भारत के किस भाग में गर्म पवन 'लू' चलती है?
- A.पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी
- B.उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी
- C.पूर्वी और उत्तर-पूर्वी
- D.दक्षिणी और दक्षिण-पश्चिमी
सही उत्तर
B. उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी
व्याख्या
सही उत्तर है B, उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी। लू भारत के उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी मैदानों की गर्म और शुष्क पवन है।
लू मई और जून में दिन के समय पश्चिम तथा उत्तर-पश्चिम से चलती है, जब धरातल गर्म होने पर उत्तर-पश्चिम भारत पर निम्न दबाव की द्रोणी बन जाती है। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार इससे सबसे अधिक प्रभावित होते हैं, और दोपहर का तापमान कई बार 45°C से ऊपर चला जाता है, जिससे लू लगने की स्थिति बनती है। रात में यह शांत हो जाती है और मानसून आने पर समाप्त हो जाती है।
A गलत है: पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी तट समुद्री पवनों तथा मानसून पूर्व आम्र वर्षा से ठंडा रहता है। C गलत है: पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भाग में काल बैसाखी तथा बारदोली छीड़ा जैसी आंधियां आती हैं। D गलत है: दक्षिणी और दक्षिण-पश्चिमी भाग प्रायद्वीपीय तथा तटीय है, जहां समुद्र तापमान को सम बनाए रखता है।
परीक्षा टिप: लू - उत्तर भारत की ग्रीष्म पवन; काल बैसाखी - बंगाल; आम्र वर्षा - केरल और कर्नाटक।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंजोग जलप्रपात किस राज्य/केंद्रशासित प्रदेश में स्थित है?
- A.पंजाब
- B.कर्नाटक
- C.जम्मू और कश्मीर
- D.लद्दाख
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कर्नाटक
व्याख्या
सही उत्तर है B, कर्नाटक। जोग जलप्रपात कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में है।
यहाँ शरावती नदी लगभग 253 मीटर की ऊँचाई से चार अलग धाराओं में गिरती है, जिन्हें राजा, रानी, रॉकेट और रोअरर कहा जाता है। यही इसे भारत के सबसे ऊँचे सीधे गिरने वाले जलप्रपातों में शामिल करता है। यह पश्चिमी घाट में स्थित है और मानसून पर निर्भर है। ऊपर की ओर बने लिंगनमक्की बाँध से महात्मा गांधी जलविद्युत केंद्र को पानी मिलता है, इसलिए वर्षा ऋतु में इसका प्रवाह सबसे तेज होता है। इसे गेरसोप्पा या जोगड़ा गुंडी भी कहते हैं।
विकल्प A गलत है क्योंकि पंजाब समतल जलोढ़ मैदान है, जहाँ ऐसा जलप्रपात नहीं है। विकल्प C और D गलत हैं क्योंकि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हिमालयी क्षेत्र में हैं, शरावती से बहुत दूर। भारत का सबसे ऊँचा जलप्रपात कुंचिकल भी कर्नाटक में है।
परीक्षा टिप: जोग (शरावती) और कुंचिकल (वराही) दोनों कर्नाटक में; दूधसागर गोवा में।
निम्नलिखित में से कौन गाय की देशी दुग्ध नस्ल है?
- A.रेड सिंधी
- B.चिप्पीपराई
- C.कन्नी
- D.कोम्बई
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. रेड सिंधी
व्याख्या
सही उत्तर है A, रेड सिंधी। रेड सिंधी गाय की देशी दुग्ध नस्ल है, जबकि बाकी तीनों भारतीय कुत्तों की नस्लें हैं।
रेड सिंधी का नाम सिंध क्षेत्र से पड़ा। ये गायें लाल-भूरे रंग की, मजबूत और गर्मी सहने वाली होती हैं, इसी कारण कई उष्ण कटिबंधीय देशों में दूध उत्पादन सुधारने के लिए इनका उपयोग किया गया। साहीवाल, गिर, थारपारकर और देवनी अन्य प्रसिद्ध देशी दुग्ध नस्लें हैं, जबकि अमृतमहल, हल्लीकर और कांगयम भारवाहक नस्लें हैं। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत सरकार ऐसी देशी नस्लों के संरक्षण और विकास पर काम करती है।
B गलत है: चिप्पीपराई तमिलनाडु की शिकारी कुत्ते की नस्ल है। C गलत है: कन्नी भी दक्षिणी तमिलनाडु की कुत्ते की नस्ल है। D गलत है: कोम्बई तमिलनाडु का शिकारी कुत्ता है, गाय नहीं।
परीक्षा टिप: देशी दुग्ध नस्लें - रेड सिंधी, साहीवाल, गिर, थारपारकर, देवनी; चिप्पीपराई, कन्नी और कोम्बई कुत्तों की नस्लें हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सी फसल इस विवरण से मेल खाती है - 'यह ऐसी फसल है जिसका उपयोग भोजन और चारे, दोनों के रूप में होता है। यह खरीफ फसल है जिसके लिए 21°C से 27°C तापमान चाहिए और यह पुरानी जलोढ़ मिट्टी में अच्छी उगती है'?
