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GK24

UPSC CAPF GK प्रश्न 2026

UPSC CAPF के Paper-I का बड़ा हिस्सा स्थैतिक सामान्य ज्ञान से भरता है। CAPF (ACs) 2026 सूचना General Ability and Intelligence के जो छह क्षेत्र बताती है, उनमें से चार स्थैतिक हैं: सामान्य विज्ञान; भारतीय राजव्यवस्था और अर्थव्यवस्था; भारत का इतिहास; और भारत व विश्व का भूगोल। सूचना के शब्द बताते हैं कि कितनी गहराई चाहिए। राजव्यवस्था में राजनीतिक व्यवस्था और भारत का संविधान, सामाजिक व्यवस्थाएँ, लोक प्रशासन, सुरक्षा के मुद्दे और मानवाधिकार व उनके संकेतक आते हैं। अर्थव्यवस्था में भारत का आर्थिक विकास आता है। इतिहास में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक पहलू आते हैं, जिनमें राष्ट्रवाद का उदय और स्वतंत्रता आंदोलन शामिल हैं। भूगोल में भारत और विश्व के भौतिक, सामाजिक और आर्थिक पहलू आते हैं। सामान्य विज्ञान रोज़मर्रा की वैज्ञानिक घटनाओं और सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी और पर्यावरण विज्ञान जैसे नए क्षेत्रों पर पूछता है। इस पेज पर UPSC CAPF के लिए GK24 के विषयवार GK नोट्स हैं, हिंदी और अंग्रेज़ी में, छोटे तथ्यों और तालिकाओं के रूप में, ताकि एक विषय एक बैठक में दोहराया जा सके: भारतीय राजव्यवस्था, भारतीय इतिहास, भूगोल, भारतीय अर्थव्यवस्था, सामान्य विज्ञान, पर्यावरण और पारिस्थितिकी, कंप्यूटर, और कला और संस्कृति। यही नोट्स Paper-II में भी काम आते हैं, जिसके निबंध भाग में आधुनिक भारतीय इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम, भूगोल, राजव्यवस्था और अर्थव्यवस्था विषय सुझाए गए हैं। एक बार में एक विषय पढ़ें, फिर उसकी क्विज़ और इस साइट पर CAPF के पिछले वर्षों के प्रश्न हल करके देखें कि कितना याद रहा। छठा क्षेत्र, General Mental Ability, तर्कशक्ति और अंकगणित का है और उसका अभ्यास अलग से करना होगा।

UPSC CAPF GK प्रश्न उत्तर सहित

Q2781.कला और संस्कृतिपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2026, GS Paper Iमध्यम

हिंदुस्तानी संगीत के राग बिलावल के समान कर्नाटक संगीत का कौन-सा राग है?

  1. A.नट भैरवी
  2. B.कामवर्धिनी
  3. C.हनुमतोडी
  4. D.धीर शंकराभरणम्
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. धीर शंकराभरणम्

दोनों रागों में सातों स्वर शुद्ध रूप में लगते हैं, यानी इनका स्वर-ढाँचा एक ही है। हिंदुस्तानी संगीत में पंडित वी. एन. भातखंडे की दस थाट वाली पद्धति में बिलावल को मूल थाट माना जाता है, जिसमें हर स्वर शुद्ध होता है।

Q2782.राष्ट्रीयकठिन

भारत में मेथेम्फेटामाइन के लिए अधिसूचित वाणिज्यिक मात्रा कितनी है?

  1. A.5 ग्राम
  2. B.20 ग्राम
  3. C.50 ग्राम
  4. D.500 ग्राम
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 50 ग्राम

मादक पदार्थ कानून में सजा इस बात पर निर्भर करती है कि जब्त मात्रा अल्प, मध्यवर्ती या वाणिज्यिक श्रेणी में आती है, और मेथेम्फेटामाइन के लिए वाणिज्यिक मात्रा 50 ग्राम निर्धारित है।

Q2783.राष्ट्रीयमध्यम

डीआरआई ने जब्त क्रिस्टल मेथ किस कानून के प्रावधानों के तहत अपने कब्जे में ली?

  1. A.सीमा शुल्क अधिनियम, 1962
  2. B.स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985
  3. C.धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002
  4. D.औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985

भारत में मेथेम्फेटामाइन को मन:प्रभावी पदार्थ माना गया है और इसी कानून से इसका नियमन होता है, जिसके तहत बिना अनुमति इसे रखना, बनाना, बेचना, खरीदना, ढोना, आयात या निर्यात करना अपराध है।

Q2784.राष्ट्रीयमध्यम

क्रिस्टल मेथ की यह जब्ती राजस्व आसूचना निदेशालय की किस इकाई ने की?

  1. A.मंगलुरु क्षेत्रीय इकाई
  2. B.कोलकाता क्षेत्रीय इकाई
  3. C.लखनऊ क्षेत्रीय इकाई
  4. D.अहमदाबाद क्षेत्रीय इकाई
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. मंगलुरु क्षेत्रीय इकाई

खुफिया सूचना पर काम करते हुए इस इकाई के अधिकारियों ने दिल्ली से बेंगलुरु ट्रेन से जा रहे एक यात्री को रोका और उसके ट्रॉली बैग से 5.753 किलोग्राम संदिग्ध मेथेम्फेटामाइन बरामद की।

Q2785.राष्ट्रीयआसान

अक्टूबर 2026 में डीआरआई ने ट्रेन यात्री से कितनी संदिग्ध मेथेम्फेटामाइन जब्त की?

