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GK24

RRB NTPC GK प्रश्न 2026

RRB NTPC के General Awareness खंड का बाकी हिस्सा स्थिर सामान्य ज्ञान से बनता है, और सूचनाएँ इसके विषय गिनाती हैं: दसवीं तक का सामान्य विज्ञान और जीव विज्ञान, भारत का इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम, भारत और विश्व का भौतिक, सामाजिक और आर्थिक भूगोल, भारतीय राजव्यवस्था और शासन, भारतीय अर्थव्यवस्था, कला और संस्कृति, भारतीय साहित्य, स्मारक और स्थान, वनस्पति और जीव-जंतु, प्रसिद्ध व्यक्तित्व, संयुक्त राष्ट्र और अन्य विश्व संगठन, पर्यावरणीय मुद्दे, भारत में परिवहन प्रणालियाँ, महत्वपूर्ण सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के संगठन, सामान्य संक्षिप्ताक्षर, और कंप्यूटर की मूल बातें। RRB इन्हें छोटे तथ्यात्मक प्रश्नों में पूछता है: किसी भौतिक राशि की इकाई, किसी युद्ध का वर्ष, संविधान का अनुच्छेद, कोई शहर किस नदी पर है, किसी संक्षिप्ताक्षर का पूरा रूप, किसी संगठन का मुख्यालय। इस पेज पर GK24 के GK नोट्स हर विषय को अंग्रेज़ी और हिंदी में, सिलेबस के क्रम में समेटते हैं, और RRB जो तथ्य अक्सर पूछता है वे पहले रखे गए हैं। एक बार में एक विषय पढ़ें, सूचियाँ (राष्ट्रीय उद्यान, नृत्य, अनुच्छेद, अनुसूचियाँ, पुरस्कार) नोट करें, और हर विषय के साथ GK24 की उसी विषय की क्विज़ देकर जाँचें कि क्या याद रहा।

RRB NTPC GK प्रश्न उत्तर सहित

Q281.राष्ट्रीयकठिन

टेलीकम्युनिकेशन एक्ट, 2023 के तहत दूरसंचार पहचानकर्ता से छेड़छाड़ पर क्या सजा हो सकती है?

  1. A.एक साल तक जेल या 10 लाख रुपये तक जुर्माना
  2. B.तीन साल तक जेल या 50 लाख रुपये तक जुर्माना, या दोनों
  3. C.केवल जुर्माना, जेल का कोई प्रावधान नहीं
  4. D.सात साल तक जेल, जुर्माने का कोई प्रावधान नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तीन साल तक जेल या 50 लाख रुपये तक जुर्माना, या दोनों

व्याख्या

सही उत्तर तीन साल तक की जेल या पचास लाख रुपये तक का जुर्माना, या दोनों है। इस पर रोक एक्ट की धारा 42(3)(c) में है, जो दूरसंचार पहचानकर्ताओं से छेड़छाड़ पर रोक लगाती है, जबकि इसके साथ वाली धारा धोखाधड़ी, जालसाजी या किसी और का रूप धरकर सिम या पहचानकर्ता हासिल करने को शामिल करती है। पहला विकल्प गलत है क्योंकि यह जेल की अवधि और जुर्माने की अधिकतम राशि, दोनों को कम बताता है। तीसरा विकल्प गलत है क्योंकि कानून में जुर्माने के साथ जेल का भी स्पष्ट प्रावधान है और दोनों एक साथ भी हो सकते हैं। चौथा विकल्प दो कारणों से गलत है, यह जेल की अवधि बढ़ा देता है और जुर्माना हटा देता है। दो बातें और याद रखें, ऐसे अपराध धारा 42(7) के तहत संज्ञेय व गैर-जमानती हैं और धारा 42(6) के तहत मदद करने वाले को भी वही सजा मिलती है।

Q282.राष्ट्रीयमध्यम

IMEI में प्रयुक्त टाइप एलोकेशन कोड का वैश्विक आवंटन कौन सी संस्था देखती है?

  1. A.जीएसएमए
  2. B.ट्राई
  3. C.दूरसंचार विभाग
  4. D.अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. जीएसएमए

व्याख्या

सही उत्तर जीएसएमए यानी ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशंस एसोसिएशन है। बैकग्राउंडर के अनुसार यही संस्था टाइप एलोकेशन कोड का वैश्विक आवंटन देखती है और विनिर्माताओं तथा ब्रांड मालिकों को कोड देती है, जिसके बाद वे हर हैंडसेट को अलग पहचान संख्या देते हैं। ट्राई वाला विकल्प गलत है, क्योंकि विज्ञप्ति में नियामक का जिक्र केवल दोबारा जारी सिम पर एसएमएस सीमित रहने वाले नियम के संदर्भ में है, कोड आवंटन के संदर्भ में नहीं। दूरसंचार विभाग वाला विकल्प भी गलत है, क्योंकि वह नागरिकों को सलाह देता है और भारत में पंजीकरण तथा जांच की व्यवस्था चलाता है, पर वैश्विक कोड आवंटित नहीं करता। अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ गलत है क्योंकि विज्ञप्ति उसे यह भूमिका नहीं देती। याद रखने की कड़ी यह है कि संस्था कोड देती है, विनिर्माता पूरी पहचान देता है और भारतीय पोर्टल उसे दर्ज करते हैं।

Q283.राष्ट्रीयआसान

IMEI नंबर कितने अंकों का होता है?

