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GK24

रेलवे पिछले वर्ष के GK प्रश्न

रेलवे की परीक्षाओं, RRB NTPC, RRB ग्रुप D, RRB ALP और RRB JE, के आधिकारिक पेपरों में पूछे गए सामान्य ज्ञान के प्रश्न, एक जगह। हर प्रश्न के साथ सही उत्तर, व्याख्या और यह जानकारी है कि वह किस परीक्षा में, किस वर्ष और किस शिफ्ट में पूछा गया था।

साल के अनुसार प्रश्न देखने के लिए नीचे वर्ष चुनें, या किसी एक परीक्षा के प्रश्नों के लिए उसका पेज खोलें। एक परीक्षा के पुराने प्रश्न दूसरी परीक्षा में भी दोहराए जाते हैं, इसलिए पूरे रेलवे परिवार के प्रश्न साथ में दोहराना तैयारी का तेज तरीका है।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q21.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 30 Aug 2018, Shift 1आसान

एक लड़का 120 N भार वाले एक बक्से को 2 m की ऊँचाई तक उठाता है। उसके द्वारा किया गया कार्य ________ है।

  1. A.60 J
  2. B.120 J
  3. C.240 J
  4. D.130 J
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 240 J

व्याख्या

सही उत्तर है C, 240 J। गुरुत्व के विरुद्ध किया गया कार्य भार और ऊँचाई का गुणनफल होता है, इसलिए 120 × 2 = 240 जूल मिलता है। कार्य तब होता है जब कोई बल किसी पिंड को अपनी दिशा में खिसकाता है, और इसे W = F × s से नापा जाता है। यहाँ लड़के को कम से कम बक्से के भार 120 N के बराबर बल लगाना पड़ता है और वह उसे 2 मीटर ऊपर ले जाता है, इसलिए किया गया कार्य 240 जूल है। यह कार्य बक्से में गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा के रूप में जमा हो जाता है, और बक्सा वापस अपनी पुरानी जगह गिरे तो वही 240 जूल लौटा देगा। ध्यान रहे कि भार पहले ही न्यूटन में दिया गया है, इसलिए उसे g से दोबारा गुणा करने की ज़रूरत नहीं। विकल्प A गलत है, क्योंकि 60 J में भार को ऊँचाई से गुणा करने के बजाय भाग दिया गया है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 120 J केवल भार है, ऊँचाई छूट गई है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 130 J किसी चरण से मेल नहीं खाता। परीक्षा टिप: W = F × s, और गुरुत्व के विरुद्ध कार्य mgh होता है, जहाँ mg भार है।

Q22.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 23 Jan 2019, Shift 3आसान

ब्रेक किस सिद्धांत पर कार्य करते हैं?

  1. A.कंपन
  2. B.घर्षण
  3. C.चूषण
  4. D.घसीटना
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. घर्षण

व्याख्या

सही उत्तर है B, घर्षण। ब्रेक घर्षण के सिद्धांत पर काम करते हैं: एक लाइनिंग घूमते ड्रम या डिस्क पर दबाई जाती है और रगड़ से पैदा हुआ बल पहिए की गति घटा देता है। घर्षण वह बल है जो संपर्क में आई दो सतहों के बीच गति का विरोध करता है। ड्रम ब्रेक में ब्रेक शू बाहर की ओर दबकर ड्रम की भीतरी सतह से रगड़ खाते हैं, जबकि डिस्क ब्रेक में पैड घूमती डिस्क को दोनों ओर से पकड़ते हैं; दोनों में वाहन की गतिज ऊर्जा ऊष्मा में बदल जाती है, इसीलिए लंबी ढलान पर ब्रेक गर्म हो जाते हैं। इसके बाद टायर और सड़क के बीच का घर्षण वाहन को रोकता है, इसलिए चिकनी या गीली सड़क पर रुकने की दूरी बढ़ जाती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि कंपन केवल पिंड को हिलाता है, नियंत्रित रूप से ऊर्जा नहीं घटाता। विकल्प C गलत है, क्योंकि चूषण दाब का अंतर है; वैक्यूम बूस्टर केवल पैडल दबाने में मदद करता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि घसीटना कोई भौतिक सिद्धांत नहीं है। परीक्षा टिप: ब्रेक घर्षण से गतिज ऊर्जा को ऊष्मा में बदलते हैं।

Q23.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 30 Aug 2018, Shift 1कठिन

5 N बल लगाने पर m1 kg द्रव्यमान का एक लकड़ी का गुटका 10 m/s² से त्वरित होता है। उतना ही बल लगाने पर m2 kg द्रव्यमान का दूसरा गुटका 20 m/s² से त्वरित होता है। यदि दोनों गुटकों को एक साथ बाँधकर उन पर वही बल लगाया जाए, तो त्वरण लगभग कितना होगा?

