वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम 2026 में कितने देशों के कितने हितधारक अपेक्षित हैं?
- A.45 से अधिक देशों के 1,000 से अधिक हितधारक
- B.65 से अधिक देशों के 2,000 से अधिक हितधारक
- C.85 से अधिक देशों के 3,000 से अधिक हितधारक
- D.55 से अधिक देशों के 1,500 से अधिक हितधारक
सही उत्तर
B. 65 से अधिक देशों के 2,000 से अधिक हितधारक
व्याख्या
सही उत्तर है 65 से अधिक देशों के 2,000 से अधिक हितधारक। इनमें बिजनेस लीडर, उद्यमी, इनोवेटर, शोधकर्ता, नीति निर्माता, शिक्षाविद और बदलाव लाने वाले लोग शामिल होंगे। फोरम के साथ लगने वाले अंतरराष्ट्रीय एक्सपो में 125 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शक स्टार्ट-अप्स द्वारा विकसित व्यावहारिक सर्कुलर समाधान तथा निवेश के लिए तैयार नवाचार दिखाएंगे। 15 और 16 सितंबर को चार मुख्य सत्र और सोलह समानांतर विषय-आधारित सत्र होंगे, जबकि 17 और 18 सितंबर को वैश्विक सहयोगी अस्सी एक्सेलेरेटर सत्र ऑनलाइन, हाइब्रिड और प्रत्यक्ष रूप से आयोजित करेंगे। विकल्प A, C और D में हितधारकों और देशों की ऐसी जोड़ियां हैं जो विज्ञप्ति से मेल नहीं खातीं। चूंकि विज्ञप्ति में एक साथ कई आंकड़े दिए गए हैं, इसलिए प्रतिभागियों की संख्या, देशों की संख्या और प्रदर्शकों की संख्या, तीनों को एक समूह के रूप में याद रखना उपयोगी रहेगा।
पूरा लेख पढ़ें: गांधीनगर में वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम 2026 की मेजबानी
अभ्यास प्रश्न
वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम 2026 कहां आयोजित हो रहा है?
- A.नई दिल्ली
- B.गांधीनगर, गुजरात
- C.हेलसिंकी, फिनलैंड
- D.भुज, गुजरात
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. गांधीनगर, गुजरात
व्याख्या
सही उत्तर है गांधीनगर, गुजरात। भारत 15 से 18 सितंबर 2026 तक वहीं इस फोरम की मेजबानी कर रहा है और दक्षिण एशिया में यह पहला मौका है जब वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम आयोजित हो रहा है। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा गुजरात के मुख्यमंत्री पहले दिन संयुक्त रूप से इसका उद्घाटन करेंगे। विकल्प A गलत है, क्योंकि नई दिल्ली आयोजन स्थल नहीं है, भले ही घोषणा वहीं स्थित केंद्रीय मंत्रालय से आई। विकल्प C गलत है, क्योंकि फिनलैंड फिनिश इनोवेशन फंड सिट्रा और फिनलैंड सरकार के जरिए साझेदार है, पर इस संस्करण का मेजबान शहर भारत में है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कच्छ के भुज में अलग पर्यावरण समीक्षा बैठक हुई थी, यह फोरम नहीं। स्थान से जुड़े प्रश्न आम हैं, इसलिए मेजबान शहर ठीक से याद रखें।
वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम 2026 का विषय क्या है?
- A.सर्कुलर इकोनॉमी: लोगों और समृद्धि के लिए बदलाव
- B.कचरे से संपदा, हरित कल के लिए
- C.दोबारा उपयोग, रीसाइकिल, पुनर्निर्माण
- D.जलवायु मजबूती के लिए सर्कुलैरिटी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. सर्कुलर इकोनॉमी: लोगों और समृद्धि के लिए बदलाव
व्याख्या
सही उत्तर है सर्कुलर इकोनॉमी: लोगों और समृद्धि के लिए बदलाव। गांधीनगर में यह फोरम इसी विषय पर आयोजित हो रहा है और इसका उद्देश्य सर्कुलैरिटी को बढ़ावा देने वाली भारत की पहलों को दिखाना तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना है। सर्कुलैरिटी का अर्थ है मौजूदा सामग्रियों और उत्पादों का दोबारा इस्तेमाल, उन्हें ठीक करके काम लायक बनाना और रीसाइकिल करना, ताकि वे कीमती संसाधन के रूप में अर्थव्यवस्था में लौट सकें। फोरम ग्लोबल साउथ के साथ जुड़ाव बढ़ाने, सर्कुलर फाइनेंस और निजी निवेश जुटाने, नीति संवाद तथा विभिन्न क्षेत्रों की साझेदारी को बढ़ावा देने और नवाचार व डिजिटलीकरण को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखता है। विकल्प B, C और D सुनने में सही लगते हैं, पर इनमें से कोई विज्ञप्ति में दिया विषय नहीं है।
कच्छ का सयारा वन कवच वनरोपण की किस पद्धति से विकसित किया गया है?