  1. A.दस अंक
  2. B.बारह अंक
  3. C.पंद्रह अंक
  4. D.अठारह अंक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. पंद्रह अंक

व्याख्या

सही उत्तर पंद्रह अंक है। इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी को इतनी ही लंबाई का विशेष नंबर बताया गया है, जो दूरसंचार नेटवर्क पर मोबाइल डिवाइस की पहचान करता है, और इसके शुरुआती आठ अंक टाइप एलोकेशन कोड बनाते हैं जो हैंडसेट का मॉडल या प्रकार बताता है। दस अंक वाला विकल्प गलत है, क्योंकि भारत में मोबाइल टेलीफोन नंबर इतने अंकों का होता है और अक्सर दोनों में भ्रम हो जाता है, जबकि टेलीफोन नंबर कनेक्शन का होता है और यह नंबर डिवाइस का। बारह अंक वाला विकल्प भी गलत है और बैकग्राउंडर में बताए किसी पहचानकर्ता से मेल नहीं खाता। अठारह अंक गलत है क्योंकि यह लंबाई बढ़ा देता है। साथ में यह भी याद रखें कि हैंडसेट पर यह नंबर एक छोटे कोड से देखा जा सकता है और डुअल-सिम फोन में दो नंबर होते हैं।

Q284.अर्थव्यवस्थाकठिन

सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के तहत कितनी सेमीकंडक्टर परियोजनाएं मंजूर हुई हैं और सितंबर 2026 तक कितनी वाणिज्यिक इकाइयां चालू थीं?

  1. A.दस मंजूर, तीन चालू
  2. B.बारह मंजूर, पांच चालू
  3. C.पंद्रह मंजूर, छह चालू
  4. D.बीस मंजूर, आठ चालू
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बारह मंजूर, पांच चालू

व्याख्या

सही उत्तर बारह मंजूर और पांच चालू है। बैकग्राउंडर में कहा गया है कि सरकार सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के तहत इतनी परियोजनाओं को मंजूरी दे चुकी है और उसी वर्ष सितंबर तक पांच वाणिज्यिक सेमीकंडक्टर इकाइयां परिचालन में आ चुकी थीं। पहला विकल्प दोनों ही गिनतियों में गलत है, यह मंजूरियों और चालू इकाइयों, दोनों को कम बताता है। तीसरा विकल्प गलत है क्योंकि यह मंजूरियों और इकाइयों, दोनों को बढ़ा देता है और ऐसा कोई हिसाब विज्ञप्ति में नहीं है। चौथा विकल्प इसी कारण गलत है और बताई गई स्थिति से सबसे दूर है। याद रखने लायक बात यह है कि मंजूरी मिलना और उत्पादन शुरू होना एक बात नहीं है, इसीलिए विज्ञप्ति में दोनों आंकड़े अलग-अलग दिए गए हैं। इसे पीएलआई योजनाओं और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन से भी जोड़कर याद रखें।

Q285.अर्थव्यवस्थाआसान

सेमीकॉन इंडिया 2026 में कितने प्रदर्शकों ने भाग लिया?

  1. A.400 से अधिक
  2. B.600 से अधिक
  3. C.800 से अधिक
  4. D.1,000 से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 600 से अधिक

व्याख्या

सही उत्तर 600 से अधिक है। बैकग्राउंडर के अनुसार आयोजन में इतने प्रदर्शक शामिल हुए, जिनमें लगभग तीन सौ अंतरराष्ट्रीय कंपनियां थीं, और इसी मिश्रण को भारत के सेमीकंडक्टर तथा इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम में बढ़ती वैश्विक दिलचस्पी का संकेत बताया गया है। पहला विकल्प गलत है क्योंकि यह बताई गई संख्या से कम है और विज्ञप्ति में कहीं नहीं आता। तीसरा विकल्प उल्टे कारण से गलत है, यह संख्या को बढ़ा देता है और ऐसा कोई आंकड़ा नहीं दिया गया। चौथा विकल्प भी गलत है, क्योंकि चार अंकों वाला कोई दावा दस्तावेज में नहीं है। परीक्षा के लिए उपयोगी जोड़ी यह है कि कुल प्रदर्शक और उनमें अंतरराष्ट्रीय हिस्सेदारी, दोनों साथ याद रखें, क्योंकि प्रश्न एक देकर दूसरा पूछ सकता है।

Q286.अर्थव्यवस्थामध्यम

सेमीकॉन इंडिया 2026 में 'भारत के राष्ट्रीय एजेंडे को आगे बढ़ाने में उद्योग संघों की भूमिका' पैनल चर्चा का संचालन किसने किया?

