निम्नलिखित में से कौन-सी मृदा संरक्षण विधि सामान्यतः तटीय और शुष्क क्षेत्रों में अपनाई जाती है?
- A.समोच्च जुताई
- B.सीढ़ीदार खेती
- C.पलवार (मल्चिंग)
- D.रक्षक मेखला (शेल्टर बेल्ट)
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. रक्षक मेखला (शेल्टर बेल्ट)
व्याख्या
सही उत्तर D, रक्षक मेखला (शेल्टर बेल्ट) है। रक्षक मेखला प्रचलित हवा की दिशा के आर-पार लगाई गई वृक्षों और झाड़ियों की कतार या पट्टी होती है। यह हवा के खेत तक पहुंचने से पहले ही उसका वेग तोड़ देती है, और चूंकि पश्चिमी राजस्थान जैसे शुष्क क्षेत्रों तथा खुले तटों पर वायु अपरदन ही मिट्टी हानि का प्रमुख रूप है, इसलिए वहां यही उपाय चुना जाता है; यह बालुका स्तूपों के बढ़ने को भी रोकती है। A गलत है क्योंकि समोच्च जुताई में कूंड ढाल की समोच्च रेखा के साथ बनाए जाते हैं ताकि बहता पानी रुके, अर्थात यह ढलवां भूमि के जल अपरदन का उत्तर है, हवा का नहीं। B गलत है क्योंकि सीढ़ीदार खेती पहाड़ी ढाल को समतल सीढ़ियों में काटती है और हिमालय तथा नीलगिरि जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में होती है। C गलत है क्योंकि पलवार नंगी मिट्टी को पुआल या फसल अवशेष से ढककर वाष्पन और छींट अपरदन घटाती है, जो सहायक उपाय है पर तटीय और शुष्क क्षेत्रों की विशिष्ट विधि नहीं।