- A.तिल
- B.मक्का
- C.बाजरा
- D.रागी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मक्का
व्याख्या
सही उत्तर है B, मक्का। मक्का ही वह फसल है जो भोजन और चारे, दोनों रूपों में प्रयोग होती है और जिसे 21°C से 27°C तापमान तथा पुरानी जलोढ़ मिट्टी चाहिए।
मक्का खरीफ फसल है, जिसकी बुवाई मानसून आने के साथ होती है, हालांकि बिहार और कुछ अन्य राज्यों में इसे रबी मौसम में भी उगाया जाता है। हरित क्रांति के दौरान उन्नत बीज, उर्वरक और सिंचाई से इसका उत्पादन बढ़ा। कर्नाटक, मध्य प्रदेश, बिहार, तमिलनाडु, तेलंगाना और महाराष्ट्र इसके प्रमुख उत्पादक हैं, और यह अनाज मुर्गीपालन तथा स्टार्च उद्योग के भी काम आता है।
A गलत है: तिल तिलहन फसल है, जो उत्तर में खरीफ और दक्षिण में रबी फसल होती है। C गलत है: बाजरा शुष्क क्षेत्रों की बलुई और कम गहरी काली मिट्टी में उगता है। D गलत है: रागी शुष्क क्षेत्रों का कठोर मोटा अनाज है, जो लाल, काली, बलुई और कम गहरी मिट्टी में उगाया जाता है।
परीक्षा टिप: मक्का - खरीफ, 21°C से 27°C, पुरानी जलोढ़ मिट्टी, भोजन और चारा दोनों।
निम्नलिखित कथनों को ध्यान से पढ़कर सही विकल्प चुनें: अभिकथन (A): लोहा और इस्पात को भारी उद्योग माना जाता है। कारण (R): इसमें कपास और रबर जैसे हल्के कच्चे माल की आवश्यकता होती है।
- A.A और R दोनों सत्य हैं, तथा R, A की सही व्याख्या है
- B.A और R दोनों सत्य हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है
- C.A सत्य है, परंतु R असत्य है
- D.A असत्य है, परंतु R सत्य है
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. A सत्य है, परंतु R असत्य है
व्याख्या
सही उत्तर है C, A सत्य है, परंतु R असत्य है। लोहा और इस्पात वास्तव में भारी उद्योग है, पर इसका कारण हल्का कच्चा माल नहीं है।
उद्योगों का एक वर्गीकरण उनके कच्चे माल के भार के आधार पर होता है। भारी उद्योग में भारी और भारी मात्रा वाला कच्चा माल लगता है और तैयार उत्पाद भी भारी होता है, इसलिए लोहा और इस्पात इसका सबसे अच्छा उदाहरण है, क्योंकि इसमें लौह अयस्क, कोकिंग कोयला, चूना पत्थर, डोलोमाइट और मैंगनीज टनों में लगते हैं। हल्के उद्योग में हल्का कच्चा माल लगता है और उत्पाद भी हल्के होते हैं, जिसमें कपास, रबर, रेशम और इलेक्ट्रॉनिक्स आते हैं। इसीलिए दिया गया कारण असत्य है।
A विकल्प गलत है, क्योंकि कारण असत्य है। B भी इसी वजह से गलत है। D गलत है, क्योंकि लोहा और इस्पात के भारी उद्योग होने का अभिकथन पूरी तरह सत्य है।
परीक्षा टिप: भारी उद्योग - लोहा-इस्पात, सीमेंट, जहाज निर्माण; हल्का उद्योग - सूती वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक्स, रबर की वस्तुएं।
निम्नलिखित में से कौन ब्रह्मपुत्र नदी की सहायक नदी है, जो भूटान से होकर बहती है?
- A.इरावदी नदी
- B.सितांग नदी
- C.चिंदविन नदी
- D.वांग छू नदी
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. वांग छू नदी
व्याख्या
सही उत्तर है D, वांग छू नदी। वांग छू पश्चिमी भूटान से बहती है और भारत में ब्रह्मपुत्र तंत्र में मिल जाती है।
वांग छू का उद्गम तिब्बत के हिमालयी भाग में है। यह भूटान में थिम्पू और पारो से गुजरती है और पश्चिम बंगाल में प्रवेश करती है, जहां इसे रायडाक कहा जाता है। आगे यह असम से बहकर ब्रह्मपुत्र में मिलती है। भूटान से उतरने वाली ब्रह्मपुत्र की अन्य सहायक नदियों में मानस, संकोश और तोर्सा शामिल हैं, जबकि सुबनसिरी, दिबांग और लोहित अरुणाचल प्रदेश तथा असम में इसमें मिलती हैं।
A गलत है: इरावदी म्यांमार की मुख्य नदी है और अंडमान सागर में गिरती है। B गलत है: सितांग भी म्यांमार की नदी है। C गलत है: चिंदविन म्यांमार में इरावदी की सबसे बड़ी सहायक नदी है।
परीक्षा टिप: भूटान से आने वाली ब्रह्मपुत्र की सहायक नदियां - वांग छू (रायडाक), मानस, संकोश, तोर्सा; इरावदी, सितांग और चिंदविन म्यांमार की नदियां हैं।