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GK24
अंतरराष्ट्रीयमध्यम

153वीं आईपीयू सभा में आतंकवाद के विरुद्ध संसदीय प्रतिक्रिया मजबूत करने के लिए संदर्भ ढांचा किस कार्यक्रम में प्रस्तुत किया गया?

  1. A.श्री एन. के. प्रेमचंद्रन द्वारा भाग ली गई कार्यशाला में
  2. B.आईपीयू स्वास्थ्य समिति की बैठक में
  3. C.लोकतंत्र एवं मानवाधिकार स्थायी समिति के क्षेत्र दौरे में
  4. D.भारतीय उच्चायोग के सांस्कृतिक कार्यक्रम में

सही उत्तर

A. श्री एन. के. प्रेमचंद्रन द्वारा भाग ली गई कार्यशाला में

व्याख्या

सही उत्तर श्री एन. के. प्रेमचंद्रन द्वारा भाग ली गई कार्यशाला है। लोकसभा के इस सदस्य ने आतंकवाद के विरुद्ध संसदीय प्रतिक्रिया मजबूत करने वाली उस कार्यशाला में भाग लिया जिसमें आईपीयू संदर्भ ढांचा प्रस्तुत किया गया, और वे साझा समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण खनिजों तथा उन पर संसदीय निगरानी मजबूत करने की अलग कार्यशाला में भी शामिल हुए। विकल्प B गलत है क्योंकि आईपीयू स्वास्थ्य समिति ने स्वास्थ्य से जुड़े सत्र और एक क्षेत्र दौरा किया, जिसमें डॉ. संजय जायसवाल शामिल थे। विकल्प C गलत है क्योंकि लोकतंत्र एवं मानवाधिकार स्थायी समिति समावेशी सामाजिक विकास और दिव्यांगजन अधिकारों के मसौदा संकल्प पर काम कर रही थी, जिसमें श्री अनुराग सिंह ठाकुर और डॉ. सस्मित पात्रा शामिल रहे। विकल्प D गलत है क्योंकि भारतीय उच्चायोग का सांस्कृतिक कार्यक्रम शाम का आयोजन था, नीति संबंधी कार्यशाला नहीं।

पूरा लेख पढ़ें: 153वीं आईपीयू सभा: अरुषा में हरिवंश ने दिया भारत का उत्तर

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Q1.अंतरराष्ट्रीयआसान

अंतर-संसदीय संघ (आईपीयू) की 153वीं सभा किस शहर में हो रही है?

  1. A.नैरोबी, केन्या
  2. B.अरुषा, तंजानिया
  3. C.जिनेवा, स्विट्जरलैंड
  4. D.कंपाला, युगांडा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अरुषा, तंजानिया

व्याख्या

सही उत्तर अरुषा, तंजानिया है। राज्यसभा सचिवालय के विवरण के अनुसार भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने तंजानिया के अरुषा में 153वीं आईपीयू सभा में भागीदारी जारी रखी और सभा का दूसरा दिन 6 अक्टूबर 2026 था। उसी दिन शाम को भारतीय उच्चायोग ने प्रतिनिधिमंडल के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया, जिसके बाद सांसदों ने भारतीय प्रवासी समुदाय से बातचीत की। विकल्प A यानी नैरोबी, केन्या गलत है क्योंकि इस सभा के संबंध में केन्या के किसी स्थान का उल्लेख नहीं है। विकल्प C यानी जिनेवा, स्विट्जरलैंड आकर्षक भ्रम है क्योंकि आईपीयू का मुख्यालय वहीं है, परंतु यह सभा जिनेवा में नहीं हुई। विकल्प D यानी कंपाला, युगांडा भी इसी कारण गलत है, क्योंकि समितियों, कार्यशालाओं और पैनल चर्चाओं का एकमात्र स्थान अरुषा बताया गया है।

Q2.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

153वीं आईपीयू सभा में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कौन कर रहे हैं?

  1. A.श्री अनुराग सिंह ठाकुर, सांसद, लोकसभा
  2. B.डॉ. सस्मित पात्रा, सांसद, राज्यसभा
  3. C.श्री हरिवंश, उपसभापति, राज्यसभा
  4. D.डॉ. संजय जायसवाल, सांसद, लोकसभा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. श्री हरिवंश, उपसभापति, राज्यसभा

व्याख्या

सही उत्तर श्री हरिवंश, उपसभापति, राज्यसभा है। वे प्रतिनिधिमंडल के नेता हैं और उन्होंने सभा के पटल पर उत्तर देने के अधिकार का प्रयोग करते हुए कश्मीर पर पाकिस्तान की अनुचित टिप्पणियों का जवाब दिया, यह कहते हुए कि कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है तथा भारत के आंतरिक मामलों में पाकिस्तान का कोई अधिकार नहीं है। विकल्प A गलत है क्योंकि श्री अनुराग सिंह ठाकुर लोकतंत्र एवं मानवाधिकार स्थायी समिति तथा दिव्यांगजनों से जुड़े मसौदा संकल्प की चर्चा में सदस्य के रूप में शामिल हुए, नेता के रूप में नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि डॉ. सस्मित पात्रा सैन्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर पैनल चर्चा में शामिल हुए और उसी संकल्प के मसौदे में योगदान दिया। विकल्प D गलत है क्योंकि डॉ. संजय जायसवाल आईपीयू स्वास्थ्य समिति और उसके क्षेत्र दौरे में शामिल रहे।

Q3.अंतरराष्ट्रीयकठिन

सैन्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में शांति सुनिश्चित करने में संसदों की भूमिका पर पैनल चर्चा में किस भारतीय सांसद ने भाग लिया?

