उत्प्लावकता (buoyancy) एक
- A.ऊपर की ओर दाब है
- B.नीचे की ओर दाब है
- C.नीचे की ओर बल है
- D.ऊपर की ओर बल है
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, ऊपर की ओर बल है। उत्प्लावकता या उत्क्षेप वह ऊपर की ओर लगने वाला बल है जो कोई तरल उसमें डूबी वस्तु पर लगाता है।
तरल वस्तु पर हर ओर से दाब डालता है, पर गहराई के साथ दाब बढ़ता है, इसलिए वस्तु की निचली सतह पर लगने वाला धक्का ऊपरी सतह से अधिक होता है। यही अंतर ऊपर की ओर एक कुल बल बनाता है, जिसे उत्प्लावन बल कहते हैं। आर्किमिडीज़ के सिद्धांत के अनुसार यह बल वस्तु द्वारा हटाए गए तरल के भार के बराबर होता है। यदि उत्प्लावन बल वस्तु के भार के बराबर या उससे अधिक हो, तो वस्तु तैरती है; कम हो तो डूब जाती है। इसी कारण भारी स्टील का जहाज़ तैरता है, क्योंकि उसका खोखला आकार बहुत अधिक पानी हटाता है।
A गलत है, क्योंकि उत्प्लावकता न्यूटन में मापा जाने वाला बल है, पास्कल में मापा जाने वाला दाब नहीं, भले ही यह दाब के अंतर से पैदा होता है। B गलत है, क्योंकि यह ऊपर की ओर लगता है और दाब नहीं है। C गलत है, क्योंकि नीचे की ओर बल वस्तु का भार है; उत्प्लावकता उसका विरोध करती है।
परीक्षा टिप: उत्प्लावन बल = हटाए गए तरल का भार (आर्किमिडीज़); जब यह वस्तु के भार के बराबर हो, वस्तु तैरती है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंविद्युत चुंबकीय तरंगों, ध्वनि तरंगों और जल तरंगों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. इनमें परावर्तन होता है 2. ये ऊर्जा का वहन करती हैं 3. ये दाब डालती हैं 4. ये निर्वात में चल सकती हैं नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.1, 2 और 3
- B.2 और 4
- C.केवल 1 और 3
- D.केवल 1
उत्तर देखें
तीनों प्रकार की तरंगें परावर्तित होती हैं, ऊर्जा ले जाती हैं और दाब डालती हैं, पर केवल विद्युत चुंबकीय तरंगें निर्वात में चल सकती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा ऊर्जा का मात्रक नहीं है?
- A.जूल
- B.वाट-घंटा
- C.न्यूटन-मीटर
- D.kg-मीटर/सेकंड²
उत्तर देखें
किलोग्राम-मीटर प्रति सेकंड² द्रव्यमान और त्वरण का गुणनफल है, यानी बल; यह न्यूटन है, ऊर्जा का मात्रक नहीं। ऊर्जा और कार्य की विमाएँ बल गुणा दूरी की होती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इस्पात और लोहे को जंग से बचाने के लिए निम्नलिखित में से किस धातु की पतली परत चढ़ाई जाती है?
- A.मैग्नीशियम
- B.ज़िंक (जस्ता)
- C.ऐलुमिनियम
- D.लेड (सीसा)
उत्तर देखें
लोहे या इस्पात पर ज़िंक की पतली परत चढ़ाने को यशदलेपन (गैल्वनीकरण) कहते हैं और जंग से बचाने का यह सबसे आम तरीका है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक विद्युत परिपथ में 10 Ω प्रतिरोध का एक तार प्रयुक्त है। यदि इस तार को खींचकर इसकी लंबाई मूल लंबाई की दोगुनी कर दी जाए, तो परिपथ में धारा हो जाएगी :
- A.अपने मूल मान की आधी।
- B.अपने मूल मान की दोगुनी।
- C.अपने मूल मान की एक-चौथाई।
- D.अपने मूल मान की चार गुनी।
उत्तर देखें
तार को खींचकर दोगुना लंबा करने से उसका प्रतिरोध चार गुना हो जाता है, इसलिए उसी वोल्टता पर धारा एक-चौथाई रह जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक ने बताया कि परमाणु में इलेक्ट्रॉन विकिरण ऊर्जा उत्सर्जित किए बिना कुछ निश्चित स्थायी कक्षाओं में परिक्रमा कर सकता है?
- A.अर्नेस्ट रदरफ़ोर्ड
- B.जे. जे. थॉमसन
- C.नील्स बोर
- D.अल्बर्ट आइंस्टीन
उत्तर देखें
1913 के अपने परमाणु मॉडल में बोर ने बताया कि इलेक्ट्रॉन कुछ निश्चित कक्षाओं, जिन्हें स्थायी अवस्थाएँ कहा जाता है, में घूमते हैं और उनमें ऊर्जा विकिरित नहीं करते।
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