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GK24

153वीं आईपीयू सभा: अरुषा में हरिवंश ने दिया भारत का उत्तर

तंजानिया के अरुषा में 153वीं आईपीयू सभा में राज्यसभा उपसभापति हरिवंश ने उत्तर देने के अधिकार से कश्मीर पर पाकिस्तान की टिप्पणी का जवाब दिया।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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153वीं आईपीयू सभा: अरुषा में हरिवंश ने दिया भारत का उत्तर

चर्चा में क्यों

6 अक्टूबर 2026 को तंजानिया के अरुषा में 153वीं आईपीयू सभा के दूसरे दिन भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल के नेता तथा राज्यसभा उपसभापति श्री हरिवंश ने उत्तर देने के अधिकार से कश्मीर पर पाकिस्तान को जवाब दिया।

तंजानिया के अरुषा में चल रही अंतर-संसदीय संघ (आईपीयू) की 153वीं सभा में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने 6 अक्टूबर 2026 को दूसरे दिन की कार्यवाही में भाग लिया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश कर रहे हैं। राज्यसभा सचिवालय ने दिन भर की गतिविधियों का विवरण 7 अक्टूबर 2026 को जारी किया।

कश्मीर पर उत्तर देने का अधिकार

सभा की बैठकों में भाग लेते हुए उपसभापति ने पाकिस्तान की ओर से कश्मीर पर की गई अनुचित टिप्पणियों के बाद उत्तर देने के अधिकार (राइट ऑफ रिप्लाई) का प्रयोग किया। सभा के पटल पर उन्होंने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है तथा भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का पाकिस्तान को कोई अधिकार नहीं है।

कौन सांसद कहां बोला

सांसदमंच
डॉ. संजय जायसवाल, लोकसभाआईपीयू स्वास्थ्य समिति तथा समिति के साथ क्षेत्र दौरा
श्री अनुराग सिंह ठाकुर, लोकसभालोकतंत्र एवं मानवाधिकार स्थायी समिति
श्रीमती कमलजीत सहरावत, लोकसभाशांति एवं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा स्थायी समिति
डॉ. सस्मित पात्रा, राज्यसभासैन्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता और शांति पर पैनल चर्चा
श्री एन. के. प्रेमचंद्रन, लोकसभाआतंकवाद तथा महत्वपूर्ण खनिजों पर कार्यशालाएं

भारत ने किन विषयों पर चर्चा की

  • श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने सभी के लिए समावेशी सामाजिक विकास: दिव्यांगजनों के अधिकारों और सशक्तीकरण को बढ़ावा देने की संसदीय रणनीतियां विषय के मसौदा संकल्प पर चर्चा में हिस्सा लिया।
  • श्रीमती कमलजीत सहरावत ने शांतिपूर्ण भविष्य को आकार देना: स्थायी शांति के लिए संसदीय कूटनीति, मध्यस्थता और संवाद विषय पर चर्चा में भाग लिया।
  • डॉ. सस्मित पात्रा ने सैन्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में शांति सुनिश्चित करने में संसदों की भूमिका पर पैनल चर्चा में भाग लिया और दिव्यांगजन संबंधी संकल्प के मसौदे में योगदान दिया।
  • श्री एन. के. प्रेमचंद्रन आतंकवाद के विरुद्ध संसदीय प्रतिक्रिया मजबूत करने के लिए आईपीयू संदर्भ ढांचे की कार्यशाला तथा महत्वपूर्ण खनिजों पर संसदीय निगरानी की कार्यशाला में शामिल हुए।

शाम का कार्यक्रम

भारतीय उच्चायोग ने प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया। इसके बाद सांसदों ने तंजानिया में रहने वाले भारतीय प्रवासी समुदाय से बातचीत की।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनअंतर-संसदीय संघ (आईपीयू) की 153वीं सभा
स्थानअरुषा, तंजानिया
रिपोर्ट किया गया दिनदूसरा दिन, 6 अक्टूबर 2026
भारतीय प्रतिनिधिमंडल के नेताश्री हरिवंश, उपसभापति, राज्यसभा
मुख्य हस्तक्षेपकश्मीर पर पाकिस्तान की टिप्पणी के विरुद्ध उत्तर देने का अधिकार
स्वास्थ्य समितिडॉ. संजय जायसवाल, सांसद, लोकसभा
लोकतंत्र एवं मानवाधिकारश्री अनुराग सिंह ठाकुर, सांसद, लोकसभा
शांति एवं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षाश्रीमती कमलजीत सहरावत, सांसद, लोकसभा
सैन्य एआई पैनलडॉ. सस्मित पात्रा, सांसद, राज्यसभा
आतंकवाद एवं खनिज कार्यशालाएंश्री एन. के. प्रेमचंद्रन, सांसद, लोकसभा