  1. A.6.67 m/s²
  2. B.1.67 m/s²
  3. C.5.67 m/s²
  4. D.4.67 m/s²
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 6.67 m/s²

व्याख्या

सही उत्तर है A, 6.67 m/s²। पहले F = ma से दोनों द्रव्यमान निकालें, उन्हें जोड़ें और फिर उसी बल को कुल द्रव्यमान से भाग दें। पहले गुटके से m1 = 5 ÷ 10 = 0.5 kg और दूसरे से m2 = 5 ÷ 20 = 0.25 kg मिलता है। बाँधने पर दोनों एक ही पिंड की तरह चलते हैं, जिसका द्रव्यमान 0.5 + 0.25 = 0.75 kg है, और वही 5 N बल अब 5 ÷ 0.75 यानी लगभग 6.67 m/s² का त्वरण देता है। बँधे हुए गुटकों का त्वरण हमेशा दोनों अलग-अलग त्वरणों से कम होता है, क्योंकि उतने ही बल को अधिक द्रव्यमान खिसकाना पड़ता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1.67 m/s² इस हल के किसी चरण से मेल नहीं खाता। विकल्प C गलत है, क्योंकि 5.67 m/s² के लिए कुल द्रव्यमान लगभग 0.88 kg चाहिए। विकल्प D गलत है, क्योंकि 4.67 m/s² के लिए कुल द्रव्यमान लगभग 1.07 kg चाहिए। परीक्षा टिप: एक ही बल पर बँधे गुटकों में व्युत्क्रम जुड़ते हैं, यानी 1/a = 1/a1 + 1/a2।

Q24.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 9 Aug 2018, Shift 2आसान

22 kg द्रव्यमान की एक वस्तु 5 m/s के वेग से गतिमान है। उसकी गतिज ऊर्जा है:

  1. A.275 J
  2. B.110 J
  3. C.1100 J
  4. D.2750 J
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 275 J

व्याख्या

सही उत्तर है A, 275 J। गतिज ऊर्जा ½mv² होती है, इसलिए ½ × 22 × 5 × 5 = 275 जूल मिलता है। गतिज ऊर्जा वह ऊर्जा है जो किसी पिंड में उसकी गति के कारण होती है। यह द्रव्यमान के सीधे अनुपात में बढ़ती है, पर वेग के वर्ग के अनुपात में; इसीलिए वेग दोगुना होने पर ऊर्जा चार गुना हो जाती है और तेज़ चलते वाहन को रुकने के लिए कहीं अधिक दूरी चाहिए। जूल ऊर्जा का SI मात्रक है और एक न्यूटन मीटर के बराबर होता है, अर्थात एक न्यूटन बल किसी पिंड को एक मीटर खिसकाए तो एक जूल कार्य होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 110 द्रव्यमान और वेग का गुणनफल है, जो संवेग देता है, ऊर्जा नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1100 J में सूत्र का आधा छोड़ दिया गया है, यानी केवल mv² लिया गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 2750 J सही उत्तर का दस गुना है। परीक्षा टिप: ½mv² लिखते समय आधा और वेग का वर्ग, दोनों का ध्यान रखें।

Q25.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 9 Aug 2018, Shift 2मध्यम

2 kg द्रव्यमान के एक पिंड को 20 m/s के प्रारंभिक वेग से ऊपर की ओर फेंका जाता है। 2 सेकंड बाद उसकी गतिज ऊर्जा होगी: (g = 10 m/s²)

  1. A.100 J
  2. B.0 J
  3. C.400 J
  4. D.200 J
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 0 J

व्याख्या

सही उत्तर है B, 0 J। पिंड को 20 m/s से ऊपर फेंका गया है और गुरुत्व हर सेकंड 10 m/s वेग घटाता है, इसलिए 2 सेकंड बाद उसका वेग शून्य हो जाता है। v = u − gt से v = 20 − 10 × 2 = 0 m/s मिलता है। गतिज ऊर्जा ½mv² होती है और v = 0 रखने पर गतिज ऊर्जा भी शून्य हो जाती है। उस क्षण पिंड अपने पथ के उच्चतम बिंदु पर होता है और उसकी पूरी ऊर्जा स्थितिज ऊर्जा के रूप में होती है, अर्थात mgh = 2 × 10 × 20 = 400 J, क्योंकि पिंड 20 मीटर ऊपर चढ़ चुका है। इसके तुरंत बाद वह नीचे गिरना शुरू करता है और गतिज ऊर्जा फिर बढ़ने लगती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 100 J के लिए वेग 10 m/s चाहिए, जो पिंड के पास केवल एक सेकंड बाद होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 400 J फेंकते समय की गतिज ऊर्जा और शिखर पर की स्थितिज ऊर्जा है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 200 J इस गति के किसी बिंदु से मेल नहीं खाता। परीक्षा टिप: ऊर्ध्वाधर फेंक के उच्चतम बिंदु पर वेग और गतिज ऊर्जा शून्य होती है।

Q26.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 23 Jan 2019, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा त्रिसंयोजी (ट्राइवैलेंट) अपमिश्रक तत्व है?

  1. A.आर्सेनिक
  2. B.एंटीमनी
  3. C.बोरॉन
  4. D.फॉस्फोरस
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. बोरॉन

व्याख्या

सही उत्तर है C, बोरॉन। बोरॉन के बाहरी कोश में तीन इलेक्ट्रॉन होते हैं, इसलिए यह त्रिसंयोजी तत्व है और p-टाइप अपमिश्रक के रूप में प्रयोग होता है। जब बोरॉन, एल्युमिनियम, गैलियम या इंडियम जैसा त्रिसंयोजी परमाणु सिलिकॉन या जर्मेनियम में मिलाया जाता है, तो वह अपने चार पड़ोसी परमाणुओं के साथ केवल तीन सहसंयोजी बंध बना पाता है और एक बंध अधूरा रह जाता है। यह खाली स्थान कोटर (होल) कहलाता है, जो धन आवेश वाहक की तरह व्यवहार करता है, और अपमिश्रित क्रिस्टल p-टाइप अर्धचालक बन जाता है, जिसमें कोटर बहुसंख्यक वाहक होते हैं। इसके बजाय पंचसंयोजी परमाणु मिलाने पर एक मुक्त इलेक्ट्रॉन बचता है और n-टाइप अर्धचालक बनता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि आर्सेनिक में पाँच संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि एंटीमनी भी पंचसंयोजी है और n-टाइप अपमिश्रण में काम आता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि फॉस्फोरस पंचसंयोजी है और क्रिस्टल को एक इलेक्ट्रॉन देता है। परीक्षा टिप: त्रिसंयोजी अपमिश्रक p-टाइप, पंचसंयोजी अपमिश्रक n-टाइप बनाते हैं।

Q27.स्टैटिक GKपूछा गया: RRB ALP · 21 Jan 2019, Shift 3आसान

ABS से क्या तात्पर्य है?

  1. A.अवॉइड ब्रेक सिस्टम
  2. B.एक्चुअल ब्रेक सिस्टम
  3. C.एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम
  4. D.ऑटोमैटिक ब्रेक सिस्टम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम

व्याख्या

सही उत्तर है C, एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम। ABS का पूरा नाम एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम है, जो तेज़ ब्रेक लगाने पर पहियों को जाम होने से रोकने वाली सुरक्षा प्रणाली है। पहियों पर लगे संवेदक देखते रहते हैं कि कौन-सा पहिया कितनी तेज़ी से घूम रहा है, और जैसे ही कोई पहिया रुकने को होता है, नियंत्रण इकाई एक सेकंड में कई बार ब्रेक का दबाव छोड़ती और लगाती है। पहिए घूमते रहते हैं, इसलिए टायर की सड़क पर पकड़ बनी रहती है और चालक तेज़ ब्रेक लगाते हुए भी वाहन को मोड़ सकता है; रुकने की दूरी भी प्रायः कम हो जाती है। जाम हुआ पहिया केवल फिसलता है। भारत में अब कारों और बड़े दोपहिया वाहनों में ABS अनिवार्य है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 'अवॉइड ब्रेक सिस्टम' कोई वाहन शब्द नहीं है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 'एक्चुअल ब्रेक सिस्टम' का इंजीनियरी में कोई अर्थ नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि ऑटोमैटिक ब्रेकिंग अलग सुविधा है, जिसमें वाहन स्वयं ब्रेक लगाता है। परीक्षा टिप: ABS पहिया जाम होने से रोकता है और स्टीयरिंग नियंत्रण बनाए रखता है।

Q28.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 23 Jan 2019, Shift 3मध्यम

पूर्ण तरंग दिष्टकारी परिपथ (सेंटर-टैप) के लिए कितने P-N संधि डायोड की आवश्यकता होती है?

