विश्व शौचालय संगठन (वर्ल्ड टॉयलेट ऑर्गनाइज़ेशन) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. यह संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों में से एक है। 2. विश्व शौचालय शिखर सम्मेलन, विश्व शौचालय दिवस और विश्व शौचालय कॉलेज इस संगठन की पहलें हैं, जिनका उद्देश्य वैश्विक स्वच्छता संकट से निपटने के लिए कार्रवाई को प्रेरित करना है। 3. इसके कार्य का मुख्य केंद्र खुले में शौच की समाप्ति के लिए अल्पविकसित और विकासशील देशों को धन अनुदान देना है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 2
- B.केवल 3
- C.1 और 2
- D.2 और 3
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, केवल 2। विश्व शौचालय संगठन एक गैर-लाभकारी संस्था है, संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी नहीं, और यह देशों को अनुदान देने के बजाय जागरूकता और प्रशिक्षण के माध्यम से काम करता है।
विश्व शौचालय संगठन की स्थापना 2001 में सिंगापुर में जैक सिम ने की, जिन्हें अक्सर "मिस्टर टॉयलेट" कहा जाता है। इसने विश्व शौचालय शिखर सम्मेलन और 19 नवंबर को विश्व शौचालय दिवस की शुरुआत की, और विश्व शौचालय कॉलेज चलाता है, जो स्वच्छता, साफ़-सफ़ाई और शौचालय रखरखाव का प्रशिक्षण देता है। विश्व शौचालय दिवस का इसका विचार 2013 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अपनाया, जब 19 नवंबर आधिकारिक संयुक्त राष्ट्र दिवस बना। इसका उद्देश्य शौचालय से जुड़ी झिझक तोड़ना और सरकारों, कंपनियों तथा समुदायों को स्वच्छता के लिए प्रेरित करना है।
कथन 1 गलत है: यह एक स्वतंत्र गैर-सरकारी संगठन है; संयुक्त राष्ट्र ने बाद में केवल विश्व शौचालय दिवस को अपनाया।
कथन 3 गलत है: यह गरीब देशों को धन देने वाली संस्था नहीं है।
इसलिए B, C और D गलत हैं।
परीक्षा टिप: विश्व शौचालय संगठन = गैर-सरकारी संगठन, सिंगापुर, 2001, जैक सिम; विश्व शौचालय दिवस = 19 नवंबर।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंकिसी तालाब, महासागर, वन या एक्वेरियम जैसे अपने परिवेश सहित एक जैविक समुदाय को क्या कहा जाता है?
- A.बायोम (जीवोम)
- B.समुदाय
- C.अजैविक पर्यावरण
- D.पारितंत्र
उत्तर देखें
पारितंत्र जीवों का एक समुदाय और उसके साथ क्रिया करने वाला निर्जीव पर्यावरण है, और यह महासागर जितना बड़ा या एक्वेरियम जितना छोटा हो सकता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
I. भारत में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) उत्सर्जन 0.5 t CO2/प्रति व्यक्ति से कम है।
II. ईंधन दहन से CO2 उत्सर्जन के मामले में भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में दूसरे स्थान पर है।
III. भारत में बिजली और ऊष्मा उत्पादक CO2 उत्सर्जन के सबसे बड़े स्रोत हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल I और III
- B.केवल II
- C.केवल II और III
- D.I, II और III
उत्तर देखें
ईंधन दहन से CO2 उत्सर्जन में भारत एशिया-प्रशांत में चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा उत्सर्जक है और बिजली व ऊष्मा उत्पादन इसका सबसे बड़ा स्रोत है, पर इसका प्रति व्यक्ति उत्सर्जन 0.5 टन से काफ़ी अधिक है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →'घरेलू अंश आवश्यकता' (डोमेस्टिक कंटेंट रिक्वायरमेंट) शब्द कभी-कभी समाचारों में किसके संदर्भ में दिखाई देता है?
- A.हमारे देश में सौर ऊर्जा उत्पादन का विकास
- B.हमारे देश में विदेशी टी.वी. चैनलों को लाइसेंस देना
- C.हमारे खाद्य उत्पादों का अन्य देशों को निर्यात
- D.विदेशी शैक्षणिक संस्थानों को हमारे देश में अपने परिसर स्थापित करने की अनुमति
उत्तर देखें
घरेलू अंश आवश्यकता (DCR) वह नियम है जिसके अनुसार कुछ सौर परियोजनाओं में भारत में बने सौर सेल और मॉड्यूल ही लगाने होते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किसके संदर्भ में कुछ वैज्ञानिक पक्षाभ मेघ विरलन (सिरस क्लाउड थिनिंग) तकनीक और समतापमंडल में सल्फेट वायुविलय के अंतःक्षेपण के उपयोग का सुझाव देते हैं?
- A.कुछ क्षेत्रों में कृत्रिम वर्षा कराना
- B.उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की बारंबारता और तीव्रता घटाना
- C.पृथ्वी पर सौर पवनों के प्रतिकूल प्रभाव घटाना
- D.भूमंडलीय तापन घटाना
उत्तर देखें
दोनों उपाय भू-अभियांत्रिकी (जियोइंजीनियरिंग) के प्रस्ताव हैं, जिनका उद्देश्य पृथ्वी में आने या उससे जाने वाली ऊष्मा बदलकर ग्रह को ठंडा करना है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किनकी प्रजातियाँ अन्य जीवों के साथ सहजीवी संबंध स्थापित कर सकती हैं?
1. नाइडेरियन
2. कवक
3. प्रोटोज़ोआ
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
नाइडेरियन, कवक और प्रोटोज़ोआ, तीनों में ऐसी प्रजातियाँ हैं जो अन्य जीवों के साथ घनिष्ठ, परस्पर लाभकारी साझेदारी में रहती हैं।
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