परीक्षा की दृष्टि से

संस्करण (153वीं आईपीयू सभा), स्थान (अरुषा, तंजानिया), भारतीय प्रतिनिधिमंडल के नेता (राज्यसभा उपसभापति श्री हरिवंश), कश्मीर पर उत्तर देने का अधिकार, तथा समितियां और चर्चा के विषय - स्वास्थ्य समिति, लोकतंत्र एवं मानवाधिकार स्थायी समिति, शांति एवं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा स्थायी समिति, दिव्यांगजन अधिकार संकल्प, सैन्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आतंकवाद पर आईपीयू संदर्भ ढांचा और महत्वपूर्ण खनिज याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.अंतरराष्ट्रीयआसान

अंतर-संसदीय संघ (आईपीयू) की 153वीं सभा किस शहर में हो रही है?

  1. A.नैरोबी, केन्या
  2. B.अरुषा, तंजानिया
  3. C.जिनेवा, स्विट्जरलैंड
  4. D.कंपाला, युगांडा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अरुषा, तंजानिया

व्याख्या

सही उत्तर अरुषा, तंजानिया है। राज्यसभा सचिवालय के विवरण के अनुसार भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने तंजानिया के अरुषा में 153वीं आईपीयू सभा में भागीदारी जारी रखी और सभा का दूसरा दिन 6 अक्टूबर 2026 था। उसी दिन शाम को भारतीय उच्चायोग ने प्रतिनिधिमंडल के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया, जिसके बाद सांसदों ने भारतीय प्रवासी समुदाय से बातचीत की। विकल्प A यानी नैरोबी, केन्या गलत है क्योंकि इस सभा के संबंध में केन्या के किसी स्थान का उल्लेख नहीं है। विकल्प C यानी जिनेवा, स्विट्जरलैंड आकर्षक भ्रम है क्योंकि आईपीयू का मुख्यालय वहीं है, परंतु यह सभा जिनेवा में नहीं हुई। विकल्प D यानी कंपाला, युगांडा भी इसी कारण गलत है, क्योंकि समितियों, कार्यशालाओं और पैनल चर्चाओं का एकमात्र स्थान अरुषा बताया गया है।

Q2.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

153वीं आईपीयू सभा में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कौन कर रहे हैं?

  1. A.श्री अनुराग सिंह ठाकुर, सांसद, लोकसभा
  2. B.डॉ. सस्मित पात्रा, सांसद, राज्यसभा
  3. C.श्री हरिवंश, उपसभापति, राज्यसभा
  4. D.डॉ. संजय जायसवाल, सांसद, लोकसभा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. श्री हरिवंश, उपसभापति, राज्यसभा

व्याख्या

सही उत्तर श्री हरिवंश, उपसभापति, राज्यसभा है। वे प्रतिनिधिमंडल के नेता हैं और उन्होंने सभा के पटल पर उत्तर देने के अधिकार का प्रयोग करते हुए कश्मीर पर पाकिस्तान की अनुचित टिप्पणियों का जवाब दिया, यह कहते हुए कि कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है तथा भारत के आंतरिक मामलों में पाकिस्तान का कोई अधिकार नहीं है। विकल्प A गलत है क्योंकि श्री अनुराग सिंह ठाकुर लोकतंत्र एवं मानवाधिकार स्थायी समिति तथा दिव्यांगजनों से जुड़े मसौदा संकल्प की चर्चा में सदस्य के रूप में शामिल हुए, नेता के रूप में नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि डॉ. सस्मित पात्रा सैन्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर पैनल चर्चा में शामिल हुए और उसी संकल्प के मसौदे में योगदान दिया। विकल्प D गलत है क्योंकि डॉ. संजय जायसवाल आईपीयू स्वास्थ्य समिति और उसके क्षेत्र दौरे में शामिल रहे।

Q3.अंतरराष्ट्रीयकठिन

सैन्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में शांति सुनिश्चित करने में संसदों की भूमिका पर पैनल चर्चा में किस भारतीय सांसद ने भाग लिया?