  1. A.नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी
  2. B.इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के सीईओ श्री अमितेश कुमार सिन्हा
  3. C.भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर
  4. D.इसरो के अध्यक्ष
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के सीईओ श्री अमितेश कुमार सिन्हा

व्याख्या

सही उत्तर इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अमितेश कुमार सिन्हा हैं। बैकग्राउंडर में उन्हीं को इस सत्र का संचालक बताया गया है, जिसमें प्रमुख उद्योग संघों के वरिष्ठ प्रतिनिधि यह चर्चा करने आए थे कि गहरा सहयोग देश की सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स योजनाओं को कैसे तेज कर सकता है। नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वाला विकल्प गलत है, क्योंकि विज्ञप्ति में इस सत्र से उस पद का कोई संबंध नहीं बताया गया। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर वाला विकल्प गलत है, क्योंकि चर्चा मौद्रिक नीति की नहीं, विनिर्माण और उद्योग के आपसी तालमेल की थी। इसरो के अध्यक्ष वाला विकल्प भी इसी कारण गलत है। अभ्यर्थियों को नाम के साथ पद और मिशन का नाम भी याद रखना चाहिए, क्योंकि प्रश्न अक्सर संस्था पूछता है, नाम नहीं।

Q287.सरकारी योजनाएंमध्यम

आयुष्मान भारत के बारे में प्रधानमंत्री ने आठवीं वर्षगांठ पर निम्न में से कौन सी बात कही?

  1. A.यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है
  2. B.इसे बंद कर एक नई योजना में मिलाया जा रहा है
  3. C.यह केवल सरकारी कर्मचारियों को मिलती है
  4. D.इसमें केवल बाह्य रोगी परामर्श का खर्च मिलता है
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है

व्याख्या

सही उत्तर यह है कि यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वार्षिक बीमा अब साठ करोड़ से अधिक लाभार्थियों तक पहुंच रहा है और इसी आधार पर उन्होंने इसे अपनी तरह की सबसे बड़ी योजना बताया। दूसरा विकल्प गलत है, क्योंकि संदेश में योजना को बंद करने या किसी और योजना में मिलाने की कोई बात नहीं है, बल्कि पूरा संदेश विस्तार और इलाज के खर्च में हुई रिकॉर्ड बचत की ओर इशारा करता है। तीसरा विकल्प गलत है, क्योंकि संदेश में निर्धन और मध्यम वर्ग को लाभ पाने वाला बताया गया है, सरकारी कर्मचारियों की कोई सीमित श्रेणी नहीं। चौथा विकल्प गलत है, क्योंकि जिस बीमा की बात है वह वार्षिक स्वास्थ्य बीमा है, और प्राथमिक इलाज की चर्चा अलग से आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के संदर्भ में की गई है।

Q288.सरकारी योजनाएंमध्यम

प्रधानमंत्री के संदेश के अनुसार आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर कितनी बार लोगों की आवाजाही दर्ज हुई है?

  1. A.100 करोड़ से अधिक
  2. B.300 करोड़ से अधिक
  3. C.500 करोड़ से अधिक
  4. D.700 करोड़ से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 500 करोड़ से अधिक

व्याख्या

सही उत्तर 500 करोड़ से अधिक है। प्रधानमंत्री ने इसी आंकड़े के आधार पर कहा कि स्वास्थ्य सेवा हर घर के नजदीक पहुंच रही है, क्योंकि आयुष्मान आरोग्य मंदिर नाम के ये केंद्र दूर के अस्पतालों के बजाय मोहल्लों और गांवों में ही प्राथमिक इलाज देते हैं। सौ करोड़ से अधिक वाला विकल्प गलत है, क्योंकि संदेश में इससे कहीं बड़ी संख्या बताई गई है और यह आंकड़ा केवल उसे ठीक लगता है जो लाभार्थियों की संख्या से भ्रमित हो जाए। तीन सौ करोड़ से अधिक भी गलत है, यह विज्ञप्ति में कहीं नहीं आता और आधे-अधूरे याद किए उत्तर को पकड़ने के लिए रखा गया है। सात सौ करोड़ से अधिक गलत है क्योंकि यह बताए गए आंकड़े से ऊपर चला जाता है और संदेश में इससे बड़ा कोई दावा नहीं है। ध्यान रहे कि यह आंकड़ा लोगों की नहीं, आवाजाही की गिनती है।

Q289.सरकारी योजनाएंआसान

आयुष्मान भारत की आठवीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री के अनुसार लाभार्थी को कितने का वार्षिक स्वास्थ्य बीमा मिलता है?

