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GK24
रक्षामध्यम

युद्ध अभ्यास के 22वें संस्करण का उद्घाटन समारोह कहां हुआ?

  1. A.औली विदेशी प्रशिक्षण केंद्र, उत्तराखंड
  2. B.महाजन फील्ड फायरिंग रेंज, राजस्थान
  3. C.बबीना सैन्य स्टेशन, उत्तर प्रदेश
  4. D.देवलाली छावनी, महाराष्ट्र

सही उत्तर

A. औली विदेशी प्रशिक्षण केंद्र, उत्तराखंड

व्याख्या

सही उत्तर औली विदेशी प्रशिक्षण केंद्र, उत्तराखंड है, जहां इस संस्करण का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। विकल्प बी इसी अभ्यास का दूसरा स्थान है और यही इस प्रश्न का जाल है। अभ्यास वास्तव में राजस्थान की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भी एक साथ चल रहा है, किंतु उद्घाटन समारोह वहां नहीं, बल्कि औली में हुआ। विकल्प सी गलत है, क्योंकि इस नाम के किसी स्टेशन का उल्लेख विज्ञप्ति में नहीं है। विकल्प डी भी इसी कारण गलत है। दोनों स्थानों को भूभाग से जोड़कर याद रखना सबसे आसान तरीका है। औली पहाड़ी क्षेत्र में है और पर्वतीय तथा अर्ध-पर्वतीय प्रशिक्षण के लिए उपयुक्त है, जबकि राजस्थान की रेंज आधुनिक हथियार प्रणालियों के प्रदर्शन और ड्रोन उड़ाने के लिए उपयुक्त है।

पूरा लेख पढ़ें: भारत-अमेरिका युद्ध अभ्यास 2026 औली और महाजन में शुरू

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Q1.रक्षाआसान

युद्ध अभ्यास 2026 में प्रत्येक पक्ष से कितने जवान भाग ले रहे हैं?

  1. A.400 जवान
  2. B.500 जवान
  3. C.600 जवान
  4. D.800 जवान
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 600 जवान

व्याख्या

सही उत्तर 600 जवान है। उद्घाटन समारोह से जुड़ी विज्ञप्ति में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि दोनों कमांडरों ने जिन दलों को संबोधित किया, उनमें प्रत्येक पक्ष से इतने ही जवान शामिल थे। इसका अर्थ यह है कि भारतीय सेना और अमेरिकी सेना की भागीदारी बराबर है। परीक्षा की दृष्टि से यह आंकड़ा महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह एक ही पंक्ति में जांचा जा सकने वाला स्पष्ट तथ्य है। विकल्प ए गलत है, क्योंकि यह संख्या इस अभ्यास से कहीं नहीं जुड़ी है। विकल्प बी भी इसी कारण गलत है और यह एक सामान्य भ्रामक विकल्प है। विकल्प डी भी गलत है, क्योंकि किसी भी दल की इतनी बड़ी संख्या का उल्लेख विज्ञप्ति में नहीं है। अभ्यर्थी इस आंकड़े को संस्करण 22वां तथा दोनों स्थानों औली और महाजन के साथ जोड़कर याद रखें।

Q2.रक्षामध्यम

युद्ध अभ्यास 2026 का घोषित उद्देश्य क्या है?

  1. A.तटीय जिलों में संयुक्त आपदा राहत
  2. B.पर्वतीय और अर्ध-पर्वतीय क्षेत्रों में एकीकृत युद्ध समूहों के उपयोग की संयुक्त क्षमता बढ़ाना
  3. C.हिंद महासागर में संयुक्त समुद्री डकैती रोधी गश्त
  4. D.बैलिस्टिक मिसाइलों के विरुद्ध संयुक्त वायु रक्षा अभ्यास
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पर्वतीय और अर्ध-पर्वतीय क्षेत्रों में एकीकृत युद्ध समूहों के उपयोग की संयुक्त क्षमता बढ़ाना

व्याख्या

सही उत्तर पर्वतीय और अर्ध-पर्वतीय क्षेत्रों में एकीकृत युद्ध समूहों के उपयोग की संयुक्त क्षमता बढ़ाना है, जिसमें पैदल सेना प्रधान अभियानों पर विशेष बल दिया गया है। विज्ञप्ति में यही उद्देश्य बताया गया है और इसी कारण अभ्यास का एक हिस्सा पहाड़ी क्षेत्र औली में रखा गया है। विकल्प ए गलत है, क्योंकि यह दोनों थल सेनाओं का क्षेत्रीय अभ्यास है, आपदा राहत का अभ्यास नहीं। विकल्प सी गलत है, क्योंकि समुद्री डकैती रोधी गश्त नौसेना का कार्य है और इस अभ्यास से इसका कोई संबंध नहीं है। विकल्प डी भी गलत है, क्योंकि इस संस्करण में वायु रक्षा या मिसाइल रोधी भूमिका का कोई उल्लेख नहीं है। उद्देश्य के साथ विज्ञप्ति में बताए सहायक लक्ष्य भी याद रखें: आपसी तालमेल, सर्वोत्तम परिचालन पद्धतियों का आदान-प्रदान तथा संयुक्त योजना एवं क्रियान्वयन।

Q3.रक्षामध्यम

डीईएफएसएसी प्रणाली किसका स्थान लेगी?

