विशेष अभियान 3 में केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों की शिकायतों के लिए कौन सा पोर्टल प्रयोग हुआ?
- A.सीपीजीआरएएमएस
- B.सीपीईएनजीआरएएमएस
- C.भविष्य
- D.अनुभव
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर सीपीईएनजीआरएएमएस है। विज्ञप्ति में लिखा है कि मंत्रालयों द्वारा पहचाने गए लक्षित मामलों के अलावा इस पोर्टल पर एक महीने से अधिक समय से लंबित शिकायतें भी तैयारी चरण में समाधान के लिए ली गईं। इसमें यह भी कहा गया है कि सुलझाए गए अधिकांश मामले ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों से जुड़े हैं, और ग्रामीण इलाकों से इसी पोर्टल तथा मंत्रालयों के अन्य पोर्टलों के जरिए ऑनलाइन शिकायतें आने से डिजिटल विभाजन कम हो रहा है। विकल्प क सबसे मजबूत भ्रामक विकल्प है, क्योंकि दोनों नामों में बहुत थोड़ा अंतर है और वह व्यापक जन शिकायत पोर्टल है, जबकि यहां नामित पोर्टल विशेष रूप से पेंशन से जुड़ा है। विकल्प ग और विकल्प घ पेंशनभोगियों से जुड़ी असली पहलें हैं, इसीलिए उन्हें यहां रखा गया है, पर वे इस विज्ञप्ति का पोर्टल नहीं हैं।
पूरा लेख पढ़ें: विशेष अभियान 3 में 2,306 लंबित पेंशन शिकायतों का समाधान
अभ्यास प्रश्न
विशेष अभियान 3 के तहत कितनी लंबित पेंशन शिकायतों का समाधान किया गया?
- A.1,062
- B.2,131
- C.2,306
- D.3,193
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विज्ञप्ति के अनुसार चालीस मंत्रालयों और विभागों के समन्वित प्रयासों से इतने मामलों का सफलतापूर्वक समाधान हुआ और समाधान की दर बहत्तर प्रतिशत रही।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पेंशन शिकायतों के समाधान का विशेष अभियान 3 किन तिथियों के बीच चला?
- A.1 जुलाई 2026 से 30 सितंबर 2026
- B.7 जुलाई 2026 से 31 अगस्त 2026
- C.2 अक्टूबर 2026 से 31 अक्टूबर 2026
- D.1 अप्रैल 2026 से 31 अगस्त 2026
उत्तर देखें
पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने लंबे समय से लंबित पेंशन शिकायतों, दावों और समस्याओं के समय पर तथा गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए पहली तिथि को विशेष अभियान 3 शुरू किया और यह दूसरी तिथि को संपन्न हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 के तहत सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) पर पंजीकृत ई-कचरा रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों की संख्या 38 से बढ़कर कितनी हो गई?
- A.75 से अधिक
- B.100 से अधिक
- C.200 से अधिक
- D.500 से अधिक
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पिछले अभियान में शुरू हुए ई-कचरे पर ध्यान को आगे बढ़ाते हुए विशेष अभियान 6 में डीएआरपीजी ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और रिसाइक्लिंग उद्योग के साथ मिलकर सरकारी दफ्तरों को अधिकृत रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों से जोड़ा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 के दौरान कबाड़ बेचकर सबसे अधिक आय किस मंत्रालय ने अर्जित की?
- A.कोयला मंत्रालय
- B.रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड)
- C.रक्षा मंत्रालय (सैन्य मामलों का विभाग)
- D.पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
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इसके बाद सैन्य मामलों का विभाग 88.96 करोड़ रुपये, कोयला मंत्रालय 61.41 करोड़ रुपये और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय 34.81 करोड़ रुपये के साथ रहे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 में ई-कचरे सहित कबाड़ के निपटान से कुल कितनी आय हुई?
- A.618.06 करोड़ रुपये
- B.770.50 करोड़ रुपये
- C.970.33 करोड़ रुपये
- D.1,120.40 करोड़ रुपये
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विशेष अभियान 6 पोर्टल के संकलित आंकड़ों के अनुसार सभी मंत्रालयों और विभागों ने ई-कचरे सहित कबाड़ बेचकर 970.33 करोड़ रुपये जुटाए, जो विशेष अभियान 5.0 से लगभग 16 प्रतिशत अधिक है।
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