पृथ्वी के वायुमंडल में निम्नलिखित में से कौन ग्रीनहाउस गैस नहीं है?
- A.ओजोन
- B.सल्फर डाइऑक्साइड
- C.कार्बन डाइऑक्साइड
- D.मेथेन
सही उत्तर
B. सल्फर डाइऑक्साइड
व्याख्या
सही उत्तर है B, सल्फर डाइऑक्साइड। सल्फर डाइऑक्साइड वायु प्रदूषक है, पर इसे ग्रीनहाउस गैसों में नहीं गिना जाता।
ग्रीनहाउस गैस वह है जो सूर्य के प्रकाश को आने देती है पर पृथ्वी से लौटने वाले दीर्घ तरंग अवरक्त विकिरण को सोख लेती है, जिससे निचला वायुमंडल गर्म होता है। प्रमुख ग्रीनहाउस गैसें जलवाष्प, कार्बन डाइऑक्साइड, मेथेन, नाइट्रस ऑक्साइड, ओजोन और क्लोरोफ्लोरो कार्बन हैं। सल्फर डाइऑक्साइड इसके उलट काम करती है: कोयला जलने और ज्वालामुखियों से निकलकर यह सूक्ष्म सल्फेट एरोसोल बनाती है, जो सूर्य के प्रकाश को परावर्तित कर शीतलन करते हैं, और नम वायु में यह सल्फ्यूरिक अम्ल बनकर अम्लीय वर्षा का कारण बनती है।
विकल्प A, ओजोन, क्षोभमंडल में ग्रीनहाउस गैस है। विकल्प C, कार्बन डाइऑक्साइड, मानवजनित तापन के लिए सबसे अधिक उत्तरदायी गैस है। विकल्प D, मेथेन, प्रति अणु कार्बन डाइऑक्साइड से कहीं अधिक ऊष्मा रोकती है और मुख्यतः धान के खेतों, पशुओं तथा कूड़ा स्थलों से निकलती है।
परीक्षा सुझाव: सल्फर डाइऑक्साइड अम्लीय वर्षा और शीतलन; कार्बन डाइऑक्साइड, मेथेन, नाइट्रस ऑक्साइड और ओजोन तापन।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंग्लासगो में हुए COP26 सम्मेलन में भारत ने किस वर्ष तक नेट ज़ीरो उत्सर्जन का लक्ष्य घोषित किया?
- A.2050
- B.2060
- C.2070
- D.2100
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, 2070 है। 2021 में ग्लासगो में हुए छब्बीसवें पक्षकार सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने पाँच संकल्प घोषित किए, जिन्हें पंचामृत कहा गया, और इनमें अंतिम था 2070 तक नेट ज़ीरो उत्सर्जन, साथ ही गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता, नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी, अनुमानित कार्बन उत्सर्जन में कटौती और अर्थव्यवस्था की कार्बन तीव्रता में कमी के लक्ष्य। विकल्प A गलत है क्योंकि 2050 वह वर्ष है जो अनेक विकसित देशों और यूरोपीय संघ ने अपनाया है, भारत ने नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि 2060 चीन ने अपने लिए घोषित किया है। विकल्प D गलत है क्योंकि किसी बड़ी अर्थव्यवस्था ने 2100 को नेट ज़ीरो वर्ष नहीं रखा; यह हर घोषित संकल्प से बहुत आगे है। प्रश्नपत्र इन तीनों वर्षों को साथ पूछते हैं, इसलिए भारत 2070, चीन 2060 और यूरोपीय संघ 2050 याद रखें।
2022 के अपने संशोधित राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान में भारत ने 2005 के स्तर से 2030 तक सकल घरेलू उत्पाद की उत्सर्जन तीव्रता में कितनी कमी का वादा किया?
- A.33 से 35 प्रतिशत
- B.40 प्रतिशत
- C.45 प्रतिशत
- D.50 प्रतिशत
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, 45 प्रतिशत है। अगस्त 2022 में प्रस्तुत संशोधित पहले राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान में उत्सर्जन तीव्रता, अर्थात सकल घरेलू उत्पाद की प्रति इकाई उत्सर्जित ग्रीनहाउस गैस, पर वादा बढ़ाकर 2005 के स्तर से 2030 तक 45 प्रतिशत कमी कर दिया गया। विकल्प A कड़ा जाल है: 33 से 35 प्रतिशत 2015 के मूल योगदान का आँकड़ा था, जिसे संशोधन ने बदल दिया। विकल्प B गलत है क्योंकि 40 प्रतिशत स्थापित विद्युत क्षमता में गैर-जीवाश्म स्रोतों का पुराना हिस्सा था, जिसे संशोधन में बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया गया। विकल्प D इसी कारण गलत है: 50 प्रतिशत गैर-जीवाश्म क्षमता का लक्ष्य है, तीव्रता में कटौती का नहीं। जोड़ी क्रम से याद रखें: तीव्रता 45 प्रतिशत, गैर-जीवाश्म क्षमता 50 प्रतिशत, दोनों 2030 तक। इसके साथ तीसरा वादा वन एवं वृक्ष आवरण से 2.5 से 3 अरब टन कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य का अतिरिक्त कार्बन सिंक बनाने का है।
निम्नलिखित में से कौन जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्ययोजना के आठ मिशनों में शामिल नहीं है?
