंदरगाह में त्रिशूल के प्रवेश से पहले मार्ग अभ्यास किया।

पासएक्स क्या है?

मार्ग अभ्यास, जो दो नौसेनाओं के जहाज एक ही जल क्षेत्र में होने पर करते हैं। इसमें समन्वित युद्धाभ्यास, संचार प्रक्रियाएं, रसद आपूर्ति, डेक पर उतरना, कर्मियों का स्थानांतरण और जहाज पर चढ़ने के अभियान शामिल थे।

बंदरगाह ठहराव के दौरान क्या योजना है?

पेशेवर बातचीत, सांस्कृतिक भ्रमण और आदान-प्रदान। आईएनएस त्रिशूल को आगंतुकों के लिए भी खोला जाएगा, जिससे वे भारतीय नौसेना की समुद्री परंपराओं और क्षमताओं को देख सकेंगे।

स्रोत

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