वर्षा के दिन इंद्रधनुष दिखाई देने के लिए मुख्य रूप से कौन-सी प्रकाशीय परिघटना उत्तरदायी है?
- A.विवर्तन
- B.व्यतिकरण
- C.विक्षेपण (वर्ण-विक्षेपण)
- D.परावर्तन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, विक्षेपण। इंद्रधनुष इसलिए बनता है कि वर्षा की बूंदें सूर्य के सफेद प्रकाश को उसके सात रंगों में बांट देती हैं, और प्रकाश का रंगों में बंटना ही वर्ण-विक्षेपण है।
सूर्य का प्रकाश बूंद में प्रवेश करते समय अपवर्तित होता है, और पानी का अपवर्तनांक हर तरंगदैर्ध्य के लिए थोड़ा अलग होने से बैंगनी प्रकाश सबसे अधिक और लाल सबसे कम मुड़ता है। फिर प्रकाश बूंद के पिछले भाग से भीतर ही परावर्तित होता है और निकलते समय दोबारा अपवर्तित होता है। हर रंग थोड़े अलग कोण पर निकलता है, बैंगनी लगभग 40 डिग्री और लाल लगभग 42 डिग्री पर, इसलिए हमें रंगों की पट्टियां दिखती हैं। इंद्रधनुष तभी दिखता है जब सूर्य दर्शक के पीछे हो, इसलिए सुबह यह पश्चिम में और शाम को पूर्व में दिखता है।
A गलत है क्योंकि विवर्तन बाधाओं के किनारों पर प्रकाश का मुड़ना है, जिससे चंद्रमा के चारों ओर रंगीन वलय जैसे प्रभाव बनते हैं, इंद्रधनुष नहीं। B गलत है क्योंकि व्यतिकरण से साबुन के बुलबुलों और तेल की परतों में रंग दिखते हैं। D गलत है क्योंकि बूंद के भीतर परावर्तन केवल सहायक है; वह रंगों को अलग नहीं करता।
परीक्षा टिप: इंद्रधनुष = बूंदों में विक्षेपण + अपवर्तन + आंतरिक परावर्तन; प्राथमिक इंद्रधनुष में लाल रंग बाहरी किनारे पर।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंयह तथ्य कि ग्रह सूर्य के चारों ओर वृत्तों में नहीं, बल्कि दीर्घवृत्तों में घूमते हैं, सबसे पहले किसने प्रदर्शित किया?
- A.गैलीलियो
- B.मार्टिन लूथर
- C.योहानेस केप्लर
- D.कॉपरनिकस
उत्तर देखें
1609 में केप्लर ने दिखाया कि ग्रह सूर्य के चारों ओर दीर्घवृत्ताकार कक्षाओं में घूमते हैं और सूर्य उस दीर्घवृत्त की एक नाभि पर होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.यूरिया यकृत में बनता है।
- B.यूरिया रक्त में बनता है।
- C.यूरिया स्टार्च के पाचन से बनता है।
- D.यूरिया फेफड़े और वृक्क में बनता है।
उत्तर देखें
यकृत की कोशिकाएँ अमीनो अम्लों के टूटने से निकले विषैले अमोनिया को ऑर्निथीन चक्र, जिसे यूरिया चक्र भी कहते हैं, के द्वारा यूरिया में बदलती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संयुक्त सूक्ष्मदर्शी में प्रकाश के गमन का सही क्रम निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.संघनित्र-अभिदृश्यक लेंस-नेत्रिका-देह नलिका
- B.अभिदृश्यक लेंस-संघनित्र-देह नलिका-नेत्रिका
- C.संघनित्र-अभिदृश्यक लेंस-देह नलिका-नेत्रिका
- D.नेत्रिका-अभिदृश्यक लेंस-देह नलिका-दर्पण
उत्तर देखें
प्रकाश संघनित्र से होकर नमूने तक जाता है, अभिदृश्यक लेंस उसे ग्रहण करता है, फिर वह देह नलिका से ऊपर जाकर नेत्रिका के रास्ते आँख तक पहुँचता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हीमोग्लोबिन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.आरबीसी में उपस्थित हीमोग्लोबिन केवल ऑक्सीजन ले जा सकता है, कार्बन डाइऑक्साइड नहीं।
- B.आरबीसी का हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड दोनों ले जा सकता है।
- C.आरबीसी का हीमोग्लोबिन केवल कार्बन डाइऑक्साइड ले जा सकता है।
- D.हीमोग्लोबिन का उपयोग केवल रक्त के थक्का बनने में होता है, गैसों को ले जाने में नहीं।
उत्तर देखें
यह अपने लौह-युक्त हीम समूहों पर ऑक्सीजन बाँधता है और अपनी प्रोटीन शृंखलाओं पर कुछ कार्बन डाइऑक्साइड ले जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हिस्टोन प्रोटीनों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.हिस्टोन ऐसे प्रोटीन हैं जो माइटोकॉन्ड्रिया की झिल्ली में पाए जाते हैं।
- B.हिस्टोन ऐसे प्रोटीन हैं जो केंद्रक में डीएनए के साथ जुड़े हुए पाए जाते हैं।
- C.हिस्टोन साइटोसोल में लिपिडों से जुड़े प्रोटीन हैं।
- D.हिस्टोन साइटोसोल में कार्बोहाइड्रेटों से जुड़े प्रोटीन हैं।
उत्तर देखें
यूकैरियोटिक कोशिकाओं के केंद्रक में डीएनए इन्हीं प्रोटीनों के चारों ओर लिपटकर क्रोमैटिन बनाता है। हिस्टोन छोटे क्षारीय प्रोटीन हैं जिनमें धनावेशित अमीनो अम्ल लाइसिन और आर्जिनिन अधिक होते हैं, जो डीएनए के ऋणावेशित फॉस्फेट समूहों को आकर्षित करते हैं।
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