वैयाकरण कात्यायन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.वे पाणिनि के समकालीन थे।
- B.वे पतंजलि के समकालीन थे।
- C.वे पाणिनि और पतंजलि के बीच के काल के थे।
- D.वे पाणिनि और पतंजलि दोनों के बाद के काल के थे।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, वे पाणिनि और पतंजलि के बीच के काल के थे। कात्यायन ने पाणिनि के व्याकरण पर टिप्पणी लिखी और पतंजलि ने आगे पाणिनि तथा कात्यायन दोनों पर भाष्य लिखा।
पाणिनि ने लगभग 5वीं या 4थी शताब्दी ईसा पूर्व में लगभग 4,000 सूत्रों वाली अष्टाध्यायी लिखी, जो संस्कृत व्याकरण का आधार है। कात्यायन ने बाद में वार्तिक लिखे, जो पाणिनि के नियमों की व्याख्या करते, उन्हें सुधारते और उनमें जोड़ते हैं; इसलिए वे पाणिनि के बाद हुए। पतंजलि ने महाभाष्य लिखा, जिसमें पाणिनि के सूत्रों के साथ कात्यायन के वार्तिकों पर भी चर्चा है। पतंजलि को सामान्यतः दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व, पुष्यमित्र शुंग के काल में रखा जाता है। इन तीनों को संस्कृत व्याकरण के "त्रिमुनि" कहा जाता है।
A गलत है क्योंकि कात्यायन की रचना पाणिनि के पूर्ण व्याकरण पर टिप्पणी है, इसलिए वे बाद में हुए। B गलत है क्योंकि पतंजलि कात्यायन को एक पूर्ववर्ती आचार्य के रूप में उद्धृत करते हैं। D गलत है क्योंकि कात्यायन पर भाष्य लिखने वाले पतंजलि उनसे बाद के हैं।
Exam tip: संस्कृत व्याकरण का क्रम: पाणिनि (अष्टाध्यायी) → कात्यायन (वार्तिक) → पतंजलि (महाभाष्य), यानी त्रिमुनि।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनयनार कौन थे?
- A.वे जो विष्णु की भक्ति में लीन थे
- B.वे जो बुद्ध के भक्त थे
- C.वे नेता जो शिव के भक्त थे
- D.वे नेता जो बसवेश्वर के भक्त थे
उत्तर देखें
नयनार आरंभिक भक्ति आंदोलन के तमिल संत-कवि थे, जो शिव की उपासना करते थे। लगभग 6वीं से 9वीं शताब्दी ईस्वी के बीच नयनार तमिल प्रदेश में एक मंदिर से दूसरे मंदिर जाकर शिव की स्तुति में भजन गाते थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संन्यासी और फ़कीर उपद्रवों/विद्रोहों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं? 1. गवर्नर-जनरल वॉरेन हेस्टिंग्स को बंगाल और बिहार में लगातार संन्यासी और फ़कीर उपद्रवों का सामना करना पड़ा। 2. कई शैव नागा संन्यासी सशस्त्र दलों में संगठित हुए थे। 3. 1771 से बंगाल में दलों का नेतृत्व करने वाला मजनू शाह उनका प्रमुख नेता था। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1 और 2
- B.1, 2 और 3
- C.केवल 2 और 3
- D.केवल 1 और 3
उत्तर देखें
तीनों कथन 18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में बंगाल और बिहार में हुए संन्यासी और फ़कीर विद्रोहों का सही वर्णन करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →मराठों और अंग्रेज़ों के बीच हुई निम्नलिखित संधियों/अभिसमयों को कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए (सबसे पहले से आरंभ करते हुए): 1. सालबाई की संधि 2. पुरंदर की संधि 3. वडगाँव का अभिसमय 4. सूरत की संधि नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.4-2-3-1
- B.4-3-2-1
- C.1-3-2-4
- D.1-2-3-4
उत्तर देखें
चारों प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध से जुड़ी हैं: सूरत (1775), पुरंदर (1776), वडगाँव (1779) और सालबाई (1782)। 1775 में बंबई सरकार ने रघुनाथराव के साथ सूरत की संधि की और सालसेट तथा बसीन के बदले उसे पेशवा बनाने का वचन दिया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →शिवाजी से संबंधित निम्नलिखित घटनाओं को कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए : 1. अफ़ज़ल खाँ पर आक्रमण 2. तोरणा पर कब्ज़ा 3. शाइस्ता खाँ पर आक्रमण 4. जावली का विलय नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.2, 4, 1, 3
- B.4, 2, 1, 3
- C.1, 2, 3, 4
- D.3, 1, 2, 4
उत्तर देखें
शिवाजी ने पहले तोरणा जीता, फिर जावली, फिर अफ़ज़ल खाँ को मारा और बाद में शाइस्ता खाँ के डेरे पर हमला किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →लॉर्ड मैकाले की अध्यक्षता वाले विधि आयोग के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं? 1. इसने कानूनों को संहिताबद्ध करने का प्रयास किया। 2. यह न्यायालयों की एकरूप व्यवस्था का विरोधी था। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
मैकाले के नेतृत्व वाले विधि आयोग ने भारतीय कानूनों को संहिताबद्ध करने का काम शुरू किया था, और वह न्यायालयों की एकरूप व्यवस्था का विरोधी नहीं था।
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