  1. A.1 लाख रुपये
  2. B.3 लाख रुपये
  3. C.5 लाख रुपये
  4. D.10 लाख रुपये
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 5 लाख रुपये

व्याख्या

सही उत्तर 5 लाख रुपये है। प्रधानमंत्री ने वर्षगांठ के संदेश में कहा कि साठ करोड़ से अधिक लाभार्थियों को इतनी राशि का वार्षिक स्वास्थ्य बीमा मिल रहा है और इसी पहुंच के कारण यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना बनती है। एक लाख रुपये गलत है, क्योंकि संदेश में ऐसा कोई आंकड़ा नहीं है और इतनी छोटी राशि किसी गंभीर बीमारी में अस्पताल के खर्च के लिए पर्याप्त नहीं होती, जबकि यही बोझ हटाना योजना का उद्देश्य था। तीन लाख रुपये भी इसी कारण गलत है और इसे केवल एक भरोसेमंद दिखने वाले छोटे आंकड़े के रूप में रखा गया है। दस लाख रुपये गलत है, क्योंकि बताई गई राशि इसकी आधी है, हालांकि अभ्यर्थी कभी-कभी इसे दूसरी बीमा योजनाओं से मिला देते हैं। सबसे सुरक्षित तरीका यह है कि बीमा राशि और लाभार्थियों की संख्या, दोनों को एक साथ याद रखा जाए।

Q290.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

कवच प्रणाली के लिए कौन सा सुरक्षा प्रमाणन स्तर आवश्यक है?

  1. A.सेफ्टी इंटीग्रिटी लेवल-2
  2. B.सेफ्टी इंटीग्रिटी लेवल-3
  3. C.सेफ्टी इंटीग्रिटी लेवल-4
  4. D.सेफ्टी इंटीग्रिटी लेवल-5
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सेफ्टी इंटीग्रिटी लेवल-4

व्याख्या

सही उत्तर सेफ्टी इंटीग्रिटी लेवल-4 है, जिसे एसआईएल-4 लिखा जाता है। विज्ञप्ति में इस ट्रेन सुरक्षा प्रणाली को अत्यधिक प्रौद्योगिकी केंद्रित बताया गया है और कहा गया है कि इसे सुरक्षा का सबसे ऊंचा प्रमाणन लेना पड़ता है, जिसकी पहचान एसआईएल-4 के रूप में की गई है। लेवल-2 गलत है क्योंकि यह नीचे का दर्जा है और चलती ट्रेन पर बिना मानवीय हस्तक्षेप के ब्रेक लगाने वाली प्रणाली के लिए पर्याप्त नहीं होगा। लेवल-3 भी इसी कारण गलत है, यह बताए गए दर्जे से एक पायदान नीचे है। लेवल-5 गलत है क्योंकि विज्ञप्ति में लेवल-4 को ही सबसे ऊंचा दर्जा कहा गया है। परीक्षा में यह तथ्य अक्सर प्रणाली के काम के साथ पूछा जाता है, इसलिए साथ में याद रखें कि कवच स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है, यह एसपीएडी से बचाव करती है और इसका प्रमाणन एसआईएल-4 है।

Q291.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

मलकाजगिरि-कामारेड्डी खंड पर कितने किलोमीटर मार्ग को कवच संस्करण 3.2 से 4.0 में उन्नत किया गया?

  1. A.108 किलोमीटर
  2. B.208 किलोमीटर
  3. C.1,465 किलोमीटर
  4. D.512 किलोमीटर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 108 किलोमीटर

व्याख्या

सही उत्तर 108 किलोमीटर है। हैदराबाद डिवीजन के मलकाजगिरि-कामारेड्डी खंड की इतनी ही लंबाई को पुराने संस्करण से नए संस्करण में बदला गया है। विकल्प 208 गलत है, क्योंकि यह आंकड़ा विज्ञप्ति में कहीं नहीं आता और केवल भ्रम पैदा करने के लिए रखा गया है। विकल्प 1,465 इस प्रश्न का असली जाल है। यह आंकड़ा पूरे दक्षिण मध्य रेलवे पर पहले से चल रहे संस्करण 3.2 के विस्तार का है, नए उन्नत खंड का नहीं, और जल्दबाजी में पढ़ने वाले अभ्यर्थी अक्सर दोनों को आपस में बदल देते हैं। विकल्प 512 भी गलत है, क्योंकि ऐसा कोई आंकड़ा विज्ञप्ति में नहीं है। याद रखने का आसान तरीका यह है कि नया उन्नत हिस्सा छोटा है और पुराने संस्करण का फैलाव उससे दस गुना से भी बड़ा है।

Q292.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

भारतीय रेल के किस मंडल पर पहली बार कवच संस्करण 4.0 चालू किया गया?