  1. A.2
  2. B.1
  3. C.4
  4. D.6
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 2

व्याख्या

सही उत्तर है A, 2। सेंटर-टैप पूर्ण तरंग दिष्टकारी में दो p-n संधि डायोड लगते हैं, निवेश चक्र के हर आधे भाग के लिए एक। ट्रांसफार्मर की द्वितीयक कुंडली बीच से टैप की जाती है, जिससे उसके दोनों आधे भाग बराबर पर विपरीत चिह्न की वोल्टता देते हैं। एक आधे चक्र में ऊपर वाला डायोड चालन करता है और अगले आधे चक्र में नीचे वाला, और दोनों लोड में धारा एक ही दिशा में भेजते हैं, इसलिए निर्गत में हर चक्र में दो स्पंद मिलते हैं। यही कारण है कि पूर्ण तरंग दिष्टकारी का औसत निर्गत अधिक और तरंगिका (रिपल) कम होती है। पूर्ण तरंग दिष्टकारी बनाने का दूसरा तरीका ब्रिज परिपथ है, जिसमें चार डायोड लगते हैं पर सेंटर टैप की ज़रूरत नहीं होती। विकल्प B गलत है, क्योंकि एक डायोड से अर्ध तरंग दिष्टकारी बनता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि चार डायोड ब्रिज दिष्टकारी में लगते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि छह डायोड तीन-फेज दिष्टकारी में प्रयोग होते हैं। परीक्षा टिप: अर्ध तरंग 1, सेंटर-टैप पूर्ण तरंग 2, ब्रिज 4 डायोड।

Q29.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 29 Aug 2018, Shift 2आसान

12°C पर जल की भौतिक अवस्था क्या होती है?

  1. A.द्रव
  2. B.आयनिक
  3. C.गैस
  4. D.ठोस
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. द्रव

व्याख्या

सही उत्तर है A, द्रव। सामान्य वायुमंडलीय दाब पर जल 0 °C से 100 °C के बीच द्रव अवस्था में रहता है और 12 °C इसी परास में आता है। एक वायुमंडलीय दाब पर जल 0 °C पर जमकर बर्फ़ बनता है, जो इसका गलनांक है, और 100 °C पर उबलकर भाप बनता है, जो इसका क्वथनांक है। इन दोनों स्थिर बिंदुओं के बीच अणुओं में इतनी ऊर्जा होती है कि वे एक-दूसरे पर फिसल सकें, पर इतनी नहीं कि अलग होकर उड़ जाएँ; इसीलिए जल बहता है और बर्तन का आकार ले लेता है, जबकि उसका आयतन निश्चित रहता है। 12 °C पर खुली सतह से जल धीरे-धीरे वाष्पित होता है, पर यह केवल ऊपरी परत से होता है और नीचे के जल की अवस्था नहीं बदलती। विकल्प B गलत है, क्योंकि आयनिक पदार्थ की कोई अवस्था नहीं, बल्कि बंध का प्रकार है। विकल्प C गलत है, क्योंकि जल 100 °C से ऊपर ही गैस बनता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि जल 0 °C या उससे नीचे ही ठोस बनता है। परीक्षा टिप: जल के दो स्थिर बिंदु 0 °C और 100 °C याद रखें।

Q30.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 14 Aug 2018, Shift 1कठिन

यदि किसी पिंड की गतिज ऊर्जा अपने प्रारंभिक मान की 256 गुना हो जाती है, तो नया रैखिक संवेग होगा:

  1. A.प्रारंभिक मान के बराबर
  2. B.प्रारंभिक मान का 8 गुना
  3. C.प्रारंभिक मान का 16 गुना
  4. D.प्रारंभिक मान का 32 गुना
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. प्रारंभिक मान का 16 गुना

व्याख्या

सही उत्तर है C, प्रारंभिक मान का 16 गुना। गतिज ऊर्जा संवेग के वर्ग पर निर्भर करती है, इसलिए संवेग ऊर्जा के वर्गमूल के अनुपात में बढ़ता है। m द्रव्यमान के पिंड के लिए गतिज ऊर्जा को p का वर्ग बटा 2m के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ p रैखिक संवेग है। यदि द्रव्यमान नहीं बदलता तो p = 2mE का वर्गमूल होता है, अर्थात p, E के वर्गमूल के समानुपाती है। जब गतिज ऊर्जा 256 गुना हो जाती है, तो संवेग 256 का वर्गमूल यानी 16 गुना हो जाता है और वेग भी 16 गुना हो जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि संवेग वही रहते हुए पिंड की ऊर्जा नहीं बढ़ सकती। विकल्प B गलत है, क्योंकि संवेग 8 गुना होने पर ऊर्जा 64 गुना होती, 256 गुना नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि संवेग 32 गुना होने पर ऊर्जा 1024 गुना हो जाती। परीक्षा टिप: E = p²/2m, अतः ऊर्जा n गुना होने पर संवेग √n गुना और संवेग n गुना होने पर ऊर्जा n² गुना होती है।

Q31.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 23 Jan 2019, Shift 3मध्यम

यदि कोई सिलिकॉन डायोड 12 V आपूर्ति और 240 Ω प्रतिरोधक वाले परिपथ में अग्र अभिनति (फॉरवर्ड बायस) में कार्य कर रहा है, तो डायोड के सिरों पर वोल्टता पात कितना होगा?