- A.सतत आवास राष्ट्रीय मिशन
- B.राष्ट्रीय जल मिशन
- C.राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन
- D.हरित भारत राष्ट्रीय मिशन
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन है। यह निकाय गंगा नदी की सफाई के नमामि गंगे कार्यक्रम की कार्यान्वयन संस्था है, जो नदी संरक्षण के प्रयास के अंतर्गत बनी, जलवायु कार्ययोजना के अंतर्गत नहीं; इसका विषय एक नदी बेसिन का प्रदूषण है, ग्रीनहाउस गैसें नहीं। विकल्प A विकल्प के रूप में गलत है क्योंकि सतत आवास मिशन वास्तव में आठ में से एक है, जिसमें ऊर्जा दक्ष भवन, शहरी परिवहन और कचरा शामिल हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि राष्ट्रीय जल मिशन आठ में से एक है, जिसका 20 प्रतिशत जल उपयोग दक्षता का लक्ष्य है। विकल्प D गलत है क्योंकि हरित भारत मिशन भी आठ में से एक है, जिसके 50-50 लाख हेक्टेयर के दो भाग हैं। इस प्रकार के प्रश्नों में सामान्यतः किसी अन्य कार्यक्रम की प्रसिद्ध योजना मिला दी जाती है, इसलिए हर नाम को आठ की सूची से मिलाकर देखें।
हरित भारत राष्ट्रीय मिशन के अंतर्गत कितने क्षेत्र पर नया वनरोपण प्रस्तावित है, इसके अतिरिक्त उतने ही क्षेत्र में वनों की गुणवत्ता सुधारी जानी है?
- A.20 लाख हेक्टेयर
- B.50 लाख हेक्टेयर
- C.80 लाख हेक्टेयर
- D.एक करोड़ हेक्टेयर
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, 50 लाख हेक्टेयर है। हरित भारत मिशन 50-50 लाख हेक्टेयर के दो भागों में लिखा गया है: ऐसी 50 लाख हेक्टेयर भूमि पर नया वन एवं वृक्ष आवरण जहाँ वन नहीं है, और अन्य 50 लाख हेक्टेयर पर पहले से खड़े वनों की गुणवत्ता में सुधार, जिससे मिशन की कुल पहुँच एक करोड़ हेक्टेयर हो जाती है। विकल्प A गलत है क्योंकि 20 लाख हेक्टेयर दोनों में से किसी भी भाग से बहुत कम है। विकल्प C गलत है क्योंकि 80 लाख हेक्टेयर न किसी भाग से मेल खाता है न कुल से। विकल्प D सावधानी से रखा गया जाल है: एक करोड़ हेक्टेयर दोनों भागों का योग है, वह वनरोपण का आँकड़ा नहीं जो प्रश्न में पूछा गया है। यह मिशन पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय चलाता है, और इससे बनने वाले कार्बन सिंक की गणना भी इसी में होती है।
संपूर्ण जलवायु परिवर्तन राष्ट्रीय कार्ययोजना के लिए नोडल मंत्रालय कौन है?
- A.विद्युत मंत्रालय
- B.नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
- C.जल शक्ति मंत्रालय
- D.पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर D, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय है। भारत सरकार में जलवायु परिवर्तन के लिए यही नोडल मंत्रालय है, यह योजना का समन्वय करता है और जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन को रिपोर्ट भेजता है, तथा स्वयं हरित भारत राष्ट्रीय मिशन चलाता है। विकल्प A, B और C में ऐसे मंत्रालय हैं जो आठ मिशनों में से केवल एक-एक चलाते हैं: विद्युत मंत्रालय ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के माध्यम से उन्नत ऊर्जा दक्षता मिशन, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय राष्ट्रीय सौर मिशन, और जल शक्ति मंत्रालय राष्ट्रीय जल मिशन। जाल यही है कि किसी मिशन के मंत्रालय को पूरी योजना का नोडल मंत्रालय मान लिया जाए, इसलिए समन्वय की भूमिका को अलग-अलग मिशनों से अलग रखें। यह मंत्रालय ही कन्वेंशन को भारत की राष्ट्रीय संसूचना और द्विवार्षिक रिपोर्ट भेजता है तथा राज्य कार्ययोजनाओं को स्वीकृति देता है।