विपणन वर्ष 2027-28 में रबी उपज के लिए किसानों को कितना भुगतान होने का अनुमान है?
- A.45,500 करोड़ रुपये
- B.68,300 करोड़ रुपये
- C.90,962 करोड़ रुपये
- D.1.25 लाख करोड़ रुपये
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 90,962 करोड़ रुपये है। विपणन वर्ष 2027-28 की सभी अधिसूचित रबी फसलों के बढ़े हुए समर्थन मूल्य 30 सितंबर 2026 को मंजूर हुए, तब 324 लाख मीट्रिक टन उपज के लिए किसानों को इतनी राशि दिए जाने का अनुमान रखा गया था। बाकी तीनों विकल्प गढ़ी गई राशियां हैं और अनुमान से मेल नहीं खाती हैं। इस आंकड़े के साथ दो और संख्याएं याद रखनी चाहिए। छह रबी फसलों की खरीद 2014-15 से 2025-26 के बीच 3,921 लाख मीट्रिक टन रही, जबकि पिछले दशक में 2,302 लाख मीट्रिक टन थी, और इन फसलों पर भुगतान 2.65 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 8.36 लाख करोड़ रुपये हो गया। चालू सत्र में गेहूं की 357.57 लाख मीट्रिक टन खरीद का मूल्य 92,432.51 करोड़ रुपये रहा और इससे 34 लाख से अधिक किसान लाभान्वित हुए।
पूरा लेख पढ़ें: रबी एमएसपी 2027-28: कुसुम में सबसे बड़ी बढ़ोतरी
अभ्यास प्रश्न
विपणन वर्ष 2027-28 के लिए किस रबी फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य में सबसे बड़ी वृद्धि की गई है?
- A.गेहूं
- B.कुसुम
- C.मसूर
- D.चना
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अधिसूचित रबी फसलों में रुपये के हिसाब से सबसे बड़ी बढ़ोतरी इसी फसल को मिली, 675 रुपये प्रति क्विंटल, जब रबी विपणन वर्ष 2027-28 की दरें 30 सितंबर 2026 को मंजूर की गईं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →केंद्र सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य की सिफारिश कौन सी संस्था करती है?
- A.नीति आयोग
- B.भारतीय खाद्य निगम
- C.कृषि लागत एवं मूल्य आयोग
- D.भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ
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न्यूनतम समर्थन मूल्य हर वर्ष 22 अधिसूचित फसलों के लिए इसी आयोग की सिफारिश पर घोषित होते हैं और आयोग राज्य सरकारों तथा केंद्रीय मंत्रालयों एवं विभागों के विचार भी ध्यान में रखता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →रबी विपणन वर्ष 2027-28 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य कितना है?
- A.2,585 रुपये प्रति क्विंटल
- B.2,610 रुपये प्रति क्विंटल
- C.2,650 रुपये प्रति क्विंटल
- D.2,700 रुपये प्रति क्विंटल
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यही समर्थन मूल्य उस गेहूं के लिए तय हुआ है, जिसकी बिक्री 2027-28 विपणन वर्ष में होगी, और यह पिछले सत्र की दर से 25 रुपये अधिक है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) का कार्यालय किस मंत्रालय के अधीन कार्य करता है?
- A.श्रम और रोजगार मंत्रालय
- B.कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय
- C.कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय
- D.भारी उद्योग मंत्रालय
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मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) का कार्यालय इसी मंत्रालय के अधीन कार्य करता है और जालंधर के सहायक श्रम आयुक्त (केंद्रीय), जिनकी सुलह से अल्ट्राटेक, बठिंडा के समझौते हुए, उसी कार्यालय के अधीन आते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अल्ट्राटेक, बठिंडा में समझौते किन दो श्रमिक संघों के साथ किए गए?
- A.बीएमएस और इंटक
- B.सीआईटीयू और एआईटीयूसी
- C.एचएमएस और सेवा
- D.इंटक और एआईटीयूसी
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अल्ट्राटेक, बठिंडा के प्रबंधन ने 14 अक्टूबर 2026 को इन दोनों संघों में से प्रत्येक के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
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