विश्व मरुस्थलीकरण एवं सूखा रोकथाम दिवस किस तिथि को मनाया जाता है?
- A.5 जून
- B.17 जून
- C.22 अप्रैल
- D.16 सितंबर
सही उत्तर
B. 17 जून
व्याख्या
सही उत्तर B, 17 जून है। यह दिवस 17 जून 1994 को पेरिस में मरुस्थलीकरण रोकथाम संबंधी संयुक्त राष्ट्र अभिसमय अपनाए जाने की वर्षगांठ है, और संयुक्त राष्ट्र महासभा ने उसी वर्ष इसकी घोषणा की थी ताकि सरकारें हर साल भूमि पुनर्स्थापन की प्रगति देखें। A गलत है क्योंकि 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस है, जो 1972 के स्टॉकहोम सम्मेलन के बाद शुरू हुआ और पहली बार 1973 में मनाया गया। C गलत है क्योंकि 22 अप्रैल अंतरराष्ट्रीय धरती माता दिवस है, जो 1970 में अमेरिका में मनाए गए पहले अर्थ डे से निकला और किसी संयुक्त राष्ट्र अभिसमय की वर्षगांठ नहीं है। D गलत है क्योंकि 16 सितंबर ओजोन परत संरक्षण का अंतरराष्ट्रीय दिवस है, जो 1987 में मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर का स्मरण कराता है। इन तिथियों को अलग-अलग याद रखना एसएससी और रेलवे में बार-बार काम आता है।
पूरा लेख पढ़ें: मृदा प्रदूषण और मरुस्थलीकरण: कारण, UNCCD और मृदा संरक्षण
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सी मृदा संरक्षण विधि सामान्यतः तटीय और शुष्क क्षेत्रों में अपनाई जाती है?
- A.समोच्च जुताई
- B.सीढ़ीदार खेती
- C.पलवार (मल्चिंग)
- D.रक्षक मेखला (शेल्टर बेल्ट)
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. रक्षक मेखला (शेल्टर बेल्ट)
व्याख्या
सही उत्तर D, रक्षक मेखला (शेल्टर बेल्ट) है। रक्षक मेखला प्रचलित हवा की दिशा के आर-पार लगाई गई वृक्षों और झाड़ियों की कतार या पट्टी होती है। यह हवा के खेत तक पहुंचने से पहले ही उसका वेग तोड़ देती है, और चूंकि पश्चिमी राजस्थान जैसे शुष्क क्षेत्रों तथा खुले तटों पर वायु अपरदन ही मिट्टी हानि का प्रमुख रूप है, इसलिए वहां यही उपाय चुना जाता है; यह बालुका स्तूपों के बढ़ने को भी रोकती है। A गलत है क्योंकि समोच्च जुताई में कूंड ढाल की समोच्च रेखा के साथ बनाए जाते हैं ताकि बहता पानी रुके, अर्थात यह ढलवां भूमि के जल अपरदन का उत्तर है, हवा का नहीं। B गलत है क्योंकि सीढ़ीदार खेती पहाड़ी ढाल को समतल सीढ़ियों में काटती है और हिमालय तथा नीलगिरि जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में होती है। C गलत है क्योंकि पलवार नंगी मिट्टी को पुआल या फसल अवशेष से ढककर वाष्पन और छींट अपरदन घटाती है, जो सहायक उपाय है पर तटीय और शुष्क क्षेत्रों की विशिष्ट विधि नहीं।
निम्नलिखित में से कौन मृदा संरक्षण की प्रमुख तकनीक नहीं है?
- A.पशु चराई पर नियंत्रण
- B.फसल चक्र
- C.रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग
- D.पट्टीदार खेती
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग
व्याख्या
सही उत्तर C, रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग है। प्रश्न असंगत विकल्प पूछ रहा है, और रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक प्रयोग मिट्टी का संरक्षण नहीं, क्षरण करता है: इससे मिट्टी अम्लीय होती है, सूक्ष्मजीव मरते हैं, लवण अवशेष जमा होते हैं तथा अतिरिक्त नाइट्रेट और फॉस्फेट जलाशयों में बहकर सुपोषण (यूट्रोफिकेशन) करते हैं। मृदा संरक्षण के लिए जैविक खाद, हरी खाद और जैव उर्वरक प्रयोग किए जाते हैं। A वास्तविक संरक्षण तकनीक है, क्योंकि अनियंत्रित चराई घास का आवरण हटाकर मिट्टी को हवा और वर्षा के सामने खोल देती है। B भी वास्तविक तकनीक है, क्योंकि अनाज के साथ दलहनी फसल का चक्र मूल ग्रंथिका जीवाणुओं से नाइट्रोजन लौटाता है और कीट चक्र तोड़ता है। D भी सही तकनीक है, क्योंकि पट्टीदार खेती में सघन फसल की पट्टियां खुली पट्टियों से बहकर आती मिट्टी को रोक लेती हैं।
मरुस्थलीकरण रोकथाम संबंधी संयुक्त राष्ट्र अभिसमय (UNCCD) किस वर्ष अपनाया गया था?
- A.1992
- B.1994
- C.1996
- D.2001
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1994
व्याख्या
सही उत्तर B, 1994 है। मरुस्थलीकरण रोकथाम संबंधी संयुक्त राष्ट्र अभिसमय 17 जून 1994 को पेरिस में अपनाया गया और दिसंबर 1996 में लागू हुआ। यह एकमात्र कानूनी रूप से बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय समझौता है जो पर्यावरण और विकास को सतत भूमि प्रबंधन से जोड़ता है, और इसे तीन रियो अभिसमयों में तीसरा गिना जाता है। A गलत है क्योंकि 1992 रियो डी जनेरियो के पृथ्वी शिखर सम्मेलन का वर्ष है, जहां UNFCCC और जैव विविधता अभिसमय हस्ताक्षर के लिए खोले गए थे और सरकारों ने केवल मरुस्थलीकरण संधि पर वार्ता करने पर सहमति दी थी। C गलत है क्योंकि 1996 वह वर्ष है जब अभिसमय लागू हुआ और भारत ने इसका अनुसमर्थन किया, अपनाने का वर्ष नहीं; इसी जोड़ी में अभ्यर्थी फंसते हैं। D गलत है क्योंकि 2001 में भारत की मरुस्थलीकरण रोकथाम राष्ट्रीय कार्य योजना बनी थी।
इटाई-इटाई रोग किस भारी धातु से प्रदूषित मिट्टी और जल के कारण होता है?
- A.सीसा
- B.पारा
- C.कैडमियम
- D.आर्सेनिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. कैडमियम
व्याख्या
सही उत्तर C, कैडमियम है। इटाई-इटाई, जिसका जापानी में अर्थ है ओह-ओह या पीड़ा की चीख, सबसे पहले जापान की जिंत्सू नदी घाटी में दर्ज हुआ, जहां खान के अपशिष्ट से कैडमियम सिंचाई के पानी में और फिर प्रदूषित मिट्टी में उगाए गए चावल में पहुंचा। कैडमियम हड्डियों को कमजोर करता है और गुर्दों को क्षति पहुंचाता है, जिससे हड्डियां आसानी से टूटती हैं और वही तीव्र पीड़ा होती है जिससे रोग का नाम पड़ा। फॉस्फेटी उर्वरक में कैडमियम प्राकृतिक अशुद्धि के रूप में रहता है, इसीलिए उर्वरक का अत्यधिक प्रयोग मृदा प्रदूषण की चिंता है। A गलत है क्योंकि सीसा विषाक्तता से रक्ताल्पता और तंत्रिका तंत्र को क्षति होती है, विशेषकर बच्चों में। B गलत है क्योंकि पारे से मिनामाता रोग होता है, जो तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। D गलत है क्योंकि आर्सेनिक से त्वचा के घाव, अतिकेराटोसिस और ब्लैक-फुट रोग होते हैं।
2019 में भारत में आयोजित UNCCD के चौदहवें पक्षकार सम्मेलन (COP14) में कौन-सा घोषणापत्र अपनाया गया?
- A.रियो घोषणापत्र
- B.नई दिल्ली घोषणापत्र
- C.नागोया प्रोटोकॉल
- D.बॉन चैलेंज
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. नई दिल्ली घोषणापत्र
व्याख्या
सही उत्तर B, नई दिल्ली घोषणापत्र है। भारत ने 2019 में नई दिल्ली के पास ग्रेटर नोएडा में UNCCD का चौदहवां पक्षकार सम्मेलन आयोजित किया और यह सम्मेलन नई दिल्ली घोषणापत्र के साथ समाप्त हुआ, जिसमें पक्षकारों ने क्षरित भूमि की पुनर्स्थापना और भूमि क्षरण तटस्थता की दिशा में काम करने का संकल्प लिया। इसी मंच से भारत ने 2030 तक 2.6 करोड़ हेक्टेयर क्षरित भूमि पुनर्स्थापित करने की घोषणा की। A गलत है क्योंकि पर्यावरण और विकास पर रियो घोषणापत्र 1992 के पृथ्वी शिखर सम्मेलन से निकला था और उसमें सत्ताईस सिद्धांत थे। C गलत है क्योंकि 2010 का नागोया प्रोटोकॉल जैव विविधता अभिसमय से जुड़ा है और आनुवंशिक संसाधनों तक पहुंच तथा लाभ साझेदारी से संबंधित है। D गलत है क्योंकि बॉन चैलेंज 2011 में शुरू हुआ स्वैच्छिक वैश्विक वन भूदृश्य पुनर्स्थापन लक्ष्य है, इस सम्मेलन का घोषणापत्र नहीं।