  1. A.उत्तर रेलवे
  2. B.दक्षिण मध्य रेलवे
  3. C.पश्चिम रेलवे
  4. D.पूर्व तट रेलवे
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. दक्षिण मध्य रेलवे

व्याख्या

सही उत्तर दक्षिण मध्य रेलवे है। रेल मंत्रालय के अनुसार ट्रेन सुरक्षा प्रणाली का संस्करण 4.0 पहली बार इसी मंडल पर चालू किया गया, और वह भी हैदराबाद डिवीजन के मलकाजगिरि-कामारेड्डी खंड पर। यही मंडल इसलिए चुना गया क्योंकि इसका पिछला संस्करण 3.2 यहां पहले से लंबे मार्ग पर काम कर रहा था और उसी संचालन के अनुभव से नए संस्करण के सुधार तय हुए। उत्तर रेलवे गलत है, क्योंकि विज्ञप्ति में उस मंडल पर ऐसी किसी शुरुआत का जिक्र नहीं है। पश्चिम रेलवे भी इसी कारण गलत है, घोषणा केवल दक्षिणी मंडल तक सीमित है। पूर्व तट रेलवे भी गलत है, क्योंकि जिस खंड को उन्नत किया गया वह हैदराबाद डिवीजन में है और यह डिवीजन दक्षिण मध्य रेलवे का हिस्सा है। परीक्षा में संस्करण, मंडल, डिवीजन और खंड, चारों को जोड़कर याद रखना चाहिए क्योंकि प्रश्न इनमें से किसी पर भी बन सकता है।

Q293.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 10 जनवरी 2023, शिफ्ट 1मध्यम

आपातकाल के दौरान कौन-से मौलिक अधिकार निलंबित नहीं किए जा सकते?

  1. A.अनुच्छेद 14-15
  2. B.अनुच्छेद 20-21
  3. C.अनुच्छेद 18-19
  4. D.अनुच्छेद 16-17
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अनुच्छेद 20-21

व्याख्या

सही उत्तर अनुच्छेद 20-21 है। राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान अनुच्छेद 359 राष्ट्रपति को मौलिक अधिकार लागू कराने के लिए न्यायालय जाने का अधिकार निलंबित करने देता है। 1975–77 के आपातकाल के अनुभव के बाद, जब हिरासत को न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती थी (सर्वोच्च न्यायालय ने 1976 के एडीएम जबलपुर मामले में इसे सही ठहराया था), 44वें संशोधन अधिनियम, 1978 ने तय किया कि अनुच्छेद 20 और 21 का प्रवर्तन कभी निलंबित नहीं किया जा सकता। अनुच्छेद 20 अभियुक्त को कार्योत्तर आपराधिक कानून, दोहरे दंड और आत्म-अभिशंसन से बचाता है; अनुच्छेद 21 प्राण और दैहिक स्वतंत्रता की रक्षा करता है।

अनुच्छेद 19 इसका उल्टा मामला है। अनुच्छेद 358 के तहत, युद्ध या बाहरी आक्रमण के आधार पर राष्ट्रीय आपातकाल घोषित होते ही इसकी छह स्वतंत्रताएं अपने आप निलंबित हो जाती हैं, हालांकि सशस्त्र विद्रोह के आधार पर नहीं। इसीलिए अनुच्छेद 19 वाला विकल्प सबसे कम संभावित उत्तर है। बाकी विकल्प समता के अधिकार के अनुच्छेदों की जोड़ियां हैं, जिनका प्रवर्तन राष्ट्रपति अनुच्छेद 359 के तहत आदेश देकर निलंबित कर सकते हैं। इसे जोड़ी के रूप में याद रखें: 20 और 21 हमेशा बचे रहते हैं, 19 सबसे पहले जाता है।

Q294.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि अनुच्छेद 21 के तहत किसी व्यक्ति को प्राण या दैहिक स्वतंत्रता से वंचित करने की प्रक्रिया उचित, न्यायसंगत और युक्तियुक्त होनी चाहिए?

  1. A.मेनका गांधी बनाम भारत संघ (1978)
  2. B.ए.के. गोपालन बनाम मद्रास राज्य (1950)
  3. C.गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य (1967)
  4. D.मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ (1980)
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मेनका गांधी बनाम भारत संघ (1978)

व्याख्या

सही उत्तर मेनका गांधी बनाम भारत संघ (1978) है। अनुच्छेद 21 कहता है कि किसी व्यक्ति को उसके प्राण या दैहिक स्वतंत्रता से "विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया" के अलावा वंचित नहीं किया जाएगा। ए.के. गोपालन बनाम मद्रास राज्य (1950) में सर्वोच्च न्यायालय ने इसका संकीर्ण अर्थ लिया था: वैध रूप से बने किसी भी कानून में दी गई प्रक्रिया काफी है, चाहे वह कितनी भी अनुचित हो। पासपोर्ट ज़ब्त किए जाने से जुड़े मेनका गांधी मामले में न्यायालय ने यह दृष्टिकोण अस्वीकार किया और कहा कि प्रक्रिया उचित, न्यायसंगत और युक्तियुक्त होनी चाहिए, मनमानी या दमनकारी नहीं। असल में इससे अनुच्छेद 21 अमेरिका की "सम्यक विधि प्रक्रिया" (ड्यू प्रोसेस) के करीब आ गया।