- A.मियावाकी पद्धति
- B.टौंग्या पद्धति
- C.कॉपिस पद्धति
- D.शेल्टरवुड पद्धति
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सही उत्तर: A. मियावाकी पद्धति
व्याख्या
सही उत्तर मियावाकी पद्धति है, जिससे बहुत कम जगह में सघन और बहुस्तरीय जंगल तैयार किया जाता है। सयारा वन कवच को 9 दशमलव 46 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकसित किया गया है और इसमें कच्छ की लवणीय तथा कम जल वाली परिस्थितियों के अनुकूल 47 स्थानीय प्रजातियों के दस हजार से अधिक पौधे हैं। इससे स्थानीय तापमान घटने, भूजल पुनर्भरण में मदद मिलने, मृदा क्षरण रुकने और पक्षियों, कीड़ों तथा छोटे वन्यजीवों को प्राकृतिक वास मिलने की उम्मीद है, साथ ही यह पर्यावरण पर्यटन, पर्यावरण शिक्षा और स्थानीय रोजगार का स्थल भी बनेगा। विकल्प B गलत है, क्योंकि टौंग्या पद्धति में युवा पेड़ों के बीच फसल उगाई जाती है, जो अलग तरह की व्यवस्था है। विकल्प C गलत है, क्योंकि कॉपिस में कटे ठूंठों से पेड़ दोबारा उगाए जाते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि शेल्टरवुड मौजूदा छत्र के नीचे पुनरुद्भवन की तकनीक है।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने कच्छ वन सर्कल के लिए कितने नए गश्ती एवं बचाव वाहनों को हरी झंडी दिखाई?
- A.15
- B.25
- C.33
- D.47
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 33
व्याख्या
सही उत्तर 33 है। मंत्री ने इतने ही नए गश्ती और बचाव वाहनों को हरी झंडी दिखाई, जिनका उपयोग कच्छ वन सर्कल के विभिन्न प्रभागों में वन संरक्षण, वन विकास, वन्यजीव संरक्षण, क्षेत्रीय गश्त, निगरानी और त्वरित कार्रवाई के लिए किया जाएगा। बाकी विकल्प इसी विज्ञप्ति में मौजूद दूसरे आंकड़ों से लिए गए हैं, इसीलिए वे भ्रमित करते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि 15 वर्ग किलोमीटर वह क्षेत्र है जिसे संरक्षण क्षेत्र में बने शिकारी-रोधी बाड़ ने घेरा है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 47 सयारा वन कवच में लगाई गई स्थानीय प्रजातियों की संख्या है, वाहनों की नहीं। विकल्प B विज्ञप्ति के किसी आंकड़े से मेल नहीं खाता। जब एक ही समाचार में कई संख्याएं हों, तो हर संख्या को उसकी वस्तु से जोड़कर याद रखना सबसे सुरक्षित तरीका है: 11 वर्ग किलोमीटर घास का मैदान, 30 किलोमीटर बाड़, 15 वर्ग किलोमीटर घिरा क्षेत्र, 33 वाहन और 47 प्रजातियां।
सितंबर 2026 में कच्छ के नलिया में शुरू किया गया सॉफ्ट रिलीज सेंटर किस प्रजाति के लिए है?
- A.एशियाई शेर
- B.ग्रेट इंडियन बस्टर्ड
- C.भारतीय जंगली गधा
- D.ऑलिव रिडले कछुआ
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सही उत्तर: B. ग्रेट इंडियन बस्टर्ड
व्याख्या
सही उत्तर ग्रेट इंडियन बस्टर्ड है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने गुजरात के कच्छ जिले के नलिया स्थित परिसर में इस पक्षी के लिए सॉफ्ट रिलीज सेंटर का उद्घाटन किया, और इस केंद्र में ऐसी सुविधाएं हैं जो संरक्षण, निगरानी और पक्षियों को धीरे-धीरे प्राकृतिक वातावरण के अनुकूल बनाने में मदद करती हैं। बाकी तीनों विकल्प गुजरात से जुड़ी प्रजातियां हैं, इसीलिए वे विश्वसनीय लगते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि एशियाई शेर गिर क्षेत्र से जुड़ा है, इस परिसर से नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि भारतीय जंगली गधा रण से जुड़ा है और उसके लिए ऐसे किसी केंद्र की घोषणा यहां नहीं हुई। विकल्प D गलत है, क्योंकि इस विज्ञप्ति में समुद्री कछुओं का उल्लेख ही नहीं है, हालांकि मंत्री ने उसी दिन जखाऊ में मैंग्रोव और समुद्री शैवाल से जुड़े स्थलों का दौरा किया। इस पक्षी को थार के साथ-साथ गुजरात के कच्छ से भी जोड़कर याद रखें।