  1. A.श्रीमती कमलजीत सहरावत
  2. B.श्री एन. के. प्रेमचंद्रन
  3. C.डॉ. सस्मित पात्रा
  4. D.डॉ. संजय जायसवाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. डॉ. सस्मित पात्रा

व्याख्या

सही उत्तर डॉ. सस्मित पात्रा हैं, जो राज्यसभा के सदस्य हैं। उन्होंने शांति एवं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा स्थायी समिति की उस पैनल चर्चा में भाग लिया जिसका विषय सैन्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में शांति सुनिश्चित करने में संसदों की भूमिका था, और उन्होंने लोकतंत्र एवं मानवाधिकार स्थायी समिति के विचार-विमर्श में भी हिस्सा लेकर दिव्यांगजनों के अधिकारों से जुड़े संकल्प के मसौदे में योगदान दिया। विकल्प A गलत है क्योंकि श्रीमती कमलजीत सहरावत शांति एवं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा स्थायी समिति की बैठक में शामिल हुईं और संसदीय कूटनीति, मध्यस्थता तथा संवाद पर चर्चा में बोलीं। विकल्प B गलत है क्योंकि श्री एन. के. प्रेमचंद्रन आतंकवाद और महत्वपूर्ण खनिजों की कार्यशालाओं में शामिल हुए। विकल्प D गलत है क्योंकि डॉ. संजय जायसवाल स्वास्थ्य समिति के साथ रहे।

Q4.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

किस स्विस वित्तपोषण एजेंसी ने भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के साथ आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए?

  1. A.स्विस राष्ट्रीय विज्ञान फाउंडेशन (एसएनएसएफ)
  2. B.ज्यूरिख एप्लाइड साइंसेज विश्वविद्यालय (जेडएचएडब्ल्यू)
  3. C.फाउंडेशन स्विट्जरलैंड इनोवेशन
  4. D.स्विस विकास एवं सहयोग एजेंसी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. स्विस राष्ट्रीय विज्ञान फाउंडेशन (एसएनएसएफ)

व्याख्या

सही उत्तर स्विस राष्ट्रीय विज्ञान फाउंडेशन (एसएनएसएफ) है, जिसने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के साथ आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए। विकल्प B यानी ज्यूरिख एप्लाइड साइंसेज विश्वविद्यालय ने उसी विभाग के साथ एक भिन्न दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए, यानी कार्यान्वयन समझौता, इसलिए इस प्रश्न में यही सबसे आम भ्रम है। विकल्प C यानी फाउंडेशन स्विट्जरलैंड इनोवेशन का प्रतिनिधित्व बैठक में था, पर उसने आशय पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए। विकल्प D हस्ताक्षर करने वालों में नामित नहीं है। स्विस राष्ट्रीय विज्ञान फाउंडेशन वही एजेंसी है जो पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के साथ पर्वत तथा हिमनद अनुसंधान में और जैव प्रौद्योगिकी विभाग तथा भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के साथ वन हेल्थ में काम कर रही है। हर स्विस संस्था को उसके हस्ताक्षरित दस्तावेज के साथ जोड़कर याद रखें, क्योंकि द्विपक्षीय यात्राओं पर प्रश्न अक्सर इसी अंतर पर टिकते हैं।

Q5.अंतरराष्ट्रीयमध्यम

भारत-स्विस अनुसंधान साझेदारी को मजबूत करने के लिए स्विट्जरलैंड ने कितनी राशि निर्धारित की है?

  1. A.25 मिलियन स्विस फ्रैंक
  2. B.45 मिलियन स्विस फ्रैंक
  3. C.90 मिलियन स्विस फ्रैंक
  4. D.150 मिलियन स्विस फ्रैंक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 45 मिलियन स्विस फ्रैंक

व्याख्या

सही उत्तर 45 मिलियन स्विस फ्रैंक है। राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन ने नई दिल्ली में डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान इस अतिरिक्त आवंटन की घोषणा की और कहा कि संयुक्त अनुसंधान ढांचे को मजबूत करने के लिए भारत से भी इसी प्रकार की प्रतिबद्धता की अपेक्षा है। उन्होंने भारत को तेजी से उभरती वैश्विक अनुसंधान एवं विकास शक्ति भी बताया और कहा कि स्विट्जरलैंड शिक्षा, अनुसंधान तथा नवाचार में उसका पसंदीदा दीर्घकालिक भागीदार बनना चाहता है। विकल्प A, C और D मिलती-जुलती राशियां हैं, जो ठीक आंकड़ा याद होने की जांच करती हैं, और इनमें से कोई भी घोषित राशि नहीं है, इसलिए तीनों गलत हैं। यह राशि उस व्यवस्था के नाम के साथ याद रखनी चाहिए जिसे इससे सहारा मिलेगा - भारत-स्विट्जरलैंड अनुसंधान ढांचा।