  1. A.1.253 किलोग्राम
  2. B.3.500 किलोग्राम
  3. C.5.753 किलोग्राम
  4. D.9.250 किलोग्राम
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 5.753 किलोग्राम

राजस्व आसूचना निदेशालय की मंगलुरु क्षेत्रीय इकाई ने दिल्ली से बेंगलुरु ट्रेन से यात्रा कर रहे एक भारतीय नागरिक को रोका और उसके ट्रॉली बैग से इसी वजन के सफेद क्रिस्टलीय पदार्थ के तीन पैकेट बरामद किए, जिन्हें मेथेम्फेटामाइन होने का संदेह है।

Q2786.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 में मानव अधिकार की परिभाषा किन अंतरराष्ट्रीय दस्तावेजों में सन्निहित अधिकारों की बात करती है?

  1. A.1949 की जेनेवा संधियाँ
  2. B.1966 की दो अंतरराष्ट्रीय प्रसंविदाएँ
  3. C.1998 का रोम संविधि
  4. D.1961 का वियना अभिसमय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1966 की दो अंतरराष्ट्रीय प्रसंविदाएँ

अधिनियम की धारा 2(1)(घ) मानव अधिकार को व्यक्ति के जीवन, स्वतंत्रता, समता और प्रतिष्ठा से जुड़े उन अधिकारों के रूप में परिभाषित करती है जो संविधान द्वारा प्रत्याभूत हैं या इन प्रसंविदाओं में सन्निहित हैं और भारत के न्यायालयों द्वारा प्रवर्तनीय हैं।

Q2787.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

सिद्ध कदाचार के आधार पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष को राष्ट्रपति किसकी जाँच के बाद ही हटा सकते हैं?

  1. A.संसद की एक समिति
  2. B.उच्चतम न्यायालय
  3. C.केंद्रीय सतर्कता आयोग
  4. D.केंद्रीय मंत्रिपरिषद
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. उच्चतम न्यायालय

सिद्ध कदाचार या अक्षमता के आधार पर राष्ट्रपति को मामला उच्चतम न्यायालय को भेजना होता है, और अध्यक्ष या सदस्य को तभी हटाया जा सकता है जब न्यायालय अपनी प्रक्रिया के अनुसार जाँच करके यह बताए कि आधार सही है।

Q2788.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

जैन समुदाय को भारत के अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों की सूची में किस वर्ष जोड़ा गया?

  1. A.1993
  2. B.2006
  3. C.2014
  4. D.2019
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2014

सही उत्तर C, 2014 है, जब जैन समुदाय को अल्पसंख्यक अधिसूचित किया गया और वह मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध तथा पारसी के साथ जुड़कर सूची को छह समुदायों की बना दिया।

Q2789.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग किस वर्ष के अधिनियम के अंतर्गत गठित हुआ?

  1. A.1992
  2. B.2000
  3. C.2005
  4. D.2009
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2005

सही उत्तर C, 2005 है, जो बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम का वर्ष है; इसके अंतर्गत राष्ट्रीय आयोग ने 2007 में कार्य आरंभ किया और बाद में राज्य आयोग बने।

Q2790.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

निम्नलिखित में से कौन एक संवैधानिक निकाय है?

  1. A.राष्ट्रीय महिला आयोग
  2. B.राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग
  3. C.राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग
  4. D.राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग

सही उत्तर C, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग है, जो संविधान के अनुच्छेद 338 पर आधारित है; अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्गों के इसके साथी आयोग अनुच्छेद 338क और 338ख पर आधारित हैं, जिनमें अंतिम को 2018 में एक सौ दोवें संशोधन से जोड़ा गया।

Q2791.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

सशस्त्र बलों से जुड़े मामलों में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग

  1. A.अपने अन्वेषण दल से स्वयं जाँच कर सकता है
  2. B.केवल केंद्र सरकार से रिपोर्ट मँगाकर सिफारिश कर सकता है
  3. C.संबंधित अधिकारियों को बुलाकर दंड दे सकता है
  4. D.कोर्ट मार्शल को मामला फिर खोलने का निर्देश दे सकता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल केंद्र सरकार से रिपोर्ट मँगाकर सिफारिश कर सकता है

मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 19 सशस्त्र बलों के लिए विशेष प्रक्रिया रखती है: आयोग शिकायत पर आगे न बढ़े, या केंद्र सरकार से रिपोर्ट मँगाए, और रिपोर्ट मिलने पर अपनी सिफारिश दे; सरकार को तीन माह में की गई कार्रवाई आयोग को बतानी होती है।

Q2792.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

कथित उल्लंघन के कितने समय के भीतर शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक पहुँचनी चाहिए, जिससे वह जाँच कर सके?

