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GK24
सामान्य विज्ञानआसानपूछा गया: RRB ALP · 9 Aug 2018, Shift 2

यदि आप किसी दर्पण में देखें और पाएँ कि प्रतिबिंब (आपका परावर्तन) आपसे छोटा है, तो वह दर्पण किस प्रकार का है?

  1. A.समतल-अवतल दर्पण
  2. B.अवतल दर्पण
  3. C.समतल दर्पण
  4. D.उत्तल दर्पण

सही उत्तर

D. उत्तल दर्पण

व्याख्या

सही उत्तर है D, उत्तल दर्पण। उत्तल दर्पण देखने वाले की ओर उभरा रहता है और सदैव आभासी, सीधा तथा छोटा प्रतिबिंब बनाता है, इसलिए आप उससे कितनी भी दूरी पर खड़े हों, आपका प्रतिबिंब आपसे छोटा ही दिखेगा। प्रतिबिंब छोटा बनने के कारण इसमें दृष्टि क्षेत्र बहुत चौड़ा हो जाता है, इसीलिए वाहनों में पश्च-दृश्य दर्पण, सड़कों के अंधे मोड़ों पर तथा दुकानों में निगरानी दर्पण के रूप में उत्तल दर्पण लगाए जाते हैं। इसका फोकस दर्पण के पीछे होता है, इसलिए इसे अपसारी दर्पण भी कहते हैं। A गलत है क्योंकि समतल-अवतल सतह भीतर की ओर मुड़ी होती है और अवतल दर्पण की तरह पास के चेहरे को छोटा नहीं करती। B गलत है क्योंकि अवतल दर्पण पास रखी वस्तु का बड़ा आवर्धित प्रतिबिंब बनाता है, इसी कारण वह दाढ़ी बनाने तथा दंत चिकित्सक के दर्पण में प्रयुक्त होता है। C गलत है क्योंकि समतल दर्पण वस्तु के बराबर आकार का प्रतिबिंब बनाता है। परीक्षा टिप: उत्तल दर्पण - सदा आभासी, सीधा, छोटा और चौड़ा दृष्टि क्षेत्र।

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Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 29 Aug 2018, Shift 3आसान

60 g हीलियम में कितने मोल उपस्थित हैं?

  1. A.12 मोल
  2. B.15 मोल
  3. C.10 मोल
  4. D.25 मोल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 15 मोल

व्याख्या

सही उत्तर है B, 15 मोल। मोलों की संख्या दिए गए द्रव्यमान भाग मोलर द्रव्यमान होती है, इसलिए 60 ग्राम हीलियम भाग 4 ग्राम प्रति मोल से 15 मोल मिलते हैं। हीलियम का परमाणु द्रव्यमान 4 है, और उत्कृष्ट गैस होने के कारण उसके अणु एकपरमाणुक होते हैं, इसलिए उसका मोलर द्रव्यमान 4 ग्राम है, 8 ग्राम नहीं। इन 15 मोलों में से प्रत्येक में 6.022 गुणा 10 की घात 23 परमाणु रहते हैं, और मानक ताप तथा दाब पर यह नमूना लगभग 336 लीटर घेरेगा, क्योंकि किसी भी गैस का एक मोल 22.4 लीटर लेता है। A गलत है क्योंकि 12 मोल पाने के लिए मोलर द्रव्यमान 5 मानना पड़ेगा और यह कार्बन के 12 से भ्रमित होकर दिया गया विकल्प है। C गलत है क्योंकि 10 मोल के लिए मोलर द्रव्यमान 6 चाहिए, जो हीलियम का नहीं है। D गलत है क्योंकि 25 मोल के लिए मोलर द्रव्यमान 2.4 चाहिए, जो किसी तत्व का नहीं है। परीक्षा टिप: मोल बराबर ग्राम में द्रव्यमान भाग मोलर द्रव्यमान, इसलिए 4 ग्राम हीलियम ठीक एक मोल है।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 10 Aug 2018, Shift 1मध्यम

कार्बन का परमाणु द्रव्यमान 12 और हीलियम का 4 है। प्रत्येक तत्व के 1 मोल के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

