योग का अर्थ मन की समता बनाए रखना है, जिसे कार्य के कुशल सम्पादन के लिए ________ कहा जाता है।
- A.कर्मसुकौशलम्
- B.समत्वम्
- C.पुरुषत्व
- D.दुखसंयोग वियोग
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समत्वम् का अर्थ समता या समभाव है, वह मन की स्थिरता जो सफलता या असफलता से नहीं डिगती, और भगवद्गीता में प्रयोग आता है समत्वं योग उच्यते अर्थात मन की समता को योग कहा जाता है।
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