  1. A.छह माह
  2. B.एक वर्ष
  3. C.दो वर्ष
  4. D.तीन वर्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. एक वर्ष

मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 आयोग को उस तिथि से एक वर्ष बीतने के बाद किसी मामले की जाँच से रोकता है जिस दिन मानवाधिकार उल्लंघन करने वाला कार्य किया गया बताया जाता है।

Q2793.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की सिफारिश करने वाली समिति का प्रमुख कौन होता है?

  1. A.भारत के मुख्य न्यायाधीश
  2. B.भारत के राष्ट्रपति
  3. C.प्रधानमंत्री
  4. D.केंद्रीय गृह मंत्री
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. प्रधानमंत्री

चयन समिति में छह सदस्य होते हैं—प्रधानमंत्री इसके प्रमुख, लोक सभा के अध्यक्ष, राज्य सभा के उपसभापति, लोक सभा और राज्य सभा में विपक्ष के नेता तथा केंद्रीय गृह मंत्री; इसकी सिफारिश पर राष्ट्रपति नियुक्ति करते हैं।

Q2794.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का स्थापना दिवस किस तिथि को मनाया जाता है?

  1. A.10 दिसंबर
  2. B.12 अक्टूबर
  3. C.26 नवंबर
  4. D.28 सितंबर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 12 अक्टूबर

सही उत्तर B, 12 अक्टूबर है, क्योंकि आयोग का गठन 1993 में इसी तिथि को हुआ था।

Q2795.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

भारत का राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग किस कानून के अंतर्गत गठित किया गया था?

  1. A.मानवाधिकार आयोग अधिनियम, 1991
  2. B.मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993
  3. C.सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955
  4. D.जाँच आयोग अधिनियम, 1952
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993

यह कानून सितंबर 1993 में अध्यादेश के रूप में आया और 12 अक्टूबर 1993 को आयोग गठित हुआ, जिसके पहले अध्यक्ष भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंगनाथ मिश्र थे।

Q2796.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC General Studies 2017 Official Papeमध्यम

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष का कार्यकाल कितना होता है?

  1. A.3 वर्ष
  2. B.4 वर्ष
  3. C.5 वर्ष
  4. D.6 वर्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 3 वर्ष

मानव अधिकार संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2019 ने आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल पाँच वर्ष से घटाकर तीन वर्ष या सत्तर वर्ष की आयु, जो पहले हो, कर दिया और उन्हें पुनर्नियुक्ति के लिए पात्र भी बना दिया।

Q2797.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 7 March 2019, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन भारत का गैर-संवैधानिक निकाय है?

  1. A.वित्त आयोग
  2. B.राज्य मानवाधिकार आयोग
  3. C.संघ लोक सेवा आयोग
  4. D.निर्वाचन आयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राज्य मानवाधिकार आयोग

राज्य मानवाधिकार आयोग मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के अध्याय पाँच से बनता है, जो संसद का साधारण कानून है, इसलिए यह सांविधिक निकाय है, संवैधानिक नहीं; संसद उसी अधिनियम में संशोधन करके इसे समाप्त कर सकती है।

Q2798.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

संसद के किसी सदन की बैठक के गठन के लिए गणपूर्ति कितनी होती है?

  1. A.सदन के कुल सदस्यों का एक चौथाई
  2. B.सदन के कुल सदस्यों का दसवां भाग
  3. C.सदन के कुल सदस्यों का एक तिहाई
  4. D.सदन के पचास सदस्य
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सदन के कुल सदस्यों का दसवां भाग

संविधान का अनुच्छेद 100(3) कहता है कि संसद के किसी भी सदन की बैठक के गठन के लिए गणपूर्ति उस सदन के कुल सदस्यों का दसवां भाग होगी, और पीठासीन अधिकारी भी उसी दसवें भाग में गिना जाता है।

Q2799.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

वह कटौती प्रस्ताव जिसमें किसी अनुदान मांग की राशि घटाकर एक रुपया करने की मांग की जाती है, क्या कहलाता है?

  1. A.नीति कटौती
  2. B.मितव्ययिता कटौती
  3. C.सांकेतिक कटौती
  4. D.गिलोटिन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. नीति कटौती

नीति कटौती प्रस्ताव में मांग की राशि घटाकर एक रुपया करने की बात होती है, जिसका अर्थ उस मांग के पीछे की नीति को पूरी तरह अस्वीकार करना है, और प्रस्तावक वैकल्पिक नीति सुझा सकता है।

Q2800.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, जिसके द्वारा सदस्य किसी मंत्री का ध्यान अत्यावश्यक लोक महत्व के विषय की ओर खींचता है, भारतीय संसद में किस वर्ष से प्रचलित है?

  1. A.1950
  2. B.1954
  3. C.1962
  4. D.1971
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1954

ध्यानाकर्षण प्रस्ताव संसदीय प्रक्रिया में भारत की अपनी देन है और 1954 से प्रचलित है। सदस्य किसी मंत्री का ध्यान अत्यावश्यक लोक महत्व के विषय की ओर खींचता है और मंत्री उस पर वक्तव्य देता है, जिसके बाद सदस्य स्पष्टीकरण मांग सकते हैं।