इस निर्णय से न्यायालयों के लिए अनुच्छेद 21 में कई अधिकार पढ़ने का रास्ता खुला, जैसे गरिमा के साथ जीने का अधिकार, शीघ्र सुनवाई का अधिकार और बाद में निजता का अधिकार। बाकी विकल्प भी असली मामले हैं, पर दूसरे प्रश्नों पर: गोपालन वही संकीर्ण दृष्टिकोण है जिसे मेनका गांधी मामले ने पलटा, गोलकनाथ (1967) ने कहा कि संसद मौलिक अधिकारों को कम नहीं कर सकती, और मिनर्वा मिल्स (1980) ने कहा कि मौलिक अधिकारों और नीति निदेशक तत्वों के बीच संतुलन मूल ढांचे का हिस्सा है।

Q295.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा मौलिक अधिकार केवल भारत के नागरिकों को मिलता है, विदेशियों को नहीं?

  1. A.विधि के समक्ष समता (अनुच्छेद 14)
  2. B.प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण (अनुच्छेद 21)
  3. C.वाक्, सम्मेलन, संचरण आदि की छह स्वतंत्रताएं (अनुच्छेद 19)
  4. D.धर्म की स्वतंत्रता (अनुच्छेद 25)
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. वाक्, सम्मेलन, संचरण आदि की छह स्वतंत्रताएं (अनुच्छेद 19)

व्याख्या

सही उत्तर अनुच्छेद 19 की छह स्वतंत्रताएं है। अनुच्छेद 19 "सभी नागरिकों को अधिकार होगा" शब्दों से शुरू होता है, इसलिए वाक् और अभिव्यक्ति, सम्मेलन, संगम, संचरण, निवास और वृत्ति की इसकी स्वतंत्रताएं केवल भारत के नागरिकों को मिलती हैं। केवल नागरिकों के लिए उपलब्ध बाकी अधिकार हैं अनुच्छेद 15 (धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव नहीं), अनुच्छेद 16 (सरकारी नौकरी में अवसर की समता), अनुच्छेद 29 (भाषा, लिपि और संस्कृति की रक्षा) और अनुच्छेद 30 (अल्पसंख्यकों की शिक्षा संस्थाएं)।

बाकी तीन विकल्प शत्रु विदेशियों को छोड़कर हर व्यक्ति को, विदेशियों समेत, मिलते हैं। अनुच्छेद 14 "किसी व्यक्ति" के लिए विधि के समक्ष समता की बात करता है, अनुच्छेद 21 "किसी व्यक्ति" के प्राण और दैहिक स्वतंत्रता की रक्षा करता है, और अनुच्छेद 25 "सभी व्यक्तियों" को धर्म की स्वतंत्रता देता है। परीक्षा में जल्दी जांचने का तरीका शब्दावली देखना है: जो अनुच्छेद "नागरिक" कहते हैं वे केवल नागरिकों के लिए हैं, और जो "व्यक्ति" कहते हैं वे विदेशियों पर भी लागू होते हैं। केवल नागरिकों वाले अधिकारों की पूरी सूची है 15, 16, 19, 29 और 30।

Q296.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

अधिकार पृच्छा (क्वो वारंटो) रिट किसलिए जारी की जाती है?

  1. A.किसी व्यक्ति के लोक पद पर दावे की वैधता की जांच के लिए
  2. B.अवैध रूप से हिरासत में रखे गए व्यक्ति को छुड़ाने के लिए
  3. C.किसी लोक अधिकारी को कर्तव्य निभाने का आदेश देने के लिए
  4. D.निचले न्यायालय द्वारा दिया जा चुका आदेश रद्द करने के लिए
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. किसी व्यक्ति के लोक पद पर दावे की वैधता की जांच के लिए

व्याख्या

सही उत्तर किसी व्यक्ति के लोक पद पर दावे की वैधता की जांच के लिए है। क्वो वारंटो का अर्थ है "किस अधिकार से"। इसके ज़रिए न्यायालय किसी लोक पद पर बैठे व्यक्ति से पूछता है कि वह किस अधिकार से उस पद पर है, और अगर उसका दावा वैध न हो, तो न्यायालय उसे पद से हटा सकता है। यह लोक पदों पर अवैध कब्ज़े को रोकती है।