  1. A.श्रीमती कमलजीत सहरावत
  2. B.श्री एन. के. प्रेमचंद्रन
  3. C.डॉ. सस्मित पात्रा
  4. D.डॉ. संजय जायसवाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. डॉ. सस्मित पात्रा

व्याख्या

सही उत्तर डॉ. सस्मित पात्रा हैं, जो राज्यसभा के सदस्य हैं। उन्होंने शांति एवं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा स्थायी समिति की उस पैनल चर्चा में भाग लिया जिसका विषय सैन्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में शांति सुनिश्चित करने में संसदों की भूमिका था, और उन्होंने लोकतंत्र एवं मानवाधिकार स्थायी समिति के विचार-विमर्श में भी हिस्सा लेकर दिव्यांगजनों के अधिकारों से जुड़े संकल्प के मसौदे में योगदान दिया। विकल्प A गलत है क्योंकि श्रीमती कमलजीत सहरावत शांति एवं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा स्थायी समिति की बैठक में शामिल हुईं और संसदीय कूटनीति, मध्यस्थता तथा संवाद पर चर्चा में बोलीं। विकल्प B गलत है क्योंकि श्री एन. के. प्रेमचंद्रन आतंकवाद और महत्वपूर्ण खनिजों की कार्यशालाओं में शामिल हुए। विकल्प D गलत है क्योंकि डॉ. संजय जायसवाल स्वास्थ्य समिति के साथ रहे।

Q4.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

153वीं आईपीयू सभा में आतंकवाद के विरुद्ध संसदीय प्रतिक्रिया मजबूत करने के लिए संदर्भ ढांचा किस कार्यक्रम में प्रस्तुत किया गया?

  1. A.श्री एन. के. प्रेमचंद्रन द्वारा भाग ली गई कार्यशाला में
  2. B.आईपीयू स्वास्थ्य समिति की बैठक में
  3. C.लोकतंत्र एवं मानवाधिकार स्थायी समिति के क्षेत्र दौरे में
  4. D.भारतीय उच्चायोग के सांस्कृतिक कार्यक्रम में
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. श्री एन. के. प्रेमचंद्रन द्वारा भाग ली गई कार्यशाला में

व्याख्या

सही उत्तर श्री एन. के. प्रेमचंद्रन द्वारा भाग ली गई कार्यशाला है। लोकसभा के इस सदस्य ने आतंकवाद के विरुद्ध संसदीय प्रतिक्रिया मजबूत करने वाली उस कार्यशाला में भाग लिया जिसमें आईपीयू संदर्भ ढांचा प्रस्तुत किया गया, और वे साझा समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण खनिजों तथा उन पर संसदीय निगरानी मजबूत करने की अलग कार्यशाला में भी शामिल हुए। विकल्प B गलत है क्योंकि आईपीयू स्वास्थ्य समिति ने स्वास्थ्य से जुड़े सत्र और एक क्षेत्र दौरा किया, जिसमें डॉ. संजय जायसवाल शामिल थे। विकल्प C गलत है क्योंकि लोकतंत्र एवं मानवाधिकार स्थायी समिति समावेशी सामाजिक विकास और दिव्यांगजन अधिकारों के मसौदा संकल्प पर काम कर रही थी, जिसमें श्री अनुराग सिंह ठाकुर और डॉ. सस्मित पात्रा शामिल रहे। विकल्प D गलत है क्योंकि भारतीय उच्चायोग का सांस्कृतिक कार्यक्रम शाम का आयोजन था, नीति संबंधी कार्यशाला नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

153वीं आईपीयू सभा कहां हो रही है?

तंजानिया के अरुषा में। वहां भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश कर रहे हैं और सभा का दूसरा दिन 6 अक्टूबर 2026 को था।

श्री हरिवंश ने सभा में कश्मीर पर क्या कहा?

पाकिस्तान की टिप्पणी के बाद उत्तर देने के अधिकार का प्रयोग करते हुए उन्होंने सभा को बताया कि कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है तथा भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का पाकिस्तान को कोई अधिकार नहीं है।

भारतीय सांसदों ने सभा में किन विषयों पर चर्चा की?

समावेशी सामाजिक विकास और दिव्यांगजनों के अधिकारों पर मसौदा संकल्प, स्थायी शांति के लिए संसदीय कूटनीति और मध्यस्थता, सैन्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में संसदों की भूमिका, आतंकवाद पर आईपीयू संदर्भ ढांचा तथा महत्वपूर्ण खनिजों पर संसदीय निगरानी।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS