विकसित पंचायत कार्यशाला में विशिष्ट अतिथि के रूप में कौन शामिल हुए?
- A.अतुल बोरा, मंत्री, असम सरकार
- B.डॉ रवि कोटा, मुख्य सचिव, असम
- C.डॉ आर बालासुब्रमण्यम, सदस्य, नीति आयोग
- D.रोहित कंसल, सचिव, ग्रामीण विकास विभाग
सही उत्तर
C. डॉ आर बालासुब्रमण्यम, सदस्य, नीति आयोग
व्याख्या
सही उत्तर है डॉ आर बालासुब्रमण्यम, नीति आयोग के सदस्य। वे उद्घाटन सत्र में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए और अपने संबोधन में क्षेत्रवार नियोजन से हटकर स्थानिक दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया, जिसमें मानव एवं सामाजिक पूंजी तथा स्थानीय आर्थिक समूहों के विकास पर अधिक जोर देने की बात रही। विकल्प ए में राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री का नाम है, जिन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यशाला का उद्घाटन किया, और यह पूछी गई भूमिका से अलग पदनाम है। विकल्प बी में राज्य के मुख्य सचिव का नाम है, जो उद्घाटन सत्र में उपस्थित तो थे पर इन दोनों में से किसी भूमिका में नहीं। विकल्प डी में ग्रामीण विकास विभाग के सचिव का नाम है, जो इसी तरह उपस्थित रहे पर उनका पदनाम यह नहीं था। ऐसे प्रश्न सटीक पदनाम पर टिके होते हैं, इसलिए हर नाम उसकी भूमिका के साथ याद रखें।
पूरा लेख पढ़ें: नीति आयोग ने विकसित पंचायत पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की
अभ्यास प्रश्न
विकसित पंचायत पर राष्ट्रीय कार्यशाला नीति आयोग ने अपने किस मिशन के अंतर्गत आयोजित की?
- A.आकांक्षी जिला कार्यक्रम
- B.राज्य सहायता मिशन
- C.अटल नवाचार मिशन
- D.प्राकृतिक खेती पर राष्ट्रीय मिशन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राज्य सहायता मिशन
व्याख्या
सही उत्तर है राज्य सहायता मिशन, जिसे संक्षेप में एसएसएम कहा जाता है। मजबूत पंचायतों के जरिए व्यक्तियों, स्थानों, संसाधनों और अवसरों को जोड़ने वाली यह कार्यशाला इसी मिशन के अंतर्गत एक पहल थी, और इसका आयोजन असम सरकार के राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान के सहयोग से हुआ। विकल्प ए में उस कार्यक्रम का नाम है जो विकास के पैमानों पर पिछड़े जिलों के नतीजे सुधारने पर काम करता है, और वह इसी संस्थान की अलग पहल है। विकल्प सी में उस मिशन का नाम है जो नवाचार तथा उद्यमिता को बढ़ावा देता है, जिसमें स्कूलों की टिंकरिंग प्रयोगशालाएं भी शामिल हैं, और उसका पंचायत नियोजन से कोई संबंध नहीं। विकल्प डी में कृषि मंत्रालय के अधीन चलने वाले खेती से जुड़े कार्यक्रम का नाम है, जो नीति आयोग का मिशन नहीं है। परीक्षार्थी राज्य सहायता मिशन को राज्यों के साथ नीति आयोग के काम से जोड़कर याद रखें।
कार्यशाला में चर्चित किस संविधान संशोधन से भारत में पंचायती राज की बुनियाद बनती है?
- A.42वां संशोधन
- B.73वां संशोधन
- C.74वां संशोधन
- D.86वां संशोधन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 73वां संशोधन
व्याख्या
सही उत्तर है 73वां संशोधन। कार्यशाला में प्रतिभागियों ने पंचायती राज की संवैधानिक बुनियाद पर इसी संशोधन तथा संविधान के भाग 9 के संदर्भ में चर्चा की, जो मिलकर गांव स्तर की संस्थाओं को उनकी हैसियत देते हैं, और वहीं से बात गतिविधि मानचित्रण, वित्तीय संसाधनों, कर्मचारी संख्या, निर्णय के अधिकारों, ग्राम सभा की भागीदारी तथा संस्थागत जवाबदेही तक पहुंची। विकल्प ए में उस संशोधन का नाम है जिसने आपातकाल के दौर में संविधान में व्यापक बदलाव किए थे, जिसका ग्रामीण स्थानीय निकायों से कोई संबंध नहीं। विकल्प सी में शहरी स्थानीय निकायों यानी नगरपालिकाओं से जुड़े संशोधन का नाम है, जो सही उत्तर का सहयोगी तो है पर गांवों के बजाय कस्बों और शहरों पर लागू होता है। विकल्प डी में शिक्षा के अधिकार से जुड़े संशोधन का नाम है। ग्रामीण निकाय पहले क्रमांक से और शहरी निकाय बाद वाले से जोड़कर याद रखें।
गांव स्तर के नियोजन को मजबूत करने के लिए स्थानिक जानकारी के साथ निम्नलिखित में से किसे जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया?
- A.पंचायत उन्नति सूचकांक
- B.बहुआयामी गरीबी सूचकांक
- C.समग्र जल प्रबंधन सूचकांक
- D.व्यापार सुगमता सूचकांक
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पंचायत उन्नति सूचकांक
व्याख्या
सही उत्तर है पंचायत उन्नति सूचकांक। कार्यशाला में स्थानिक जानकारी को ग्राम पंचायत विकास योजना की प्रक्रिया, ई-ग्राम स्वराज मंच तथा इसी सूचकांक के साथ जोड़ने पर प्रकाश डाला गया, ताकि नियोजन साक्ष्य आधारित बने और विभागों तथा योजनाओं के बीच अभिसरण की दिशा में बढ़े। विकल्प बी में वह माप है जो कई आयामों पर अभाव को दर्ज करता है और गरीबी पर नजर रखने के काम आता है, पंचायत स्तर के नियोजन के लिए नहीं। विकल्प सी में राज्यों के जल संसाधन प्रबंधन से जुड़े सूचकांक का नाम है, जो गांव के नियोजन से अलग विषय है। विकल्प डी में कारोबार के लिए नियामकीय माहौल का माप है, जिसका यहां चर्चित नियोजन उपकरणों से कोई संबंध नहीं। एक साथ याद रखने वाले तीन नाम हैं: विकास योजना की प्रक्रिया, पंचायत के लेखे और शासन का डिजिटल मंच, तथा उन्नति सूचकांक।
निम्नलिखित में से कौन सा काम जाइरोप्लेन के उपयुक्त उपयोगों में नहीं गिनाया गया है?
- A.कृषि छिड़काव
- B.बैनर टोइंग
- C.निगरानी और सर्वेक्षण
- D.लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय यात्री सेवा
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय यात्री सेवा
व्याख्या
सही उत्तर है लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय यात्री सेवा। जाइरोप्लेन छोटे विमान हैं, जिनकी प्रचालनगत क्षमताएं छोटी उड़ानों और विशेष कार्यों के अनुकूल हैं, और महाद्वीपों के बीच यात्रियों को ले जाना उस दायरे से कहीं बाहर है जिसके लिए इन्हें उपयुक्त बताया गया है। विकल्प ए यानी कृषि छिड़काव उन हवाई कार्यों में गिनाया गया है जिनके लिए यह श्रेणी उपयुक्त है, क्योंकि धीमी गति से उड़ने वाला विमान खेतों पर छिड़काव के लिए अनुकूल रहता है। विकल्प बी यानी बैनर टोइंग भी सूची में है, जो हवाई विज्ञापन का एक तरीका है और इसके लिए हल्का तथा धीमा विमान उपयुक्त होता है। विकल्प सी यानी निगरानी और सर्वेक्षण का भी उल्लेख है, और इन कामों में ऐसा विमान लाभदायक रहता है जो जमीन के ऊपर नीचे तथा धीरे उड़ सके। मनोरंजक उड़ान और हवाई अनुभव उड़ान इस सूची को पूरा करती हैं।
जाइरोप्लेन को उठान किस तरह मिलती है?
- A.पारंपरिक विमान की तरह स्थिर पंखों से
- B.हेलीकॉप्टर की तरह इंजन से संचालित रोटर से
- C.स्वतंत्र रूप से घूमने वाले रोटर सिस्टम से
- D.हवा से हल्की गैस भरे आवरण से
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. स्वतंत्र रूप से घूमने वाले रोटर सिस्टम से
व्याख्या
सही उत्तर है स्वतंत्र रूप से घूमने वाले रोटर सिस्टम से। यही जाइरोप्लेन की परिभाषित विशेषता है: विमान के ऊपर लगा रोटर इंजन से संचालित नहीं होता, बल्कि हवा के प्रवाह में स्वतंत्र रूप से घूमता है, और यही घुमाव उठान पैदा करता है, जबकि आगे की ओर धकेलने वाला बल अलग से प्रोपेलर देता है। विकल्प ए पारंपरिक स्थिर पंख वाले विमान का वर्णन करता है, जिसमें आगे बढ़ने के साथ पंखों से उठान बनती है, यह अलग व्यवस्था है। विकल्प बी हेलीकॉप्टर का वर्णन है, जिसका रोटर इंजन से संचालित होता है, और यही अंतर हेलीकॉप्टर को जाइरोप्लेन से अलग करता है। विकल्प डी किसी वायुपोत या गुब्बारे का वर्णन है, जो इसलिए हवा में रहता है क्योंकि उसके भीतर भरी गैस आसपास की हवा से हल्की होती है, और उसमें रोटर होता ही नहीं। इसलिए केवल विकल्प सी सही है।