दो बातें इसे बाकी रिट से अलग बनाती हैं। पहली, इसे कोई भी इच्छुक व्यक्ति मांग सकता है, ज़रूरी नहीं कि वह स्वयं पीड़ित हो। दूसरी, यह केवल किसी कानून या संविधान द्वारा बनाए गए स्थायी लोक पद पर लागू होती है; यह किसी मंत्रिस्तरीय पद या निजी पद के लिए जारी नहीं हो सकती। बाकी विकल्प दूसरी रिट बताते हैं: अवैध हिरासत से छुड़ाना बंदी प्रत्यक्षीकरण है, अधिकारी को कर्तव्य निभाने का आदेश परमादेश है, और निचले न्यायालय का दिया जा चुका आदेश रद्द करना उत्प्रेषण है। पांचों रिट सर्वोच्च न्यायालय के लिए अनुच्छेद 32 में और उच्च न्यायालयों के लिए अनुच्छेद 226 में हैं।

Q297.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 2 अगस्त 2019, शिफ्ट 3आसान

निम्नलिखित में से कौन-सी रिट उस व्यक्ति के लिए उपचार है जिसे अवैध रूप से जेल में रखा गया है?

  1. A.उत्प्रेषण
  2. B.बंदी प्रत्यक्षीकरण
  3. C.प्रतिषेध
  4. D.परमादेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बंदी प्रत्यक्षीकरण

व्याख्या

सही उत्तर बंदी प्रत्यक्षीकरण (हेबियस कॉर्पस) है, जिस लैटिन वाक्यांश का अर्थ है "शरीर को प्रस्तुत करो"। इस रिट के ज़रिए न्यायालय हिरासत में रखने वाले को आदेश देता है कि वह उस व्यक्ति को न्यायालय के सामने पेश करे और हिरासत का कानूनी आधार बताए। अगर हिरासत अवैध पाई जाए, तो व्यक्ति को तुरंत छोड़ दिया जाता है। यह सार्वजनिक प्राधिकारियों और निजी व्यक्तियों, दोनों के विरुद्ध जारी हो सकती है, और याचिका हिरासत में रखा गया व्यक्ति खुद या उसकी ओर से कोई दूसरा व्यक्ति दायर कर सकता है। यह तब जारी नहीं होती जब हिरासत वैध हो, जब वह विधायिका या न्यायालय की अवमानना के लिए हो, या जब किसी सक्षम न्यायालय ने उसका आदेश दिया हो।

बाकी तीन रिट अलग काम करती हैं। उत्प्रेषण निचले न्यायालय या अधिकरण से कोई मामला मंगाती है या उसके द्वारा दिया जा चुका आदेश रद्द करती है। प्रतिषेध किसी मामले के चलते हुए निचले न्यायालय या अधिकरण को उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर जाने से रोकती है। परमादेश, जिसका अर्थ है "हम आदेश देते हैं", किसी लोक अधिकारी को अपना कर्तव्य निभाने का आदेश देती है। बंदी प्रत्यक्षीकरण को अक्सर दैहिक स्वतंत्रता की सबसे मज़बूत सुरक्षा कहा जाता है, क्योंकि यह अनुच्छेद 21 और 22 के संरक्षण को तुरंत लागू कराती है।

Q298.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 16 अगस्त 2017, शिफ्ट 2आसान

डॉ. बी.आर. आंबेडकर ने किस अनुच्छेद को संविधान का ‘हृदय और आत्मा’ कहा?

  1. A.अनुच्छेद 4
  2. B.अनुच्छेद 32
  3. C.अनुच्छेद 28
  4. D.अनुच्छेद 30
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अनुच्छेद 32

व्याख्या

सही उत्तर अनुच्छेद 32 है। संविधान सभा में डॉ. बी.आर. आंबेडकर ने कहा था कि अगर उनसे सबसे महत्वपूर्ण अनुच्छेद का नाम पूछा जाए, जिसके बिना संविधान शून्य हो जाए, तो वे इसके सिवा किसी और का नाम नहीं ले सकते; यह संविधान की आत्मा और उसका हृदय है। उनका तर्क सीधा था: उपचार के बिना अधिकार केवल कागज़ पर लिखे शब्द हैं। अनुच्छेद 32 हर व्यक्ति को मौलिक अधिकार लागू कराने के लिए सीधे सर्वोच्च न्यायालय जाने का अधिकार देता है, और उपचार का यह अधिकार खुद भी एक मौलिक अधिकार है। सर्वोच्च न्यायालय ने अनुच्छेद 32 को मूल ढांचे का हिस्सा माना है, इसलिए इसे संशोधन से भी हटाया नहीं जा सकता।

गलत विकल्पों में अनुच्छेद 4 कहता है कि अनुच्छेद 2 और 3 के तहत राज्य बनाने या बदलने वाले कानून संविधान के संशोधन नहीं माने जाएंगे; अनुच्छेद 28 पूरी तरह राज्य निधि से चलने वाली संस्थाओं में धार्मिक शिक्षा पर रोक लगाता है; और अनुच्छेद 30 अल्पसंख्यकों की शिक्षा संस्थाओं से जुड़ा है। इस वर्णन को दूसरे वर्णनों से अलग रखें: एन.ए. पालकीवाला के अनुसार प्रस्तावना संविधान का "पहचान पत्र" है।

Q299.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 8 जुलाई 2024, शिफ्ट 1मध्यम

कौन-सा अनुच्छेद यह प्रावधान करता है कि सभी अल्पसंख्यकों को अपनी रुचि की शिक्षा संस्थाएं स्थापित करने और उनका प्रशासन करने का अधिकार है?