  1. A.1.5 V
  2. B.6 V
  3. C.12 V
  4. D.0.7 V
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 0.7 V

व्याख्या

सही उत्तर है D, 0.7 V। अग्र अभिनति में सिलिकॉन डायोड के सिरों पर लगभग 0.7 वोल्ट का पात होता है, चाहे आपूर्ति वोल्टता कितनी भी हो। यह मान सिलिकॉन p-n संधि की अवरोध या नी वोल्टता कहलाता है। लगाई गई वोल्टता जब तक लगभग 0.7 वोल्ट पार नहीं करती, तब तक धारा नहीं बहती, और उसके बाद डायोड पर पात लगभग 0.7 वोल्ट ही बना रहता है, जबकि शेष वोल्टता प्रतिरोधक पर आ जाती है। यहाँ 12 वोल्ट में से 0.7 वोल्ट घटाने पर बचे 11.3 वोल्ट 240 ओम के प्रतिरोधक पर पड़ते हैं और परिपथ की धारा तय करते हैं। जर्मेनियम डायोड की नी वोल्टता लगभग 0.3 वोल्ट होती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1.5 वोल्ट शुष्क सेल की वोल्टता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि आधी आपूर्ति डायोड पर तभी आती जब वह उतने ही मान के प्रतिरोधक जैसा व्यवहार करता। विकल्प C गलत है, क्योंकि पूरी 12 वोल्ट तब दिखती है जब डायोड उत्क्रम अभिनति में हो या परिपथ खुला हो। परीक्षा टिप: सिलिकॉन 0.7 वोल्ट, जर्मेनियम 0.3 वोल्ट।

Q32.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 17 Aug 2018, Shift 1आसान

फूल में प्रजनन के लिए आवश्यक अंग हैं:

  1. A.बाह्यदल और पुंकेसर
  2. B.पुंकेसर और स्त्रीकेसर
  3. C.बाह्यदल और पंखुड़ी
  4. D.पंखुड़ी और स्त्रीकेसर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पुंकेसर और स्त्रीकेसर

व्याख्या

सही उत्तर है B, पुंकेसर और स्त्रीकेसर। पुंकेसर और स्त्रीकेसर ही नर और मादा युग्मक बनाते हैं, इसलिए ये फूल के आवश्यक या जननांग कहलाते हैं। पुंकेसर नर भाग है, जिसमें परागकोश परागकण बनाता है और तंतु उसे सहारा देता है। स्त्रीकेसर, जिसे अंडप भी कहते हैं, मादा भाग है और इसके तीन हिस्से होते हैं: वर्तिकाग्र, जो परागकण ग्रहण करता है, वर्तिका और अंडाशय, जिसमें बीजांड रहते हैं। परागण और निषेचन के बाद अंडाशय फल में और बीजांड बीज में बदल जाते हैं। बाह्यदल और पंखुड़ियाँ सहायक अंग कहलाते हैं, क्योंकि ये केवल कली की रक्षा करते हैं और परागण के लिए कीटों को आकर्षित करते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि बाह्यदल केवल हरा पत्ती जैसा रक्षक भाग है। विकल्प C गलत है, क्योंकि बाह्यदल और पंखुड़ी युग्मक बनाने में कोई भूमिका नहीं निभाते। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें दी गई पंखुड़ी सहायक अंग है। परीक्षा टिप: पुंकेसर और स्त्रीकेसर आवश्यक अंग, बाह्यदल और पंखुड़ी सहायक अंग।

Q33.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 21 Aug 2018, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी धातु उच्च तापमान पर भी ऑक्सीजन से अभिक्रिया नहीं करती है?