  1. A.कार्बन के 1 मोल में हीलियम के 1 मोल से 3 गुना अधिक परमाणु होंगे।
  2. B.हीलियम के 1 मोल में कार्बन के 1 मोल से 3 गुना अधिक परमाणु होंगे।
  3. C.कार्बन के 1 मोल में हीलियम के 1 मोल में उपस्थित परमाणुओं की संख्या का एक-तिहाई होगा।
  4. D.कार्बन के 1 मोल में हीलियम के 1 मोल के बराबर ही परमाणु होंगे।
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. कार्बन के 1 मोल में हीलियम के 1 मोल के बराबर ही परमाणु होंगे।

व्याख्या

सही उत्तर है D, कार्बन के 1 मोल में हीलियम के 1 मोल के बराबर ही परमाणु होंगे। मोल एक गिनती है, भार नहीं - किसी भी तत्व के एक मोल में 6.022 गुणा 10 की घात 23 परमाणु होते हैं, जिसे आवोगाद्रो संख्या कहते हैं, तत्व कोई भी हो। इसलिए कार्बन के एक मोल और हीलियम के एक मोल, दोनों में उतने ही परमाणु रहते हैं। अंतर द्रव्यमान में आता है, क्योंकि ग्राम परमाणु द्रव्यमान ही एक मोल का भार होता है - कार्बन का एक मोल 12 ग्राम का होता है और हीलियम का एक मोल 4 ग्राम का, अर्थात परमाणुओं की संख्या बराबर रहने पर भी कार्बन का नमूना तीन गुना भारी होता है। A और B गलत हैं क्योंकि वे द्रव्यमान के तीन गुने अनुपात को परमाणुओं का अनुपात बना देते हैं। C भी इसी कारण गलत है, केवल उल्टी दिशा में। परीक्षा टिप: एक मोल सदा 6.022 गुणा 10 की घात 23 कण होते हैं; परमाणु द्रव्यमान भार बदलता है, संख्या कभी नहीं।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 25 Nov, 2024, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से कौन समांगी मिश्रण का उदाहरण नहीं है?

  1. A.कॉपर सल्फेट चूर्ण जल में
  2. B.जल में घुली चीनी
  3. C.जल में घुला नमक
  4. D.जल में तेल
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. जल में तेल

व्याख्या

सही उत्तर है D, जल में तेल। तेल जल में घुलता नहीं है; वह अलग परत या तैरती बूँदों के रूप में बना रहता है, इसलिए यह मिश्रण विषमांगी है और दोनों द्रवों के बीच की सीमा आँखों से दिखाई देती है। समांगी मिश्रण की संरचना हर भाग में एक जैसी होती है और उसके अवयव सूक्ष्मदर्शी से भी अलग नहीं पहचाने जा सकते, जैसा किसी ठोस के जल में घुलकर वास्तविक विलयन बनाने पर होता है। तेल और जल अलग रहते हैं क्योंकि जल ध्रुवीय द्रव है और तेल अध्रुवीय, और समान ही समान को घोलता है; साबुन के साथ हिलाने पर जो पायस बनता है वह भी समांगी नहीं होता। A गलत है क्योंकि कॉपर सल्फेट घुलकर एक ही प्रावस्था वाला स्वच्छ नीला विलयन देता है। B गलत है क्योंकि जल में चीनी वास्तविक विलयन का प्रसिद्ध उदाहरण है। C गलत है क्योंकि साधारण नमक पूरी तरह सोडियम तथा क्लोराइड आयनों में घुल जाता है। परीक्षा टिप: वास्तविक विलयन समांगी होता है, जबकि निलंबन और तेल-जल या दूध जैसे पायस विषमांगी होते हैं।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 22 Jan 2019, Shift 1कठिन

20 ओम और 30 ओम के दो प्रतिरोधक समांतर क्रम में जुड़े हैं। इस संयोजन को 8 ओम के प्रतिरोधक तथा 12 V की बैटरी के साथ श्रेणी क्रम में जोड़ा जाता है। 20 ओम के प्रतिरोधक से बहने वाली धारा कितनी है?

