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भारत की अध्यक्षता में 12वां ब्रिक्स संसदीय मंच

12वां ब्रिक्स संसदीय मंच भारत की 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत संस्थागत लचीलापन, एआई शासन, दक्षिण-दक्षिण सहयोग तथा संवहनीयता पर चर्चा करेगा।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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भारत की अध्यक्षता में 12वां ब्रिक्स संसदीय मंच — GK24 title card

चर्चा में क्यों

26 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला का लेख साझा किया, जिसमें 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच की भूमिका बताई गई है। यह मंच भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के चार स्तंभों के तहत संस्थागत लचीलापन, एआई शासन, दक्षिण-दक्षिण सहयोग तथा संवहनीयता पर चर्चा करेगा।

12वां ब्रिक्स संसदीय मंच इन दिनों चर्चा में है, क्योंकि लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला का एक लेख प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 26 अक्टूबर 2026 को साझा किया। लोकसभा अध्यक्ष ने लिखा है कि यह मंच इस समूह के सदस्य तथा साझेदार देशों के बीच संसदीय संवाद और सहयोग मजबूत करने में कैसी भूमिका निभाता है, और उन्होंने यह भी बताया कि मंच की बैठकों में कौन-कौन से विषय उठेंगे।

मंच के सामने चार विषय

मंच संस्थागत लचीलापन, एआई शासन, दक्षिण-दक्षिण सहयोग और संवहनीयता पर चर्चा करेगा। संस्थागत लचीलापन का अर्थ है कठिन परिस्थितियों में सार्वजनिक संस्थाओं की टिके रहने की क्षमता। एआई शासन का मतलब कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए नियम तथा निगरानी तय करना है। दक्षिण-दक्षिण सहयोग विकासशील देशों के बीच व्यापार, तकनीक और ज्ञान के आपसी आदान-प्रदान को कहते हैं, जिसमें किसी विकसित देश की मध्यस्थता नहीं होती। संवहनीयता आर्थिक तथा पर्यावरणीय, दोनों पक्षों को एक ही एजेंडे में बांध देती है।

भारत की अध्यक्षता का मार्गदर्शन

ये चारों विषय भारत की 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता के चार स्तंभों से निर्देशित हैं। अध्यक्षता समूह के सदस्यों के बीच बदलती रहती है और जिस देश के पास वह होती है, वही उस वर्ष की बैठकों तथा विषयों का ढांचा तय करता है। परीक्षार्थी के लिए जोड़ी सीधी है: 2026 में अध्यक्षता भारत के पास है और समूह का संसदीय मंच इसी वर्ष अपने बारहवें संस्करण के लिए बैठ रहा है।

संसदीय मंच क्यों

शिखर सम्मेलन सरकार के प्रमुखों को एक मंच पर लाते हैं, लेकिन संसदीय मंच विधायिकाओं को जोड़ता है। अध्यक्ष तथा पीठासीन अधिकारी मिलते हैं, अपने-अपने सदनों की कानून बनाने की प्रक्रिया की तुलना करते हैं और समूह की प्राथमिकताओं को अपनी राष्ट्रीय संसदों तक ले जाते हैं, जो कानून पारित करती हैं तथा बजट मंजूर करती हैं। संसदीय संवाद और सहयोग मजबूत करने का आशय यही है कि यह आदान-प्रदान केवल सरकारों के बीच नहीं, बल्कि संस्थाओं के बीच चले, और यह पूर्ण सदस्यों के साथ-साथ साझेदार देशों तक भी फैले।

एक नजर में तथ्य

कार्यक्रम12वां ब्रिक्स संसदीय मंच
लेख लिखाश्री ओम बिरला, लोकसभा अध्यक्ष
विषयसंस्थागत लचीलापन, एआई शासन, दक्षिण-दक्षिण सहयोग, संवहनीयता
मार्गदर्शकभारत की 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता के चार स्तंभ
भागीदारीसमूह के सदस्य तथा साझेदार देश

संस्करण संख्या, चारों विषय और भारतीय अध्यक्षता का वर्ष, यही तीन तथ्य हैं जिन पर प्रश्न बनने की सबसे अधिक संभावना है, इसलिए इन्हें अलग-अलग नहीं, एक साथ याद करना चाहिए।

महत्वपूर्ण तथ्य

कार्यक्रम12वां ब्रिक्स संसदीय मंच
उद्देश्यसंसदीय संवाद तथा सहयोग को मजबूत करना
एजेंडे के विषयसंस्थागत लचीलापन, एआई शासन, दक्षिण-दक्षिण सहयोग, संवहनीयता
मार्गदर्शक ढांचाभारत की 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता के चार स्तंभ
लेख के लेखकश्री ओम बिरला, लोकसभा अध्यक्ष
भागीदारब्रिक्स के सदस्य तथा साझेदार देश

परीक्षा की दृष्टि से

मंच का संस्करण (12वां), एजेंडे के चार विषय (संस्थागत लचीलापन, एआई शासन, दक्षिण-दक्षिण सहयोग तथा संवहनीयता), यह कि ये भारत की 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता के चार स्तंभों के अनुरूप हैं, इसमें सदस्य तथा साझेदार देश, दोनों शामिल होते हैं, और श्री ओम बिरला का पद यानी लोकसभा अध्यक्ष, ये सब याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.शिखर सम्मेलनआसान

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत ब्रिक्स संसदीय मंच का कौन-सा संस्करण हो रहा है?

  1. A.10वां
  2. B.11वां
  3. C.12वां
  4. D.14वां
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 12वां

यहाँ जिस मंच की बात है, वह ब्रिक्स संसदीय मंच का बारहवां संस्करण है, और लोकसभा अध्यक्ष ने लिखा है कि यह समूह के सदस्य तथा साझेदार देशों के बीच संसदीय संवाद और सहयोग मजबूत करने में क्या भूमिका निभाता है।

Q2.शिखर सम्मेलनमध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा विषय 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच की चर्चा में शामिल नहीं है?

  1. A.संस्थागत लचीलापन
  2. B.एआई शासन
  3. C.साझा मुद्रा संघ
  4. D.दक्षिण-दक्षिण सहयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. साझा मुद्रा संघ

मंच के सामने जो विषय हैं, वे संस्थागत लचीलापन, एआई शासन, दक्षिण-दक्षिण सहयोग और संवहनीयता हैं, तथा ये चारों भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के चार स्तंभों से निर्देशित हैं।

Q3.शिखर सम्मेलनमध्यम

12वें ब्रिक्स संसदीय मंच की भूमिका पर लिखने वाले श्री ओम बिरला किस पद पर हैं?

  1. A.लोकसभा अध्यक्ष
  2. B.राज्यसभा उपसभापति
  3. C.केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री
  4. D.लोकसभा में विपक्ष के नेता
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. लोकसभा अध्यक्ष

श्री ओम बिरला लोकसभा अध्यक्ष हैं और इसी हैसियत से उन्होंने लिखा कि मंच ब्रिक्स के सदस्य तथा साझेदार देशों के बीच संसदीय संवाद और सहयोग मजबूत करने में क्या भूमिका निभाता है, जिसका एजेंडा संस्थागत लचीलापन, एआई शासन, दक्षिण-दक्षिण सहयोग तथा संवहनीयता है और जो भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता…

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्रिक्स संसदीय मंच का कौन-सा संस्करण चर्चा में है?

12वां। सदस्य तथा साझेदार देशों के बीच संसदीय संवाद और सहयोग मजबूत करने में इसकी भूमिका लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने बताई।

12वां ब्रिक्स संसदीय मंच किन विषयों पर चर्चा करेगा?

संस्थागत लचीलापन, एआई शासन, दक्षिण-दक्षिण सहयोग तथा संवहनीयता पर, जो भारत की 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता के चार स्तंभों से निर्देशित हैं।

वर्ष 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता किसके पास है?

भारत के पास। उसकी अध्यक्षता के चार स्तंभ 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के एजेंडे का मार्गदर्शन करते हैं।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 26 अक्टूबर 2026

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