  1. A.जस्ता
  2. B.एल्युमिनियम
  3. C.चाँदी
  4. D.सीसा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चाँदी

व्याख्या

सही उत्तर है C, चाँदी। चाँदी एक उत्कृष्ट (नोबल) धातु है और तेज़ गर्म करने पर भी ऑक्सीजन से संयोग नहीं करती। धातुएँ ऑक्सीजन से अपनी सक्रियता श्रेणी में स्थान के अनुसार अभिक्रिया करती हैं। पोटैशियम और सोडियम जैसी अत्यधिक सक्रिय धातुएँ सामान्य तापमान पर ही हवा में जलने लगती हैं, एल्युमिनियम और जस्ता गर्म करने पर ऑक्साइड की परत बनाते हैं और सीसा गर्म करने पर धीरे-धीरे लेड ऑक्साइड में बदलता है। चाँदी, सोना और प्लैटिनम श्रेणी में सबसे नीचे आते हैं, इसलिए हवा में इनकी चमक बनी रहती है। चाँदी के बर्तनों पर जो काली परत जमती है वह सिल्वर सल्फाइड होती है, जो हवा की सल्फर गैसों से बनती है, ऑक्साइड नहीं। विकल्प A गलत है, क्योंकि जस्ता नीली-सफ़ेद लौ के साथ जलकर ज़िंक ऑक्साइड देता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि एल्युमिनियम पर ऑक्साइड की पतली मज़बूत परत बन जाती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सीसा गर्म होने पर लिथार्ज यानी लेड ऑक्साइड बनाता है। परीक्षा टिप: सोना, चाँदी और प्लैटिनम उत्कृष्ट धातुएँ हैं, जिन पर ऑक्सीकरण का असर नहीं होता।

Q34.स्टैटिक GKपूछा गया: RRB ALP · 21 Jan 2019, Shift 1आसान

अंगकोर वाट का प्रसिद्ध मंदिर कहाँ स्थित है?

  1. A.वियतनाम
  2. B.कंबोडिया
  3. C.थाईलैंड
  4. D.फिलीपींस
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कंबोडिया

व्याख्या

सही उत्तर है B, कंबोडिया। अंगकोर वाट कंबोडिया के सिएम रीप शहर के पास स्थित है और यह विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक स्मारक है। इसे बारहवीं शताब्दी के आरंभ में खमेर साम्राज्य के राजा सूर्यवर्मन द्वितीय ने विष्णु मंदिर के रूप में बनवाया था, बाद में यह बौद्ध पूजा स्थल बन गया। यह मंदिर पश्चिम की ओर मुख किए हुए है, इसके चारों ओर चौड़ी खाई है और इसके शिखर कमल की कलियों जैसे दिखते हैं। यूनेस्को ने 1992 में पूरे अंगकोर परिसर को विश्व धरोहर सूची में रखा। अंगकोर वाट कंबोडिया के राष्ट्रीय ध्वज पर भी बना है और यह दुनिया का एकमात्र राष्ट्रीय ध्वज है जिस पर कोई इमारत दिखाई देती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि वियतनाम हा लोंग खाड़ी और मी सन के चाम मंदिरों के लिए जाना जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि थाईलैंड का प्रसिद्ध मंदिर बैंकॉक का वाट फ्रा काऊ है। विकल्प D गलत है, क्योंकि फिलीपींस अपनी चावल की सीढ़ीदार खेती के लिए जाना जाता है। परीक्षा टिप: अंगकोर वाट — कंबोडिया, निर्माता सूर्यवर्मन द्वितीय, ध्वज पर अंकित।

Q35.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 13 Aug 2018, Shift 1मध्यम

एक गेंद को 10 m की ऊँचाई से गिराया जाता है। वह ज़मीन से टकराकर 2.5 m की ऊँचाई तक उछलती है। टक्कर के दौरान गतिज ऊर्जा में प्रतिशत हानि कितनी है?

  1. A.100%
  2. B.25%
  3. C.50%
  4. D.75%
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 75%

व्याख्या

सही उत्तर है D, 75%। गेंद 10 मीटर से गिरती है पर वापस केवल 2.5 मीटर तक ही उछलती है, यानी वह अपनी ऊर्जा का एक चौथाई भाग ही रख पाती है। ज़मीन से टकराने से ठीक पहले गेंद की गतिज ऊर्जा उतनी ही होती है जितनी ऊपर उसकी स्थितिज ऊर्जा थी, अर्थात mgh जिसमें h = 10 मीटर है। उछलने के ठीक बाद गतिज ऊर्जा केवल इतनी बचती है कि गेंद 2.5 मीटर तक जा सके, यानी mg का 2.5 गुना। दोनों का अनुपात 2.5 बटा 10 यानी एक चौथाई है, इसलिए 25 प्रतिशत गतिज ऊर्जा बची और 75 प्रतिशत टक्कर में ऊष्मा और ध्वनि के रूप में नष्ट हो गई। द्रव्यमान दोनों ओर कट जाता है, इसलिए उत्तर केवल ऊँचाइयों से तय होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि गेंद उछलती है, अतः पूरी ऊर्जा नष्ट नहीं हुई। विकल्प B गलत है, क्योंकि 25 प्रतिशत बची हुई ऊर्जा है, हानि नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि आधी ऊर्जा जाने पर गेंद 5 मीटर तक उछलती। परीक्षा टिप: उछाल में हानि = (1 − h2/h1) × 100 प्रतिशत।

Q36.पुरस्कार और सम्मानपूछा गया: RRB ALP · 9 Aug 2018, Shift 2मध्यम

अपनी कृति 'दुखम् सुखम्' के लिए व्यास सम्मान 2017 हेतु किस प्रख्यात हिंदी लेखिका को चुना गया था?

