विशेष अभियान 6.0 के तहत संसदीय कार्य मंत्रालय ने कितनी ई-फाइलें बंद कीं?
- A.58
- B.117
- C.134
- D.200
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 117 है। मंत्रालय ने अभियान के दौरान 200 ई-फाइलों की समीक्षा की और उनमें से 117 बंद कर दीं। बाकी तीनों विकल्प इसी समूह के दूसरे आंकड़े हैं, और इसी वजह से यह प्रश्न ध्यान से पढ़ने लायक है। विकल्प A यानी 58 उन भौतिक फाइलों की संख्या है जिन्हें हटाने के लिए चुना गया और हटा दिया गया। विकल्प C यानी 134 उन भौतिक फाइलों की संख्या है जो पहले समीक्षा के लिए चिन्हित हुई थीं। विकल्प D यानी 200 समीक्षा की गई ई-फाइलों की संख्या है, बंद की गई फाइलों की नहीं। चारों आंकड़ों को सही क्रम में याद रखना ही असली बात है: कागज की तरफ 134 फाइलें समीक्षित और 58 हटाई गईं, तथा इलेक्ट्रॉनिक तरफ 200 ई-फाइलें समीक्षित और 117 बंद। ये आंकड़े अभियान के रिकॉर्ड प्रबंधन शीर्ष के अंतर्गत आते हैं।
पूरा लेख पढ़ें: संसदीय कार्य मंत्रालय में विशेष अभियान 6.0 का समापन
अभ्यास प्रश्न
सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को स्थायी बनाने और लंबित मामले घटाने वाले विशेष अभियान 6.0 का नेतृत्व कौन सा विभाग करता है?
- A.प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग
- B.कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग
- C.उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग
- D.व्यय विभाग
उत्तर देखें
यह विभाग सभी मंत्रालयों और विभागों में इस अभियान की अगुवाई करता है, जिसका उद्देश्य स्वच्छता को दफ्तरी जीवन का स्थायी हिस्सा बनाना और व्यवस्थित रिकॉर्ड रखरखाव, लंबित मामलों के समय पर निपटारे तथा दफ्तर की जगह के बेहतर उपयोग से प्रशासनिक कार्यक्षमता बढ़ाना है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वर्ष 2026 में विशेष अभियान 6.0 किस अवधि में चलाया गया?
- A.1 से 15 सितंबर
- B.2 से 31 अगस्त
- C.2 से 31 अक्टूबर
- D.1 से 30 नवंबर
उत्तर देखें
संसदीय कार्य मंत्रालय ने इसी अवधि में अभियान में भाग लिया और महीने के अंत में अपनी भागीदारी पूरी करते हुए किए गए कामों का ब्योरा दिया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संसदीय कार्य मंत्रालय की प्रमुख पहल नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन किन निकायों के कागज रहित कामकाज में सहायता करती है?
- A.राज्य विधानमंडल
- B.जिला न्यायालय
- C.ग्राम पंचायतें
- D.केंद्रीय विश्वविद्यालय
उत्तर देखें
नेवा को संसदीय कार्य मंत्रालय की प्रमुख पहल बताया गया है और यह राज्य विधानमंडलों के कागज रहित कामकाज को संभालती है, जिससे विधायी कामकाज तेज होता है और कागज की खपत घटती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →'सरदार कथा' कार्यक्रम में कौन से उपराज्यपाल अतिथियों में शामिल थे?
- A.तरणजीत सिंह संधू, दिल्ली के उपराज्यपाल
- B.मनोज सिन्हा, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल
- C.प्रफुल्ल पटेल, दादरा और नगर हवेली के प्रशासक
- D.आर. के. माथुर, लद्दाख के उपराज्यपाल
उत्तर देखें
सही उत्तर तरणजीत सिंह संधू, दिल्ली के उपराज्यपाल हैं, जो अन्य आमंत्रित अतिथियों के साथ उपराष्ट्रपति भवन के इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उपराष्ट्रपति के संबोधन के अनुसार स्वतंत्रता के समय कितनी रियासतों को भारतीय संघ में मिलाना था?
- A.350 से अधिक
- B.450 से अधिक
- C.550 से अधिक
- D.650 से अधिक
उत्तर देखें
वर्ष 1947 की स्थिति याद करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि विभाजन ने देश को अनिश्चय में डाल दिया था और इतनी रियासतों को भारतीय संघ में मिलाना था, जिसे सरदार पटेल ने दृढ़ संकल्प, समझाने की क्षमता, प्रशासनिक कौशल और राजनीतिक सूझबूझ से पूरा किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →