निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. यदि भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भारत के राष्ट्रपति का निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया जाता है, तो निर्णय की तिथि से पहले राष्ट्रपति पद के कर्तव्यों के पालन में उसके द्वारा किए गए सभी कार्य अवैध हो जाते हैं। 2. भारत के राष्ट्रपति पद का निर्वाचन इस आधार पर स्थगित किया जा सकता है कि कुछ विधानसभाएँ भंग हो गई हैं और उनके चुनाव अभी होने हैं। 3. जब कोई विधेयक भारत के राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है, तो संविधान वह समय-सीमा निर्धारित करता है जिसके भीतर उसे अपनी अनुमति घोषित करनी होती है। उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
- A.केवल एक
- B.केवल दो
- C.सभी तीन
- D.कोई भी नहीं
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तीनों कथन संविधान और राष्ट्रपति निर्वाचन संबंधी कानून के वास्तविक प्रावधानों के विपरीत हैं।
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