  1. A.नमिता गोखले
  2. B.मीना कंदासामी
  3. C.झुंपा लाहिड़ी
  4. D.ममता कालिया
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. ममता कालिया

व्याख्या

सही उत्तर है D, ममता कालिया। वर्ष 2017 का व्यास सम्मान हिंदी लेखिका ममता कालिया को उनके उपन्यास 'दुखम् सुखम्' के लिए दिया गया। व्यास सम्मान हर साल के.के. बिड़ला फाउंडेशन देता है और यह पिछले दस वर्षों में प्रकाशित किसी उत्कृष्ट हिंदी कृति को मिलता है, जिसमें प्रशस्ति पत्र के साथ नकद राशि भी शामिल होती है। यही फाउंडेशन दो और साहित्यिक पुरस्कार देता है: सरस्वती सम्मान, जो आठवीं अनुसूची की किसी भी भाषा की कृति को मिल सकता है, और बिहारी पुरस्कार, जो राजस्थान के लेखन के लिए है। ममता कालिया अपनी हिंदी कहानियों और उपन्यासों के लिए जानी जाती हैं और महादेवी वर्मा सृजन पीठ की निदेशक रह चुकी हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि नमिता गोखले अंग्रेज़ी में लिखती हैं और जयपुर साहित्य महोत्सव की सह-संस्थापक हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि मीना कंदासामी अंग्रेज़ी की कवयित्री और अनुवादक हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि झुंपा लाहिड़ी अंग्रेज़ी में लिखती हैं और उन्हें पुलित्ज़र पुरस्कार मिला था। परीक्षा टिप: व्यास सम्मान केवल हिंदी के लिए, सरस्वती सम्मान आठवीं अनुसूची की सभी भाषाओं के लिए।

Q37.कंप्यूटर ज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 22 Jan 2019, Shift 1आसान

विपणन (मार्केटिंग) के उद्देश्य से भेजे जाने वाले अवांछित इलेक्ट्रॉनिक संदेश ______ कहलाते हैं।

  1. A.वायरस
  2. B.अनज़िप
  3. C.स्पैम
  4. D.यूआरएल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. स्पैम

व्याख्या

सही उत्तर है C, स्पैम। विज्ञापन के लिए बहुत से लोगों को थोक में भेजे गए अवांछित संदेश स्पैम कहलाते हैं। स्पैम आमतौर पर ई-मेल के रूप में आता है, पर यही शब्द अनचाहे एसएमएस, ब्लॉग टिप्पणियों और सोशल मीडिया संदेशों के लिए भी चलता है। मेल सेवाएँ स्पैम फ़िल्टर चलाती हैं, जो भेजने वाले, विषय पंक्ति और शब्दों को परखकर ऐसे संदेश अलग स्पैम या जंक फ़ोल्डर में डाल देते हैं, जिससे वे इनबॉक्स तक नहीं पहुँचते। जो स्पैम बैंक के नाम से आकर पासवर्ड या कार्ड की जानकारी माँगता है, उसे फिशिंग कहते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि वायरस एक हानिकारक प्रोग्राम है जो दूसरी फ़ाइलों में अपनी नकल बनाकर डेटा बिगाड़ता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अनज़िप का अर्थ केवल संपीड़ित (.zip) फ़ाइल को खोलना है। विकल्प D गलत है, क्योंकि यूआरएल किसी वेब पेज का पता होता है। परीक्षा टिप: थोक में आया अनचाहा मेल स्पैम है और जानकारी माँगने वाला नकली मेल फिशिंग।

Q38.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: RRB ग्रुप D · 1 Sept 2022, Shift 2आसान

भारत के चौदह बड़े अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण निम्नलिखित में से किस वर्ष हुआ था?