  1. A.0.36 A
  2. B.0.12 A
  3. C.0.24 A
  4. D.0.60 A
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 0.36 A

व्याख्या

सही उत्तर है A, 0.36 A। पहले समांतर जोड़ी को सरल करें - 20 गुणा 30 भाग 50 से 12 ओम मिलता है। इसमें 8 ओम का प्रतिरोधक श्रेणी क्रम में जोड़ने पर परिपथ का कुल प्रतिरोध 20 ओम हो जाता है, इसलिए बैटरी पूरे परिपथ में 12 वोल्ट भाग 20 ओम, अर्थात 0.6 ऐम्पियर धारा बहाती है। यही धारा 12 ओम वाले संयोजन से गुजरती है और उस पर 0.6 गुणा 12, अर्थात 7.2 वोल्ट का विभवांतर बनाती है। समांतर क्रम की दोनों शाखाओं पर यही 7.2 वोल्ट लगता है, इसलिए 20 ओम वाली शाखा में 7.2 भाग 20, अर्थात 0.36 ऐम्पियर धारा बहती है। B गलत है क्योंकि 0.12 ऐम्पियर इस परिपथ की किसी शाखा से मेल नहीं खाता। C गलत है क्योंकि 0.24 ऐम्पियर 30 ओम वाली शाखा की धारा है, और दोनों शाखाओं की धाराएँ जुड़कर 0.6 बनाती हैं। D गलत है क्योंकि 0.60 ऐम्पियर बैटरी से निकलने वाली कुल धारा है, 20 ओम का हिस्सा नहीं। परीक्षा टिप: समांतर क्रम में वोल्टता समान रहती है और धारा प्रतिरोध के व्युत्क्रमानुपात में बँटती है।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · 21 Jan 2019, Shift 1मध्यम

यदि हम तृतीय श्रेणी के उत्तोलक में आयास भुजा की लंबाई की तुलना भार भुजा की लंबाई से करें, तो निम्नलिखित में से कौन सही है?

  1. A.आयास भुजा की लंबाई भार भुजा से अधिक, बराबर या कम हो सकती है
  2. B.आयास भुजा की लंबाई सदैव भार भुजा के बराबर होती है
  3. C.आयास भुजा की लंबाई सदैव भार भुजा से कम होती है
  4. D.आयास भुजा की लंबाई सदैव भार भुजा से अधिक होती है
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. आयास भुजा की लंबाई सदैव भार भुजा से कम होती है

व्याख्या

सही उत्तर है C, आयास भुजा की लंबाई सदैव भार भुजा से कम होती है। तृतीय श्रेणी के उत्तोलक में आयास आलंब और भार के बीच लगाया जाता है, इसलिए आयास सदा आलंब के अधिक निकट रहता है और उसकी भुजा दोनों में छोटी होती है। चूँकि यांत्रिक लाभ आयास भुजा भाग भार भुजा होता है, तृतीय श्रेणी के उत्तोलक का यांत्रिक लाभ एक से कम रहता है - उसमें भार से अधिक बल लगाना पड़ता है, परंतु दूसरे सिरे पर अधिक चाल और लंबा विस्तार मिल जाता है। चिमटी, शर्बत की संडसी, स्टेपलर, बंसी तथा भार उठाती मानव अग्रबाहु इसके मानक उदाहरण हैं। A गलत है क्योंकि यह छूट प्रथम श्रेणी के उत्तोलक को मिलती है, जिसमें आलंब आयास और भार के बीच कहीं भी रह सकता है। B गलत है क्योंकि दोनों भुजाएँ केवल तुला जैसे विशेष प्रथम श्रेणी उत्तोलक में बराबर होती हैं। D गलत है क्योंकि लंबी आयास भुजा द्वितीय श्रेणी के उत्तोलक की पहचान है, जैसे सरौता। परीक्षा टिप: प्रथम श्रेणी में आलंब बीच में, द्वितीय में भार बीच में, तृतीय में आयास बीच में।