वस्त्र उद्योग विकास परिषद की पहली बैठक किस स्थान पर हुई?
- A.भारत मंडपम, नई दिल्ली
- B.उद्योग भवन, नई दिल्ली
- C.विज्ञान भवन, नई दिल्ली
- D.प्रगति मैदान, नई दिल्ली
सही उत्तर
C. विज्ञान भवन, नई दिल्ली
व्याख्या
सही उत्तर विज्ञान भवन, नई दिल्ली है। वस्त्र उद्योग विकास परिषद ने अपनी पहली बैठक 6 अक्टूबर 2026 को वहीं वस्त्र मंत्रालय की सचिव की अध्यक्षता में की, जिसमें मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग संगठन, निर्यात संवर्धन परिषदें, शोध संगठन, राज्य सरकारों के प्रतिनिधि और क्षेत्र के विशेषज्ञ उपस्थित रहे। विकल्प A और D गलत हैं क्योंकि ये दिल्ली के बड़े प्रदर्शनी तथा सम्मेलन स्थल हैं, पर यह बैठक इनमें से किसी में नहीं हुई। विकल्प B गलत है क्योंकि वह कई आर्थिक मंत्रालयों का कार्यालय होने के कारण स्वाभाविक अनुमान लगता है, परंतु परिषद की बैठक वहाँ नहीं हुई। स्थान से जुड़े प्रश्न परीक्षा में प्रायः आते हैं, इसलिए स्थान को तिथि, अध्यक्ष और कार्य समूह तथा उप समितियाँ बनाने के निर्णय के साथ याद रखना चाहिए।
पूरा लेख पढ़ें: वस्त्र उद्योग विकास परिषद की पहली बैठक नई दिल्ली में
अभ्यास प्रश्न
वस्त्र उद्योग विकास परिषद की पहली बैठक की अध्यक्षता किसने की?
- A.केंद्रीय वस्त्र मंत्री
- B.वस्त्र मंत्रालय की सचिव
- C.भारतीय कपास निगम के अध्यक्ष
- D.नीति आयोग के उपाध्यक्ष
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सही उत्तर: B. वस्त्र मंत्रालय की सचिव
व्याख्या
सही उत्तर वस्त्र मंत्रालय की सचिव नीलम शमी राव हैं। परिषद की पहली बैठक नई दिल्ली के विज्ञान भवन में उनकी अध्यक्षता में हुई और अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वस्त्र तथा परिधान क्षेत्र देश में रोजगार देने और निर्यात से कमाई करने वाले सबसे बड़े क्षेत्रों में है, तथा उत्पादन, नवाचार और वैश्विक बाज़ार पहुँच पर पूरी मूल्य शृंखला की दृष्टि अपनाने का आग्रह किया। विकल्प A गलत है क्योंकि बैठक की अध्यक्षता सचिव ने की, मंत्री ने नहीं; यही अंतर परीक्षा में पूछा जाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि सार्वजनिक क्षेत्र की कपास संस्था के प्रमुख की इस परिषद की अध्यक्षता में कोई भूमिका नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि सरकार का नीति संस्थान एक अलग निकाय है और किसी मंत्रालय की क्षेत्रीय विकास परिषद की अध्यक्षता नहीं करता। पद और नाम दोनों याद रखें।
पहली बैठक में परिषद ने निम्नलिखित में से किस विषय पर विचार नहीं किया?
- A.शोध और विकास, जिसमें नए युग के रेशे तथा तकनीकी वस्त्र शामिल हैं
- B.निर्यात और बाज़ार पहुँच
- C.गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य
- D.निवेश, कौशल और संधारणीयता
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सही उत्तर: C. गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य
व्याख्या
सही उत्तर गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य है, जो बैठक के विषयों में नहीं था। परिषद ने पाँच विषय लिए: उत्पादन और उत्पादकता, जिसमें रेशा, धागा, कपड़ा, प्रसंस्करण तथा परिधान खंडों में क्षमता वृद्धि, आधुनिकीकरण और लागत प्रतिस्पर्धा शामिल है; शोध और विकास, जिसमें उद्योग तथा शोध की कड़ी, नए युग के रेशे और तकनीकी वस्त्र शामिल हैं; निर्यात और बाज़ार पहुँच, जिसमें उत्पादों तथा बाज़ारों की विविधता और निर्यातकों की गुणवत्ता, अनुपालन व रसद की अड़चनें शामिल हैं; कच्चा माल और आपूर्ति, जिसमें कपास, मानव निर्मित रेशे, धागा, रंग तथा रसायन शामिल हैं; और निवेश, कौशल तथा संधारणीयता, जिसमें कारोबार की सुगमता, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को सहारा तथा कार्यबल का कौशल विकास शामिल है। इसलिए विकल्प A, B और D बैठक के विषय थे। गन्ने का मूल्य निर्धारण दूसरे मंत्रालय और दूसरी फसल अर्थव्यवस्था का विषय है, इसी कारण वह यहाँ अपवाद है।
सेल ने पश्चिम बंगाल में दो कोयला ब्लॉक मिलकर विकसित करने का समझौता किस कंपनी के साथ किया है?
- A.कोल इंडिया लिमिटेड
- B.भारत कोकिंग कोल लिमिटेड
- C.एनएमडीसी लिमिटेड
- D.दामोदर घाटी निगम
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सही उत्तर: B. भारत कोकिंग कोल लिमिटेड
व्याख्या
सही उत्तर भारत कोकिंग कोल लिमिटेड है। यह समझौता पश्चिम बंगाल के दो ब्लॉक को मिलकर विकसित करने और चलाने के लिए हुआ है, जिनमें सेल का इंडिकट्टा रामनगोर कोयला ब्लॉक और बीसीसीएल का ईस्ट ऑफ दामागोड़िया यानी कल्याणेश्वरी ब्लॉक शामिल है। दोनों कंपनियां केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम हैं और यह साझेदारी उनके बीच सहयोग बढ़ाने तथा कोकिंग कोल के घरेलू स्रोत विकसित करने के लिए है, क्योंकि भारतीय इस्पात संयंत्र यह कोयला बड़ी मात्रा में आयात करते हैं। विकल्प A मूल कोयला कंपनी का नाम है, पर समझौते में वह पक्ष नहीं है। विकल्प C वही लौह अयस्क कंपनी है जिसने नगरनार में पेलेट संयंत्र शुरू किया, इसलिए वह पड़ोसी खबर से लिया गया भ्रमक विकल्प है। विकल्प D दामोदर घाटी निगम इसी समीक्षा में आता है, पर जादवपुर विश्वविद्यालय, सेल तथा एचयूआरएल के साथ हरित हाइड्रोजन उत्कृष्टता केंद्र में, इस कोयला समझौते में नहीं।
सितंबर 2026 तक जारी सूचियों में कितने इस्पात उत्पादकों को हरित इस्पात प्रमाणपत्र दिए गए हैं?
- A.51
- B.101
- C.151
- D.201
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सही उत्तर: B. 101
व्याख्या
सही उत्तर 101 है। इस्पात मंत्रालय की हरित इस्पात पहल के अंतर्गत सितंबर 2026 तक जारी सूचियों में 101 अलग-अलग उत्पादकों को हरित इस्पात प्रमाणपत्र दिए गए हैं। इस प्रमाणन के दायरे में टीएमटी सरिया, हॉट रोल्ड तथा कोल्ड रोल्ड कॉइल, प्लेट, वायर रॉड, पाइप और अन्य इस्पात उत्पाद आते हैं, तथा प्रमाणित उत्पादों में अधिकतर को पांच सितारा रेटिंग मिली है। मंत्रालय इसे कम उत्सर्जन वाली इस्पात निर्माण पद्धतियों के बढ़ते उपयोग का संकेत मानता है। बाकी तीनों विकल्प मिलते-जुलते अंक हैं, जिन्हें यह परखने के लिए रखा जाता है कि सही संख्या याद है या नहीं। परीक्षार्थी इसे इसी समीक्षा की दूसरी हरित खबर से जोड़ें, जिसमें जादवपुर विश्वविद्यालय सेल, डीवीसी तथा एचयूआरएल के साथ 8.18 करोड़ रुपये की लागत से हरित हाइड्रोजन शोध का उत्कृष्टता केंद्र बना रहा है।
एनएमडीसी ने नगरनार में 2 एमटीपीए का पेलेट संयंत्र शुरू किया है। नगरनार किस राज्य में है?
- A.ओडिशा
- B.झारखंड
- C.छत्तीसगढ़
- D.पश्चिम बंगाल
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सही उत्तर: C. छत्तीसगढ़
व्याख्या
सही उत्तर छत्तीसगढ़ है। 2 एमटीपीए क्षमता का पेलेट संयंत्र छत्तीसगढ़ के नगरनार में शुरू किया गया है और इसके साथ एनएमडीसी की 5,427 करोड़ रुपये की एकीकृत परियोजना पूरी हो गई है। इसी परियोजना में बचेली का लौह अयस्क प्रसंस्करण संयंत्र तथा 15 एमटीपीए क्षमता की 135 किलोमीटर लंबी स्लरी पाइपलाइन शामिल है, जबकि पेलेट संयंत्र स्ट्रेट ग्रेट इंड्यूरेशन तकनीक पर आधारित है। इसका उद्देश्य बैलाडीला के लौह अयस्क के बारीक कणों और स्लाइम से मूल्यवर्धन करना तथा सड़क मार्ग से अयस्क की ढुलाई कम करना है। विकल्प A और B खनिज तथा इस्पात क्षमता से संपन्न दो अन्य राज्य हैं, पर यह संयंत्र वहां नहीं है। विकल्प D पश्चिम बंगाल है, जहां सेल और भारत कोकिंग कोल लिमिटेड ने दो कोयला ब्लॉक मिलकर विकसित करने पर सहमति दी है, इसलिए वह इसी समीक्षा की अलग खबर है।