  1. A.1969
  2. B.1970
  3. C.1972
  4. D.1950
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1969

व्याख्या

सही उत्तर A, 1969 है। 19 जुलाई 1969 को भारत सरकार ने अध्यादेश जारी कर उन चौदह सबसे बड़े भारतीय अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों को अपने अधीन ले लिया जिनकी जमा ₹50 करोड़ या उससे अधिक थी। उस समय इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री के साथ वित्त मंत्रालय भी संभाल रही थीं, और घोषित उद्देश्य कृषि, लघु उद्योग तथा बैंक रहित जिलों तक साख पहुँचाना था।

विकल्प B, 1970, वह वर्ष है जब उच्चतम न्यायालय द्वारा अध्यादेश निरस्त किए जाने के बाद बैंककारी कंपनी (उपक्रमों का अर्जन और अंतरण) अधिनियम पारित हुआ, इसलिए यह वर्ष सबसे आकर्षक भ्रम है। विकल्प C, 1972, राष्ट्रीयकरण की कहानी के किसी चरण से जुड़ा नहीं है। विकल्प D, 1950, बहुत पहले का है; उस समय रिज़र्व बैंक सार्वजनिक स्वामित्व में आया ही था और वाणिज्यिक बैंकिंग पूरी तरह निजी थी। राष्ट्रीयकरण का दूसरा दौर, छह बैंकों का, 15 अप्रैल 1980 को आया।

Q39.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 15 जून 2022, शिफ्ट 2आसान

भारत के संविधान के अनुसार राज्यसभा (राज्यों की परिषद) का पदेन सभापति कौन होता है?

  1. A.राज्यपाल
  2. B.उपराष्ट्रपति
  3. C.राष्ट्रपति
  4. D.प्रधानमंत्री
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. उपराष्ट्रपति

व्याख्या

सही उत्तर उपराष्ट्रपति है। अनुच्छेद 64 उपराष्ट्रपति को राज्यों की परिषद, यानी राज्यसभा, का पदेन सभापति बनाता है। "पदेन" का अर्थ है पद के कारण: सभापति का अलग से चुनाव नहीं होता। उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सदस्य नहीं होते, इसलिए पहली बार में मत नहीं दे सकते, लेकिन बराबरी की स्थिति में उनके पास निर्णायक मत होता है। सभापति की अनुपस्थिति में अध्यक्षता के लिए राज्यसभा अपने सदस्यों में से एक उपसभापति चुनती है।

राज्यपाल किसी राज्य के प्रमुख होते हैं और संसद में उनकी कोई भूमिका नहीं है। राष्ट्रपति अनुच्छेद 79 के तहत संसद का हिस्सा हैं और उसे संबोधित करते हैं, लेकिन किसी सदन की अध्यक्षता नहीं करते। प्रधानमंत्री सरकार का नेतृत्व करते हैं और जिस सदन के सदस्य हों, उसके नेता होते हैं, पर कभी पीठासीन अधिकारी नहीं। ध्यान दें कि जब उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति के रूप में कार्य करते हैं, तब उस अवधि में वे राज्यसभा के सभापति के कर्तव्य नहीं निभाते।

Q40.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB ग्रुप D · 19 सितंबर 2022, शिफ्ट 3आसान

भारत के संविधान का अनुच्छेद 123 निम्नलिखित में से किसे अध्यादेश जारी करने की शक्ति देता है?

  1. A.उपराष्ट्रपति
  2. B.प्रधानमंत्री
  3. C.राष्ट्रपति
  4. D.लोकसभा अध्यक्ष
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. राष्ट्रपति

व्याख्या

सही उत्तर राष्ट्रपति है। अनुच्छेद 123 राष्ट्रपति को तब अध्यादेश जारी करने देता है जब संसद का कोई सदन सत्र में न हो और राष्ट्रपति को विश्वास हो कि परिस्थितियों में तुरंत कार्रवाई ज़रूरी है। अध्यादेश की शक्ति संसद के अधिनियम जैसी होती है, लेकिन सदनों के दोबारा बैठने पर इसे दोनों के सामने रखना होता है, और पहले मंज़ूरी न मिले तो उसके छह सप्ताह बाद यह समाप्त हो जाता है। इसे कभी भी वापस लिया जा सकता है, और इससे संविधान में संशोधन नहीं हो सकता।

उपराष्ट्रपति के पास कानून बनाने की शक्ति नहीं है; प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद राष्ट्रपति को अध्यादेश जारी करने की सलाह देते हैं, पर खुद जारी नहीं कर सकते; और लोकसभा अध्यक्ष सदन की अध्यक्षता करते हैं, पर उनके पास अध्यादेश की शक्ति नहीं है। राज्य स्तर पर इसके समकक्ष अनुच्छेद 213 के तहत राज्यपाल की शक्ति है। यह भी याद रखें कि अध्यादेश की अधिकतम अवधि छह महीने और छह सप्ताह है, क्योंकि संसद को हर छह महीने में कम से कम एक बार बैठना होता है।