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GK24
भारतीय इतिहासआसानपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper I

निम्नलिखित में से किस योजना/रिपोर्ट के अनुसार पंजाब और बंगाल के विभाजन का निर्णय संबंधित विधान सभाओं के सदस्यों के मतदान के आधार पर लिया जाना था?

  1. A.नेहरू रिपोर्ट
  2. B.क्रिप्स मिशन योजना
  3. C.बेवरिज रिपोर्ट
  4. D.माउंटबेटन योजना

सही उत्तर

D. माउंटबेटन योजना

व्याख्या

सही उत्तर है D, माउंटबेटन योजना। 3 जून 1947 की योजना में प्रावधान था कि पंजाब और बंगाल की विधान सभाएं मुस्लिम-बहुल और गैर-मुस्लिम-बहुल जिलों के दो भागों में बैठकर मतदान करेंगी कि प्रांत का विभाजन हो या नहीं।

माउंटबेटन योजना के अनुसार यदि किसी भी भाग ने विभाजन के पक्ष में मत दिया, तो प्रांत बंट जाता। जून 1947 में दोनों विधान सभाओं ने ऐसा किया और फिर सर सिरिल रैडक्लिफ की अध्यक्षता वाले आयोगों ने सीमाएं खींचीं। योजना में उत्तर-पश्चिम सीमांत प्रांत और असम के सिलहट जिले में जनमत संग्रह का भी प्रावधान था, और सत्ता हस्तांतरण की तिथि आगे खिसकाकर 15 अगस्त 1947 कर दी गई। जुलाई 1947 के भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम ने इसे कानूनी रूप दिया।

A गलत है: 1928 की नेहरू रिपोर्ट ने अखंड भारत के लिए डोमिनियन दर्जा और संविधान प्रस्तावित किया था; उसमें विभाजन की बात नहीं थी।

B गलत है: 1942 के क्रिप्स मिशन ने युद्ध के बाद डोमिनियन दर्जे और प्रांतों को संघ से बाहर रहने का विकल्प दिया, पर पंजाब और बंगाल के विभाजन का प्रावधान नहीं किया।

C गलत है: 1942 की बेवरिज रिपोर्ट ब्रिटेन की सामाजिक सुरक्षा योजना थी, भारत की संवैधानिक योजना नहीं।

Exam tip: माउंटबेटन योजना, 3 जून 1947: प्रांतीय विधान सभाओं का विभाजन पर मतदान; उत्तर-पश्चिम सीमांत प्रांत और सिलहट में जनमत संग्रह।

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Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2021, GS Paper Iमध्यम

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. संत फ़्रांसिस ज़ेवियर जेसुइट संघ के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। 2. संत फ़्रांसिस ज़ेवियर की मृत्यु गोवा में हुई और वहाँ उन्हें समर्पित एक चर्च है। 3. गोवा में प्रति वर्ष संत फ़्रांसिस ज़ेवियर का पर्व मनाया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. केवल 1 और 3

फ़्रांसिस ज़ेवियर जेसुइट संघ के सह-संस्थापक थे और गोवा में हर वर्ष उनका पर्व मनाया जाता है, पर उनकी मृत्यु गोवा में नहीं हुई।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2021, GS Paper Iकठिन

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. इल्तुतमिश के शासनकाल में चंगेज़ ख़ान भगोड़े ख़्वारिज़्म राजकुमार का पीछा करते हुए सिंधु तक पहुँचा था। 2. मुहम्मद बिन तुग़लक़ के शासनकाल में तैमूर ने मुल्तान पर अधिकार किया और सिंधु पार की। 3. विजयनगर साम्राज्य के देवराय द्वितीय के शासनकाल में वास्को द गामा केरल के तट पर पहुँचा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.1 और 2
  3. C.केवल 3
  4. D.2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केवल 1

चंगेज़ ख़ान इल्तुतमिश के समय सिंधु तक आया, पर तैमूर और वास्को द गामा बताए गए शासकों के बहुत बाद आए।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2021, GS Paper Iकठिन

निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए : (ऐतिहासिक स्थल) (किसके लिए प्रसिद्ध) 1. बुर्ज़होम : शैलकृत देवस्थान 2. चंद्रकेतुगढ़ : मृण्मूर्ति (टेराकोटा) कला 3. गणेश्वर : ताम्र कलाकृतियाँ उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.1 और 2
  3. C.केवल 3
  4. D.2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 2 और 3

चंद्रकेतुगढ़ टेराकोटा के लिए और गणेश्वर ताँबे की वस्तुओं के लिए प्रसिद्ध है, पर बुर्ज़होम में कोई शैलकृत देवस्थान नहीं है।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: NDA · NDA-II 2021, GATकठिन

तत्त्वबोधिनी पत्रिका के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. A.इसने बांग्ला भाषा में भारत के अतीत के व्यवस्थित अध्ययन को बढ़ावा दिया।
  2. B.इसने संस्कृत स्रोतों के माध्यम से भारत के अतीत के व्यवस्थित अध्ययन को बढ़ावा दिया।
  3. C.इसने फ़ारसी स्रोतों के माध्यम से भारत के अतीत के व्यवस्थित अध्ययन को बढ़ावा दिया।
  4. D.इसने पश्चिमी स्रोतों के माध्यम से भारत के अतीत के व्यवस्थित अध्ययन को बढ़ावा दिया।
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. इसने बांग्ला भाषा में भारत के अतीत के व्यवस्थित अध्ययन को बढ़ावा दिया।

तत्त्वबोधिनी पत्रिका ने बांग्ला भाषा में भारत के अतीत के व्यवस्थित अध्ययन को बढ़ावा दिया। यह पत्रिका 1843 में रवींद्रनाथ टैगोर के पिता देवेंद्रनाथ टैगोर ने तत्त्वबोधिनी सभा के मुखपत्र के रूप में शुरू की थी, जिसकी स्थापना उन्होंने 1839 में की थी।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: NDA · NDA-II 2023, GATमध्यम

भक्ति आंदोलन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.भक्ति आंदोलन ने विविधता को बढ़ावा देने वाली परंपराओं से परहेज़ किया
  2. B.उत्तर भारत में भक्ति आंदोलन राम और कृष्ण की उपासना के इर्द-गिर्द केंद्रित था
  3. C.भक्ति आंदोलन सगुण और निर्गुण, दोनों प्रकार की ईश्वर भक्ति पर आधारित था
  4. D.जहां तुलसीदास सगुण भक्ति परंपरा के प्रतिनिधि थे, वहीं संत कबीर ने निर्गुण भक्ति का मार्ग अपनाया
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. भक्ति आंदोलन ने विविधता को बढ़ावा देने वाली परंपराओं से परहेज़ किया

भक्ति आंदोलन ने विविधता से परहेज़ नहीं किया, बल्कि अनेक क्षेत्रीय भाषाओं, संप्रदायों और सामाजिक समूहों को अपनाया, इसलिए यही कथन गलत है।