  1. A.अनुच्छेद 24
  2. B.अनुच्छेद 26
  3. C.अनुच्छेद 32
  4. D.अनुच्छेद 30
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. अनुच्छेद 30

व्याख्या

सही उत्तर अनुच्छेद 30 है। अनुच्छेद 30(1) सभी अल्पसंख्यकों को, चाहे वे धर्म पर आधारित हों या भाषा पर, अपनी रुचि की शिक्षा संस्थाएं स्थापित करने और उनका प्रशासन करने का अधिकार देता है। अनुच्छेद 30(2) जोड़ता है कि शिक्षा संस्थाओं को सहायता देते समय राज्य किसी संस्था के साथ इस आधार पर भेदभाव नहीं करेगा कि उसका प्रबंध किसी अल्पसंख्यक वर्ग के हाथ में है। अनुच्छेद 29 के साथ मिलकर यह संस्कृति और शिक्षा संबंधी अधिकार बनाता है।

अनुच्छेद 26 सबसे आकर्षक गलत उत्तर है, क्योंकि वह भी संस्थाएं स्थापित करने की बात करता है। लेकिन अनुच्छेद 26 धार्मिक संप्रदायों को धार्मिक और परोपकारी प्रयोजनों के लिए संस्थाएं स्थापित करने और चलाने तथा अपने धार्मिक कार्यों का प्रबंध करने का अधिकार देता है; यह धर्म के बारे में है, शिक्षा के बारे में नहीं। अनुच्छेद 30 खास तौर पर शिक्षा संस्थाओं और खास तौर पर अल्पसंख्यकों के लिए है। इसके उलट अनुच्छेद 29 नागरिकों के किसी भी ऐसे वर्ग की रक्षा करता है जिसकी अलग भाषा, लिपि या संस्कृति है, चाहे वह बहुसंख्यक हो या अल्पसंख्यक। बाकी विकल्पों में अनुच्छेद 24 खतरनाक काम में बाल श्रम पर रोक लगाता है और अनुच्छेद 32 संवैधानिक उपचारों का अधिकार है।

Q300.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 5 दिसंबर 2022, शिफ्ट 2आसान

धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार भारत के संविधान के किन अनुच्छेदों में है?

  1. A.अनुच्छेद 19 से अनुच्छेद 22
  2. B.अनुच्छेद 29 से अनुच्छेद 30
  3. C.अनुच्छेद 25 से अनुच्छेद 28
  4. D.अनुच्छेद 14 से अनुच्छेद 18
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अनुच्छेद 25 से अनुच्छेद 28

व्याख्या

सही उत्तर अनुच्छेद 25 से अनुच्छेद 28 है। धर्म की स्वतंत्रता के अधिकार में चार अनुच्छेद हैं: अनुच्छेद 25 अंतःकरण की स्वतंत्रता और धर्म को अबाध रूप से मानने, आचरण करने और प्रचार करने का अधिकार देता है; अनुच्छेद 26 हर धार्मिक संप्रदाय को अपने धार्मिक कार्यों का प्रबंध करने देता है; अनुच्छेद 27 कहता है कि किसी विशेष धर्म के प्रचार के लिए कर देने को किसी को बाध्य नहीं किया जा सकता; और अनुच्छेद 28 पूरी तरह राज्य निधि से चलने वाली शिक्षा संस्थाओं में धार्मिक शिक्षा पर रोक लगाता है।

हर गलत विकल्प मौलिक अधिकारों का कोई दूसरा समूह है: अनुच्छेद 14 से 18 समता का अधिकार, अनुच्छेद 19 से 22 स्वतंत्रता का अधिकार, और अनुच्छेद 29 और 30 संस्कृति और शिक्षा संबंधी अधिकार। इसलिए यह प्रश्न असल में यह परखता है कि आप जानते हैं कि हर समूह कहां से शुरू होकर कहां खत्म होता है। अगर आपको छह शुरुआती संख्याएं, 14, 19, 23, 25, 29 और 32, याद हैं, तो आप ऐसे हर प्रश्न का उत्तर दे सकते हैं। यह भी ध्यान दें कि ये अनुच्छेद 1950 से संविधान में हैं, प्रस्तावना में 1976 में "पंथनिरपेक्ष" शब्द जुड़ने से बहुत पहले से।