  1. A.कागज आधारित पहचान पत्र, पास और परमिट
  2. B.पुराने एनालॉग फील्ड रेडियो सेट
  3. C.राशन और कैंटीन के हस्तलिखित रजिस्टर
  4. D.पुराने नाइट विजन उपकरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कागज आधारित पहचान पत्र, पास और परमिट

व्याख्या

सही उत्तर है कागज आधारित पहचान पत्र, पास और परमिट। डीईएफएसएसी का पूरा नाम डिफेंस फोर्सेज सिक्योर एक्सेस कार्ड है और विज्ञप्ति के अनुसार यह मौजूदा कागजी व्यवस्था की जगह रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचान पर चलने वाले इंटरऑपरेबल स्मार्ट कार्ड लाएगा। इंटरऑपरेबल शब्द महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे एक ही कार्ड तीनों सेनाओं के ठिकानों पर पढ़ा जा सकेगा, किसी एक ठिकाने पर नहीं। विकल्प बी में फील्ड रेडियो सेट हैं, जो संचार से जुड़ी अलग योजनाओं का विषय हैं। विकल्प सी में राशन और कैंटीन के रजिस्टर हैं, जो कल्याण और आपूर्ति का काम है और इस विज्ञप्ति में नहीं आता। विकल्प डी में नाइट विजन उपकरण हैं, जो निगरानी के दूसरे प्रकार के साधन हैं। वायु सेना के लिए डीईएफएसएसी के साथ जीबीएमपीजे भी मंजूर हुआ, जो विरोधी के रडार को जाम करता है।

Q4.रक्षामध्यम

इस बैठक में मंजूर अरुध्रा रडार किस सेना के लिए और किस काम के लिए है?

  1. A.थल सेना, तोपखाना नियंत्रण के लिए
  2. B.नौसेना, नौसैनिक वायु स्टेशनों के एयर रूट सर्विलांस रडार की जगह लेने के लिए
  3. C.वायु सेना, अग्रिम ठिकानों पर परिवहन विमानों के मार्गदर्शन के लिए
  4. D.तटरक्षक बल, अनन्य आर्थिक क्षेत्र की निगरानी के लिए
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. नौसेना, नौसैनिक वायु स्टेशनों के एयर रूट सर्विलांस रडार की जगह लेने के लिए

व्याख्या

सही उत्तर है नौसेना, नौसैनिक वायु स्टेशनों के एयर रूट सर्विलांस रडार की जगह लेने के लिए। विज्ञप्ति में अरुध्रा रडार नौसेना की सूची में है, साथ में मरीन गैस टर्बाइन के डिजाइन, विकास और बाद की खरीद का प्रस्ताव भी है। वहां साफ लिखा है कि यह रडार नौसैनिक वायु स्टेशनों पर लगे मौजूदा एयर रूट सर्विलांस रडार का स्थान लेगा। विकल्प ए इसे थल सेना के तोपखाना नियंत्रण से जोड़ता है, जो काम हथियार पहचानने वाले अलग रडार करते हैं और जिनका यहां उल्लेख नहीं है। विकल्प सी इसे वायु सेना से जोड़ता है, जबकि वायु सेना के लिए इस बैठक में लड़ाकू, परिवहन और हेलीकॉप्टर क्षमता के अलावा जीबीएमपीजे तथा डीईएफएसएसी मंजूर हुए थे। विकल्प डी में तटरक्षक बल है, जिसका जिक्र ही नहीं है। नौसेना के दोनों नाम जोड़ी बनाकर याद रखें।

Q5.रक्षाआसान

रक्षा अधिग्रहण परिषद की अध्यक्षता कौन करता है?

  1. A.प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस)
  2. B.रक्षा सचिव
  3. C.रक्षा मंत्री
  4. D.राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. रक्षा मंत्री

व्याख्या

सही उत्तर है रक्षा मंत्री। विज्ञप्ति में स्पष्ट लिखा है कि बैठक रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई, इसलिए इस परिषद के प्रमुख रक्षा मंत्री ही होते हैं। विकल्प ए में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष का नाम है, जो सबसे वरिष्ठ सैन्य अधिकारी हैं और तीनों सेनाओं से जुड़े विषयों पर सलाह देते हैं, किंतु इस निकाय की अध्यक्षता उनके पास नहीं है। विकल्प बी में रक्षा सचिव हैं, जो मंत्रालय के सबसे वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी हैं और खरीद प्रक्रिया में उनकी भूमिका प्रशासनिक होती है, अध्यक्ष की नहीं। विकल्प डी में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं, जो सुरक्षा नीति पर काम करते हैं, पूंजीगत खरीद की मंजूरी पर नहीं। जैसे सुरक्षा पर मंत्रिमंडलीय समिति को प्रधानमंत्री से जोड़कर याद किया जाता है, वैसे ही इस परिषद को रक्षा मंत्री से जोड़कर याद रखें।