यदि भारत का राष्ट्रपति किसी विशेष राज्य के संबंध में संविधान के अनुच्छेद 356 में दी गई अपनी शक्ति का प्रयोग करता है, तो
- A.उस राज्य की विधानसभा स्वतः भंग हो जाती है।
- B.उस राज्य के विधानमंडल की शक्तियाँ संसद द्वारा या उसके प्राधिकार के अधीन प्रयोग की जा सकेंगी।
- C.उस राज्य में अनुच्छेद 19 निलंबित हो जाता है।
- D.राष्ट्रपति उस राज्य से संबंधित कानून बना सकता है।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B। राष्ट्रपति शासन में अनुच्छेद 356(1)(ख) के तहत राष्ट्रपति घोषित कर सकता है कि राज्य विधानमंडल की शक्तियाँ संसद द्वारा या उसके प्राधिकार के अधीन प्रयोग की जाएँगी।
अनुच्छेद 356 तब लागू होता है जब राष्ट्रपति, राज्यपाल की रिपोर्ट पर या अन्यथा, संतुष्ट हो कि राज्य का शासन संविधान के अनुसार नहीं चल सकता। तब राष्ट्रपति राज्य सरकार के कार्य अपने हाथ में ले लेता है और संसद, या उसके द्वारा चुना गया प्राधिकारी, राज्य के लिए कानून बनाता है। उद्घोषणा को दो महीने के भीतर दोनों सदनों से अनुमोदन चाहिए। एस.आर. बोम्मई बनाम भारत संघ (1994) में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि ऐसी उद्घोषणा की न्यायिक समीक्षा हो सकती है।
A गलत है क्योंकि विधानसभा केवल निलंबित रखी जा सकती है, वह स्वतः भंग नहीं होती। C गलत है क्योंकि अनुच्छेद 19 राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 358) में निलंबित होता है, अनुच्छेद 356 में नहीं। D गलत है क्योंकि कानून बनाने की शक्ति संसद को जाती है; राष्ट्रपति केवल संसद के सत्र में न होने पर अध्यादेश जारी कर सकता है।
Exam tip: अनुच्छेद 356 = राज्य आपातकाल; अनुच्छेद 358 केवल राष्ट्रीय आपातकाल में अनुच्छेद 19 निलंबित करता है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंपंचायतों के कार्यकरण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.पंचायतें कर, शुल्क, पथकर आदि लगा, वसूल और विनियोजित कर सकती हैं।
- B.25 वर्ष की आयु प्राप्त कर चुका व्यक्ति पंचायत का सदस्य बनने के योग्य होगा।
- C.प्रत्येक पंचायत अपनी पहली बैठक की तिथि से सामान्यतः पाँच वर्ष तक बनी रहेगी।
- D.समय से पहले भंग होने के बाद पुनर्गठित पंचायत केवल पूरी अवधि के शेष भाग तक बनी रहेगी।
उत्तर देखें
अनुच्छेद 243F के अनुसार पंचायत का सदस्य बनने की न्यूनतम आयु 21 वर्ष है, 25 वर्ष नहीं। 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 से जोड़ा गया संविधान का भाग IX, जो 24 अप्रैल 1993 से लागू है, पंचायती राज का ढाँचा तय करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के संविधान के अनुच्छेद 371G के अनुसार मिज़ोरम राज्य के संबंध में विशेष उपबंध किए गए हैं। इसके अनुसार कुछ विषयों पर संसद का कोई अधिनियम तब तक लागू नहीं होगा जब तक मिज़ोरम की विधानसभा संकल्प द्वारा ऐसा निर्णय न ले। निम्नलिखित में से कौन-सा विषय इस अनुच्छेद के अंतर्गत नहीं आता?
- A.मिज़ो लोगों की धार्मिक या सामाजिक प्रथाएँ
- B.मिज़ो रूढ़िगत विधि और प्रक्रिया
- C.मिज़ो रूढ़िगत विधि के अनुसार निर्णयों से जुड़ा दीवानी और फ़ौजदारी न्याय प्रशासन
- D.प्राकृतिक संसाधनों का स्वामित्व और अंतरण
उत्तर देखें
अनुच्छेद 371G मिज़ोरम में भूमि के स्वामित्व और अंतरण की रक्षा करता है, सामान्य रूप से प्राकृतिक संसाधनों की नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शासन की स्थिति का आकलन करने के लिए निम्नलिखित में से किस सूचकांक का प्रयोग किया जाता है?
- A.सतत शासन सूचकांक
- B.ई-शासन सूचकांक
- C.शहरी शासन सूचकांक
- D.सुशासन सूचकांक
उत्तर देखें
सुशासन सूचकांक (GGI) भारत सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शासन की तुलना के लिए तैयार किया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा समाजवाद का भारतीय रूप नहीं है?
- A.लोकतांत्रिक समाजवाद
- B.उग्र (रेडिकल) समाजवाद
- C.समुदायवादी समाजवाद
- D.नेहरूवादी समाजवाद
उत्तर देखें
रेडिकल समाजवाद मुख्य रूप से फ्रांस की यूरोपीय राजनीतिक परंपरा है और यह भारत में विकसित समाजवाद की धाराओं में से नहीं है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस संगठन ने भारतीय दंड संहिता की धारा 377 की संवैधानिकता को भारत के सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी?
- A.नाज़ फाउंडेशन (इंडिया) ट्रस्ट
- B.बचपन बचाओ आंदोलन
- C.संभव फाउंडेशन इंडिया
- D.एक्शनएड इंडिया
उत्तर देखें
एचआईवी/एड्स पर काम करने वाले दिल्ली के इस गैर-सरकारी संगठन ने आईपीसी की धारा 377 के विरुद्ध लंबी कानूनी लड़ाई का नेतृत्व किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →