विद्युत मोटर में धारावाही चालक पर लगने वाले बल की दिशा ज्ञात करने के लिए निम्नलिखित में से किस नियम का उपयोग किया जाता है?
- A.एम्पियर का नियम
- B.दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम
- C.फ्लेमिंग का दक्षिण-हस्त नियम
- D.फ्लेमिंग का वाम-हस्त नियम
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. फ्लेमिंग का वाम-हस्त नियम
व्याख्या
सही उत्तर है D, फ्लेमिंग का वाम-हस्त नियम। यह नियम चुंबकीय क्षेत्र में रखे धारावाही चालक पर लगने वाले बल, यानी उसकी गति की दिशा बताता है, और मोटर की कुंडली इसी बल से घूमती है। बाएँ हाथ के अंगूठे, तर्जनी और मध्यमा को इस तरह फैलाइए कि तीनों एक-दूसरे के लंबवत रहें। यदि तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा में और मध्यमा धारा की दिशा में हो, तो अंगूठा बल की दिशा बताता है। जब धारा चुंबकीय क्षेत्र के लंबवत हो, तब बल सबसे अधिक होता है। A गलत है क्योंकि एम्पियर का नियम किसी बंद लूप के चारों ओर के चुंबकीय क्षेत्र को उससे गुज़रने वाली धारा से जोड़ता है। B गलत है क्योंकि दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम सीधे धारावाही तार के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा बताता है। C गलत है क्योंकि फ्लेमिंग का दक्षिण-हस्त नियम जनित्र (जनरेटर) में प्रेरित धारा की दिशा बताता है। परीक्षा टिप: मोटर के लिए बायाँ हाथ, जनरेटर के लिए दायाँ हाथ; तर्जनी = क्षेत्र, मध्यमा = धारा, अंगूठा = गति।