भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद राष्ट्रपति की क्षमादान आदि की शक्ति और कुछ मामलों में दंड को निलंबित, कम या परिवर्तित करने की शक्ति को परिभाषित करता है?
- A.अनुच्छेद 55
- B.अनुच्छेद 81
- C.अनुच्छेद 63
- D.अनुच्छेद 72
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. अनुच्छेद 72
व्याख्या
सही उत्तर है D, अनुच्छेद 72। यह अनुच्छेद राष्ट्रपति को क्षमा, प्रविलंबन, विराम या परिहार देने और किसी दंड को निलंबित, कम या बदलने की शक्ति देता है। यह तीन मामलों में लागू होता है: सैन्य अदालत (कोर्ट मार्शल) का दंड, संघ के कानून के विरुद्ध अपराध, और हर मृत्युदंड। मृत्युदंड केवल राष्ट्रपति माफ कर सकता है; राज्यपाल, जिसकी ऐसी ही शक्ति अनुच्छेद 161 में है, नहीं कर सकता। पांच शब्द याद रखें: क्षमा (दोष पूरी तरह मिट जाता है), लघुकरण (हल्की किस्म का दंड), परिहार (अवधि कम), विराम (गर्भावस्था जैसे खास कारण से कम दंड) और प्रविलंबन (अस्थायी रोक)। A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 55 राष्ट्रपति चुनाव की पद्धति बताता है। B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 81 लोकसभा की संरचना बताता है। C गलत है क्योंकि अनुच्छेद 63 कहता है कि भारत का एक उपराष्ट्रपति होगा। परीक्षा टिप: क्षमादान शक्ति राष्ट्रपति के लिए 72, राज्यपाल के लिए 161; मृत्युदंड और कोर्ट मार्शल का दंड केवल राष्ट्रपति माफ कर सकता है।